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‘मोहब्बत की दुकान’ पर सियासी तकरार, रामलीला मैदान की रैली को लेकर राहुल गांधी से व्यापारियों की गुहार

 नई दिल्ली

दिवाली से ठीक पहले दिल्ली के व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा है, दिल्ली में व्यापारियों और उद्यमियों के शीर्ष संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने शनिवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी से अपील करते हुए कहा, 'राजनीति के बाजार में व्यापारियों की मोहब्बत की दुकानें बंद मत कीजिए। 

CTI ने कहा, 'आप हमेशा बोलते हैं कि मैं नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान चलाता हूं, हमारी दुकानें भी ग्राहकों के साथ आपसी विश्वास, प्यार और मोहब्बत के आधार पर ही चलती हैं. इसलिए हम आपसे निवेदन करते हैं कि भारत के सबसे बड़े त्यौहार दिवाली के पीक सीजन में हमारी मोहब्बत की दुकानें और व्यापार रैली की भेंट ना चढ़ जाए। 

CTI चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा, 'ये पोस्टर राहुल गांधी जी के लिए आईना है, आप भारत जोड़ो यात्रा में मोहब्बत की दुकान खोलने की बात करते हैं, लेकिन दिल्ली में हमारी 300 साल पुरानी मोहब्बत की दुकानें रैली के कारण बंद करवा रहे हैं। 

उन्होंने कहा, 'चांदनी चौक की परांठे वाली दुकान, खारी बावली के मसाले, सदर की चूड़ी-बिंदी, चांदनी चौक का लहंगा, दरियागंज का एसी, चावड़ी बाजार की सेनिटरी, करोल बाग की मशहूर कुल्फी, ये सब मोहब्बत की दुकानें ही तो हैं. एक-एक दुकान पर 10-20 लोगों का परिवार चलता है। 

रामलीला मैदान से जुड़े 20 बाजारों में महा-अभियान
CTI ने ऐलान किया है कि आज से ये पोस्टर रामलीला मैदान के 5 किलोमीटर के दायरे में आने वाले 20 बड़े थोक बाजारों में लगाया जाएगा। इनमें चांदनी चौक, सदर बाजार, खारी बावली, भागीरथ पैलेस, नया बाजार, चावड़ी बाजार, कश्मीरी गेट, दरियागंज, कनॉट प्लेस, करोल बाग, नबी करीम, पहाड़गंज, अजमेरी गेट, लाहौरी गेट, जनपथ, पालिका बाजार, बल्लीमारान और किनारी बाजार शामिल हैं। 

रामलीला मैदान के चारों तरफ ही ये बाजार हैं, 10 लाख लोग और 20 हजार गाड़ियां आएंगी तो सबसे पहले इन्हीं 20 बाजारों में ताले लगेंगे। बृजेश गोयल ने कहा कि 1 नवंबर को (धनतेरस से कुछ दिन पहले) रामलीला मैदान में 10 लाख लोगों की रैली के आयोजन से सोचिए क्या होगा. रामलीला मैदान में 100 बस की भी पार्किंग नहीं है. 20 लाख व्यापारियों का 10 से 12 हजार करोड़ का कारोबार ठप पड़ जाएगा. 75 लाख लोगों की रोजी-रोटी पर असर पड़ेगा। 

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