samacharsecretary.com

प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना से राजनांदगांव का साहू परिवार बना ऊर्जा आत्मनिर्भर, बिजली बिल से मिली राहत

प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना से राजनांदगांव का साहू परिवार बना ऊर्जा आत्मनिर्भर

3-3 किलोवाट के दो सोलर रूफटॉप प्लांट से बिजली बिल हुआ शून्य, अतिरिक्त आय का भी खुला रास्ता

रायपुर,
प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना प्रदेश में ऊर्जा आत्मनिर्भरता और हरित ऊर्जा को नई गति दे रही है। राजनांदगांव जिले के ग्राम गठुला का साहू परिवार इस योजना का लाभ लेकर न केवल अपना बिजली बिल शून्य करने में सफल हुआ है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा अपनाने की प्रेरक मिसाल भी बन गया है।

ग्राम गठुला में टीकम होटल का संचालन करने वाले श्री अंकालु राम साहू और उनके पुत्र श्री कुंदन साहू ने अपने घर पर 3-3 किलोवाट क्षमता के दो सोलर रूफटॉप प्लांट स्थापित किए। होटल व्यवसाय के कारण प्रतिमाह 4 से 5 हजार रुपये तक का बिजली बिल आता था, जिसे कम करने के लिए उन्होंने सौर ऊर्जा को अपनाया।

साहू परिवार ने योजना के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर पंजीकृत वेंडर के माध्यम से सोलर प्लांट स्थापित कराया। दोनों प्लांटों की कुल लागत लगभग 4 लाख रुपये रही, जिसमें केंद्र एवं राज्य शासन से कुल 2 लाख 16 हजार रुपये की सब्सिडी सीधे बैंक खाते में प्राप्त हुई। इससे उनकी लागत में उल्लेखनीय कमी आई।

सोलर प्लांट शुरू होने के बाद परिवार का बिजली बिल लगभग शून्य हो गया है। नेट मीटरिंग व्यवस्था के तहत अतिरिक्त उत्पादित बिजली ग्रिड में भेजी जा रही है, जिससे भविष्य में अतिरिक्त आय की भी संभावना बनी है। अब साहू परिवार केवल बिजली का उपभोक्ता नहीं, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादक भी बन गया है।
साहू परिवार ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना आम नागरिकों के लिए आर्थिक बचत, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी माध्यम है।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर रूफटॉप प्लांट लगाने पर केंद्र एवं राज्य शासन द्वारा आकर्षक सब्सिडी के साथ राष्ट्रीयकृत बैंकों के माध्यम से रियायती ब्याज दर पर ऋण सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे अधिक से अधिक परिवार स्वच्छ एवं सस्ती ऊर्जा से जुड़ रहे हैं।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here