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सुमित नागल क्वार्टर फाइनल में हारे, भारतीय टेनिस चुनौती खत्म; 1986 के बाद नहीं मिला पदक

नागोय
भारतीय टेनिस दल 1986 के बाद पहली बार एशियाई खेलों से पदक के बिना लौटेगा। सुमित नागल के पुरुष सिंगल्स के क्वार्टर फाइनल में हारकर बाहर होने से खेलों में भारतीय चुनौती समाप्त हो गई। पदक की दावेदार डबल्स टीमों के बुधवार को ही बाहर होने के बाद भारत की उम्मीदों का दारोमदार सिंगल्स रैंकिंग में नंबर एक खिलाड़ी सुमित पर था।

वह चीन के यिबिंग वू से एक घंटे 38 मिनट तक चले मैच में 4-6, 4-6 से हार गए। भारत ने 1990 के बाद से हर एशियाई खेल में टेनिस में पदक जीते हैं और इस बार भी कम से कम तीन पदकों की उम्मीद थी। आखिरी बार सिंगल्स वर्ग में प्रग्नेश गुणेश्वरन और अंकिता रैना ने भारत के लिए पदक जीते थे। दोनों को जकार्ता में 2018 में हुए एशियाई खेलों में कांस्य पदक मिला था।

युकी भांबरी और एन श्रीराम बालाजी ने भी किया निराश
हांगझू में 2023 खेलों में भारत को सिंगल्स में पदक नहीं मिला था। रोहन बोपन्ना और दिविज शरण ने 2018 में पुरुष डबल्स स्वर्ण और रोहन बोपन्ना के साथ रूतुजा भोसले ने 2023 में मिक्स्ड डबल्स में स्वर्ण जीता था। युकी भांबरी और एन श्रीराम बालाजी से पदक की उम्मीद थी, लेकिन वे पुरुष डबल्स और मिक्स्ड डबल्स में हारकर बाहर हो गए।

 

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