samacharsecretary.com

फर्जी बिल और दोहरे भुगतान के मामले में जिला प्रबंधक की सेवा समाप्त, 2.80 लाख के गबन पर कलेक्टर की बड़ी कार्रवाई

उमरिया
जिले में ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े बहुचर्चित गबन मामले में आखिरकार प्रशासन ने सख्त कदम उठा लिया है। फर्जी भुगतान और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर सामने आई खबरों के बाद कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन ने बड़ा फैसला लेते हुए जिला प्रबंधक (कृषि) महेन्द्र कुमार बारसकर की संविदा सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी है। यह आदेश मध्य प्रदेश शासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा मध्य प्रदेश ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिला स्तर पर प्रदत्त प्रशासनिक और वित्तीय अधिकारों के आधार पर जारी किया गया है। 

कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि महेन्द्र कुमार बारसकर पर प्रशासनिक और वित्तीय अनियमितताओं के साथ-साथ कर्तव्य निर्वहन में घोर लापरवाही के गंभीर आरोप सिद्ध हुए हैं। इन्हीं कारणों से उनकी संविदा नियुक्ति को तत्काल समाप्त किया गया है। आदेश जारी होते ही प्रभावशील हो गया है, जिससे यह साफ संदेश गया है कि शासकीय योजनाओं में गड़बड़ी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

दरअसल, यह पूरा मामला उस समय सामने आया जब अमर उजाला ने ग्रामीण आजीविका मिशन में हुए फर्जी भुगतान और गबन की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया। खबर में बताया गया था कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं के अंतर्गत प्रशिक्षण व्यय और मानदेय की स्वीकृत राशि का एक बार भुगतान होने के बावजूद उसी दावे का दोबारा भुगतान किया गया। इस दोहरे भुगतान से 1,43,440 रुपये का गबन सामने आया। इसके अलावा बिना सक्षम स्वीकृति के 1,36,683 रुपये का भुगतान कर दिया गया। कुल मिलाकर 2,80,123 रुपये की शासकीय राशि के दुरुपयोग का मामला उजागर हुआ।

मामले की शिकायत जिला परियोजना प्रबंधक चंद्रभान सिंह द्वारा की गई थी। इसके बाद जिला मिशन प्रबंधन इकाई में वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के अंतरिक निरीक्षण के दौरान बिल-वाउचर, कैश बुक, लेजर, व्यय पंजी और बैंक स्टेटमेंट का मिलान किया गया। जांच में पाया गया कि कुछ भुगतान एक ही स्वीकृति आदेश के आधार पर दो बार किए गए, जबकि कुछ भुगतान बिना किसी वैध स्वीकृति के कर दिए गए।

जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपी अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, लेकिन उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत उमरिया के निर्देश पर कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई। थाना प्रभारी मदनलाल मरावी के अनुसार फर्जी बिल और वाउचर के आधार पर राशि निकाले जाने की पुष्टि हुई है। धारा 316(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच जारी है, हालांकि अभी गिरफ्तारी नहीं हुई है।

 प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हुई और आखिरकार कलेक्टर ने कड़ा निर्णय लेते हुए सेवा समाप्ति की कार्रवाई की। यह फैसला न केवल इस मामले में अहम माना जा रहा है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि मीडिया की सक्रियता और पारदर्शिता कैसे सरकारी तंत्र को जवाबदेह बनाने में भूमिका निभाती है। अब सबकी निगाहें आगे की पुलिस जांच और संभावित कानूनी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

 

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here