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एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई, चिटफंड फ्रॉड केस में देवेंद्र प्रकाश तिवारी दबोचा गया

 आगरा

हरिद्वार में चिट फंड के नाम पर हजारों लोगों से धोखाधड़ी करके आठ वर्ष से फरार 50 हजार के इनामी देवेंद्र प्रकाश तिवारी को यूपी और उत्तराखंड एसटीएफ ने बुधवार की रात डौकी क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।

आरोपित डौकी क्षेत्र के नदौता गांव में अपने एक परिचित से मिलने आया था। उसके विरुद्ध हरिद्वार के ज्वालापुर थाने में वर्ष 2018 में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज हुआ था। आरोपित को बुधवार रात डौकी थाने में दाखिल किया गया।

उत्तराखंड एसटीएफ उसे अपने साथ हरिद्वार लेकर जाएगी। कानपुर के थाना नौबस्ता की आवास विकास कालोनी स्थित हंसपुरम कालोनी देवेंद्र प्रकाश तिवारी की यूपी और उत्तराखंड एसटीएफ को आठ वर्ष से तलाश थी।

एसटीएफ कानपुर इकाई को बुधवार रात देवेंद्र प्रकाश की लोकेशन लखनऊ एक्सप्रेसवे से लगे डौकी के गांव नदौता के पास मिली। जिसके बाद उत्तराखंड और यूपी एसटीएफ की कानपुर इकाई की संयुक्त टीम ने घेराबंदी करके आरोपित को दबोच लिया।

पूछताछ में आरोपित देवेंद्र प्रकाश ने बताया कि वर्ष 2006 से 2009 तक जीसीए कंपनी में डिस्ट्रीब्यूटर व जीसीए कंपनी के आयुर्वेदिक उत्पाद बेचने का काम किया। परिचित अनिल कुमार तिवारी ने शिवम शीतगृह नाम से एक कंपनी बनाई थी।

जिसमें अनिल तिवारी व उसकी पत्नी सरोज तिवारी निदेशक थे। वर्ष 2010 में शिवम शीतगृह का नाम बदल कर धेनू ग्रीन गार्डन मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड कर दिया। जिसमें देवेंद्र तिवारी को भी निदेशक बनाया। कंपनी वर्ष 2011 तक चली।

जिसके बाद धेनू ग्रीन इंडिया नाम से दूसरी कंपनी बनाई। इसमें उसे निदेशक बनाया गया। कंपनी का कार्यालय ज्वालापुर हरिद्वार मे बनाया था।

आरोपित अनिल कुमार तिवारी द्वारा वर्ष 2012 में धेनू विज्ञान अनुसंधान संस्थान नाम से एक एनजीओ बनाया, जो 2017 तक चला।कंपनी में निवेश के नाम पर हजारों लोगो को लाभ का लालच देकर उनसे निवेश कराया गया।

वर्ष 2018 में कंपनी द्वारा की गई धोखाधड़ी के चलते थाना ज्वालापुर हरिद्वार में मुकदमा दर्ज काया गया था। थानाध्यक्ष डौकी सुनीत शर्मा ने बताया कि आरोपित काे डौकी क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है।

 

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