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पश्चिमी सिंहभूम में मागे पर्व की धूम, आदिवासी समुदाय ने पारंपरिक वेशभूषा में की सुख-समृद्धि की कामना

 वेस्ट सिंघभूम
  झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम के नोवामुंडी प्रखंड अंतर्गत गुवा क्षेत्र के नुईया गांव में आदिवासी समुदाय के लोगों ने पूरे हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मागे पर्व मनाया. मागे पर्व पर लोग ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाचे. इस मौके पर पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला.

इन जगहों से लोग हुए शामिल
मागे पर्व के मौके पर जगन्नाथपुर, चाईबासा और दुरदरा सहित आसपास के क्षेत्रों से भी मेहमान पहुंचे और इस पारंपरिक पर्व में शामिल होकर खुशी साझा की. दूर-दराज से आए लोगों की मौजूदगी ने उत्सव की रौनक को और बढ़ा दिया.

पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक झलक
इस दौरान बच्चे, बुजुर्ग, युवक और महिलाएं सभी पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए. लोगों ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर जमकर नृत्य किया. इस मौके पर पूरे गांव में उत्साह और उमंग का वातावरण बना रहा.

पुजारी ने की पूजा-अर्चना
गांव के पुजारी ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना कर गांव की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की. इस पर्व के माध्यम से आदिवासी समुदाय ने अपनी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया. मागे पर्व का यह आयोजन आपसी भाईचारे, एकता और सांस्कृतिक विरासत को संजोए रखने का संदेश देता है.

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