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प्रदेश में 8 वन स्टॉप सेंटर, UCC के लिए बनेगी विशेष कमेटी

भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में मध्य प्रदेश के सर्वांगीण विकास और सामाजिक सुरक्षा को लेकर कई ऐतिहासिक निर्णयों पर मुहर लगाई गई। सरकार ने महिला सशक्तिकरण, बुनियादी ढांचे के विकास और कानूनी सुधारों की दिशा में महत्वपूर्ण वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है।

महिला सुरक्षा हेतु 8 नए वन स्टॉप सेंटर
हिंसा से प्रभावित महिलाओं और बालिकाओं को तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए राज्य में 8 नए वन स्टॉप सेंटर खोलने की मंजूरी दी गई है। ये सेंटर मैहर, मऊगंज, पांढुर्णा, धार के मनावर व पीथमपुर, इंदौर के लसूड़िया व सांवेर और झाबुआ के पेटलावद में स्थापित किए जाएंगे। यहां पीड़ितों को एक ही छत के नीचे चिकित्सा, कानूनी सहायता, मनोवैज्ञानिक परामर्श और अस्थाई आश्रय जैसी सुविधाएं मिलेंगी। इसके साथ ही, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और महिला हेल्पलाइन-181 जैसी योजनाओं के लिए वर्ष 2031 तक ₹240 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है।

समान नागरिक संहिता (UCC) के लिए समिति का गठन
उत्तराखंड और गुजरात की तर्ज पर मध्य प्रदेश में भी समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की तैयारी शुरू हो गई है। कैबिनेट ने इसके लिए एक पांच सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति बनाने का निर्णय लिया है।

यह समिति सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में कार्य करेगी, जिसमें प्रशासनिक अधिकारी, कानून विशेषज्ञ और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल होंगे। समिति 60 दिनों के भीतर उत्तराखंड और गुजरात के मॉडलों का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

बुनियादी ढांचे और सिंचाई के लिए भारी निवेश
राज्य सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की अवधि के लिए लोक कल्याणकारी कार्यों हेतु ₹19,810 करोड़ की राशि स्वीकृत की है। इस बजट का एक बड़ा हिस्सा, लगभग ₹10,801 करोड़, सड़क और पुल निर्माण के लिए रखा गया है।

इसमें एन्यूटी भुगतान और 'बनाओ, चलाओ और सौंपो' (BOT) मॉडल के तहत सड़कों के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। कृषि क्षेत्र को मजबूती देने के लिए सागर जिले की मिडवासा सिंचाई परियोजना को ₹286.26 करोड़ की मंजूरी दी गई है, जिससे क्षेत्रीय किसानों को सीधा लाभ पहुंचेगा।

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