samacharsecretary.com

एमपी में दुकानों का डिजिटल वेरिफिकेशन, हॉकर्स कॉर्नर की जियो टैगिंग से खाद्य लाइसेंस मिलेगा

भोपाल 

एमपी में अब दुकानों का डिजिटल वेरिफिकेशन होगा। सड़क किनारे से लेकर हॉकर्स कॉर्नर व बड़े भवनों में खानपान की दुकानों की जियो टैगिंग होगी। उसके बाद ही खाद्य लाइसेंस मिल पाएगा। खाद्य एवं सुरक्षा ने नए नियम लागू किए हैं जिसकी भोपाल जिले में शुरुआत हो रही है। इसमें मौके पर मौजूद दुकान का ही लाइसेंस मिल पाएगा। दुकानदार को भी लाइसेंस के लिए कार्यालयों में भटकना नहीं होगा। प्रशासन को पता होगा कि जिले में किस लोकेशन पर किस तरह की दुकान है, जिससे दुकानों की निगरानी मजबूत होगी। एक क्लिक में फूड सेफ़्टी एंड स्टैंडर्ड के पोर्टल से डिटेल मिल जाएगी।

ऐसे समझें स्थिति:
खाद्य प्रतिष्ठान के डिजिटल सत्यापन और जियो- टैगिंग का सीधा मतलब तकनीक के जरिए आपकी दुकान या फैक्ट्री की लोकेशन और अस्तित्व को सुनिश्चित करना है। जब खाद्य सुरक्षा अधिकारी आपके प्रतिष्ठान का निरीक्षण करेंगे, तो वे ऐप से दुकान की फोटो खींचेंगे। उसके साथ जगह की सटीक लोकेशन अपने आप सिस्टम में सेव हो जाएगी।

ऐसे मिलेगा लाभ
पहले कई बार लोग कागजों पर दुकान दिखाकर लाइसेंस ले लेते थे, जबकि मौके पर कोई दुकान होती ही नहीं थी। जियो- टैगिंग से यह सुनिश्चित होगा कि लाइसेंस उसी पते के लिए दिया गया है, जहां वास्तव में काम हो रहा है। इससे यह साबित होगा कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी वास्तव में आपकी दुकान पर जांच के लिए पहुंचा था, क्योंकि ऐप तभी काम करेगा, जब अधिकारी उस लोकेशन के आसपास होगा।

सरकार के पास एक डिजिटल मैप तैयार होगा कि शहर के किस इलाके में कितने रेस्टोरेंट, डेयरी या राशन की दुकानें हैं।

आपको भौतिक रूप से दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं होती, सब कुछ स्कैन करके अपलोड होता है। आधार कार्ड के जरिए व्यापारी का डिजिटल सत्यापन किया जाता है।

खाद्य सुरक्षा को डिजिटली व हाईटेक तौर तरीकों से बेहतर करने की कोशिश
भोपाल के खाद्य सुरक्षा विभाग के जिला अधिकारी पंकज श्रीवास्तव बताते हैं कि खाद्य सुरक्षा को डिजिटली व हाईटेक तौर तरीकों से बेहतर करने की कोशिश है। इसके लिए लगातार काम किया जा रहा है।

ऐप भी तभी काम करेगा जब विभागीय अधिकारी दुकान के आसपास होगा
खाद्य सुरक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार इस कदम से दुकानों के नाम पर होता फर्जीवाड़ा रुक जाएगा। बिना दुकान के भी लाइसेंस ले लेेने पर अंकुश लगेगा, जियो- टैगिंग से हर हाल में केवल वास्तविक दुकानदारों को ही लाइसेंस मिल सकेगा। पहले पते में दिए मौके पर कई बार कोई दुकान ही नहीं होती थी। अब दुकान के पते पर उपस्थित होने पर ही लाइसेंस सुनिश्चित होगा। ऐप भी तभी काम करेगा जब विभागीय अधिकारी दुकान के आसपास होगा।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here