samacharsecretary.com

Housing Scheme Update: 13 करोड़ की पहली किश्त जारी, हजारों गरीब परिवारों को मिलेगा लाभ

पंचकूला.

हरियाणा के विभिन्न शहरों में 2646 गरीब परिवारों को जल्द ही प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (पीएमएवाई-यू) 2.0 के तहत मकान मिलेंगे। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित राज्य स्तरीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति (एसएलएसएमसी) की बैठक में 51 शहरी स्थानीय निकायों के 2409 लाभार्थियों की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई।

इसी दौरान नौ अन्य शहरी स्थानीय निकायों में 237 अतिरिक्त लाभार्थियों की परियोजनाओं को भी स्वीकृति प्रदान की गई। इस प्रकार कुल 60 शहरी स्थानीय निकायों में गरीब परिवारों के लिए आवासीय परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। सभी के लिए आवास विभाग के आयुक्त एवं सचिव मोहम्मद शाइन ने बताया कि केंद्र सरकार के यूनिफाइड वेब पोर्टल के माध्यम से अब तक एक लाख 69 हजार 483 आवेदकों ने आवास मांगे हैं। इनमें से 97 हजार 584 आवेदन बेनिफिशियरी लेड कंस्ट्रक्शन (बीएलसी) श्रेणी में हैं, जबकि 71 हजार 899 आवेदन अफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिप (एएचपी) श्रेणी में हैं।

46902 आवेदनों का हुआ सत्यापन
बीएलसी श्रेणी के अंतर्गत अब तक 46 हजार 902 आवेदनों का सत्यापन किया जा चुका है। इनमें से 17 हजार 465 आवेदन स्वीकृत और 29 हजार 437 आवेदन अस्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा 12 हजार 552 मकानों की जियो टैगिंग भी की जा चुकी है, जो लाभार्थियों को केंद्रीय सहायता जारी करने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत 17 हजार 430 लाभार्थियों की आवास परियोजनाओं को केंद्र सरकार द्वारा मंजूरी दी जा चुकी है। यह मंजूरी पिछले साल 20 मार्च और 15 अक्टूबर को बैठकों में दी गई। केंद्र सरकार द्वारा 2174 मकानों के लिए केंद्रीय हिस्से की पहली किस्त के रूप में 13 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं।

पीएमएवाई यू 2.0 के तहत मिलेंगे ढाई लाख रुपये
पीएमएवाई-यू 2.0 के बीएलसी घटक के तहत पात्र लाभार्थियों को पक्का मकान बनाने के लिए ढाई लाख रुपये दिए जाते हैं, जिसमें डेढ़ लाख केंद्र सरकार और एक लाख राज्य सरकार देती है। मकान का न्यूनतम कार्पेट एरिया 30 वर्ग मीटर तथा अधिकतम 45 वर्ग मीटर निर्धारित किया गया है। इसके अलावा सभी 87 शहरी स्थानीय निकायों और तीन शहरी विकास प्राधिकरणों में 32 सिटी लेवल टेक्निकल सेल क्लस्टर स्थापित करने का प्रस्ताव है।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here