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अब स्कूल से गायब हुए तो तुरंत घर पहुंचेगा मैसेज, चंडीगढ़ के 111 सरकारी स्कूलों में नई व्यवस्था

चडीगढ़.

घर से निकलकर स्कूल न जाने के बजाय पार्कों या मार्केट्स में घूमना अब आसान नहीं होगा। स्कूल बंक करते ही तुरंत अभिभावकों के पास मैसेज पहुंच जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों की अटेंडेंस को स्कूल मैनेजमेंट इन्फॉर्मेशन सिस्टम (एसएमआईएस) से जोड़ दिया है।

यह व्यवस्था 111 सरकारी स्कूलों के करीब 1.70 लाख छात्रों के लिए लागू की गई है। अब कोई विद्यार्थी सुबह गैरहाजिर पाया जाता है तो माता-पिता के मोबाइल नंबर पर टेक्स्ट मैसेज भेजा जाएगा। स्कूल शुरू होने के करीब एक घंटे के अंदर अभिभावकों को पता चल जाएगा कि उनका बच्चा स्कूल पहुंचा है या नहीं। स्कूल शिक्षा विभाग के डायरेक्टर नितिश सिंगला का कहना है कि नई व्यवस्था से स्कूल बंक करने वाले विद्यार्थियों पर नजर रखने के साथ-साथ माता-पिता और शिक्षकों के बीच बेहतर तालमेल बनाने में मदद मिलेगी। कई बार विद्यार्थी स्कूल पहुंचने से पहले ही पार्कों या मार्केट में चले जाते हैं। कुछ स्कूल के समय बाहर बैठकर मस्ती करते हैं और क्लास छोड़ देते हैं। माता-पिता को अकसर यह पता नहीं चलता था कि उनका बच्चा स्कूल पहुंचा है या नहीं। स्कूल की ओर से भी गैरहाजिर छात्र की जानकारी तुरंत माता-पिता तक नहीं पहुंच पाती थी। अब नई व्यवस्था के जरिए इस समस्या को दूर करने की कोशिश की गई है।

स्कूल मैनेजमेंट इन्फॉर्मेशन सिस्टम को छात्रों की अटेंडेंस से जोड़ा गया है। दाखिले के समय स्कूल रिकॉर्ड में दर्ज माता-पिता के मोबाइल नंबर पर टेक्स्ट मैसेज भेजकर बताया जाएगा कि छात्र स्कूल में मौजूद नहीं है। इससे छात्रों की गतिविधियों पर नजर रखना आसान होगा। नई व्यवस्था के तहत छात्रों को सुबह की प्रार्थना सभा के बाद अटेंडेंस के समय क्लास में मौजूद रहना होगा। छात्र स्कूल समय के दौरान बाहर जाना चाहता है तो माता-पिता की अनुमति जरूरी होगी। बिना अनुमति गेट पार नहीं करने दिया जाएगा। इसका मकसद स्कूल के समय छात्रों की गतिविधियों पर नजर रखना और सुरक्षा सुनिश्चित करना है।  इस तरह की अटेंडेंस व्यवस्था ज्यादातर निजी स्कूलों में पहले से लागू थी। अब स्कूल शिक्षा विभाग ने इसे सरकारी स्कूलों में भी शुरू कर दिया है। 

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