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24 अप्रैल का राशिफल: कुछ राशियों के लिए रहेगा शुभ, कुछ को होगी नई चुनौतियों का सामना

मेष राशि- निर्णय लेने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। ढेर सारे अवसर पाने के लिए आपको विनम्र और ईमानदार रहना चाहिए। अंत में आप देखेंगे कि आपकी प्रतिभा आपके काम आएगी और आप आसानी से सफल हो जाएंगे। अपने साथी के साथ क्वालिटी टाइम स्पेन्ड करें। खर्च पर कंट्रोल करें। वृषभ राशि- आपको अपने रिश्ते को बेहतर बनाने के लिए किसी बाहरी हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है। सब कुछ भगवान की इच्छा के अनुसार होगा. बेहतर भविष्य के लिए रचनात्मक योजनाएं बनाएं ताकि आप अपना ख्याल रख सकें। ये दिन आपके जीवन में खुशियां और संतुष्टि लेकर आने वाला है। मिथुन राशि- आपकी वित्तीय स्थिति में सुधार होगा। नए प्रोजेक्ट के बारे में सोचना आपके लिए फायदेमंद होगा। आप जो कुछ भी चाहते हैं, उसे प्राप्त करना हमेशा संभव नहीं होता है, विशेषकर विलासिता की वस्तुएं। आपको अपने साथी के साथ बात करने में आसानी होगी। कर्क राशि- आपको अपने परिवार के साथ कुछ वक्त बिताना चाहिए। अगर आप अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य हैं, तो आपको कमाई के अन्य स्रोतों के बारे में भी सोचना चाहिए। आपका प्रेम जीवन समृद्ध रहेगा। सिंह राशि- जल्द ही आप आगे की यात्रा के लिए अपने जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव करने में सक्षम होंगे। स्थिति में सुधार के लिए आपको कुछ वित्तीय विचारों के साथ प्रयोग करने की आवश्यकता है। कन्या राशि- 24 अप्रैल के दिन आपके करियर और आय के स्तर में उतार-चढ़ाव आ सकते हैं। शादीशुदा लोगों को कुछ गलतफहमियों का सामना भी करना पड़ सकता है। दिन आपको अपने बारे में और अपनी प्राथमिकताओं के बारे में बहुत कुछ सीखने में मदद करेगा। तुला राशि- आपको अपने परिवार और दोस्तों से समर्थन मिलेगा, जो आपको अच्छे भविष्य के बारे में पॉजिटिव सोचने में मदद करेगा। आपको अपने करियर और नौकरी के अवसरों पर ध्यान देने की जरूरत है ताकि आप महत्वपूर्ण अवसर न चूकें। वृश्चिक राशि- 24 अप्रैल के दिन आपके काम में असंतुलन पैदा हो सकता है। जल्द ही आपको कोई दिलचस्प प्रोजेक्ट मिल सकता है। धैर्य रखने की कोशिश करें। छोटी बचत से शुरुआत करें और देखें कि आपका प्रदर्शन कैसा रहता है। धनु राशि- 24 अप्रैल के दिन आप अभी कोई बड़ी जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार नहीं हैं। बेहतर रहेगा कि अब आप अपने पार्टनर के संग क्वालिटी टाइम स्पेन्ड करें। ये दिन आपको जीवन में बड़ी उपलब्धियां हासिल कराने वाला है। मकर राशि- 24 अप्रैल के दिन सकारात्मक बदलाव भी देखने को मिलेंगे। आप दोनों के बीच विश्वास और अंडर्स्टैंडिंग होनी चाहिए। अगर आप शादी के बारे में सोच रहे हैं तो इसे फिलहाल टाल देना ही बेहतर है। कुंभ राशि- 24 अप्रैल के दिन आध्यात्मिक बनने का प्रयास करें ताकि आप खुश और संतुष्ट रह सकें। आपको लोगों से मदद और सपोर्ट मिलेगा। अपने परिवार या रिश्तेदारों से सलाह लें, जो खराब वक्त में आपका साथ दें। आपके प्रेम संबंध मधुर बने रहेंगे। मीन राशि- 24 अप्रैल के दिन आपकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच सकता है। अभी आपको केवल एक ही काम पर ध्यान देने की जरूरत है और वह है आपका करियर और लोगों के साथ व्यवहार बनाना। आपको अपनी आर्थिक स्थिति पर ध्यान देने की आवश्यकता है।

काम में तेजी लाकर फोरलेन सड़क और रेल उपरिगामी पुल का निर्माण जल्द से जल्द करने के दिए निर्देश

गोरखपुर.  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को निर्माणाधीन डोमिनगढ़ माधोपुर बंधा से महेसरा पुल तक फोरलेन सड़क और डोमिनगढ़ में बन रहे रेल उपरिगामी पुल (आरओबी) का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने राजघाट पुल से हाबर्ट बंधा होते हुए डोमिनगढ़, कोलिया, गाहासाढ़ बंधा होते हुए जंगल कौड़िया-कालेसर मार्ग तक फोरलेन सड़क के निर्माण की भी जानकारी ली। उन्होंने इन तीनों परियोजनाओं को सुगम यातायात और बाढ़ बचाव के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।  ईको पार्क सहित 1055 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण-शिलान्यास समारोह में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री डोमिनगढ़ माधोपुर बंधा से महेसरा पुल तक फोरलेन सड़क और डोमिनगढ़ रेल उपरिगामी पुल का निरीक्षण करने पहुंचे। सबसे पहले वह लालडिग्गी के आगे बंधे पर रुके। यहां उन्होंने फोरलेन सड़क परियोजना के ड्राइंग मैप का अवलोकन किया और कार्य प्रगति के बारे में पूछा। मुख्यमंत्री ने कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड दो के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि काम में और तेजी लाकर इसे जल्द से जल्द जनता को समर्पित करने की तैयारी करें।  इसके बाद सीएम योगी ने इसी मार्ग पर इलाहीबाग के पास बंधे पर रुककर निर्माण कार्य का जायजा लिया। उन्होंने लक्षित समय सितंबर 2026 की बजाय जुलाई 2026 तक ही फोरलेन का काम पूरा करने के लिए कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए। यहां मुख्यमंत्री ने नगर आयुक्त को निर्देशित करते हुए कहा कि महेसरा तक बनने वाले फोरलेन के अंतिम छोर को खूबसूरत बनाने में नगर निगम भी योगदान दे। उन्होंने कहा कि महेसरा में सड़क से सटी वाटर बॉडी के समीप की भूमि पर कचरा पड़ा रहता है। वहां भी ईको पार्क जैसा विकास किया जा सकता है। गोरखपुर में खड़ी हो रही विकास की नई श्रृंखला : मुख्यमंत्री फोरलेन सड़क का निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री ने डोमिनगढ़ चौकी के पास जगतबेला-डोमिनगढ़ रेल सेक्शन पर रहमतनगर-माधोपुर रोड पर रेल उपरिगामी पुल की प्रगति की जानकारी ली। ड्राइंग मैप देखने के बाद उन्होंने निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। डोमिनगढ़ चौकी के पास स्वागत के लिए जुटे लोगों को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि गोरखपुर में जीवन सुगमता के लिए विकास की एक नई श्रृंखला खड़ी हो रही है। उन्होंने कहा कि हाबर्ट बंधा, डोमिनगढ़ बंधा पर फोरलेन सड़क और डोमिनगढ़ में रेल उपरिगामी पुल बन जाने से घुनघुनकोठा, जगतबेला और आसपास के लोगों को आवागमन में बड़ी सहूलियत हो जाएगी। फोरलेन के रूप में तटबंध सुदृढ़ हो जाने से बाढ़ से भी बचाव होगा। फोरलेन सड़क बन जाने से जंगल कौड़िया-कालेसर या फिर सोनौली मार्ग पर जाना बेहद सुगम हो जाएगा। सिटी के बाहर मिल जाएगी फोरलेन की बेहतरीन कनेक्टिविटी : सीएम योगी सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब सिटी के बाहर-बाहर फोरलेन की बेहतरीन कनेक्टिविटी मिल जाएगी। राजघाट, टीपीनगर से होते हुए नेपाल जाने वाले मार्ग पर जाने के लिए यात्रियों को शहर के अंदर जाने की जरूरत नहीं रहेगी। इस फोरलेन से सीधे महेसरा और फिर वहां से सोनौली मार्ग पर जाना आसान होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कार्यदायी संस्थाएं समय पर कार्य पूर्ण कर लेंगी और लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। महेसरा पुल तक जाएगी 10 किमी लंबी सड़क डोमिनगढ़ माधोपुर बंधा से बसियाडीह मंदिर होते हुए महेसरा पुल के पास गोरखपुर-सोनौली मार्ग तक 10.2 किमी लंबाई में 379.54 करोड़ रुपये की लागत से फोरलेन सड़क का निर्माण जारी है। इसकी कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड दो है। इस सड़क को सितंबर 2026 तक पूरा कराया जाना है। हालांकि मुख्यमंत्री ने इसे जुलाई तक ही पूरा करने के लिए निर्देशित किया है।  हाबर्ट बंधे से जंगल कौड़िया-कालेसर मार्ग की होगी कनेक्टिविटी इसी तरह राजघाट पुल से हाबर्ट बंधा होते हुए डोमिनगढ़, कोलिया, गाहासाढ़ बंधा होते हुए जंगल कौड़िया-कालेसर मार्ग तक फोरलेन सड़क का निर्माण हो रहा है। 4.07 किमी लंबे इस मार्ग को फोरलेन सड़क में तब्दील करने पर 195.21 करोड़ रुपये की लागत आ रही है। कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड दो के अनुसार 75 प्रतिशत से अधिक कार्य हो चुका है और इसे मई 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है। 132 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा रेल उपरिगामी पुल जगतबेला-डोमिनगढ़ रेल सेक्शन पर रहमतनगर-माधोपुर रोड पर उपरिगामी पुल का निर्माण 132 करोड़ 60 लाख 78 हजार रुपये की लागत से किया जा रहा है। 755 मीटर लंबे इस पुल का निर्माण दिसंबर 2027 तक पूरा किया जाना है। इस पुल के बन जाने से टीपीनगर, कालेसर जंगल कौड़िया मार्ग से जोड़ते हुए रोहिन नदी के बाएं तट पर हाबर्ट तटबंध से माधोपुर तटबंध होते हुए मोहरीपुर का गोरखपुर-सोनौली मार्ग से सीधा संपर्क हो जाएगा। इससे सोनौली मार्ग पर जाने वाले यात्रियों को काफी सहूलियत मिलेगी, समय व ईंधन की बचत भी होगी।

नशामुक्त भारत अभियान में दो दिवसीय राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण वाल्मी में प्रारंभ

भोपाल.  नशामुक्त भारत अभियान अंतर्गत प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिये नशामुक्ति अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये जिलों के 1200 मास्टर ट्रेनर्स का 12 दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 22 अप्रैल से 8 मई, 2026 तक म.प्र. जल एवं भूमि प्रबंध संस्थान (वाल्मी) भोपाल में किया जा रहा है। प्रशिक्षण का गुरुवार को विधिवत शुभारंभ किया गया। संयुक्त संचालक सामाजिक न्याय श्रीमती सुचिता तिर्की ने बताया कि इस 12 दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभागीय एवं धार्मिक, आध्यात्मिक, सामाजिक संगठनों तथा प्रदेश में नशामुक्ति के क्षेत्र में कार्यरत विभागीय मान्यता प्राप्त अशासकीय संस्थाओं के कुल 1200 मास्टर ट्रेनर को प्रशिक्षित किया जायेगा। इन मास्टर ट्रेनर्स द्वारा जिला, तहसील, नगरीय निकाय, नगर परिषद, विकासखण्ड एवं ग्राम पंचायत स्तर पर मास्टर वॉलिंटियर्स को प्रशिक्षित कर समाज में बच्चों एवं युवाओं तथा स्कूल एवं महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं को नशामुक्ति के लिये प्रेरित किया जायेगा। संचालक म.प्र. जल एवं भूमि प्रबंध संस्थान (वाल्मी) श्रीमती सरिता बाला ओम ने कहा कि नशामुक्ति का संदेश जन-जन तक पहुँचाने एवं महिलाओं के माध्यम से परिवार को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराये जाने में मास्टर ट्रेनर की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। इस अवसर पर डॉ. तमोनुद मोदक जी, मनोचिकित्सक, एम्स भोपाल, कौशिक मन्ना नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो मध्यप्रदेश, डॉ. प्रियंका दीदी, वीके दीदी, सुनीता दीदी, ब्रम्हकुमारी, अनूप दुबे अल्कोहॉलिक अनॉनिमस, राजीव तिवारी, समर्थ दंडोतिया शुद्धि, जीके नशामुक्ति केन्द्र द्वारा नशे से मनुष्य के मस्तिस्क पर होने वाले दुष्परिणामों एवं उनसे उभरने के उपाय बताये गये।  

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 25-28 रुपए तक बढ़ोतरी का अनुमान, आम जनता को होगा बड़ा असर

मुंबई   पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर बड़ी अपडेट सामने आ रही है। कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की रिपोर्ट के मुताबिक, विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद ईंधन की कीमतों में बड़ा इजाफा हो सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, पेट्रोल और डीजल के दाम 25 से 28 रुपए प्रति लीटर तक बढ़ाए जा सकते हैं। यह अनुमान अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के आधार पर लगाया गया है, जो फिलहाल करीब 120 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं। तमिलनाडु में आज सभी सीटों के लिए मतदान हो रहा है जबकि पश्चिम बंगाल में पहले चरण में 152 सीटों के लिए वोटिंग हो रही है। केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ने वाली रिपोर्ट्स को खारिज किया केंद्र सरकार ने गुरुवार को उन रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया, जिसमें दावा किया गया था कि वर्तमान में चल रहे विधानसभा चुनावों के बाद, देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 25-28 रुपए प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। इसे फेक न्यूज बताते हुए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, "कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की बात कही जा रही है। यह स्पष्ट किया जाता है कि सरकार के समक्ष ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।" इस तरह की खबरें नागरिकों में भय और दहशत पैदा करने के उद्देश्य से फैलाई जाती हैं और ये शरारतपूर्ण और भ्रामक होती हैं। पोस्ट में अंत में लिखा, "भारत एकमात्र ऐसा देश है जहां पिछले चार वर्षों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि नहीं हुई है। भारत सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने भारतीय नागरिकों को अंतरराष्ट्रीय कीमतों में होने वाली तीव्र वृद्धि से बचाने के लिए लगातार कदम उठाए हैं।" इससे पहले दैनिक प्रेस ब्रीफिंग में बुधवार को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा कि देश में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है और लोगों से अपील की है कि पेट्रोल-डीजल या गैस की जल्दबादी में खरीदारी न करें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें। सरकार के मुताबिक, देश भर में घरेलू एलपीजी, पीएनजी और सीएनजी की 100 प्रतिशत सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है। 23 मार्च 2026 से अब तक 20 लाख से ज्यादा 5 किलो वाले छोटे गैस सिलेंडर (एफटीएल) बेचे जा चुके हैं, जो खासकर प्रवासी मजदूरों के लिए राहत का काम कर रहे हैं। सरकार ने इन सिलेंडरों की सप्लाई भी दोगुनी कर दी है ताकि जरूरतमंदों तक आसानी से गैस पहुंच सके। क्यों बढ़ सकते हैं दाम? अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें लगातार ऊंची बनी हुई हैं, जबकि भारत में उपभोक्ताओं को अपेक्षाकृत कम कीमत पर ईंधन मिल रहा है। इस अंतर का बोझ तेल कंपनियां उठा रही हैं। ऐसे में नुकसान की भरपाई के लिए कंपनियां कीमतों में बढ़ोतरी कर सकती हैं। अगर अनुमान के मुताबिक बढ़ोतरी होती है, तो पेट्रोल की कीमत कई शहरों में 120 रुपए प्रति लीटर के करीब पहुंच सकती है। इसका असर ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स और रोजमर्रा के सामानों की कीमतों पर भी पड़ सकता है। कंपनियों पर बढ़ता दबाव रिपोर्ट के मुताबिक, सरकारी तेल कंपनियों को हर महीने करीब 27,000 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है। यह नुकसान कच्चे तेल की ऊंची कीमत और कम रिटेल कीमत के बीच के अंतर की वजह से हो रहा है। लंबे समय तक इस स्थिति को बनाए रखना कंपनियों के लिए मुश्किल होता जा रहा है। सरकार के राहत कदम सरकार ने उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपए प्रति लीटर की कटौती और विंडफॉल टैक्स जैसे कदम उठाए हैं। हालांकि, ये उपाय आंशिक राहत ही दे पा रहे हैं और मूल समस्या अब भी बनी हुई है। अभी क्या है भाव? फिलहाल राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपए प्रति लीटर और डीजल 87.67 रुपए प्रति लीटर पर मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार की बात करें तो ब्रेंट क्रूड करीब 102.4 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है, जबकि WTI क्रूड लगभग 93.56 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर है।

इस्लामाबाद 10 दिनों से लॉकडाउन में, पाकिस्तान की जनता बोली – आवाम को मिल रही बददुआ

इस्लामाबाद जंग अमेरिका-ईरान-इजराइल का है, पाकिस्तान ने रास्ता इधर का बंद कर दिया है. सारी आवाम बददुआ देती है, ये देखो न सब बंद पड़ा है, सारा आवाम बेरोजगार पड़ा है, महंगाई और गुरबत है, मुजाकरात (बातचीत) करें या न करें पाकिस्तान आवाम पे रहम करें।  इस्लामाबाद के फिदाउल्ला ईरान वार्ता की बात सुनकर ही भड़क उठते हैं, और पाकिस्तानी हुक्मरानों पर खरी-खोटी सुनाने में तनिक भी परहेज नहीं करते हैं. ईरान वार्ता की आस में पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पिछले 10 दिनों से लॉकडाउन की स्थिति में है. इस्लामाबाद में सड़के बंद हैं, बाजार ठप पड़े हैं, और चारों ओर सुरक्षा बलों का पहरा है. संभावित शांति वार्ता और हाई-प्रोफाइल दौरों की अटकलों के चलते शहर की सड़कों पर पाबंदियां लगा दी गई हैं।  महंगाई से जूझ रही पाकिस्तान की गरीब जनता का कामकाज इस सिक्योरिटी लॉकडाउन की वजह से ठप हो गया है. और कमाई का सारा रास्ता बंद हो गया है। इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान बातचीत की अनिश्चितता के बीच सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. अमेरिका-ईरान तनाव के बीच पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद अघोषित लॉकडाउन है।  हालात से परेशान स्थानीय निवासी मोहम्मद साबिर ने कहा, "आवाम तो परेशान है न महंगाई की वजह से कभी बोल रहे हैं ट्रंप आ रहा है, इधर पाकिस्तान कभी बोल रहे हैं कि ईरानी सदर आ रहा है, भाई आए मुजाकरात करें खत्म करे, जब-जब वो नही आएंगे, पाकिस्तान की आवाम किधर जाए बेचारे, वो तो भूखे मरते रहेंगे, न कोई कारोबार है न कोई काम है, मुज़ाकरात करें मसले-मसाइल खत्म करें, अब यही सुन रहे हैं की अब आज आ रहे हैं, कल आ रहे हैं, ना कोई काम है, हम परेशान हैं।  पूरे इस्लामाबाद में लॉकडाउन लगा हुआ है. पाकिस्तानी राजधानी की सड़कें कई दिनों से खाली पड़ी हैं, दुकानें बंद हैं और पब्लिक ट्रांसपोर्ट भी रोक दिया गया है. अधिकारियों और दफ़्तरों में काम करने वालों से घर से ही काम करने को कहा गया है, जबकि मज़दूरों के पास कोई काम नहीं बचा है. सड़कों पर सिर्फ़ सेना और पुलिस की वर्दी पहने लोग ही नज़र आ रहे हैं।  कई लोगों को ऐसा लग रहा है जैसे वे फिर से महामारी के दौर में लौट आए हों. लोगों के लिए ये बेहद सख़्त और अनिश्चित काल तक चलने वाली पाबंदियाँ अब परेशानी और आर्थिक तंगी का सबब बन गई हैं।  इस्लामाबाद और उसके पड़ोसी शहर रावलपिंडी में काम करने वाले कई मज़दूर, जो फ़्लैट का किराया देने में असमर्थ थे, उन्हें शनिवार को एक सरकारी आदेश के बाद बिना किसी सूचना के उनके हॉस्टल से निकाल दिया गया। इसके चलते हज़ारों लोगों को आनन-फ़ानन में रहने के लिए कोई दूसरी जगह ढूंढनी पड़ी।  लग रहा है पिंजरे में कैद हैं सुरक्षा के दृष्टिकोण इस्लामाबाद के कई इलाके खाली कर दिए गए हैं. इस्लामाबाद के एक सरकारी अस्पताल, पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में हेल्थ ऑफिसर अरीज अख्तर कहती हैं कि उन हजारों लोगों में से एक थीं जिन्हें उनके कमरों से बाहर निकाल दिया गया था. उन्होंने कहा, "शनिवार को बहुत अफरा-तफरी मची थी मैं खुशकिस्मत हूं कि मेरा गांव यहां से सिर्फ़ तीन घंटे की ड्राइव की दूरी पर है. लेकिन बहुत से लोग जो दूर के शहरों और प्रांतों से आए थे, उन्हें अपने सहकर्मियों, दोस्तों और रिश्तेदारों से मिन्नतें करनी पड़ीं कि जब तक अमेरिका-ईरान बातचीत पूरी नहीं हो जाती, तब तक वे उन्हें अपने यहां रहने दें।  द गार्जियन से बातचती में अख्तर ने बताया कि जैसे-जैसे बातचीत में देरी होती गई उनकी निराशा भी बढ़ती गई. पब्लिक ट्रांसपोर्ट बंद होने का मतलब है कि वह शहर वापस नहीं जा पा रही हैं. उन्होंने कहा, "ऐसा लगता है जैसे हम किसी पिंजरे में रह रहे हों." "हम काम पर वापस नहीं जा सकते. मेरे जैसे बहुत से लोग फ्लैट का किराया नहीं दे सकते, इसीलिए हम हॉस्टल में रहते हैं।  वार्ता को लेकर अनिश्चितता इस्लामाबाद में वार्ता को लेकर अभी भी अनिश्चितता बनी है. राष्ट्रपति ट्रंप ने बुधवार को ही कहा है कि अगले 72 घंटे में वार्ता को लेकर अच्छी खबर आ सकती है. कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का प्लान बदल गया और ईरान भी फैसला टाल रहा है. पाकिस्तानी सरकार ने सुरक्षा को प्राथमिकता दी है, लेकिन इससे स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. अगर वार्ताएं आगे बढ़ती हैं या रद्द होती हैं तो स्थिति में बदलाव आ सकता है, लेकिन फिलहाल शहर में तनाव और परेशानी जारी है।   

फार्मर रजिस्ट्री के लिए कम सैचुरेशन वाले गांवों पर फोकस, सभी भूमिधर किसानों का रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करने के निर्देश

लखनऊ.  प्रदेश में जायद 2026 सीजन की तैयारियों के तहत सरकार ने फार्मर रजिस्ट्री को लेकर अभियान तेज कर दिया है। निर्देश दिए गए हैं कि 30 अप्रैल 2026 तक 100 प्रतिशत किसानों का पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए विशेष रूप से उन गांवों पर फोकस किया जा रहा है जहां अब तक रजिस्ट्री का सैचुरेशन कम है। अभियान के तहत सभी भूमिधर किसानों को शामिल किया जाएगा, चाहे वे पीएम किसान योजना के लाभार्थी हों या नहीं। किसानों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जिलों को व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें लाउडस्पीकर के माध्यम से घोषणाएं, स्थानीय समाचार पत्रों में विज्ञापन और ग्राम प्रधानों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि हर किसान तक जानकारी पहुंच सके और रजिस्ट्रेशन में तेजी आए। सरकार ने स्पष्ट किया है कि 15 मई 2026 से फार्मर आईडी अनिवार्य कर दी जाएगी। इसके बिना किसानों को सरकारी कृषि योजनाओं, उर्वरकों और बीज का लाभ नहीं मिल सकेगा। ऐसे में किसानों को समय रहते अपना पंजीकरण पूर्ण कराने की सलाह दी गई है। इसी क्रम में जायद 2026 के लिए डिजिटल क्रॉप सर्वे भी निर्धारित समयसीमा में संचालित किया जाएगा। इसके लिए 28 अप्रैल 2026 को जिला स्तरीय टीमों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, जबकि 1 मई से 31 मई 2026 तक पूरे प्रदेश में सर्वे अभियान चलाया जाएगा। इस सर्वे के माध्यम से फसलों का सटीक आंकलन कर योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में मदद मिलेगी।

WhatsApp का नया फीचर, एक क्लिक में मोबाइल रिचार्ज होगा संभव

नई दिल्ली चैटिंग के अलावा WhatsApp में कई फीचर्स जोड़़े जा चुके हैं. धीरे-धीरे यह लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों का एक बड़ा प्लेटफॉर्म बनता जा रहा है. अब कंपनी ने भारत में एक नया फीचर लॉन्च किया है, जिसके जरिए अब यूजर्स सीधे व्हाट्सऐप के अंदर ही मोबाइल रिचार्ज कर पाएंगे।  इस फीचर की सबसे बड़ी खास बात यह है कि अब आपको रिचार्ज के लिए अलग-अलग ऐप्स खोलने की जरूरत नहीं होगी. कंपनी के मुताबिक यह फीचर धीरे-धीरे Android और iOS दोनों यूजर्स के लिए रोलआउट किया जा रहा है और आने वाले हफ्तों में सभी तक पहुंच जाएगा।  WhatsApp और PayU की पार्टनर्शिप WhatsApp का यह नया सिस्टम पेमेंट कंपनी PayU के साथ पार्टनरशिप में लाया गया है, जिससे पेमेंट प्रोसेस तेज और आसान हो सके. इस फीचर के आने के बाद अब आप अपना नंबर ही नहीं, बल्कि अपने परिवार या दोस्तों का नंबर भी आसानी से रिचार्ज कर सकते हैं।  Jio, Airtel और Vi जैसे बड़े टेलीकॉम ऑपरेटर के सभी प्लान्स व्हाट्सऐप के अंदर ही दिखाई देंगे, जहां से आप अपनी जरूरत के हिसाब से प्लान चुन सकते हैं।  व्हाट्सऐप में ₹ का आइकन  व्हाट्सऐप ने इस फीचर को और आसान बनाने के लिए ऐप के होम स्क्रीन पर एक नया ₹ आइकन भी जोड़ा है. यह आइकन आपको सीधे पेमेंट सेक्शन में ले जाता है. यही से आप रिचार्ज कर सकते हैं, UPI पेमेंट भेज सकते हैं और कई शहरों में मेट्रो टिकट जैसी सुविधाएं भी इस्तेमाल कर सकते हैं।  WhatsApp से ऐसे होगा मोबाइल रिचार्ज अगर आप सोच रहे हैं कि व्हाट्सऐप से रिचार्ज कैसे करना है, तो इसका तरीका काफी आसान रखा गया है. सबसे पहले आपको ऐप में दिख रहे ₹ आइकन पर टैप करना होगा।  इसके बाद Mobile Prepaid Recharge का ऑप्शन चुनना होगा. फिर आप अपना या किसी और का नंबर सेलेक्ट कर सकते हैं. इसके बाद ऑपरेटर कन्फर्म करें और उपलब्ध प्लान्स में से एक प्लान चुन लें।  पेमेंट के लिए आप UPI, डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर सकते हैं. जैसे ही आप पेमेंट कन्फर्म करेंगे, रिचार्ज पूरा हो जाएगा। रिचार्ज के अलावा टिकट तक की बुकिंग व्हाट्सऐप के मुताबिक, भारत में लोग पहले से ही इस ऐप का इस्तेमाल चैट, बिजनेस और कई जरूरी सर्विसेज के लिए कर रहे हैं. आज के समय में कई शहरों में लोग व्हाट्सऐप के जरिए मेट्रो टिकट बुक करते हैं, बिल भरते हैं और सरकारी सेवाओं का भी इस्तेमाल करते हैं. ऐसे में मोबाइल रिचार्ज को भी इसी प्लेटफॉर्म पर लाना एक बड़ा कदम माना जा रहा है।  Meta इंडिया के बिजनेस मैसेजिंग डायरेक्टर रवि गर्ग ने कहा है कि भारत में व्हाट्सऐप लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है. ऐसे में कंपनी का फोकस यह है कि ज्यादा से ज्यादा काम एक ही जगह पर आसान तरीके से हो सकें. यही वजह है कि अब रिचार्ज जैसी रोज की जरूरत को भी व्हाट्सऐप में जोड़ दिया गया है।  PayU के चीफ बिजनेस ऑफिसर हेमांग दत्तानी का कहना है कि लोगों को वही सर्विस सबसे ज्यादा पसंद आती है, जो उन्हें उसी प्लेटफॉर्म पर मिल जाए जहां वे पहले से समय बिताते हैं. व्हाट्सऐप पर रिचार्ज लाना इसी सोच का हिस्सा है, ताकि यूजर्स बिना ऐप बदले अपना काम पूरा कर सकें।  गौरतलब है कि WhatsApp अब एक ऑल-इन-वन ऐप बनने की तरफ बढ़ रहा है, जहां चैट, पेमेंट, टिकट बुकिंग और अब मोबाइल रिचार्ज जैसी सुविधाएं एक ही जगह मिलेंगी. इस तरह के ऐप्स को सुपर ऐप भी कहा जाता है. आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि WhatsApp और कौन-कौन सी सर्विसेज को अपने प्लेटफॉर्म में जोड़ता है। 

10 दिनों में 6.39 लाख से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग, दुर्गम अंचलों तक पहुंचीं टीमें; हजारों मरीजों को मिला निःशुल्क उपचार

रायपुर.  बस्तर संभाग के घने जंगलों, ऊबड़-खाबड़ पहाड़ियों और दूरस्थ बसाहटों में अब स्वास्थ्य सेवाओं की दस्तक साफ महसूस की जा रही है। जहां कभी इलाज के लिए लंबी दूरी और अनिश्चितता ही विकल्प थी, वहां अब स्वास्थ्य विभाग की टीमें खुद लोगों के द्वार तक पहुंच रही हैं। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बस्तर अभियान के दस दिन पूरे होते-होते यह पहल न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने में सफल हो रही है, बल्कि सुदूर अंचलों में रहने वाले लोगों के मन में भरोसे की नई किरण भी जगा रही है। अभियान के तहत अब तक 6.39 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है। बड़ी संख्या में मरीजों को मौके पर ही निःशुल्क दवा और उपचार उपलब्ध कराया गया है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों में तत्काल राहत मिली है। गंभीर स्थिति वाले मरीजों को प्राथमिकता के साथ चिन्हित कर त्वरित रेफरल की व्यवस्था की गई है। अब तक 8055 मरीजों को उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में भेजकर विशेषज्ञ उपचार सुनिश्चित किया गया है। जांच के दौरान मलेरिया के 1125, टीबी के 3245, कुष्ठ के 2803, मुख कैंसर के 1999, सिकल सेल के 1527 और मोतियाबिंद के 2496 मामलों की पहचान की गई है। समय पर पहचान और उपचार शुरू होने से इन बीमारियों की जटिलताओं को कम करने में मदद मिल रही है, साथ ही गंभीर स्थितियों को टालने की दिशा में भी यह पहल महत्वपूर्ण साबित हो रही है। अभियान को प्रभावी बनाने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और सुपर स्पेशियलिटी संस्थानों तक एक समन्वित व्यवस्था बनाई गई है। मोबाइल मेडिकल यूनिट्स और स्वास्थ्य शिविरों के जरिए उन इलाकों तक भी सेवाएं पहुंच रही हैं, जहां पहले इलाज की सुविधा सीमित थी। इसके साथ ही लोगों के डिजिटल स्वास्थ्य प्रोफाइल (आभा) तैयार किए जा रहे हैं, ताकि आगे भी इलाज की निरंतरता बनी रहे और जरूरत पड़ने पर तुरंत स्वास्थ्य जानकारी उपलब्ध हो सके। अब बस्तर के सुदूर गांवों में भी लोग इलाज के लिए लंबी दूरी तय करने को मजबूर नहीं हैं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाएं खुद उनके द्वार तक पहुंच रही हैं। यही बदलाव इस अभियान को खास बना रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले – माताओं-बहनों को सर्वोपरि रखने की है हमारी संस्कृति

भोपाल.  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी संस्कृति माताओं-बहनों का सर्वोपरि रखने की रही है। बहनों को विधानसभाओं और लोकसभा में आरक्षण दिलवाने के लिए हमारी सरकार लड़ाई लड़ रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सबको साथ लेकर चलने के लिए सभी से अपील की थी, लेकिन कुछ राजनैतिक दलों को बहनों को उनका अधिकार देने में जरा भी दया नहीं आई। पहले भी बहनों के भरण पोषण के भत्ते से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के आदेश को भी इन लोगों ने ही ठुकरा दिया था। राज्य सरकार माताओं-बहनों का सम्मान करते हुए लाड़ली बहना योजना के माध्यम से बहनों को हर महीने 1500 रुपए की सौगात दे रही है। प्रदेश के 17 जिलों में महिला कलेक्टर हैं। प्रदेश के 10 से अधिक जिलों में महिला अधिकारी एसपी हैं और कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। सागर जिले में सांसद, महापौर भी महिलाएं हैं। प्रदेश भर में प्रमुख पदों पर महिलाओं को जिम्मेदारी दी जा रही है, लेकिन कई राजनैतिक दलों को नहीं सुहाता है। माताएं-बहनें सब कुछ भूल सकती हैं, पर अपना अपमान कभी नहीं भूल सकती हैं, बहनों से यही अपील है कि मौका मिलने पर हिसाब जरूर चुकता करना है। हमारा पूर्ण संकल्प है कि आज नहीं तो कल प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में इन बहनों को विधानसभा और लोकसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण दिलवा कर रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव, नरयावली, सागर में विकास कार्यों के भूमि पूजन और लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संबोधन के प्रारंभ में बुंदेल केसरी महाराजा छत्रसाल और डॉ. हरिसिंह गौर को नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कन्या पूजन तथा दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया, उन्होंने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ भी वितरित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नरयावली में 27 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित सांदीपनि विद्यालय का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक विद्यालय नहीं, हमारी 5 हजार साल पुरानी विरासत का प्रतीक है। उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में शिक्षा ग्रहण करने वाले श्रीकृष्ण हमारे आदर्श हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नरयावली में 41 करोड़ 7 लाख रुपए की लागत से 36 विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इसमें विभिन्न पंचायतों में बने 12 सीसी रोड शामिल हैं। क्षेत्र की जनता को नए सामुदायिक भवनों और आंगनवाड़ी भवनों की भी सौगात मिली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा आज 17 करोड़ 39 लाख रुपए की लागत से 62 विकास कार्यों का भूमि-पूजन भी किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के गरीब, किसान, युवा और नारी कल्याण के लिए सरकार प्रयासरत है। अब कृषक कल्याण वर्ष में किसानों को आगे बढ़ाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही हैं। बुंदेलखंड की धरती वीरों और महावीरों की धरती है। बुंदेलखंड के लोग हर क्षेत्र में दक्ष थे, लेकिन प्रकृति की मार पड़ी तो पानी की कमी हो गई और खेती प्रभावित होने से पलायन शुरू हो गया। अब प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में यहां केन-बेतवा लिंक नदी जोड़ो परियोजना की सौगात मिली है। इस 1 लाख करोड़ रूपए की परियोजना से बुंदेलखंडवासियों के पीने के पानी की समस्या हल होगी। किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा। उद्योग-धंधे स्थापित होंगे। सागर में इंडस्ट्रियल पार्क का कार्य तेजी से हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के किसानों को 5 रुपए में बिजली का अस्थाई कनेक्शन दिया जा रहा है। किसानों को 40 रुपए प्रति क्विंटल बोनस देकर 2625 रुपए प्रति क्विंटल मूल्य पर गेहूं खरीदा जा रहा है। किसानों से किए सभी वादों को पूरा करते हुए आगामी वर्षों में 2700 रुपए से अधिक भाव पर गेहूं खरीदा जाएगा। किसान भाइयों की मेहनत से प्रदेश में इस वर्ष गेहूं उत्पादन भी बढ़ा है। अब पॉली बैग्स का विकल्प निकाला गया है। राज्य सरकार ने गेहूं का एक-एक दाना खरीदने का संकल्प लिया है। राज्य सरकार पहले छोटे और मध्यम वर्ग के किसान और उसके बाद बड़े किसानों का गेहूं खरीद रही है। केंद्र सरकार ने मध्यप्रदेश के लिए 78 लाख मैट्रिक टन गेहूं खरीद का कोटा तय किया है, लेकिन इस बार गेहूं का उत्पादन दोगुना हुआ है, इसीलिए केंद्र सरकार से गेहूं खरीद का कोटा बढ़ाने का अनुरोध किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सोयाबीन उत्पादक किसानों को भी राज्य सरकार ने भावांतर भुगतान योजना के अंतर्गत लाभान्वित कर उपज का उचित दाम दिलवाया था। सच्चा वादा, पक्का काम, प्रेम से बोलो जय श्रीराम हमारी सरकार का नारा है। जो कहा है, उसे पूरा करके दिखाया है। प्रदेश में सिंचाई का रकबा भी लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदेश में नए सांदीपनि विद्यालय खोले जा रहे हैं। प्रदेश में स्कूल, कॉलेज, बांध, सड़कें और उद्योग सहित अन्य विकास कार्यों के लिए आवश्यकता पड़ने पर किसानों से भूमि अधिग्रहित की जाती है। जमीन ही किसानों का आसरा होती है। इसीलिए सरकार ने निर्णय लिया है कि किसानों को भूमि अधिग्रहण करने पर कलेक्टर रेट से 4 गुना मुआवजा दिया जाएगा। किसानों की आय में वृद्धि के लिए कृषि के साथ पशुपालन और दुग्ध उत्पादन पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। राज्य सरकार ने 16 विभागों को एक साथ जोड़कर योजनाएं तैयार की हैं। सहकारिता के माध्यम से सरकार आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में बन रहे आधुनिक सांदीपनि विद्यालय प्राइवेट स्कूलों को पीछे छोड़ रहे हैं। वर्ष 2025-26 में बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम आया तो सरकारी स्कूलों के बच्चों ने सर्वोच्च स्थान हासिल किया है। बेटियों ने परीक्षाओं में बाजी मारी है। राज्य सरकार स्कूल टॉपर विद्यार्थियों को स्कूटी और मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप दे रही है। नरयावली क्षेत्र डॉ. हरिसिंह गौर के समय से शिक्षा का पावन मंदिर रहा है। यहां कोई शासकीय विश्वविद्यालय नहीं था, इसीलिए नरयावली में रानी अवंतीबाई के नाम पर राजकीय विश्वविद्यालय शुरू करने की पहल की गई। नरयावली को आज 27 करोड़ रुपए लागत के सांदीपनि विद्यालय की सौगात मिली है, जो भविष्य निर्माण का प्रमुख केंद्र बनेगा। जरुआखेड़ी में 10 करोड़ की लागत से नवीन आईटीआई भवन, 60 सीटर छात्रावास और आवासीय भवनों का लोकार्पण भी हुआ है। आज इस ऐतिहासिक अवसर पर नरयावली की जनता को 58 … Read more

प्रॉपर्टी आईडी में गलती? अब नहीं होगी परेशानी: Panipat निगम खुद करेगा सुधार, NDC पोर्टल एक्टिव

पानीपत. अब नगर निगम में बिना शिकायत ही प्रापर्टी आइडी में क्षेत्र, कैटेगरी और अन्य तरह की बड़ी गलतियां ठीक होंगी। नगर निगम अधिकारी और कर्मचारी ऐसी आइडी की तलाश खुद करेगा। इसके लिए शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय (यूएलबी) के एनडीसी पोर्टल का सहारा लिया जाएगा। नगर निगम के कर्मचारी कंप्यूटर सिस्टम में एनडीसी पार्टल खोलकर उसमें फिल्टर लगाकर गलतियां वाली आइडी की तलाश करेंगे। फिर ऐसी आइडी की खुद ही फाइल बनाकर उसकी प्रोसेस चलाएंगे। अभी शहर में 1.86 लाख प्रापर्टी आइडी हैं। इनमें करीब 50 हजार ऐसी आइडी हैं, जिनमें किसी न किसी प्रकार की गलतियां हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में नगर निगम ने 30.65 करोड़ रुपये प्रापर्टी टैक्स रिकवर किया था। जिसके साथ ही नगर निगम ने अपना ही रिकार्ड तोड़ा है अब मौजूदा वित्तीय वर्ष 2026-27 में टैक्स रिकवरी और भी अधिक बढ़ाने का लक्ष्य अभी से बनाकर काम शुरू कर दिए गए हैं।  गलतियां ठीक होने पर संबंधित मालिकों को सूचित करेंगे ऐसी आइडी की गलतियां ठीक करके संबंधित प्रापर्टी मालिकों को सूचित भी किया जाएगा। हालांकि प्रोसेस चलाने के दौरान भी जो मोबाइल नंबर दिया हुआ है, उस पर काल करके ओटीपी भी लिए जाएंगे। इसके बाद जब आइडी की गलतियां ठीक हो जाएंगी तो नगर निगम की टीमें संबंधित मालिकों को सूचित करेंगे। इसके साथ-साथ बिल भरने के लिए प्रेरित भी करेंगे। अतिरिक्त आयुक्त विवेक चौधरी ने कहा कि मौजूदा वित्तीय वर्ष में इस बार प्रापर्टी टैक्स रिकवरी पहले से भी बेहतर करने के प्रयास किए जाएंगे। इसके लिए प्रापर्टी आइडी की गलतियां ठीक होना बहुत जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए ऐसी प्रापर्टी आइडी की तलाश करवा रहे हैं, जिनमें बड़ी गलतियां हैं। इसके लिए विशेष रूप से टीमें गठित करके जिम्मेदारियां भी सौंपी गई हैं। शहरवासियों को बेहतर सहयोग देने के साथ-साथ प्रापर्टी टैक्स जमा कराने के लिए भी प्रेरित करेंगे।