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तेज हवाओं ने बढ़ाई मुसीबत, कई जगह ट्रैक पर पेड़ गिरने से ट्रेनें प्रभावित

 लखनऊ

 बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण बुधवार को बादलों की आवाजाही के बीच आंधी-पानी ने यातायात और ट्रेन के संचालन को काफी प्रभावित किया। आंधी और तेज हवा के कारण कई जगह रेलवे ट्रैक पर पेड़ गिरने से ट्रेनों को स्टेशनों पर रोक दिया गया।
उत्तर व पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के कई सेक्शन पर बुधवार को दोपहर में आयी आंधी और पानी के कारण पेड़ ओएचई पर गिर गए। हावड़ा से लखनऊ आ रही दून एक्सप्रेस को अयोध्या धाम से अयोध्या कैंट स्टेशन के बीच एक घंटा रोका गया। इसी तरह लखनऊ आ रही गोरखधाम एक्सप्रेस को मगहर में रोका गया। भारी बारिश और आंधी के कारण कई जगह रेलवे लाइन पर भी पेड़ गिरे हैं, जिससे ट्रेनों की आवाजाही पर असर पड़ा है।

अमेठी में रेलवे लाइन पर पेड़ की डाल गिरने के कारण बेगमपुरा एक्सप्रेस ट्रेन घंटों खड़ी रही। आंधी के कारण पेड़ विद्युत पोल पर गिरे और लाइन ठीक होने के बाद ट्रेन रवाना हुई। अमेठी के फुन्दनपुर में आंधी-बारिश के चलते पेड़ की डालियां वाहनों पर गिर गईं, जिससे कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं।

अंबेडकनगर में करीब साढ़े तीन बजे धूल भरी आंधी आई। इसके बाद बारिश शुरू हो गई। इससे तेज धूप व गर्मी से राहत मिली। हालांकि, आंधी से शहर और दो सौ गांवों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। कुछ स्थानों पर पेड़ व खंभे भी गिर गए हैं। अब तक कहीं से जनहानि की सूचना नहीं है।

लगातार प्रचंड गर्मी पड़ने के बाद सुलतानपुर में बुधवार को अपराह्न बाद आई आंधी-पानी ने तबाही मचाई। बल्दीराय क्षेत्र में पेड़ व छप्पर गिरने से एक बालिका समेत दो की मौत हो गई। वहीं पांच व्यक्ति घायल हो गए हैं। तेज आंधी के चलते कई जगह पेड़ धराशायी हो गए। इससे वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए। आंधी-पानी के बाद गिरे पेड़ों के चलते बिजली आपूर्ति भी ठप हो गई।

हरदोई में बुधवार को अचानक मौसम ने करवट बदल ली। सुबह होते ही आसमान में काले घने बादल छा गए और कुछ ही देर में धूल भरी तेज आंधी चलने लगी। देखते ही देखते हरियावां समेत अन्य क्षेत्रों में बारिश शुरू हो गई और ओलावृष्टि हुई। 

जिससे अधिकतम तापमान में करीब पांच डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से गिरकर 35.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। इसके चलते लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। वहीं बिजली की आवाजाही बनी रही, जिससे लोगों को परेशानी हुई।

 

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