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खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी में मची भगदड़, मोबाइल ब्लास्ट की अफवाह के बीच 4 लोगों ने गंवाई जान

मुरैना
 प्रदेश के मुरैना जिले के हेतमपुर और राजस्थान के  धौलपुर रेल खंड के बीच रविवार शाम खजुराहो उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में मोबाइल फटने के बाद फैली आग की अफवाह से घबराए यात्रियों ने चेन पुलिंग कर ट्रेन रोक दी। इसके बाद कुछ यात्री ट्रेन से कूदकर समीप की दूसरी रेल लाइन पर आ गए। इसी बीच आई पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आने से तीन महिलाओं और एक मासूम बच्चे समेत कुल चार की दर्दनाक मौत हो गई।  

मृतकों में तीनों महिलाएं आगरा की 
मृतकों में आफरीन पत्नी नदीम खान (35) निवासी सुल्तानगंज की पुलिया, आगरा, उनका चार वर्षीय बेटा असद खान, शकुंतला पत्नी भूरी सिंह परमार (60) निवासी कचहरा थोक, रुनकता, आगरा तथा विरमा देवी पत्नी गिरधारी गिरि (60) निवासी गेसोरा, थाना महाजन, जिला बीकानेर (राजस्थान) शामिल हैं।

जनरल कोच से हुई अलार्म चेन पूलिंग
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ट्रेन के एक कोच में किसी यात्री का चार्जिंग पर लगा मोबाइल फट गया था। इस कारण आग की अफवाह फैली। हादस रविवार शाम 4:15 बजे उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल के हेतमपुर-धौलपुर रेलखंड पर हुआ। गाड़ी संख्या 19665 खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस के जनरल कोच (इंजन से दूसरा कोच) में किसी ने अलार्म चेन पूलिंग किया था। इस कारण ट्रेन सेक्शन में रुक गई थी। ट्रेन रुकने के दौरान कुछ यात्री नीचे उतरकर समीपवर्ती रेलवे लाइन पर चले गए। इसी दौरान अप दिशा से आ रही गाड़ी संख्या 20424 फिरोजपुर-सिवनी पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आने से यात्रियों के हताहत होने की सूचना मिली। 

चीख पुकार मच गई
घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही जीआरपी, आरपीएफ और मुरैना पुलिस की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया तथा मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। 

मोबाइल ब्लास्ट की चर्चा से फैली दहशत
घटना उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल के हेतमपुर-धौलपुर रेलखंड की है. गाड़ी संख्या 19665 खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस रविवार शाम करीब 4:15 बजे हेतमपुर और धौलपुर स्टेशन के बीच चल रही थी. इसी दौरान एक कोच में मोबाइल फटने जैसी घटना की चर्चा फैल गई. देखते ही देखते यात्रियों में डर का माहौल बन गया. स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि किसी यात्री ने अलार्म चेन पुलिंग कर दी, जिससे ट्रेन बीच रास्ते में रुक गई. ट्रेन रुकते ही कई यात्री जल्दबाजी में नीचे उतर गए। 

दूसरी लाइन पर पहुंच गए यात्री
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रेन से उतरने के बाद कुछ यात्री पास की दूसरी रेलवे लाइन की ओर चले गए. उसी समय दूसरी तरफ से गाड़ी संख्या 20424 फिरोजपुर-सिवनी पातालकोट एक्सप्रेस तेज गति से वहां से गुजर रही थी. ट्रैक पर मौजूद यात्रियों को संभलने का मौका नहीं मिला और वे ट्रेन की चपेट में आ गए. इस हादसे में तीन महिलाओं और एक बच्चे सहित कुल चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। 

राहत और बचाव कार्य शुरू
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF), सरकारी रेलवे पुलिस (GRP), स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे. राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू किया गया और प्रभावित यात्रियों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई गई. पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. मृतकों की पहचान और उनके परिजनों को सूचना दी.  रेलवे अधिकारियों ने मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं. मोबाइल ब्लास्ट की चर्चा के पीछे वास्तविक कारण क्या था, इसकी अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है. प्रशासन पूरे घटनाक्रम की जांच र रहा है। 

दिल्ली-मुंबई मार्ग पर यातायात प्रभावित
इस हादसे के चलते दिल्ली-मुंबई मुख्य रेल मार्ग पर कुछ समय के लिए रेल यातायात प्रभावित रहा। कई ट्रेनों को रास्ते में रोका गया, जबकि प्रभावित यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं की गईं। बाद में ट्रैक को क्लियर कर रेल यातायात सामान्य किया गया।

मोड़ होने से सामने से आ रही ट्रेन नहीं दिखी : डीआरएम
झांसी रेल मंडल के डीआरएम अनुरुद्ध कुमार के अनुसार, जिस स्थान पर हादसा हुआ वहां रेलवे ट्रैक पर मोड़ होने के कारण यात्रियों को सामने से आ रही ट्रेन दिखाई नहीं दी। प्रारंभिक जांच में हादसे की मुख्य वजह आग लगने की अफवाह के बाद हुई चेन पुलिंग और यात्रियों का ट्रैक पर उतरना सामने आया है। यह हादसा केवल एक रेल दुर्घटना नहीं, बल्कि अफवाह, दहशत और जल्दबाजी का दर्दनाक परिणाम है, जिसने चार परिवारों की खुशियां छीन लीं। रेलवे प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में ट्रेन में आग लगने की पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारियों का मानना है कि अफवाह के कारण यह हादसा हुआ। पुलिस और रेलवे की टीमें सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं।

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