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रायपुर: शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने चयनित अग्निवीरों और अभ्यर्थियों को किया सम्मानित

रायपुर : चयनित अग्निवीरों एवं अभ्यर्थियों का शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने किया सम्मान रायपुर भारतीय थल सेना में अग्निवीर भर्ती 2024-25 की ऑनलाइन लिखित परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के लिए रविशंकर स्टेडियम, दुर्ग में आयोजित शारीरिक दक्षता प्रशिक्षण शिविर में चयनित अभ्यर्थियों का सम्मान आज स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी कार्य मंत्री  गजेन्द्र यादव द्वारा उनके सेवा सदन निवास में किया गया। इस अवसर पर मंत्री  यादव ने युवाओं को अनुशासन तथा परिश्रम को जीवन का आधार बताते हुए भविष्य में प्रशिक्षण से संबंधित हर संभव सहयोग देने का आश्वासन प्रदान किया। 29 अभ्यर्थी अग्निवीर हेतु हुए चयनित           एनआईएस कोच  विनोद नायर एवं पीटीआई  बालकदास डहरे के मार्गदर्शन में आयोजित प्रशिक्षण शिविर के परिणामस्वरूप कुल 29 अभ्यर्थियों का चयन हुआ। इनमें 19 अभ्यर्थी अग्निवीर के रूप में भारतीय थल सेना में चयनित हुए, जबकि 1-1 अभ्यर्थी भारतीय नौसेना एवं भारतीय वायुसेना में सफल हुए। इसके अतिरिक्त 8 अभ्यर्थियों ने छत्तीसगढ़ पुलिस में चयनित होकर जिले का गौरव बढ़ाया है। प्रशिक्षणार्थियों के इस सामूहिक सफलता प्रदर्शन ने जिले में युवाओं में नई ऊर्जा एवं आत्मविश्वास का संचार किया है। नया दो माह का प्रशिक्षण शिविर जारी         जिला प्रशासन एवं जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र के उपसंचालक  व्ही. के. केडिया के निर्देशन में इस वर्ष भी 1 नवम्बर से 31 दिसम्बर 2025 तक दो माह का अग्निवीर शारीरिक दक्षता प्रशिक्षण शिविर संचालित किया जा रहा है। इस शिविर में 50 लिखित परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को प्रतिदिन एनआईएस कोच एवं अनुभवी पीटीआई के निर्देशन में कठोर एवं नियमित प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे उन्हें आगामी चयन प्रक्रियाओं के लिए शारीरिक एवं मानसिक रूप से और अधिक सक्षम बनाया जा सके। कार्यक्रम में युवाओं का उत्साहपूर्ण सम्मान            अग्निवीर प्रशिक्षण प्राप्त कर लौटे तथा छत्तीसगढ़ पुलिस में हाल ही में चयनित युवाओं का अग्निवीर प्रशिक्षणार्थियों द्वारा बड़े उत्साह के साथ फूल मालाओं से स्वागत किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में शिवदयाल धृतलहरे, हर्ष साहू, मीन निषाद, नीरज देशमुख, राहुल, तुषार, निखिल, रविकिशोर, खोमेश, अमित, यश, युवराज सहित कई युवाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिनके सहयोग से कार्यक्रम गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। सम्मानित अभ्यर्थियों के नाम            अग्निवीर प्रशिक्षण पूरा कर चयनित हुए अभ्यर्थियों में करण पटेल, इंद्र कुमार, गजेन्द्र ठाकुर, सुनील साहू, लोकेन्द्र, मनीष साहू, तामेश्वर, योगेन्द्र कुमार साहू, लक्ष्मीकांत पारकर, डामेश यादव, मोनेश निषाद, शुभम साहू (भारतीय नौसेना)शामिल हैं। इसी प्रकार शुभम, विवेक कुमार, गौरव कुमार साहू, प्रभात साहू, विकास मिश्रा, पल्लव साहू, टिशू यादव, नयन निषाद, तुषार कुमार एवं स्वप्रिल दुबे (भारतीय वायुसेना) शामिल हैं। वहीं छत्तीसगढ़ पुलिस में चयनित अभ्यर्थियों में संजय निषाद, लिलेश साहू, जनकलाल, लोमश साहू, निशा ठाकुर, नेहा साहू, खिलेश्वर पटेल एवं ललिता यदु के नाम प्रमुख हैं।

अग्निवीरों की नौकरी सुरक्षित, 75 फीसदी बने रहेंगे फोर्स का हिस्सा

नई दिल्ली सेना में भर्ती के लिए आई अग्निवीर स्कीम पर सवाल उठाए जाते रहे हैं। इस स्कीम के तहत अब तक 25 फीसदी जवानों को ही 4 साल के कार्यकाल के बाद भी नौकरी में बनाए रखने का प्रावधान है। अब इस लिमिट में बड़ा इजाफा हो सकता है और इसे 75 फीसदी तक किया जा सकता है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। इस संबंध में जैसलमेर में आज आयोजित होने वाली आर्मी कमांडर्स की प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी इसके बारे में कोई निर्णय हो सकता है। अहम बात यह है कि अगले साल ही अग्निवीरों के पहले बैच के 4 साल की अवधि पूरी हो रही है। ऐसे में इन लोगों को फायदा मिल सकता है और 75 फीसदी लोगों की सेना में सेवा बरकरार रहेगी। मई में भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के खिलाफ ऐक्शन लेते हुए पाक में सक्रिय आतंकी ठिकानों पर ऑपरेशन सिंदूर किया था। उसके बाद आज पहली बार आर्मी कमांडर्स की कॉन्फ्रेंस होने वाली है। इस कॉन्फ्रेंस में सेना की टॉप लीडरशिप तमाम मसलों पर बात करती है और प्रमुख मुद्दा सुरक्षा की समीक्षा होता है। एक और विषय पर विचार हो सकता है कि सेना के पास रिटायर सैनिकों का एक बड़ा पूल है। इनकी सेवाओं का कैसे प्रयोग किया जा सकता है। इस पर भी विचार होगा। फिलहाल इन लोगों को आर्मी वेलफेयर एजुकेशन सोसायटी, एक्स सर्विसमेन कॉन्ट्रिब्यूटरी हेल्थ स्कीम में ही लगाया गया है। अब इन लोगों की भागीदारी को बढ़ाने पर भी विचार होगा। मौजूदा सैनिकों के कल्याण के लिए भी कुछ फैसले लिए जा सकते हैं। सबसे अहम मसला यह होगा कि कैसे तीनों सेनाओं के बीच समन्वय बने और जॉइंट कमांड में काम हो सके। कोलकाता में बीते महीने कंबाइंड कमांडर्स कॉन्फ्रेंस का आयोजन हुआ था। इसमें पीएम नरेंद्र मोदी भी पहुंचे थे। उस मीटिंग में सरकार की ओर से ऐलान हुआ था कि तीन जॉइंट मिलिट्री स्टेशन बनेंगे। इसके अलावा आर्मी, नेवी और एयरफोर्स की शैक्षणिक शाखाओं का विलय किया जाएगा। यदि कोई हमला होता है या कोई ऑपरेशन करना है तो भारतीय बल कितनी देर में तैयार हो सकते हैं। हथियारों या विमानों की रिपेयर में कितना टाइम लग सकता है। इन मसलों पर भी आज बात होगी।

अग्निवीरों को मिलेगा पुलिस सेवा में मौका, यूपी सरकार ने दी 20% आरक्षण की मंजूरी

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने अग्निवीरों (Agniveer) को यूपी पुलिस बल (UP Police Force) में 20 प्रतिशत आरक्षण (Reservation) देने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि जो सैनिक देश की सेना में अग्निवीर के रूप में योगदान देंगे, उनके रिटायर होने पर उत्तर प्रदेश पुलिस बल में ऐसे सैनिकों के लिए आरक्षण की व्यवस्था की जा रही है. सीएम योगी ने इस मौके पर भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम का भी बखान किया. उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' (Operation Sindoor) का जिक्र करते हुए कहा, "आपने 'ऑपरेशन सिंदूर' के माध्यम से भारत की वीरता भी देखी होगी."  राज्य स्तर पर भी रोजगार में प्राथमिकता मुख्यमंत्री योगी ने कहा, “जो सैनिक देश की सेना में अग्निवीर के रूप में योगदान देंगे, उनके रिटायर होने पर यूपी पुलिस बल में ऐसे सैनिकों के लिए आरक्षण की व्यवस्था की जा रही है।” इस फैसले से यह स्पष्ट होता है कि केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के तहत सेना में चार साल तक सेवा देने वाले अग्निवीरों को अब राज्य स्तर पर भी रोजगार में प्राथमिकता मिलने लगी है।   'ऑपरेशन सिंदूर' का किया जिक्र सीएम योगी ने इस मौके पर भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम का भी बखान किया। उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' का जिक्र करते हुए कहा, “भारत के वीर जवानों और भारतीय सेना को पाकिस्तान को सबक सिखाने और आतंकवादी शिविरों को नष्ट करने में 22 मिनट भी नहीं लगे।” योगी ने यह भी कहा कि उस समय भारत अकेला नहीं था, बल्कि पाकिस्तान को तुर्की, चीन और कई अन्य देशों से समर्थन मिल रहा था। लेकिन भारतीय सेना की वीरता और तेज कार्रवाई के चलते पाकिस्तान को आत्मसमर्पण करना पड़ा।  CM योगी ने कहा, "भारत के वीर जवानों और भारतीय सेना को पाकिस्तान को सबक सिखाने और पाकिस्तान के सभी आतंकवादी शिविरों को नष्ट करने में 22 मिनट भी नहीं लगे." उन्होंने आगे कहा कि उस दौरान भारत कई देशों से मुकाबला कर रहा था. एक तरफ पाकिस्तान को तुर्की, चीन और दुनिया के अन्य देशों से मदद मिल रही थी. लेकिन इन सबके बावजूद, पाकिस्तान भारत की बहादुर सेना के सामने कुछ नहीं कर सका और आखिरकार उसे आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर होना पड़ा. यूपी सीएम ने किया भारतीय सेना का बखान इतना ही नहीं यूपी सीएम ने इस मौके पर भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम का बखान करते हुए ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया और कहा कि आपने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत की वीरता भी देखी होगी. भारतीय वीरों ने सिर्फ 22 मिनट में पाकिस्तान के छक्के छुड़ा दिए और सभी आतंकी शिविरों को नष्ट कर दिया. पाकिस्तान ने टेके घुटने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए यूपी सीएम ने कहा कि उस दौरान भारत कई देशों से मुकाबला कर रहा था. पाकिस्तान को तुर्की, चीन जैसे कई देशों को सपोर्ट था, लेकिन इन सबके बावजूद पाकिस्तान, भारतीय सेना के आगे कुछ नहीं कर सका. अग्निवीर को कितनी सैलरी मिलती है? अग्निवीर की नौकरी 4 सालों की होती है. इसमें हर साल की मासिक सैलरी अलग है. अग्निवीर सैलरी स्ट्रक्चर नीचे समझ सकते हैं- अग्निवीर को पहले साल में मासिक सैलरी 30,000 रुपये मिलेगी. इसमें से उम्मीदवार को इनहैंड 21,000 रुपये मिलेंगे. बाकी के 9,000 रुपये अग्निवीर कॉर्प्स फंड में जमा किए जाएंगे. भारत सरकार इस फंड में अतिरिक्त 9,000 रुपये का योगदान करेगी. नौकरी छोड़ने के बाद यह पूरी राशि उम्मीदवार को एकमुश्त दी जाएगी. इसके बाद दूसरे साल में अग्निवीर की सैलरी 33,000 रुपये मासिक होगी. इसमें से इनहैंड 23,100 रुपये मिलेंगे. फिर तीसरे साल में 36,500 रुपये सैलरी मिलेगी. इसमें से अग्निवीर को इनहैंड 25,550 रुपये दिए जाएंगे. आखिरी यानी चौथे साल में मासिक सैलरी 40,000 रुपये निर्धारित है. लेकिन उसमें से भी इनहैंड 28,000 रुपये ही मिलेंगे.

अग्निवीरों को सम्मान: उत्तराखंड में सरकारी भर्तियों में 10% आरक्षण की योजना

देहरादून  सैनिक के रूप में देश की आन-बान-शान की रक्षा की जिम्मेदारी निभाने के बाद नागरिक जीवन में लौटने वाले पूर्व अग्निवीरों को उत्तराखंड में सरकारी सेवाओं में 10 प्रतिशत का क्षैतिज आरक्षण मिल सकता है। अग्निवीरों के कल्याण और पुनर्वास के लिए उत्तराखंड सरकार विभिन्न विभागों की भर्तियों में क्षैतिज आरक्षण की सुविधा देने की तैयारी कर रही है। कार्मिक विभाग ने इसका प्रस्ताव तैयार कर विधायी विभाग को परामर्श के लिए भेज दिया है। रविवार को कार्मिक विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने 'हिन्दुस्तान' को बताया कि आरक्षण प्रस्ताव पर पिछले कुछ समय से मंथन चल रहा था। विधायी परामर्श के बाद आरक्षण प्रस्ताव को कैबिनेट में मंजूरी के लिए जाया जाएगा। सूत्रों के अनुसार अग्निवीरों को वर्दीधारी सेवाओं में आरक्षण देने की सिफारिश की गई है। उत्तराखंड में पुलिस के साथ ही परिवहन, आबकारी, वन विभाग समेत कई विभाग हैं। अग्निवीर सेना से प्रशिक्षित होने की वजह से प्रवर्तन सेवाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिछले साल घोषणा की थी कि अग्निवीरों के सेवा पूरी करने के बाद उनके समायोजन, पुनर्वास के लिए ठोस व्यवस्था की जाएगी। इससे देश की सेवा के लिए समर्पित होने वाले नौजवानों को सेवा अवधि पूरी करने के बाद रोजगार, पुनर्वास के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। कमेटी दे चुकी है रिपोर्ट मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद सरकार ने सैनिक कल्याण सचिव दीपेंद्र चौधरी की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया था। यह कमेटी भी अपनी रिपेार्ट सरकार को सौंप चुकी है। इसमें अग्निवीरों को सेना में सेवा की अवधि के वर्षों की संख्या के अनुसार सरकारी सेवाओं में अधिकतम आयु सीमा में छूट, सेवा से लौटने के बाद शैक्षिक योग्यता बढ़ाने के इच्छुक पूर्व अग्निवीरों को राज्य के शिक्षण संस्थानों की सीटों पर एक तय सीमा तक आरक्षण तथा राज्य की स्वरोजगार और ऋण योजनाओं में भी प्राथमिकता देने की सिफारिश की गई है। वर्ष 2022 में शुरू हुई थी योजना वर्ष 2022 में केंद्र सरकार ने सेना में भर्ती के लिए अग्निपथ योजना शुरू की थी। इस योजना के तहत भर्ती होने युवाओं को अग्निवीर नाम से जाना जाता है। यह सेवा चार साल की है। इसमें 25 प्रतिशत अग्निवीरों को सेना में स्थायी होने का अवसर भी मिलता है। वर्ष 2022 में यह योजना शुरू हुई थी। चार साल पूरे होने पर अग्निवीर वर्ष 2026 से नागरिक जीवन में लौटना शुरू करेंगे। यूपी में भी है 20 पर्सेंट आरक्षण इससे पहले उत्तर प्रदेश सरकार भी राज्य पुलिस बल में अग्निवीरों को 20 फीसदी क्षैतिज आरक्षण दे चुकी है। उन्हें आयु में 3 वर्ष की छूट भी प्रदान की गई है। इसके अलावा राजस्थान और हरियाणा में भी अग्निवीरों को आरक्षण देने की घोषणा की गई है। इसके अलावा कई केंद्रीय बलों में भी उन्हें आरक्षण का लाभ दिया जाएगा।