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जेल से छूटते ही फिर शुरू किया नशे का काला खेल, गुमला पुलिस ने चर्चित होटल मालिकों को किया गिरफ्तार

 गुमला  

झारखंड के गुमला जिले में नशे के खिलाफ चल रही मुहिम के बीच पुलिस को एक बड़ी और सफलता हाथ लगी है. देर रात गुमला और सिसई थाना क्षेत्र में पुलिस की स्पेशल टीम ने जब एक साथ कई होटलों, ढाबों और रेस्टोरेंट्स पर धावा बोला, तो अंदर का नजारा देखकर खुद पुलिस भी सन्न रह गई. बाहर से खाने-पीने के ठिकाने दिखने वाले ये जगहें दरअसल नशे के काले कारोबार के अड्डे बन चुके थे.

छापेमारी में नशा हुआ बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने करीब डेढ़ किलो अफीम, तीन किलो गांजा और लगभग एक किलो कच्चा अफीम बरामद किया है. इस कार्रवाई में तीन बड़े नाम बलराम साहू, उमेश साहू और कमल सिंह को हिरासत में लिया गया है. ये तीनों कोई मामूली लोग नहीं, बल्कि इलाके के चर्चित होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट के मालिक बताए जा रहे हैं, जो लंबे समय से इस अवैध धंधे को पर्दे के पीछे से चला रहे थे.

आरोपियों से पूछताछ
पुलिस ने तीनों आरोपियों को गुप्त स्थान पर रखकर कड़ी पूछताछ शुरू कर दी है. शुरुआती पूछताछ में ही कई सनसनीखेज खुलासे हुए हैं. जिससे यह साफ हो गया है कि यह कोई छोटा-मोटा नेटवर्क नहीं, बल्कि नशे का एक संगठित और गहराई तक फैला सिंडिकेट है.

पंजाब जेल से छूटकर आया है कमल
गुमला और सिसई पुलिस को इनके पास से भारी मात्रा में नगद राशि भी मिली है, जिसे अवैध कारोबार की कमाई मानी जा रही है. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि हिरासत में लिया गया कमल सिंह पहले भी नशे के बड़े मामले में पकड़ा जा चुका है. पांच जुलाई 2024 को पंजाब के फाजिल्का जिले की पुलिस ने उसे 66 किलो अफीम के साथ उसके ही रेस्टोरेंट से गिरफ्तार किया था. उस वक्त वह लंबे समय तक जेल में रहा और हाल ही में बाहर आया था. लेकिन जेल से निकलते ही उसने फिर उसी पुराने रास्ते को चुन लिया. पुलिस ने एक ब्रेजा गाड़ी भी जब्त की है. जिसे गुमला थाना में रखा गया है.

शराब के बाद अफीम का कारोबार
बलराम साहू का नाम भी पहले से अपराध की दुनिया में चर्चित रहा है. हाल ही में उसे अवैध शराब के कारोबार में पकड़ा गया था और जेल भेजा गया था. अब एक बार फिर उसका नाम नशे के बड़े नेटवर्क में सामने आना यह साबित करता है कि जिले में नशे के कारोबारियों के हौसले किस कदर बुलंद हैं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से मिले सुरागों के आधार पर आगे और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं. कई अन्य नाम भी जांच के दायरे में हैं और गिरफ्तारियां होने की संभावना है. फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए पूरी ताकत झोंक चुकी है.

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