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इंद्रेश कुमार का कांग्रेस पर हमला: देश को तोड़ा, बचा भारत स्वतंत्रता के नाम पर सौंपा

नई दिल्ली

आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि "संघ जोड़ने का काम करता है, तोड़ने का नहीं." इंद्रेश कुमार के अनुसार, पिछले 100 वर्षों में भारत के विकास में आरएसएस ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. प्रधानमंत्री द्वारा लाल किले से संघ के कार्यों की सराहना करना, उनके मुताबिक, एक बड़ा संकेत है.

आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, "वर्तमान कांग्रेस नेतृत्व ने स्वतंत्रता के लिए कुछ नहीं किया, वे उनके पूर्वज थे. जैसे हमारे पूर्वजों ने भी स्वतंत्रता संग्राम लड़ा. सच यह है कि कांग्रेस ने देश का बंटवारा किया और जो बचा, उसे स्वतंत्र घोषित किया गया."

इंद्रेश कुमार ने हिमालय की अहमियत पर जोर देते हुए कहा कि हिमालय केवल भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया का पोषण करता है. उन्होंने आरोप लगाया कि कभी चीन, कभी पाकिस्तान और कभी पश्चिमी ताकतें हिमालय के सांस्कृतिक संतुलन को बिगाड़ने की कोशिश करती हैं. 

बहुत जल्द तिब्बत आजाद होगा, दलाई लामा वापस जाएंगे!

आरएसएस नेता ने कहा, "हिमालय परिवार इस संकल्प के साथ काम कर रहा है कि हिमालय की सुरक्षा हो, वह भारत को सुरक्षा का आश्वासन दे और चीन के अतिक्रमण से मुक्त हो. हमारा लक्ष्य है कि कैलाश मानसरोवर को चीन के कब्जे से मुक्त कराएं."

इंद्रेश कुमार ने आगे कहा कि बहुत जल्द तिब्बत आजाद होगा और दलाई लामा वहां वापस लौटेंगे. साथ ही, भारत यह सुनिश्चित करेगा कि चीन ब्रह्मपुत्र नदी पर बांध बनाकर उत्तर-पूर्व को संकट में न डाले.

ऑपरेशन सिंदूर और भारत की स्थिति

इंद्रेश कुमार ने पाकिस्तान और चीन पर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत ने पाकिस्तान, अमेरिका और चीन को सबक सिखाया. उन्होंने कहा, "भारत ने पाकिस्तान में बने चीनी एयरबेस तबाह कर दिए, जिन्हें भारत को नुकसान पहुंचाने के लिए बनाया गया था. चीन कुछ नहीं कर पाया. पाकिस्तान को मिले तुर्की के ड्रोन्स भी नष्ट कर दिए गए."

आरएसएस नेता ने दोहराया कि भारत ने केवल आतंकी और सैन्य ढांचे को निशाना बनाया, नागरिकों को नहीं. साथ ही, उन्होंने साफ कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच कभी कोई मध्यस्थ था, न है, न होगा. उन्होंने कहा, "पीओके वापस लेना ही बाकी है और हम इसे भी पूरा करेंगे. आज भारत अमेरिका, चीन, रूस और यूरोप के बराबर खड़ा है. भारत दुनिया से संघर्ष खत्म करेगा और शांति और सद्भावना लाएगा."

 

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