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AAP सरकार का बड़ा कदम: पंजाब में महिलाओं को हर महीने मिलेगा ₹1,000, 2022 का वादा हुआ पूरा

चंडीगढ़  पंजाब सरकार ने 'मुख्यमंत्री मावां धियां सत्कार योजना' के क्रियान्वयन के लिए एक अधिसूचना जारी की है जिसके तहत पात्र महिलाओं को 1,000 रुपये से 1,500 रुपये तक की मासिक वित्तीय सहायता मिलेगी।मपात्रता मानदंडों के अनुसार, योजना का लाभ लेने वाली किसी परिवार की पात्र महिलाओं की संख्या पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा। पहले से पेंशन पाने वाली महलाओं को भी लाभ दो अप्रैल की अधिसूचना के अनुसार, मौजूदा सामाजिक सुरक्षा पेंशनभोगी भी पहले से दी जा रही पेंशन के अलावा योजना के तहत पूर्ण वित्तीय लाभ पाने की हकदार होंगी। मंत्रिमंडल ने रविवार को इस योजना को मंजूरी दी थी, जिसके तहत महिलाओं को 1,000 रुपये की मासिक वित्तीय सहायता मिलेगी और अनुसूचित जाति से संबंधित महिलाओं को 1,500 रुपये दिए जाएंगे। 2022 के चुनाव में किया था वादा पंजाब में 2022 के चुनावों से पहले आम आदमी पार्टी (आप) का एक प्रमुख चुनावी वादा महिलाओं को 1,000 रुपये की मासिक वित्तीय सहायता प्रदान करना था। पैसे सीधे बैंक अकाऊंट में भेजे जाएंगे। 2 अप्रैल से ही यह योजना लागू मानी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना का मकसद महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। किन महिलाओं को मिलेगा फायदा? मान सरकार का दावा है कि इस योजना का फायदा पंजाब की 97 फीसदी महिलाओं को मिलेगा. इस योजना के तहत 18 साल से ज्यादा उम्र की महिलाएं आवेदन कर सकती हैं. इस योजना का लाभ सभी महिलाओं को मिलेगा. हालांकि, मौजूदा या पूर्व सरकारी कर्मचारी, इनकम टैक्स देने वालीं महिलाओं और वर्तमान या पूर्व सांसद-विधायकों को इसका लाभ नहीं मिलेगा।  और भी कई राज्यों में है ऐसी योजना महिलाओं को हर महीने की वित्तीय सहायता देने वाली योजनाएं कई राज्यों में चल रही है. मध्य प्रदेश में 'लाड़ली बहना योजना' है, जिसके तहत 21 से 60 साल की उम्र की महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये मिलते हैं. कर्नाटक की कांग्रेस सरकार 'गृहलक्ष्मी योजना' चलाती है, जिसके तहत 2,000 रुपये दिए जाते हैं. महाराष्ट्र में 'माझी लाडकी बहिण योजना' है, जिसके तहत गरीब महिलाओं को 1,500 रुपये मिलते हैं।  झारखंड में महिलाओं को सबसे ज्यादा रुपये मिलते हैं. 2024 में सरकार ने 'मुख्यमंत्री मैयां सम्मान योजना' के तहत मिलने वाली रकम को बढ़ाकर 2,500 रुपये कर दिया था. इसके अलावा, असम में 1,250 रुपये, तमिलनाडु में 1,000 रुपये, पश्चिम बंगाल में 1,000 रुपये और छत्तीसगढ़ में भी 1,000 रुपये की वित्तीय सहायता मिलती है।  कैसे भरा जाएगा फॉर्म? इस योजना का लाभ उठाने के लिए महिलाओं को फॉर्म भरना होगा और इसमें कुछ दस्तावेज लगाए जाएंगे। योनजा का लाभ उठाने के लिए महला के पास आधार कार्ड होना चाहिए जिसपर पंजाब का पता लिखा हो। इसके अलावा पंजाब का वोटर आई कार्ड. बैंक अकाउंट और पासबुक साथ ही अगर महिला अनुसूचित जाति या जनजाति से हैं तो जाति प्रमाणपत्र होना अनिवार्य है। इस योजना को ठीक से लागू करने का जिम्मा जिला स्टर पर डिप्टी कमिश्नरों को दिया गया है। इसके अलावा गांवों तक लोगों को सुविधा अच्छी तरह पहुंचाने के लिए स्पेशन फेसिलिटेटर और मोबिलाइजर्स तैनात किए जाएंगे। जिन महिलाओं का खाता नहीं खुला है उनके बैंक अकाउंट खुलवाए जाएंगे। नियम के मुताबिक लाभार्थी की मृत्यु होने के बाद तुरंत लाभ मिलना बंद हो जाएगा। इस योनजा की निगरानी और फर्जीवाड़े से बचने के लिए मोबाइल ऐप और डैशबोर्ड भी तैयार किया गया है।

कांग्रेस नेता बाजवा का हमला: पंजाब में सिर्फ भगवंत मान और केजरीवाल ही सुरक्षित

  चंडीगढ़, पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने कपूरथला में कांग्रेस नेता हरजिंदर सिंह पर हुए जानलेवा हमले के बाद राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आम आदमी पार्टी के नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब में अब भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल के अलावा कोई भी सुरक्षित नहीं है। प्रताप सिंह बाजवा ने सोमवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “सुल्तानपुर लोधी की घटना दिल दहला देने वाली है। कपूरथला जिला परिषद के उपाध्यक्ष और कांग्रेस नेता हरजिंदर सिंह जिंदा, शाहजहांपुर गांव में अपने घर के बाहर गोलियों की बौछार में बाल-बाल बचे।” उन्होंने आगे कहा, “आम आदमी पार्टी सरकार में राज्य की कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। पंजाब में अब भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल के अलावा कोई भी सुरक्षित नहीं है।” बताया जाता है कि कांग्रेस नेता हरजिंदर सिंह पर दो नकाबपोश हमलावरों ने फायरिंग की थी। इस ताबड़तोड़ गोलीबारी में उन्होंने भागकर अपनी जान बचाई। कांग्रेस नेता पर यह हमला घर के नजदीक हुआ था। फायरिंग के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। हालांकि, फायरिंग के कारण और हमलावरों के बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आई। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी है। इससे पहले भी कांग्रेस की पंजाब इकाई ने राज्य की कानून व्यवस्था को लेकर सरकार पर हमला बोला। पार्टी ने आरोप लगाए कि पंजाब में दिन-प्रतिदिन बिगड़ती कानून-व्यवस्था के कारण गैंगवार और गोलीबारी की घटनाएं आम हो गई हैं और बदलाव के बड़े-बड़े नारे लगाने वाली झाड़ू पार्टी के मंत्री हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। आम आदमी पार्टी को पंजाब की जनता ने अपनी सुरक्षा के लिए चुना था, इस खून-खराबे के लिए नहीं। कांग्रेस इकाई ने मानसा, जालंधर, जगराओं, मोहाली और अमृतसर की हालिया घटनाओं का उदाहरण दिया। अमृतसर में मेडिकल शॉप और मानसा में आरटीआई कार्यकर्ता की दुकान पर गोलीबारी हुई थी। जालंधर में सुनार की दुकान को बंदूक के बल पर लूटा गया। जगराओं में कबड्डी खिलाड़ी की गोली मारकर हत्या की गई थी। इसके अलावा, मोहाली में रियल एस्टेट व्यापारी पर फायरिंग की घटना हुई थी।