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CG में कैबिनेट विस्तार की तैयारी? हर संभाग से एक मंत्री बनाने की चर्चा

रायपुर
छत्तीसगढ़ की सियासत में एक बार फिर से मंत्रिमंडल के विस्तार की अटकलें लग रही है। दावा किया जा रहा है कि प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी के दौरे के बाद फेरबदल की स्थिति साफ हो जाएगी। पिछले सात-आठ महीनों से रायपुर से लेकर दिल्ली तक इस तरह की अटकलें रुक-रुक कर सामने आती रही हैं।

सूत्रों के अनुसार, मंत्रिमंडल में फेरबदल के पीछे मुख्य रूप से क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन को साधना है। फेरबदल में हर संभाग से एक मंत्री बनाने की अटकलें लग रही हैं। सरगुजा संभाग से कुछ मौजूदा मंत्रियों के विभागों में बदलाव या फेरबदल की चर्चाएं सबसे आगे हैं। वहीं, आदिवासी बहुल बस्तर संभाग से दो नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की संभावना है।

सियासी अटकलें तेज
सूत्रों के अनुसार, बिलासपुर और अन्य मैदानी संभागों में भी क्षेत्रीय व सामाजिक समीकरणों को साधने के लिए नए चेहरों को मौका मिलने और कुछ मौजूदा मंत्रियों की विदाई या विभागों की अदला-बदली की अटकलें बाजार में गर्म हैं। केंद्र में इस बात पर भी जोर है कि सरकार और संगठन के बीच तालमेल को बेहतर करने के लिए कुछ पुराने और अनुभवी चेहरों की दोबारा वापसी हो सकती है।

संघ पृष्ठभूमि और प्रशासनिक अनुभव रखने वाले नेताओं को लेकर राजनीतिक गलियारों में सुगबुगाहट बनी हुई है। इसके साथ ही कुछ नए विधायकों को भी मंत्रिमंडल में जगह मिलने की बातें कही जा रही हैं। हालांकि, ये तमाम बातें फिलहाल राजनीतिक सूत्रों, अंदरखाने की चर्चाओं और कयासों पर ही आधारित हैं। आधिकारिक तौर पर इस संबंध में कोई घोषणा नहीं की गई है।

चार नेताओं के नाम की चर्चा
इन तमाम चर्चाओं के बीच संभावित चेहरों और नामों को लेकर भी राजनीतिक गलियारों में सुगबुगाहट तेज हो गई है। जानकारों के अनुसार, जिन चार नए और संभावित चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल करने की अटकलें लगाई जा रही हैं, वे अलग-अलग संभागों से आते हैं। इसके साथ ही, पूर्व मंत्री और अनुभवी नेताओं को मौका दिने की बात कही जा रही है।

25 अक्टूबर को पहुंचेंगी स्मृति ईरानी
भाजपा की नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी का 25 अक्टूबर से दो दिवसीय दौरान प्रस्तावित है। स्मृति ईरानी के दौरे से पहले कैबिनेट में फेरबदल की चर्चा को अहम माना जा रहा है। स्मृति ईरानी अपने छत्तीसगढ़ दौरे में राजधानी रायपुर के कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में मुख्यमंत्री, मंत्रियों, पार्टी पदाधिकारियों और वरिष्ठ नेताओं के साथ मैराथन बैठकें करेंगी।

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