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दसवें दीपोत्सव में राम की पैड़ी के 56 घाटों पर सजेगी 30 लाख दीपों की आभा

-नया कीर्तिमान गढ़ने को विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने संभाली कमान

– मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संकल्प को साकार करने में जुटे हजारों स्वयंसेवक

-बसों से पहुंचे छात्र-छात्राओं ने शुरू की दीप सजाने की तैयारी

-अनुशासन और समर्पण से जगमगाएंगे सरयू तट के सभी घाट

अयोध्या
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में रामनगरी में आयोजित होने जा रहे दसवें दीपोत्सव-2026 को भव्य और ऐतिहासिक बनाने की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार नया कीर्तिमान स्थापित करने के उद्देश्य से राम की पैड़ी के सभी 56 घाटों पर 30 लाख दीप सजाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य को समय से पूरा करने के लिए विश्वविद्यालय परिसर से बड़ी संख्या में स्वयंसेवक बसों के माध्यम से राम की पैड़ी पहुंचे। यहां पहुंचते ही छात्र-छात्राओं ने अपने निर्धारित घाटों पर जिम्मेदारी संभालते हुए पूरी ऊर्जा, निष्ठा और अनुशासन के साथ दीप बिछाने का काम शुरू कर दिया।

विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों के विद्यार्थी बने सहभागी
दसवें दीपोत्सव को यादगार बनाने के लिए विश्वविद्यालय परिसर के साथ-साथ संबद्ध महाविद्यालयों और स्थानीय इंटरमीडिएट कॉलेजों के छात्र-छात्राओं को भी स्वयंसेवक के रूप में लगाया गया है। सभी 56 घाटों पर दीपों की श्रृंखला सजाने के लिए अलग-अलग घाटों और निर्धारित स्थलों के अनुसार जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। विश्वविद्यालय परिसर से स्वयंसेवकों के सुगम आवागमन के लिए आरक्षित बसों की व्यवस्था की गई है।

निर्धारित ब्लॉक और कतारों में सजाए जा रहे दीप
राम की पैड़ी के घाटों पर सुबह से ही विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। घाट समन्वयकों और प्रभारियों के दिशा-निर्देशन में स्वयंसेवक निर्धारित ब्लॉक और कतारों में दीपों को सुव्यवस्थित ढंग से सजा रहे हैं। इसका उद्देश्य मुख्य आयोजन के दिन तेल, बाती डालने और दीप प्रज्ज्वलन का कार्य सुगमता से संपन्न कराना है। सभी स्वयंसेवकों को अपने निर्धारित घाटों पर ही कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।

कुलपति के नेतृत्व में अधिकारी कर रहे निगरानी
कुलपति डॉ. विजेंद्र सिंह के नेतृत्व में विश्वविद्यालय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी लगातार घाटों का भ्रमण कर तैयारियों की प्रगति की निगरानी कर रहे हैं। निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप दीपों को व्यवस्थित ढंग से सजाने और स्वयंसेवकों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों की भागीदारी से दसवें दीपोत्सव की तैयारियों को गति मिल रही है।

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