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बस्तर दशहरा की भव्य तैयारी, 1.22 करोड़ के खर्च का बजट प्रस्ताव तैयार

जगदलपुर.

बस्तर की ऐतिहासिक दशहरा परंपरा इस साल भी भव्यता और पारंपरिक रस्मों के साथ मनाई जाएगी, लेकिन आयोजन का बजट पिछले साल की तुलना में बढ़ गया है। पाट जात्रा विधान पूरा होने के बाद अब आगे होने वाले विभिन्न विधानों की तैयारियां तेज हो गई हैं।

कलेक्टोरेट में बस्तर दशहरा समिति की दो घंटे से अधिक चली बैठक में आयोजन की व्यवस्थाओं के साथ खर्च का खाका भी रखा गया। वर्ष 2026 के लिए 1 करोड़ 22 लाख 53 हजार 629 रुपए खर्च का प्रस्ताव तैयार किया गया है। पिछले साल वास्तविक खर्च 1 करोड़ 11 लाख 39 हजार 663 रुपए रहा था। यानी इस बार करीब 11.14 लाख रुपए ज्यादा खर्च प्रस्तावित है। बैठक में सबसे ज्यादा चर्चा पारंपरिक रस्मों में उपयोग होने वाले बकरा-सूअर और शराब पर होने वाले खर्च को लेकर रही।

प्रस्ताव के अनुसार बकरा-सूअर पर 15.40 लाख रुपए और दशमी सामग्री व शराब पर 4.13 लाख यानी कुल 19.52 लाख का प्रावधान किया है। पिछले साल इन मदों पर करीब 17.75 लाख रुपए खर्च हुए थे। इस लिहाज से इन मदों का खर्च भी बढ़ा है। टेंपल कमेटी के सचिव एवं तहसीलदार राहुल गुप्ता ने बताया कि बस्तर दशहरा धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सदियों पुरानी परंपराओं का जीवंत स्वरूप है। बस्तर दशहरा की अलग-अलग रस्मों को पूरा करने के लिए बजट में चावल से लेकर किराना, फल-फूल, भोग सामग्री, कपड़ा और रथ की लकड़ी तक का इंतजाम किया गया है।

चावल पर 2.31 लाख, किराना पर 10.98 लाख, विदाई रस्म पर 5.40 लाख और विद्युत सजावट पर 10.61 लाख रुपए प्रस्तावित हैं। कुश्ती प्रतियोगिता के लिए 9.26 लाख और डीजल के लिए 10.71 लाख रुपए रखे गए हैं। रथ-कपड़ा, रंगाई-पुताई, पटाखे और प्रचार- प्रसार पर भी अलग-अलग राशि प्रस्तावित है। इस बार इन मदों पर बड़ा खर्च किए जाने की तैयारी बकरा-सूअर 15.40 लाख, कपड़ा 15.40 लाख, रंगाई-पुताई 11.72 लाख, डीजल 10.71 लाख, विद्युत सजावट 10.61 लाख, किराना 10.98 लाख और कुश्ती 9.26 लाख रुपए प्रस्तावित हैं। यानी दशहरा की रस्मों के साथ व्यवस्थाओं पर भी बड़ा खर्च होगा।

75 लाख मिले, लेकिन पुराना भुगतान बाकी 2026 के आयोजन के लिए संस्कृति एवं धर्मस्व विभाग से 25 लाख और कलेक्टर कार्यालय से 50 लाख रुपए मिले हैं। यानी अभी कुल 75 लाख रुपए उपलब्ध हैं। वहीं वर्ष 2025 के वास्तविक खर्च में 36 लाख 39 हजार 663 का अतिरिक्त भुगतान लंबित बताया गया है। 1.22 करोड़ के बजट में ये रस्में होंगी पूरी प्रस्ताव में चावल, किराना, बकरा-सूअर, दशमी सामग्री व शराब, विदाई रस्म, विद्युत सजावट, कुश्ती, वाहन, डीजल, लोहा, फल-फूल व भोग, रथ-कपड़ा, रंगाई-पुताई, कपड़ा, पटाखे, प्रचार-प्रसार, लकड़ी चिरान और अन्य सामग्री शामिल हैं।

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