रायपुर
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के राष्ट्रसेवा एवं जनसेवा के संकल्प के लिए मनाए जा रहे सेवा संकल्प अभियान को नया आयाम मिला जब गुरुवार को इस अभियान के अंतर्गत बस्तर के शहीदों की याद में 'बस्तर सेवा संकल्प अभियान’ के तहत पूरे बस्तर संभाग में विशेष दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान बस्तर की नक्सल हिंसा से प्रभावित रही धरती पर शांति, विकास और सेवा के संकल्प के साथ 1986 स्थानों पर दीप प्रज्ज्वलित किए गए। इनमें नक्सल हिंसा में प्रभावित एवं जनहानि वाले गांव, पुनर्वास केंद्र, शहीद स्मारक एवं प्रतिमा स्थल, नक्सल उन्मूलन अभियान में सुरक्षा जवानों को जनसमर्थन देने वाले स्थान, सुरक्षा कैंप, पुलिस थाने तथा पूर्व में अति नक्सल प्रभावित रहे गांव शामिल रहे। अभियान का उद्देश्य बस्तर के उन क्षेत्रों में सेवा, शांति और विश्वास की रोशनी पहुंचाना रहा, जिन्होंने लंबे समय तक नक्सल हिंसा का दंश झेला है। इसमें कांकेर से लेकर झीरम घाटी, सुकमा के कोंटा और कर्रेगुट्टा पहाड़ियों पर भी द्वीप जलाए गए।
नक्सल हिंसा के साक्षी रहे 107 गांवों में जले दीप
बस्तर सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ऐसे 107 गांवों में दीप प्रज्ज्वलित किए गए, जहां पूर्व में बड़ी नक्सल घटनाएं हुई थीं और बड़ी संख्या में जवानों अथवा आम नागरिकों की मृत्यु हुई थी। इनमें बीजापुर के 40, सुकमा के 31, दंतेवाड़ा के 11, नारायणपुर के 11, कांकेर के 9, कोंडागांव के 3 और बस्तर जिले के 2 गांवों में दीए जलाए गए। इन गांवों में दीप प्रज्ज्वलन के माध्यम से हिंसा के अंधकार से शांति और विकास की ओर बढ़ते बस्तर का संदेश दिया गया।
पुनर्वास केंद्रों से लेकर शहीद स्मारकों तक पहुंची दीपों की रोशनी
बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों में स्थापित 9 पुनर्वास केंद्रों में भी दीप प्रज्ज्वलित किए गए। इनमें बीजापुर में 3 और सुकमा, दंतेवाड़ा, नारायणपुर, कांकेर, कोंडागांव और बस्तर में एक-एक पुनर्वास केंद्र शामिल हैं। इसी तरह शहीदों की स्मारक प्रतिमाओं एवं स्मृति स्थलों के समीप 177 स्थानों पर दीप जलाकर बस्तर की शांति और सुरक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले वीरों को नमन किया गया। इनमें बीजापुर में 5, सुकमा में 12, दंतेवाड़ा में 13, नारायणपुर में 23, कांकेर में 82, कोंडागांव में 32 और बस्तर में 10 स्थान शामिल हैं।
नक्सल उन्मूलन अभियान में सुरक्षा जवानों का साथ देने वाले स्थान भी हुए रोशन
अभियान के तहत उन 147 स्थानों पर भी दीप प्रज्ज्वलित किए गए, जहां नक्सल उन्मूलन अभियान के दौरान सुरक्षा जवानों को स्थानीय लोगों का महत्वपूर्ण सहयोग मिला। इनमें बीजापुर के 31, सुकमा के 59, दंतेवाड़ा के 6, नारायणपुर के 27, कांकेर के 5, कोंडागांव के 16 और बस्तर जिले के 3 स्थान शामिल हैं। इसके अलावा नक्सल उन्मूलन अभियान के उद्देश्य से स्थापित 393 सुरक्षा कैंपों में भी दीप प्रज्ज्वलित किए गए। बीजापुर में 130, सुकमा में 91, दंतेवाड़ा में 38, नारायणपुर में 56, कांकेर में 55, कोंडागांव में 10 और बस्तर में 13 सुरक्षा कैंपों में दीप जलाए गए।
122 थानों में भी जला सेवा और सुरक्षा का दीप
बस्तर संभाग के 122 पुलिस थानों में भी दीप प्रज्ज्वलित किए गए। इनमें बीजापुर के 22, सुकमा के 19, दंतेवाड़ा के 12, नारायणपुर के 14, कांकेर के 25, कोंडागांव के 15 और बस्तर जिले के 15 थाने शामिल हैं। यह दीप उन जवानों और पुलिसकर्मियों के प्रति सम्मान का प्रतीक बने, जो बस्तर में शांति एवं सुरक्षा के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं।
पूर्व में अति नक्सल प्रभावित रहे 1,031 गांवों में भी रोशन हुआ हर घर
‘बस्तर सेवा संकल्प अभियान’ का सबसे व्यापक स्वरूप पूर्व में अति नक्सल प्रभावित रहे, जहां नक्सलियों का डेरा रहा, ऐसे 1,031 गांवों में देखने को मिला। इन गांवों में भी दीप प्रज्ज्वलित कर शांति और विकास के नए दौर का स्वागत किया गया। इनमें बीजापुर के 593, सुकमा के 32, दंतेवाड़ा के 192, नारायणपुर के 93, कांकेर के 85, कोंडागांव के 22 और बस्तर जिले के 14 गांव शामिल हैं।
सात जिलों में एक साथ जली सेवा संकल्प की ज्योति
बस्तर संभाग के सातों जिलों में आयोजित इस विशेष दीप प्रज्ज्वलन अभियान में बीजापुर में 824, दंतेवाड़ा में 273, कांकेर में 262, सुकमा में 245, नारायणपुर में 225, कोंडागांव में 99 और बस्तर जिले में 58 स्थानों पर दीप प्रज्ज्वलित किए गए। इस प्रकार संभाग में कुल 1,986 स्थानों पर सेवा संकल्प की ज्योति प्रज्वलित हुई।
बस्तर सेवा संकल्प अभियान के तहत जलाए गए ये दीप केवल रोशनी का प्रतीक नहीं, बल्कि नक्सल हिंसा से शांति की ओर बढ़ते बस्तर, शहीदों के सम्मान, सुरक्षा जवानों के प्रति कृतज्ञता और विकास के नए संकल्प का प्रतीक बने। बस्तर के उन गांवों और क्षेत्रों में, जहां कभी हिंसा और भय का वातावरण रहा, दीपों की रोशनी ने यह संदेश दिया कि अब बस्तर शांति, विश्वास और विकास के नए अध्याय की ओर आगे बढ़ रहा है।





