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ग्रामीण जल प्रदाय, तकनीक आधारित मॉनिटरिंग और प्रबंधन मॉडल का किया अध्ययन

भोपाल

उड़ीसा के पंचायती राज एवं पेयजल मंत्री रबी नारायण नायक के नेतृत्व में आए उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को मध्यप्रदेश जल निगम मर्यादित की कार्यप्रणाली का अध्ययन किया। प्रतिनिधिमंडल ने निगम की संस्थागत व्यवस्था, परियोजना क्रियान्वयन प्रणाली, तकनीक आधारित मॉनिटरिंग, संचालन एवं संधारण (ओ एंड एम), वित्तीय प्रबंधन तथा मानव संसाधन विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्राप्त की। मंत्री नायक ने मध्यप्रदेश जल निगम द्वारा अपनाई गई आधुनिक और नवाचार आधारित व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि इनमें से कई व्यवस्थाओं को उड़ीसा में भी लागू करेंगे।

प्रबंध संचालक, म.प्र. जल निगम के.वी.एस. चौधरी ने प्रतिनिधिमंडल को जल जीवन मिशन के अंतर्गत प्रदेश में संचालित ग्रामीण नल-जल योजनाओं की प्रगति, डिजिटल मॉनिटरिंग व्यवस्था, रियल टाइम निगरानी प्रणाली, परियोजनाओं के संचालन एवं संधारण मॉडल, ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपयोग एवं विद्युत भुगतान की व्यवस्था, क्षमता विकास (ट्रेनिंग) कार्यक्रमों तथा तकनीक आधारित प्रबंधन प्रणाली पर विस्तृत जानकारी साझा की। इसके अतिरिक्त मध्यप्रदेश जल निगम के संस्थागत ढांचे, सुशासन, वित्तीय मॉडल, परियोजना क्रियान्वयन, 'जल रेखा' एवं 'पंचायत दर्पण' जैसे तकनीकी नवाचारों की कार्यप्रणाली तथा ग्रामीण जलापूर्ति प्रबंधन की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों पर विचार-विमर्श किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने इन व्यवस्थाओं को ग्रामीण पेयजल सेवाओं के प्रभावी संचालन के लिए उपयोगी बताते हुए इनके व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी भी प्राप्त की।

बैठक में दोनों राज्यों के अधिकारियों के बीच संस्थागत ढांचे, वित्तीय स्वायत्तता, परियोजनाओं के क्रियान्वयन, गुणवत्ता नियंत्रण, डिजिटल गवर्नेंस तथा भविष्य में सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। उड़ीसा के पेयजल मंत्री नायक ने कहा कि मध्यप्रदेश जल निगम ने जिस पेशेवर एवं परिणामोन्मुखी कार्यप्रणाली को विकसित किया है, वह अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरणादायी मॉडल है। अध्ययन भ्रमण के माध्यम से प्राप्त अनुभव उड़ीसा में ग्रामीण जल प्रदाय व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

उड़ीसा के प्रतिनिधिमंडल में पंचायती राज एवं पेयजल विभाग के आयुक्त-सह-सचिव गिरिश एस.एन., पेयजल एवं स्वच्छता निदेशक विनीत भारद्वाज, अतिरिक्त सचिव श्रीमती मधुस्मिता सामल, इंजीनियर-इन-चीफ रत्नाकर सियाल सहित विभाग एवं स्टेट पीएमयू के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। बैठक में मध्यप्रदेश जल निगम मर्यादित के वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न विषयों पर विस्तृत जानकारी साझा की।

 

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