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जोधपुर कांकाणी केस: सलमान खान समेत अन्य आरोपियों की अपील पर राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई आगे बढ़ी

जोधपुर

जोधपुर के बहुचर्चित कांकाणी काला हिरण शिकार मामले में सोमवार को राजस्थान हाई कोर्ट में एक बार फिर हलचल देखने को मिली. बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान समेत अन्य फिल्मी सितारों से जुड़े इस चर्चित केस की सुनवाई न्यायाधीश रेखा बोराणा की अदालत में हुई.

 कोर्ट से तैयारी के लिए मांगा समय
सुनवाई के दौरान सलमान खान और अन्य कलाकारों सैफ अली खान, तब्बू, नीलम और सोनाली बेंद्रे की ओर से पेश अधिवक्ताओं ने अदालत से अतिरिक्त समय मांगा है. बचाव पक्ष का कहना था कि मामले से जुड़े कुछ दस्तावेजों, तथ्यों का और अध्ययन किया जाना बाकी है, इसलिए उन्हें तैयारी के लिए समय दिया जाए.

कोर्ट ने 13 जुलाई का दिया समय
राज्य सरकार की अपील और सलमान खान की सजा के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई होनी थी. अधिवक्ता महिपाल बिश्नोई ने बताया कि दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई को तय की है.

काला हिरण शिकार का मामला
साल 1998 में फिल्म 'हम साथ-साथ हैं' की शूटिंग के दौरान जोधपुर के कांकाणी गांव में काला हिरण शिकार का मामला सामने आया था. इस मामले में सलमान खान को 5 साल की सजा हुई थी.  मामले में सह आरोपी फिल्म अभिनेता सैफ अली खान, अभिनेत्री नीलम, तब्बू, सोनाली बेंद्रे और दुष्यंत सिंह को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया था.  

दो अपीलों पर सुनवाई हाेनी थी
इनके बरी होने पर राज्य सरकार की तरफ से 'लीव टू अपील' दायर की गई थी, इसके अलावा सलमान खान की ट्रांसफर पिटीशन पर भी सुनवाई हुई.   विश्नोई समाज के अधिवक्ता महिपाल विश्नोई ने बताया कि जस्टिस रेखा बोराणा की कोर्ट में दो मुख्य अपीलों में सुनवाई होनी थी. पहली अपील सलमान खान की ओर से अधीनस्थ कोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर की गई थी.  पूर्व में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट ने सलमान खान को 5 साल के कारावास और 25,000 रुपए के जुर्माने से दंडित किया था.  दूसरी अपील राज्य सरकार की ओर से सैफ अली खान, सोनाली बेंद्रे, तब्बू, नीलम और दुष्यंत सिंह को बरी किए जाने के खिलाफ पेश 'लीव टू अपील' में शामिल थी.

 सह-अभियुक्तों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया था. राज्य सरकार ने इन्हें बरी करने के आदेश को राजस्थान हाईकोर्ट में चुनौती दी है. एडवोकेट महिपाल विश्नोई ने बताया कि सलमान खान एवं सैफ अली खान के वकीलों ने बहस के लिए समय देने की मांग की, जिसे स्वीकार करते हुए हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई को 13 जुलाई को नियत की है.

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