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महिला प्रशिक्षुओं की सेहत पर असर, BSAP ने 16 किलोमीटर दौड़ अस्थायी रूप से बंद की

रोहतास.

बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस 2 (BSAP 2) में प्रशिक्षण ले रहे प्रशिक्षु सिपाहियों की दौड़ गतिविधियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। वहीं 16 किलो मीटर दौड़ के दौरान रविवार को बीमार हुई महिला सिपाही निशा कुमारी को उपचार के बाद बीसैप के अधिकारियों के अनुरोध पर बीएचयू वाराणसी रेफर कर दिया गया है। फिलहाल उनका इलाज बीएचयू में चल रहा है।

डीजी ने मौसम को देखते हुए द‍िया आदेश
बीसैप दो के अधिकारियों के अनुसार इस घटना और पांच दिन पूर्व दौड़ के दौरान बेहोश हुए एक प्रशिक्षु सिपाही की इलाज के क्रम में मौत की घटना के बाद महानिदेशक प्रशिक्षण ने आदेश दिया है।  प्रशिक्षुओं की सत्रांत परीक्षा में शामिल 16 किलोमीटर की दौड़ परीक्षा पर रोक लगा दी है। यह रोक गर्मी और लू के बढ़ते प्रकोप से प्रशिक्षुओं को आए दिन बीमार होने के बाद ली गई है। प्रशिक्षण की अन्य सभी गतिविधियां पूर्ववत जारी रहेगी। जानकारी के अनुसार तबीयत खराब होने के बाद निशा कुमारी को नारायण मेडिकल कालेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्हें उपचार किया गया।

एक सिपाही को क‍िया गया रेफर 
इसके अलावा अस्पताल में मरीज का सीटी स्कैन समेत अन्य आवश्यक जांचें की गईं। डॉक्टरों के मुताबिक मरीज को बार-बार बेहोशी आ रही थी और उन्होंने पेट में तेज दर्द की शिकायत भी की थी। उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार उन्हें बेहतर इलाज के लिए बनारस रेफर कर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार प्रशिक्षु महिला सिपाही निशा कुमारी को पहले से ही छाती में गांठ की शिकायत थी। पूर्व से स्पष्ट किया गया है कि प्रशिक्षण शुरू होने से पहले ही यह घोषणा कर दी गई थी कि जिन अभ्यर्थियों को इस प्रकार की कोई भी स्वास्थ्य संबंधी या गंभीर समस्याएं हैं, उन्हें प्रशिक्षण में शामिल नहीं किया जाएगा।

मह‍िला स‍िपाही की तबीयत में सुधार 
इस संबंध में डीएसपी रवि भूषण ने बताया कि मौसम की तल्‍खी को देखते हुए 16 किलोमीटर की दौड़ को तत्‍काल प्रभाव से स्‍थगित करने का आदेश आया है। मौसम अनुकूल होने के बाद इस पर पुनर्विचार कर दौड़ आयोजित की जाएगी। अन्य प्रशिक्षण एवं परीक्षाएं पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेंगी। जहां तक प्रशिक्षु महिला सिपाही निशा कुमारी का प्रश्न है, वह अभी बनारस में उपचाराधीन हैं। उनकी स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है और चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज जारी है।

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