samacharsecretary.com

शादी के मौसम में सोने की कीमत में 26,778 रुपये की गिरावट, चांदी भी सस्ती हुई

इंदौर 

शादियों के इस सीजन में सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिली है। आल टाइम हाई से सोने का रेट 26778 रुपये के स्तर पर लुढ़क चुका है। वहीं, चांदी 143106 रुपये सस्ता हो गया है। आइए डीटेल्स में जानते हैं कि सोने और चांदी का क्या रेट चल रहा है?

आज सोने का क्या है रेट? (Gold price today)
इंडियन बुलियंस ज्वैलर्स एसोसिएशन की रिपोर्ट के अनुसार गुरुवार को 24 कैरेट 148652 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है। 23 कैरेट गोल्ड का रेट 148057 रुपये प्रति 10 ग्राम, 22 कैरेट गोल्ड का रेट 136165 रुपये प्रति 10 ग्राम और 18 कैरेट गोल्ड का रेट 111489 रुपये 10 ग्राम के स्तर पर था। वहीं, 14 कैरेट गोल्ड का रेट 86961 रुपये प्रति 10 ग्राम था।

चांदी दाम कितना गिरा? (Silver Rate Today)
ibjarates के अनुसार गुरुवार को चांदी का रेट 236882 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर था। बता दें, शुक्रवार को छुट्टी थी। इस वजह से नए रेट जारी नहीं किए गए थे। वहीं, शनिवार और रविवार को सप्ताहिक की होने की वजह से अब सोमवार को नए रेट जारी किए जाएंगे।

सोने की कीमतों में गिरावट की क्या वजह? (Why Gold price falling)
मौजूदा समय में वैश्विक स्तर ईरान युद्ध की वजह से काफी उथल-पुथल मचा हुआ है। जिसकी वजह से निवेशक सोने की जगह डॉलर में इनवेस्टमेंट कर रहे हैं। मौजूदा समय में डॉलर काफी मजबूत हो चुका है। डॉलर की कीमतों में जारी तेजी की वजह से भी सोने पर बुरा असर पड़ा है।

बढ़ती महंगाई ने भी स्थिति को बिगाड़ा
सोने के रेट में गिरावट के पीछे की वजह महंगाई को भी माना जा रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में जारी बढ़ोतरी की वजह से दुनिया भर में महंगाई बढ़ रही है। इसकी वजह से भी कीमतों में गिरावट देखने को मिली है।

महंगा होने की वजह से भी बनाई दूरी
सोने की कीमतों में अचानक से एक साल के दौरान बहुत तेजी आई है। जिसके बाद आम-आदमी की पहुंच से सोना दूर होने लगा। निवेशकों ने इसकी वजह से भी दूरी बनाई है। गिरावट के पीछे एक वजह यह भी है।

(यह निवेश की सलाह नहीं है। सोने और चांदी की कीमतों में जारी तेजी के पीछे कई कारण होते हैं। यहां प्रस्तुत जानकारी के आधार पर लाइव हिन्दुस्तान गोल्ड और सिल्वर में इनवेस्टमेंट की सलाह नहीं देता है।)

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here