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सुबेदार से कॉमनवेल्थ गोल्ड मेडलिस्ट तक, सोमन राणा बोले- अब पैरालिंपिक में सोना जीतना है

नई दिल्‍ली
 'मैं बहुत खुश हूं कि गोल्‍ड मेडल जीत पाया। पहले मुझे कोई जानता नहीं था। प्रैक्टिस करके सीधे घर आ जाता था। ग्‍लास्‍गो कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स में गोल्‍ड मेडल जीतने के बाद देशवासियों के दिल में जगह बन गई है।' यह कहना है भारतीय पैरा शॉट पुटर सोमन राणा का, जिन्‍होंने शॉट पुट के एफ57 वर्ग में सोना जीता था।

43 साल के सोमन ने बताया कि भारतीय पैरालिंपिक समिति (PCI), साईं (SAI) और सरकार की तरफ से काफी सहयोग मिला, जिसका नतीजा रहा कि भारतीय पैरा एथलीट्स ने ग्‍लास्‍गो कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स में अपना सर्वश्रेष्‍ठ प्रदर्शन किया। बता दें कि कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स 2026 में भारतीय पैरा एथलीट्स ने कुल सात मेडल जीते, जिसमें 3 गोल्‍ड, 2 सिल्‍वर और दो ब्रॉन्‍ज शामिल हैं।

शॉट पुट की दिलचस्‍प कहानी
एसबीआई लाइफ इंश्‍योरेंस द्वारा सम्‍मान प्राप्‍त करने के बाद सोमन राणा ने जागरण डॉट कॉम से बातचीत करते हुए बताया, 'मैं इंडियन आर्मी की 11 गोरखा राइफल्‍स में सुबेदार था। 2006 में जम्‍मू-कश्‍मीर के पुंछ में लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के पास माइन-क्लियरिंग और पेट्रोलिंग ऑपरेशन के दौरान मेरा पैर एक एंटी-पर्सनल लैंडमाइन पर पड़ गया था। इसकी वजह से दाएं पैर में घुटने के नीचे का हिस्‍सा कट गया।'

बिहार के निवासी सोमन राणा ने आगे बताया, 'कृत्रिम पैर लगने के बाद मैं पुणे में आर्मी स्‍पोर्ट्स इंस्‍टीट्यूट (ASI) से जुड़ा। वजन ज्‍यादा होने के कारण मैं अपने ऊपरी शरीर का बेहतर उपयोग कर सकता था और इसलिए शॉट पुट से जुड़ा। बॉक्सिंग के अनुभव से भी मदद मिली। इस तरह मेरी शॉट पुट की यात्रा शुरू हुई।'

गर्व का पल
सोमन राणा ने बताया कि 13.40 मीटर का थ्रो करके जब गोल्‍ड मेडल जीता तो सीना गर्व से भर गया। फिर जब भारत का राष्‍ट्रगान बजा तो उस भावना को शब्‍दों में बयां कर पाना बेहद मुश्किल है। राणा ने कहा, 'गोल्‍ड मेडल जीतने की भावना एकदम अलग है। जब राष्‍ट्रगान बजा तो मैं शब्‍दों में बयां नहीं कर सकता कि क्‍या महसूस हुआ। मैं बहुत खुश हुआ।'

नीरज चोपड़ा से मुलाकात खास
सोमन राणा ने बताया कि ग्‍लास्‍गो कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स की सबसे खास बात रही कि पैरा एथलीट्स को भारत के अन्‍य एथलीट्स के साथ मुलाकात करने का अवसर मिला और सभी को एक-दूसरे की शानदार कहानी जानने को मिली। राणा के लिए कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स 2026 के दौरान नीरज चोपड़ा से हुई मुलाकात यादगार बनी।

उन्‍होंने कहा, 'हमारे लिए बहुत अच्‍छा रहा कि सभी एथलीट्स एक-दूसरे से मिल सके। नीरज चोपड़ा से मिलना सबसे खास रहा। उनके साथ बहुत बातें हुईं। बाकी अन्‍य एथलीट्स से बातचीत भी खास रही। ऐसा आगे भी होता रहे तो देश को खेल हब बनने में देरी नहीं लगेगी।'

क्‍या है सोमन का लक्ष्‍य
सुबेदार सोमन राणा ने बताया कि उनका एकमात्र लक्ष्‍य पैरा-ओलिंपिक में गोल्‍ड मेडल जीतना है। सीडब्‍ल्‍यूजी 2026 के गोल्‍ड मेडलिस्‍ट ने कहा, 'एशियन गेम्‍स 2026 में कितने पैरा एथलीट्स जाएंगे, इस पर अभी स्‍पष्‍टता नहीं मिली है। मेरा लक्ष्‍य निरंतर बेहतर प्रदर्शन करना है और सबसे अहम पैरालिंपिक में गोल्‍ड मेडल जीतना है। इस मेडल से देश में पहचान मिली और ओलिंपिक मेडल जीतकर दुनिया में भारत का नाम रोशन करना है।'

 

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