प्रयागराज
अयोध्या को चित्रकूट से जोड़ने वाले राम वन गमन मार्ग के निर्माण में लापरवाही पर शासन ने सख्ती दिखाते हुए अधिशासी अभियंता को निलंबित कर दिया था और अधीक्षण अभियंता पर प्रशासनिक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। निलंबन की कार्रवाई दैनिक जागरण में प्रकाशित खबरों पर 12 सितंबर को की गई थी। गुरुवार को कार्रदायी संस्था को एक साल के लिए डिबार कर दिया गया है।
हाईवे की सड़क और सुरक्षात्मक कार्यों में खामियां मिलने पर अधिशासी अभियंता (राष्ट्रीय मार्ग) प्रयागराज रवींद्र पाल सिंह को निलंबित कर दिया गया है, जबकि अधीक्षण अभियंता (राष्ट्रीय मार्ग) प्रयागराज ओंकार भारतीय के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की गई है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (मोर्थ) ने दिल्ली की ठेकेदार फर्म एसएंडपी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स को एक महीने के लिए अस्थायी रूप से निलंबित किया था।
राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-731ए के राम वन गमन मार्ग ग्रीनफील्ड हाईवे के पैकेज-दो के निरीक्षण में कई गंभीर खामियां सामने आई थीं। फ्लाईओवर के एप्रोच और गैप में गड़बड़ी मिली थी। इसके अलावा करीब डेढ़ किलोमीटर तक सड़क के किनारे की पटरी में दरारें थीं, जबकि लगभग 500 मीटर लंबाई में हाईवे के किनारे किए गए सुरक्षात्मक कार्य भी क्षतिग्रस्त पाए गए थे।
निरीक्षण टीम ने माना कि अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंता ने परियोजना के कार्यों की निगरानी में लापरवाही बरती और अपने पर्यवेक्षणीय दायित्वों का समुचित निर्वहन नहीं किया। इसके बाद सचिव लोक निर्माण विभाग दिव्य प्रकाश गिरि ने अधिशासी अभियंता को निलंबित करने और अधीक्षण अभियंता के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई के आदेश जारी किए गए।




