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वरिंदर सिंह बाजवा के निधन से SAD में शोक, सुखबीर बादल ने कहा- ‘पार्टी ने सच्चा नेता खो दिया’

होशियारपुर.

शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सदस्य वरिंदर सिंह बाजवा का शनिवार को निधन हो गया। वह पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके निधन की खबर सामने आते ही अकाली दल के खेमे में शोक की लहर दौड़ गई। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बाजवा के निधन को अकाली दल के लिए बड़ी क्षति बताया।

वरिंदर सिंह बाजवा लंबे समय से अकाली राजनीति से जुड़े रहे और पार्टी में उन्होंने विभिन्न स्तरों पर अपनी जिम्मेदारी निभाई। वरिष्ठ नेता के तौर पर पार्टी के संगठनात्मक मामलों में उनकी सक्रिय भूमिका रही। राज्यसभा सदस्य के रूप में भी उन्होंने पंजाब और पार्टी से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उनके राजनीतिक अनुभव और संगठन के भीतर मजबूत पकड़ के कारण उन्हें अकाली दल के महत्वपूर्ण नेताओं में गिना जाता था। बाजवा के निधन की सूचना मिलने के बाद शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल शनिवार को मॉडल टाउन स्थित उनके आवास पर पहुंचे। सुखबीर बादल ने परिवार के सदस्यों से मुलाकात की और उनके साथ दुख साझा करते हुए गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि पार्टी ने अनुभवी स और समर्पित नेता खो दिया है।

कार्यकर्ताओं में भी शोक
बाजवा के निधन की खबर फैलते ही अकाली दल के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं में शोक का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में पार्टी से जुड़े लोगों ने उनके निधन पर दुख जताया। नेताओं ने कहा कि बाजवा ने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में पार्टी को मजबूती देने के लिए लगातार काम किया। उनका सहज व्यवहार और कार्यकर्ताओं के साथ जुड़ाव लंबे समय तक याद रखा जाएगा। राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि बाजवा का निधन ऐसे समय में हुआ है, जब पंजाब की राजनीति में अकाली दल एक बार फिर अपने संगठन को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में पार्टी के अनुभवी नेता का निधन संगठन के लिए भावनात्मक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर बड़ी क्षति है। परिवार की ओर से अंतिम संस्कार संबंधी कार्यक्रमों की जानकारी बाद में साझा की जाएगी। बाजवा के निधन पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी शोक व्यक्त करते हुए परिवार के प्रति संवेदना जताई।

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