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दिवाली पर जयपुर में देर रात तक होगी खरीदारी, बाजारों की रोशनी देखने वालों को मिलेगी राहत

जयपुर
दिवाली पर गुलाबी नगरी के ऐतिहासिक परकोटे की रौनक देर रात तक देखने को मिलेगी। बाजारों में खरीदारी करने और रोशनी से सजे शहर का नजारा देखने आने वाले लोगों के लिए इस बार रात का समय भी खास रहने वाला है। परकोटे में रात 12 बजे तक लाइटिंग की अनुमति दी गई है। वहीं, देर रात तक बाजारों में रुकने वाले लोगों की सुविधा को देखते हुए जयपुर मेट्रो का संचालन समय बढ़ाने की मांग उठाई जाएगी। जयपुर व्यापार महासंघ इस संबंध में मेट्रो प्रशासन से मुलाकात कर आग्रह करेगा।

रात 12 बजे तक रोशनी में चमकेगा परकोटा
दिवाली के दौरान जयपुर के परकोटे के बाजारों और प्रमुख रास्तों पर आकर्षक रोशनी देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। रोशनी से सजी इमारतें, बाजारों की सजावट और त्योहार की चहल-पहल शहर के माहौल को खास बनाती हैं। ऐसे में रात 12 बजे तक लाइटिंग की अनुमति मिलने से लोगों को सजावट देखने और खरीदारी करने के लिए अधिक समय मिलेगा। पुलिस ने व्यापारियों को निर्धारित समय तक लाइटिंग की अनुमति दे दी है।

मेट्रो का समय बढ़ाने के लिए होगी मुलाकात
देर रात तक बाजारों में रहने वाले लोगों को घर लौटने में परेशानी न हो, इसके लिए जयपुर व्यापार महासंघ मेट्रो प्रशासन के सामने संचालन का समय बढ़ाने का प्रस्ताव रखेगा। महासंघ रात 1 बजे तक मेट्रो चलाने का आग्रह करेगा। इससे दिवाली की खरीदारी और परकोटे की रोशनी देखने आने वाले लोगों को सार्वजनिक परिवहन की सुविधा देर तक मिल सकेगी। हालांकि, मेट्रो का समय बढ़ाने को लेकर अभी मांग की जानी है। संचालन के समय में बदलाव का अंतिम निर्णय मेट्रो प्रशासन की ओर से लिया जाएगा।

पुलिस कमिश्नर के साथ बैठक में उठा मुद्दा
जयपुर व्यापार महासंघ के अध्यक्ष सुभाष गोयल ने बताया कि इस संबंध में पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल के साथ बैठक हुई है। बैठक का उद्देश्य यह रहा कि त्योहार के दौरान बाजारों में आने वाले लोगों को खरीदारी और रोशनी देखने के बाद घर लौटने में असुविधा न हो।

त्योहारों पर पहले भी बढ़ा है मेट्रो का समय
जयपुर मेट्रो का संचालन विशेष अवसरों और त्योहारों पर पहले भी देर रात तक किया जाता रहा है। जन्माष्टमी के दौरान भी मेट्रो का समय बढ़ाया गया था। इसी अनुभव को देखते हुए दिवाली पर भी अतिरिक्त समय तक मेट्रो चलाने की मांग की जाएगी। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो देर रात तक बाजारों में रहने वाले लोगों को आवागमन में सुविधा मिल सकती है।

 

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