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मोहन सरकार में मंत्रिमंडल में बदलाव, इन नामों को मिल सकता है मौका!

इंदौर 

 मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निवास पर दो दिन पहले हुई एक महत्वपूर्ण बैठक को लेकर कवायद शुरू हो गई है जिसे मंत्रिमंडल के विस्तार से भी जोड़ा जा रहा है। माना जा रहा है कि सरकार में मंत्रियों का कोरम पूरा हो जाएगा। इसमें बड़ा फेरबदल होने की भी संभावनाएं जताई जा रही है जिसमें नई मंत्री बनाए जाने के साथ कुछ की छुट्टी भी तय मानी जा रही है।

मध्य प्रदेश में डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार को ढाई साल होने जा रहे हैं। इस बीच मंत्रिमंडल के विस्तार की चर्चाओं ने भी जोर पकड़ लिया है। वर्तमान में 31 मंत्री हैं, जबकि 35 बनाए जा सकते हैं। चार पदों को भरा जाएगा जिसके साथ कुछ मंत्रियो को मुक्त करके नए बनाए जाने की भी बात सामने आ रही है।

भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की भी मंजूरी
इस बात को मजबूत यूं भी माना जा रहा है कि दो दिन पहले डॉ. मोहन यादव के निवास पर एक समन्वय समिति की बैठक हुई थी जिसमें संघ के कई बड़े दिग्गज नेता मौजूद थे और माना जाता है कि कोई भी बड़े फैसले से पहले समिति में बात रखी जाती है। इस बात से मुख्यमंत्री डॉ. यादव के पिछले दिनों दिल्ली के लगातार दौरे को भी जोड़कर देखा जा रहा है जिसमें भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की भी मंजूरी मानी जा रही है। 

रिपोर्ट के मुताबिक ये भी कहानी सामने आ रही है कि मंत्रिमंडल विस्तार में इंदौर का नाम भी है जिसमें मालिनी गौड़ प्रमुखता से है तो दूसरे पायदान पर मनोज पटेल है।

हालांकि विधायक उषा ठाकुर भी खासा प्रयास कर रही हैं जिसके लिए उन्होंने भोपाल-दिल्ली एक कर रखा है। उनके अलावा संभाग से अर्चना चिटनीस का नाम भी है। वहीं भूपेंद्र सिंह, गोपाल भार्गव, बृजेंद्र सिंह यादव और रीति पाठक के नाम भी मंत्री बनने वाले विधायकों की फेहरिस्त में हैं। ये नाम तो मंत्री बनने के दावेदारों के है, लेकिन कुछ नाम ऐसे दिग्गजों के भी हैं जिनके इस्तीफे भी हो सकते हैं।

संतुलन बनाने का होगा प्रयास
मंत्रिमंडल विस्तार में जातिगत और क्षेत्रीय संतुलन बनाने का भी प्रयास किया जाएगा। हालांकि निगम मंडल और प्राधिकरणों में जो नियुक्ति हो रही है जिसमें मोहन सरकार व भाजपा का संगठन इस बात का बारीकी से ध्यान रख रहा है। भविष्य में होने वाले चुनाव को लेकर भी अभी से बिसात जमाई जा रही है ताकि सभी वर्गों की नाराजगी को दूर किया जा सके।

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