samacharsecretary.com

दुग्ध स्वर्ण महोत्सव-2026: योगी सरकार के विजन से डेयरी सेक्टर को मिली नई रफ्तार

दुग्ध स्वर्ण महोत्सव-2026: योगी सरकार के विजन से डेयरी सेक्टर को नई रफ्तार

50 वर्ष पूरे होने पर इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में भव्य आयोजन, 5,000 करोड़ के मिले निवेश प्रस्ताव

महोत्सव में 10 हजार से अधिक पशुपालकों की रही भागीदारी, 139 लाभार्थियों के खाते में गई धनराशि

प्रदेश सरकार की योजनाओं, तकनीक और निवेश से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही मजबूती

लखनऊ
 लखनऊ में दुग्धशाला विकास विभाग के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित ‘दुग्ध स्वर्ण महोत्सव-2026’ न केवल उपलब्धियों का उत्सव रहा, बल्कि योगी आदित्यनाथ सरकार के उस व्यापक विजन का भी प्रदर्शन बना, जिसके केंद्र में डेयरी सेक्टर को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत धुरी बनाना है। दो दिवसीय इस आयोजन में हजारों पशुपालकों, उद्यमियों और निवेशकों की सक्रिय भागीदारी के बीच जहां 5,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर सहमति बनी, वहीं योजनाओं के जरिए किसानों की आय बढ़ाने, आधुनिक तकनीक के प्रसार और ‘गौ से ग्राहक तक’ की समग्र व्यवस्था को सशक्त करने का स्पष्ट रोडमैप भी सामने आया।

महोत्सव में प्रदेशभर से करीब 10 हजार पशुपालकों, दुग्ध उत्पादकों और निवेशकों की सक्रिय भागीदारी रही। वहीं वेबकास्टिंग और लाइव यूट्यूब के माध्यम से देश-विदेश के लाखों गोपालकों और उद्यमियों को भी जोड़ा गया, जहां विशेषज्ञों ने योजनाओं, नवीन तकनीकों, स्वदेशी नस्ल के गो पालन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।

139 लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से धनराशि हस्तांतरित
पशुधन, दुग्ध विकास एवं राजनीतिक पेंशन मंत्री धर्मपाल सिंह ने कार्यक्रम में विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाले पशुपालकों एवं उद्यमियों को सम्मानित किया। साथ ही वर्ष 2024-25 के नन्द बाबा पुरस्कार के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जनपदों से चयनित 139 लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से धनराशि हस्तांतरित की गई। इस दौरान निजी क्षेत्र के उद्यमियों ने स्टॉल के माध्यम से दुग्ध उत्पादों एवं नवीन तकनीकों का प्रदर्शन किया, जबकि नन्द बाबा दुग्ध मिशन और दुग्ध नीति-2022 से लाभान्वित पशुपालकों, उत्पादकों और निवेशकों की सफलता की कहानियों पर आधारित संग्रह पुस्तिका का भी विमोचन किया गया।

देश में दुग्ध उत्पादन में अग्रणी है यूपी
कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव पशुपालन, दुग्ध विकास एवं मत्स्य पालन मुकेश कुमार मेश्राम ने अतिथियों एवं पुरस्कार विजेताओं का स्वागत करते हुए स्वदेशी नस्ल के गोपालन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती का आधार बताया और विभागीय योजनाओं के बहुआयामी लाभों से पशुपालकों के जीवन स्तर में आए बदलावों पर प्रकाश डाला। वहीं दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी के. ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश में दुग्ध उत्पादन में अग्रणी है और इसे बनाए रखने के लिए राज्य सरकार किसानों को सुनिश्चित बाजार, पारदर्शी मूल्य और स्थायी आय उपलब्ध करा रही है। उन्होंने बताया कि नन्द बाबा दुग्ध मिशन और दुग्ध नीति-2022 के माध्यम से ‘गौ से ग्राहक तक’ की सुदृढ़ व्यवस्था विकसित कर गुणवत्तापरक उत्पादन और वैश्विक स्तर के दुग्ध उत्पाद सुनिश्चित किए जा रहे हैं।

अब तक 25,000 करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू
उत्तर प्रदेश में डेयरी क्षेत्र आज ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ के रूप में उभरकर सामने आया है, जो न केवल बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन कर रहा है, बल्कि राज्य के सकल मूल्य वर्धन (जीएसवीए) में लगभग 1.72 लाख करोड़ रुपये का महत्वपूर्ण योगदान भी दे रहा है। विभाग द्वारा अब तक 25,000 करोड़ रुपये से अधिक के 796 एमओयू किए जा चुके हैं, जिनसे 60,000 से अधिक रोजगार सृजन का मार्ग प्रशस्त हुआ है। ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी-5.0 के तहत 2,000 करोड़ रुपये की 72 परियोजनाएं शुरू की गईं, जबकि 3,000 करोड़ रुपये से अधिक के 59 नए निवेश प्रस्तावों से 13,000 अतिरिक्त रोजगार की संभावना है। वहीं नन्द बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत 10,000 से अधिक लाभार्थियों को 84 करोड़ रुपये की अनुदान राशि डीबीटी के माध्यम से वितरित की गई है और 4,000 से अधिक दुग्ध सहकारी समितियों के जरिए करीब 1.5 लाख दुग्ध उत्पादकों को जोड़ा गया है, जिससे किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस प्रगति दर्ज हुई है।

लाभार्थियों ने भी अपने सफल मॉडल प्रस्तुत किए
कार्यक्रम में सहकारिता विभाग एवं सीएसए विश्वविद्यालय द्वारा स्वदेशी उन्नत नस्लों के पालन के महत्व पर प्रस्तुति दी गई, जबकि देश के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञों और उद्यमियों ने डेयरी क्षेत्र में अपने अनुभव एवं नवाचार साझा किए। इस दौरान नन्द बाबा दुग्ध मिशन और दुग्ध नीति-2022 के लाभार्थियों ने भी अपने सफल मॉडल प्रस्तुत किए। वहीं मंत्री धर्मपाल सिंह ने दुग्ध स्वर्ण महोत्सव एवं डेयरी एक्सपो में पारस, ज्ञान, नमस्ते इंडिया, अमूल समेत कई प्रमुख निजी डेयरी कंपनियों के स्टॉल का अवलोकन किया, जहां आधुनिक उत्पादों और तकनीकों का प्रदर्शन किया गया। कुछ कंपनियों ने इस अवसर पर नए उत्पाद भी लॉन्च किए, जबकि विभिन्न मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियों ने भी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here