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बिहार राजनीति में हलचल: सम्राट चौधरी की सीमांचल यात्रा से बढ़ा सियासी तापमान

 पूर्णिया
 भाजपा की अगुवाई में बिहार में बनी पहली सरकार के मुखिया की यह पहली सीमांचल यात्रा है। पश्चिम बंगाल की सीमा से सटे इस इलाके का राजनीतिक समीकरण कुछ अलग है।

बड़ी मुस्लिम आबादी फिर बांग्लादेश व नेपाल की सीमा से जुड़ाव से यहां का राजनीतिक गणित अलग है। ऐसे में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की यात्रा की प्रबल संभावना से राजनीतिक गलियारों की नजर भी सजग हो गई है।

उनकी यात्रा 16 जून् को प्रस्तावित है। वे सहयोग शिविर के माध्यम आम लोगों को मिल रही राहत को देखने पहुंचेंगे। शिविर का उद्देश्य धरातल पर कितना सफल हो रहा है, इसका फीडबैक वे लेंगे। उनकी यह यात्रा धमदाहा प्रखंडके रंगपुरा दक्षिण पंचायत से शुरू होगी।

धमदाहा विधानसभा क्षेत्र से लगातार छह जीत दर्ज करने वाली बिहार सरकार की मंत्री लेशी सिंह के चुनाव प्रचार के दौरान के भी उनका आगमन हुआ था। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में उनके विकास की सराहना भी की थी। इस यात्रा से एक बड़ा संदेश भी देना है। मुख्यमंत्री की डायरी में भी विकास ही प्राथमिकता है।

सीमांचल विधानसभा चुनाव के पूर्व से ही केंद्र सरकार की प्राथमिकता में रहा है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह यहां तीन दिवसीय प्रवास पर रहे थे। देश की सुरक्षा के लिए भी यह इलाका अहम है और केंद्र की मंशा को जमीन पर उतारने की प्रतिबद्धता भी।

पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधानसभा चुनाव से पूर्व ही इलाके में आयोजित सभा के दौरान अगले मुख्यमंत्री के रूप में सम्राट चौधरी का नाम बता चुके थे। यह राजग के राजनीतिक समीकरण को साधने की कला भी थी। निश्चित रूप से सीमांचल में पूर्व मुख्यमंत्री की छवि विकास पुरुष के रूप में थी।

सामाजिक समीकरणों को साध राजग की लगातार बड़ी जीत में अहम भूमिका निभाते रहे हैं। राजनीति की उसी ट्रैक में उनकी भी गाड़ी बढ़ सकती है, यह संभावना पहले से बनी हुई है।

प्रशासनिक अमला अपनी तैयारी में है। सहयोग शिविर के मायने की झलक जमीन पर दिखे, यह प्रयास किया जा रहा है। आम लोग भी उत्साहित हैं। इस शिविर के माध्यम उनकी ऐसी समस्याओं के समाधान की उम्मीद बढ़ी है, जिनके लिए वे सरकारी दफ्तर की दौड़ लगा रहे थे।

कार्यकर्ता मुख्यमंत्री में देखते हैं पूर्व मुख्यमंत्री की छवि: आशीष कुमार बब्बू
जदयू के प्रदेश महासचिव आशीष कुमार बब्बू ने कहा कि मुख्यमंत्री के धमदाहा आगमन की संभावना बनी है। यह एक सरकारी कार्यक्रम है। निश्चित रूप से उनके आने की सूचना से कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह है। कार्यक्रम सरकारी है और इसलिए उनका शेड्यूल तय होगा।

इन स्थितियों के बीच राजग कार्यकर्ताओं में उनके आने की सूचना मात्र से काफी उत्साह है। कार्यकर्ता मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की छवि देखते हैं। मुख्यमंत्री का एक मात्र उद्देश्य बिना विभेद क्षेत्र के साथ-साथ जन-जन का कल्याण है।

धमदाहा इलाके से उनका पुराना नाता रहा है। कई घरों में उनका पूर्व से आना-जाना रहा है। बिहार सरकार की मंत्री लेशी सिंह से भी पारिवारिक रिश्ता रहा है। धमदाहा से उनकी यात्रा की शुरुआत से जदयू के साथ-साथ भाजपा, लोजपा आर, रालोसपा सहित हर घटक दल के कार्यकर्ताओं का उत्साह चरम पर है।

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