samacharsecretary.com

जाम से मिलेगी मुक्ति, योगी सरकार ने जारी की नई ट्रैफिक गाइडलाइन और नियम तोड़ने पर ₹20,000 तक का जुर्माना

लखनऊ

उत्तर प्रदेश में ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। खासतौर पर स्कूल और कॉलेज की छुट्टी के समय लगने वाले जाम को देखते हुए नई गाइडलाइन जारी की गई है।

डीजीपी राजीव कृष्ण ने “सिटी रिड्यूसिंग ट्रैफिक कंजेशन स्कीम (CRTC)” के तहत 20 शहरों के 172 रास्तों के लिए नियम बनाए हैं। अब स्कूलों और आसपास के दफ्तरों की छुट्टी एक साथ नहीं होगी, बल्कि उनमें कम से कम 15 मिनट का अंतर रखा जाएगा।

क्या हैं नए नियम?
व्यस्त चौराहों और तिराहों के 100 मीटर के दायरे को खाली रखना होगा, इस क्षेत्र में सवारी बैठाने या उतारने की अनुमति नहीं होगी, पीक टाइम में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा, रूट मार्शल की व्यवस्था की जाएगी, ट्रैफिक को तेज और सुचारु बनाने पर जोर दिया जाएगा।

किन शहरों में लागू होंगे नियम?
ये गाइडलाइन कुल 20 बड़े शहरों में लागू होंगी। जिनमें आगरा, आजमगढ़, अलीगढ़, अयोध्या, बांदा, बरेली, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, गोरखपुर, गोंडा, झांसी, कानपुर, लखनऊ, मथुरा, मेरठ, मिर्जापुर, मुरादाबाद, प्रयागराज, सहारनपुर, वाराणसी शामिल है।
 
लखनऊ के प्रमुख जाम वाले रूट
लखनऊ में कई रास्तों को चिन्हित किया गया है, जैसे: जुनाबगंज से चारबाग, अयोध्या रोड से चारबाग, बख्शी का तालाब से पॉलिटेक्निक, मड़ियांव से हजरतगंज, ट्रांसपोर्टनगर से कमता, अवध चौराहा से दुबग्गा।

कितना लगेगा जुर्माना?
नो एंट्री तोड़ने पर: ₹20,000
नो पार्किंग (पहली बार): ₹500, बाद में ₹2000
गलत दिशा में वाहन चलाने पर: ₹2000

जाम की स्थिति
एक सर्वे के मुताबिक, लखनऊ के कुछ रास्तों पर पीक टाइम में यात्रा का समय 10 से 15 गुना तक बढ़ जाता है। खासकर दोपहर और शाम के समय जाम सबसे ज्यादा रहता है। वहीं, डीजीपी राजीव कृष्ण के अनुसार, स्कूल और दफ्तर एक साथ बंद होने से ही सबसे ज्यादा जाम लगता है। इसलिए छुट्टी का समय अलग-अलग करने का फैसला लिया गया है, जिससे ट्रैफिक कम होगा और लोगों को राहत मिलेगी। सरकार ने साफ निर्देश दिए हैं कि नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। उम्मीद है कि इस नई व्यवस्था से छात्रों, अभिभावकों और आम लोगों को रोजाना लगने वाले जाम से राहत मिलेगी।
 

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here