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दिल्ली में हर घर में स्मोक डिटेक्टर और स्प्रिंकलर अनिवार्य करने की सिफारिश

नई दिल्ली
राजधानी दिल्ली में आग की बढ़ती घटनाओं पर काबू पाने के लिए दिल्ली फायर डिपार्टमेंट ने हर घर में स्मोक डिटेक्टर, वॉटर स्प्रिंकलर लगाना अनिवार्य करने की सिफारिश की है। विभाग का मानना है कि अगर ऐसा होता है तो आग से हो रही मौतों पर 97 फीसदी तक काबू पाया जा सकता है। फायर डिपार्टमेंट ने आग से निपटने के लिए अगले 25 साल की तैयारियों के लिए मास्टर प्लान भी तैयार कर लिया है।

विवेक विहार की घटना के बाद सीएम ने खुद संभाली थी कमान
फायर विभाग के सूत्रों की मानें तो अगले एक-दो दिन में इसे होम डिपार्टमेंट के पास भेज दिया जाएगा। बता दें कि विवेक विहार की घटना के बाद सीएम रेखा गुप्ता ने विभागों के साथ बैठक कर आग से निपटने के लिए फायर मास्टर प्लान बनाने का निर्देश दिया था। फायर डिपार्टमेंट की माने तो अगर यह दावा लागू हुआ तो 97 फीसदी तक मौत का आंकड़ा घट जाएगा।

दिल्ली के चीफ फायर ऑफिसर ए. के. मलिक के मुताबिक एक-दो दिन में इस मास्टर प्लान को होम डिपार्टमेट के पास भेज दिया जाएगा और मालवीय नगर जैसी घटनाओं में आग से होने वाली मौत को रोकने के लिए कुछ जरूरी कदम उठाने होंगे। उसी को लेकर हमने सरकार को कुछ सिफारिशें भेजी हैं, जिससे आग से हो रही मौतों में 97 फीसदी की कमी लाई जा सकती है।

दिल्ली के हर घर में स्मोक डिटेक्टर, वॉटर स्प्रिंकलर अनिवार्य करने पर जोर
इसके लिए सबसे पहले हर घर में स्मोक डिटेक्टर, वॉटर स्प्रिंकलर अनिवार्य करने के साथ-साथ विल्डिंग में सीढ़ियों के आस-पास बिजली के मीटर लगाने और बिल्डिंग के बेसमेंट या स्टिल्ट पार्किंग में एग्जिट गेट के पास EV चार्जिग पॉइंट पर रोक लगानी होगी।

उन्होंने कहा कि ज्यादातर आग की घटनाएं बिजली मीटर के या EV चार्जिंग पॉइंट के साथ हो रही है। इससे आग लगने के बाद लोग बाहर नहीं निकल पाते है। उन्होंने कहा कि पहले से बने घरों में स्मोक डिटेक्टर लगाने के लिए सरकार को प्रोत्साहित करने के लिए भी योजना लानी चाहिए।

स्मोक डिटेक्टर, वॉटर स्प्रिंकलर हो तो लोग आग फैलने से पहले खुद को बचा सकते हैं। इससे कैजुएलटी पर काबू पाया जा सकता है। दिल्ली में अभी आग से हर साल करीब 100 लोगों की मौत हो जाती है। इस साल ही जनवरी से जून में अब तक 66 से अधिक लोगों की आग के कारण मौत हो चुकी है।

 

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