samacharsecretary.com

कार्यस्थलों का नियमित निरीक्षण कर हर महीने प्रगति की समीक्षा के दिए निर्देश

रायपुर

लोक निर्माण विभाग के सचिव  मुकेश कुमार बंसल ने आज वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों, मैदानी अधिकारियों और ठेकेदारों की बैठक लेकर प्रदेश में निर्माणाधीन पुलों, फ्लाई-ओवर्स और रेलवे ओवर-ब्रिजेस के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने रायपुर के सिरपुर भवन स्थित सेतु परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता कार्यालय में आयोजित बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों को कार्यस्थलों का नियमित निरीक्षण कर हर महीने प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्धारित माइलस्टोन्स के अनुसार हर कार्य की समयबद्ध प्रगति सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्माण कार्यों पर कड़ी निगरानी रखते हुए कार्य में अपेक्षित प्रगति नहीं लाने वाले  ठेकेदारों पर त्वरित कार्रवाई करने को कहा। 

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने राज्य में निर्माणाधीन सभी पुलों की प्रगति की संभागवार और वर्षवार समीक्षा की। उन्होंने बस्तर में आरसीपीएलडब्लूए (RCPLWA) के अंतर्गत प्रगतिरत पुलों के कार्य हर हाल में दिसम्बर तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलों, फ्लाई-ओवर्स और रेलवे ओवर-ब्रिजेस के निर्माण के लिए प्रत्येक चरण और प्रक्रिया को निश्चित समयावधि में पूर्ण करने के लिए मुख्य अभियंता को एसओपी बनाने को कहा। उन्होंने इनका कड़ाई से पालन भी सुनिश्चित करने को कहा।

विभागीय सचिव ने पुलों के निर्माण के दौरान कार्यस्थलों पर सुरक्षा के सभी मानकों का पूरा ध्यान रखने को कहा, जिससे की जान-माल की कोई हानि न हो। उन्होंने पुलों, फ्लाई-ओवर्स और रेलवे ओवर-ब्रिजेस के निर्माण में सड़क सुरक्षा के सभी मापदंडों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मैदानी अधिकारियों को फील्ड में कार्यों का बारीकी से निरीक्षण कर ठेकेदारों द्वारा किए गए कार्यों के नियमित भुगतान करने को कहा। उन्होंने ठेकेदारों को हर महीने भुगतान करने को कहा।

 बंसल ने चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 और पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 के नए कार्यों की प्राथमिकता तय कर उनके प्राक्कलन 31 जुलाई तक भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने पहुंचविहीन गांवों तक बारहमासी कनेक्टीविटी के लिए पुलों के प्रस्ताव के साथ ही द्रुतगामी सड़कों में भी जहां पुलों की जरूरत है, उनके भी प्रस्ताव प्राथमिकता सूची में शामिल कर भेजने को कहा। उन्होंने कलेक्टरों के साथ समन्वय कर ब्लॉस्टिंग की अनुमति, भू-अर्जन, वन व्यपवर्तन, पेड़ कटाई तथा स्थल विवाद के लंबित मामलों का तेजी से निराकरण कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। इनका निराकरण नहीं होने की स्थिति में उच्च कार्यालयों को अवगत कराने को कहा, ताकि उच्च स्तर पर इनका समाधान निकाला जा सके। 

उन्होंने विभागीय अधिकारियों को जवाबदेही से काम करते हुए निर्माण सामग्री और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए समय-सीमा में पुलों के निर्माण पर जोर दिया। उन्होंने भारत सरकार के गतिशक्ति पोर्टल पर सभी पुलों की जानकारी 10 जुलाई तक अपलोड करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता  वी.के. भतपहरी, सेतु परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता  एस.के. कोरी और अधीक्षण अभियंता  डी.के. माहेश्वरी सहित सभी मंडलों के अधीक्षण अभियंता, सभी संभागों के कार्यपालन अभियंता तथा सभी उप संभागों के अनुविभागीय अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे।

स्काई-वॉक के संचालन-संधारण की कार्ययोजना बनाने के दिए निर्देश

 बंसल ने रायपुर में निर्माणाधीन स्काई-वॉक के कार्यों की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को इसके संचालन और संधारण की कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके चालू होने के बाद साफ-सफाई, रखरखाव और बिजली आपूर्ति की स्थायी और पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने इसके हैंड-ओवर के लिए नगर निगम से चर्चा करने के भी निर्देश दिए।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि स्काई-वॉक का काम इस साल दिसम्बर तक पूर्ण करने का लक्ष्य है। लोगों के चढ़ने-उतरने के लिए 1.2 किमी लंबाई के इस स्काई-वॉक में 9 एस्केलेटर्स और 4 लिफ्ट भी लगाए जाएंगे।

ठेकेदारों की बैठक लेकर समस्याओं की ली जानकारी, कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश

लोक निर्माण विभाग के सचिव  बंसल ने पुलों का निर्माण कर रहे ठेकेदारों की बैठक लेकर कार्य एवं कार्यस्थलों पर आ रही समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने अनुबंध के अनुसार निर्माण कार्यों में अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करने के साथ ही गुणवत्ता और समय पर कार्य पूर्णता में कोई समझौता नहीं करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों को मुख्य मार्गों से जोड़ने, लोगों के बारहमासी आवागमन और माल परिवहन की दृष्टि से पुलों के निर्माण बहुत महत्वपूर्ण हैं। इनके निर्माण में किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है। निर्धारित समयावधि में अच्छा काम होना चाहिए।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here