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7 अक्टूबर को ‘सेवा भाव’ पर होगा खास ऑनलाइन सत्र, नीति आयोग सदस्य से जुड़ेंगे प्रतिभागी

‘सेवा भाव’ पर विशेष ऑनलाइन सत्र 7 अक्टूबर को

नीति आयोग के सदस्य डॉ. आर. बालासुब्रमण्यम करेंगे संवाद
प्रदेश के अधिकारी-कर्मचारियों से सत्र में भाग लेने की अपील
सत्र में सहभागिता पर मिलेंगे ‘Service Orientation’ competency के विशेष क्रेडिट

भोपाल 
कर्मयोगी भारत द्वारा नागरिक केन्द्रित शासन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से ‘सेवा भाव’ विषय पर बुधवार 7 अक्टूबर 2026 को विशेष ऑनलाइन सत्र आयोजित किया जाएगा। सत्र का संचालन नीति आयोग के सदस्य डॉ. आर. बालासुब्रमण्यम करेंगे। सत्र में शासकीय सेवकों में संवेदनशीलता, जवाबदेही और नागरिक केन्द्रित दृष्टिकोण को सुदृढ़ करने के साथ लोक सेवा प्रदाय में ‘सेवा भाव’ की भावना विकसित करने पर विशेष रूप से चर्चा की जाएगी।

सामान्य प्रशासन विभाग ने प्रदेश के सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, विभागाध्यक्ष, संभागायुक्त और कलेक्टर्स को इस संबंध में निर्देश जारी कर अधीनस्थ अधिकारियों-कर्मचारियों को ऑनलाइन सत्र में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने को कहा है।

सुबह 11 से दोपहर 12 बजे तक होगा सत्र

विशेष ऑनलाइन सत्र 7 अक्टूबर को सुबह 11 से दोपहर 12 बजे तक आयोजित होगा। सीधा प्रसारण iGOT Karmayogi प्लेटफॉर्म के माध्यम से किया जाएगा। इससे केन्द्र सरकार के मंत्रालयों और विभागों के साथ राज्यों तथा केन्द्र शासित प्रदेशों के शासकीय अधिकारी-कर्मचारी भी ऑनलाइन सत्र में शामिल हो सकेंगे। सत्र की लिंक iGOT Karmayogi प्लेटफॉर्म के Events Section में उपलब्ध कराई जाएगी।

सहभागी अधिकारी-कर्मचारियों को मिलेंगे विशेष क्रेडिट

अधिकारी-कर्मचारियों की सहभागिता और सीखने के प्रति उनकी सक्रियता को प्रोत्साहित करने के लिए 7 अक्टूबर को सुबह 11 से दोपहर 12 बजे तक iGOT Karmayogi प्लेटफॉर्म के माध्यम से सत्र में शामिल होने वाले सभी उपयोगकर्ताओं को ‘Service Orientation’ competency के अंतर्गत विशेष क्रेडिट प्रदान किए जाएंगे।

नागरिकों को शासन के केन्द्र में रखने पर जोर

मिशन कर्मयोगी में नागरिक केन्द्रितता को प्रमुख विषय के रूप में शामिल किया गया है। उद्देश्य ऐसी पेशेवर, सक्षम और उत्तरदायी सिविल सेवा का निर्माण करना है, जो शासन और लोक सेवा प्रदाय में नागरिकों को केन्द्र में रखे। iGOT Karmayogi प्लेटफॉर्म पर नागरिक केन्द्रितता और सेवा उन्मुखीकरण से संबंधित विभिन्न पाठ्यक्रम भी उपलब्ध हैं जिन्हें बड़ी संख्या में शासकीय कर्मचारियों द्वारा पूरा किया जा चुका है।

विशेष सत्र के माध्यम से शासकीय सेवकों में सहानुभूति, जवाबदेही और नागरिक केन्द्रित दृष्टिकोण को और मजबूत करने तथा लोक सेवा प्रदाय में ‘सेवा भाव’ की भावना को आत्मसात करने पर जोर दिया जाएगा। कर्मयोगी भारत ने सभी स्तरों के अधिकारियों-कर्मचारियों की अधिकाधिक सहभागिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया है जिससे शासन के सभी स्तरों पर सेवा, संवेदनशीलता और नागरिक केन्द्रित प्रशासन की साझा कार्य-संस्कृति को सुदृढ़ किया जा सके।

 

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