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पुलिस व्यवस्था, कानूनी प्रक्रियाओं और बाल संरक्षण संबंधी जानकारी से बढ़ी जागरूकता

भोपाल

महिलाओं एवं किशोरी बालिकाओं को पुलिस व्यवस्था, कानूनी प्रक्रियाओं तथा बाल संरक्षण संबंधी विषयों की जानकारी प्रदान करने और उनके भीतर सुरक्षा एवं अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से थाना गोविंदपुरा में एक्सपोज़र विजिट का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम निवसीड–बचपन संस्था एवं महिला बाल विकास विभाग के सहयोग से आयोजित हुआ, जिसमें अन्ना नगर सेक्टर एवं बाणगंगा परियोजना क्षेत्र की लगभग 70 महिलाओं एवं किशोरी बालिकाओं ने सहभागिता की।

कार्यक्रम के दौरान थाना प्रभारी  अवधेश सिंह तोमर ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए पुलिस थाने की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित अपराधों, बाल संरक्षण से जुड़े प्रावधानों, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया तथा आपातकालीन परिस्थितियों में पुलिस से सहायता प्राप्त करने के तरीकों के बारे में समझाया। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस थाने में आने वाली प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लिया जाता है और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।

इसके पश्चात हेड कॉन्स्टेबल  मुकेश यादव तथा ऊर्जा डेस्क की प्रभारी मती रश्मि पटेल द्वारा प्रतिभागियों को पुलिस थाने के विभिन्न कक्षों का भ्रमण कराया गया। इस दौरान शिकायत कक्ष, रिकॉर्ड रूम, पूछताछ कक्ष, ऊर्जा डेस्क सहित अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि महिलाओं एवं बच्चों से जुड़े मामलों के लिए थाने में विशेष डेस्क और सुविधाएँ उपलब्ध हैं, जहाँ उनकी समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुना और उनका समाधान किया जाता है।

एक्सपोज़र विजिट के दौरान प्रतिभागियों ने पुलिस अधिकारियों से विभिन्न विषयों पर प्रश्न भी पूछे, जिनका अधिकारियों द्वारा सहज एवं स्पष्ट रूप से उत्तर दिया गया। इस संवाद से महिलाओं और किशोरी बालिकाओं को पुलिस व्यवस्था और कानूनी प्रक्रियाओं के बारे में व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हुई। कार्यक्रम में निवसीड–बचपन संस्था से सु निहारिका पंसोरिया तथा महिला बाल विकास विभाग से सु चंद्रावती अमरुते भी उपस्थित रहीं।

इस प्रकार के कार्यक्रमों का उद्देश्य महिलाओं एवं किशोरियों को कानून और सुरक्षा तंत्र के प्रति जागरूक करना है, ताकि वे किसी भी समस्या या आपात स्थिति में निडर होकर पुलिस से सहायता प्राप्त कर सकें। ऐसे प्रयासों से समाज और पुलिस के बीच विश्वास मजबूत होता है तथा महिलाओं और बालिकाओं में आत्मविश्वास बढ़ता है।

 

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