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32 साल बाद फिर सिनेमाघरों में लौटेगी ‘मोहरा’, नसीरुद्दीन शाह के खतरनाक किरदार ने बनाया था यादगार

90 के दशक की बात ही कुछ और थी, जब फिल्में सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि सिनेमाघरों में त्योहार की तरह होती थीं. राजीव राय के निर्देशन में बनी साल 1994 की ब्लॉकबस्टर एक्शन थ्रिलर 'मोहरा' आज भी लोगों के जेहन में ताजा है. अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी और रवीना टंडन जैसे सितारों से सजी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया था.

लेकिन क्या आप जानते हैं कि महज चार करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म के करोड़ों कमाने के पीछे असली वजह कोई एक्शन हीरो नहीं, बल्कि एक ऐसा शातिर विलेन था जो पर्दे पर खुद को गरीब और लाचार अंधा समाजसेवक दिखाता था? जी हां, हम बात कर रहे हैं दिग्गज एक्टर नसीरुद्दीन शाह की, जिनके निभाए गए 'मिस्टर जिंदल' के किरदार ने इस फिल्म को इतिहास के पन्नों में अमर कर दिया.

सबसे हटकर और खौफनाक विलेन
उस दौर की फिल्मों के विलेन आमतौर पर काफी आक्रामक होते थे, जिनका लुक देखते ही डर पैदा कर देता था, जैसे गब्बर सिंह या मोगैम्बो को ही ले लीजिए. लेकिन 'मोहरा' में मेकर्स ने एक ऐसा दांव खेला जो किसी ने नहीं सोचा था. नसीरुद्दीन शाह ने फिल्म में मिस्टर जिंदल नाम के एक ऐसे मीडिया टाइकून का रोल निभाया, जो पर्दे पर बिल्कुल सीधा, शांत नजर आता था और जो दृष्टिहीन था. कोई सपने में भी नहीं सोच सकता था कि एक ऐसा इंसान जो अपनी आंखों से देख नहीं सकता, वो शहर का सबसे खतरनाक क्रिमिनल मास्टरमाइंड हो सकता है. उनकी इसी खौफनाक एक्टिंग ने दर्शकों को सिनेमाघरों में हैरान कर दिया था.

कैसे बुना गया था धोखाधड़ी का पूरा जाल?
फिल्म में जिंदल अपनी इसी लाचारी और अंधेपन का ऐसा शानदार ढोंग रचता है कि जेल में बंद विशाल अग्निहोत्री (सुनील शेट्टी) पूरी तरह उसके झांसे में आ जाता है. विशाल अपनी पत्नी और बहन की मौत का बदला लेना चाहता था और जिंदल उसे समाज की गंदगी साफ करने के नाम पर अपने ही दुश्मनों को रास्ते से हटाने के लिए इस्तेमाल करने लगता है. जिंदल उसे अपने एक 'मोहरे' की तरह चलाता है. इस दौरान पुलिस इंस्पेक्टर अमर सक्सेना (अक्षय कुमार) जब मामलों की तह तक पहुंचते हैं, तब जाकर उस भयानक साजिश का पर्दाफाश होता है. फिल्म के क्लाइमैक्स से पहले जब यह सच सामने आता है कि असली खूनी और विलेन कोई और नहीं बल्कि वही अंधा नसीरुद्दीन है, तो देखने वालों के होश उड़ जाते हैं.

बॉक्स ऑफिस पर 'मोहरा' का धमाका
एक जुलाई 1994 को रिलीज हुई इस फिल्म का जादू जनता के सिर चढ़कर बोला था. फिल्म में नसीरुद्दीन शाह का वह आइकॉनिक डायलॉग- 'एक चीज मांगो, तो सौ चीज देता हूं मैं' आज भी लोगों की जुबान पर है. गुलशन राय द्वारा निर्मित इस फिल्म ने अपने महज चार करोड़ के छोटे से बजट के मुकाबले दुनियाभर में करीब 23 करोड़ रुपये की धमाकेदार कमाई की थी. यह साल 1994 की दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली और सबसे बड़ी हिट फिल्मों में गिनी गई. हालांकि फिल्म की इस अपार सफलता में इसके गानों (जैसे 'तू चीज बड़ी है मस्त मस्त') के साथ-साथ बेहतरीन सस्पेंस और विलेन के दमदार किरदार का बहुत बड़ा हाथ था.

अब 32 साल बाद सिनेमाघरों में होगी वापसी
दशकों पुराना यह कल्ट क्लासिक अब एक बार फिर से बड़े पर्दे पर तहलका मचाने के लिए पूरी तरह तैयार है. 'मोहरा' अपनी रिलीज के 32 साल बाद यानी 6 नवंबर 2026 को नए और बेहतर (रीमास्टर्ड) रूप में सिनेमाघरों में लौट रही है. हालांकि, इस बार बॉक्स ऑफिस पर इसका मुकाबला एक बहुत बड़े प्रोजेक्ट से होने वाला है. ठीक इसी समय, यानी 5 नवंबर 2026 को नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही फिल्म 'रामायण: पार्ट 1' भी रिलीज हो रही है, जिसमें रणबीर कपूर, साई पल्लवी और यश जैसे दिग्गज कलाकार नजर आने वाले हैं.

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