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चंडीगढ़ एयर शो में तिरंगा आसमान में, लोगों में जोश; सुखना लेक पर एंट्री केवल प्री-बुकिंग वालों के लिए

चंडीगढ़ चंडीगढ़ में सुखना लेक पर 27 मार्च से दो दिवसीय एयर शो की शुरुआत हो गई है, जिसमें भारतीय वायुसेना की सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम ने आसमान में शानदार करतब दिखाए। कार्यक्रम के दौरान फाइटर जेट्स ने आकाश में तिरंगा, डायमंड और अंग्रेजी अक्षर ‘A’ की आकृतियां बनाकर दर्शकों को रोमांचित किया। शो देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर बिना प्री-बुकिंग एंट्री पर रोक लगाई है। इस दौरान सुखना लेक को आम लोगों के लिए बंद रखा गया है और मुख्य अतिथि के रूप में चीफ सेक्रेटरी राजेश प्रसाद भी कार्यक्रम में शामिल हुए। आसमान में दिखा वायुसेना का दम एयर शो के दौरान सूर्यकिरण टीम ने समन्वय और सटीकता के साथ कई हवाई करतब पेश किए। फाइटर जेट्स ने एक साथ उड़ान भरते हुए आकाश में अलग-अलग आकृतियां बनाई, जिसमें डायमंड फॉर्मेशन और अंग्रेजी अक्षर ‘A’ प्रमुख रहे। सबसे खास पल तब रहा जब जेट्स ने तिरंगा बनाकर देशभक्ति का संदेश दिया, जिसे देखकर दर्शकों ने उत्साह के साथ तालियां बजाईं। भारी भीड़ और सख्त सुरक्षा सुखना लेक पर आयोजित इस शो को देखने के लिए सुबह से ही लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। प्रशासन ने पहले से ही स्पष्ट कर दिया था कि केवल प्री-बुकिंग वाले लोगों को ही प्रवेश मिलेगा। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए NDRF की टीम को भी तैनात किया गया है, जो आसमान में उड़ने वाले पक्षियों पर नजर बनाए हुए है, ताकि शो के दौरान किसी तरह की बाधा न आए। शो देखने के लिए भारी संख्या में लोग पहुंचे। मुख्य अतिथि के तौर पर चीफ सेक्रेटरी राजेश प्रसाद शामिल हुए। एयर शो में बिना प्री-बुकिंग के एंट्री नहीं दी गई। इस दौरान लेक आम लोगों के लिए बंद कर दी गई है। NDRF की टीम आसमान में उडने वाले पक्षियों पर नजर रखी। इस शो में दो पायलट चंडीगढ़ के विंग कमांडर तेजेश्वर सिंह और दिवाकर शर्मा भी शामिल हैं। इसके साथ ही आर्मी पब्लिक स्कूल चंडी मंदिर के 2005 बैच के छात्र रहे विंग कमांडर तेजेश्वर सिंह भी सूर्य किरण की एरोबैटिक टीम का हिस्सा रहे और इस टीम को लीड किया। इनके साथ ही फ्लाइट लेफ्टिनेंट कमल संधू भी टीम का हिस्सा रहे। वहीं इससे पहले सुबह से ही बूंदाबांदी हुई। हालांकि इससे शो पर कोई असर नहीं पड़ा। प्रशासन की तरफ से शो में आने वाले लोगों के लिए बैठने की व्यवस्था सुखना लेक पर खुले में की गई है। स्थानीय पायलटों की खास भागीदारी इस एयर शो में चंडीगढ़ के दो पायलटों की भागीदारी खास आकर्षण का केंद्र रही। विंग कमांडर तेजेश्वर सिंह और दिवाकर शर्मा इस टीम का हिस्सा हैं। तेजेश्वर सिंह, जो आर्मी पब्लिक स्कूल चंडी मंदिर के 2005 बैच के छात्र रह चुके हैं, इस एरोबैटिक टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। उनके साथ फ्लाइट लेफ्टिनेंट कमल संधू भी टीम में शामिल हैं, जिन्होंने अपने प्रदर्शन से दर्शकों को प्रभावित किया। मौसम का हल्का असर, शो जारी कार्यक्रम शुरू होने से पहले सुबह हल्की बूंदाबांदी हुई थी, जिससे कुछ समय के लिए मौसम को लेकर आशंका बनी रही। हालांकि इसका एयर शो पर कोई खास असर नहीं पड़ा और सभी निर्धारित कार्यक्रम समय पर पूरे किए गए। दर्शकों के लिए बैठने की व्यवस्था खुले में की गई थी, जहां से उन्होंने पूरे शो का आनंद लिया। दो दिन तक बंद रहेगा सुखना लेक एयर शो के चलते सुखना लेक को दो दिनों के लिए आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया है। प्रशासन ने लोगों से सहयोग की अपील की है और आयोजन के सफल संचालन के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं। शो के दौरान सुरक्षा, यातायात और भीड़ नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो।

एयर शो में दिखी वायुसेना की ताकत, चंडीगढ़ में गरजे सुखोई और राफेल लड़ाकू विमान

चंडीगढ़. भारतीय वायु सेना द्वारा आयोजित दो-दिवसीय एयर शो (जो 27 और 28 मार्च के लिए निर्धारित है) आज चंडीगढ़ की सुखना लेक पर शुरू हो गया है। 'सूर्य किरण' एरोबैटिक टीम इस समय झील के ऊपर शानदार हवाई प्रदर्शन कर रही है। इस कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को देखते हुए, सुखना झील को 26 मार्च से लेकर 28 मार्च की दोपहर तक आम जनता के लिए बंद कर दिया गया है। सुरक्षा सुनिश्चित करने और यातायात के सुचारू प्रवाह को बनाए रखने के लिए, शहर भर के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रतिबंध लागू रहेंगे। यातायात पुलिस ने इन उपायों के संबंध में एक एडवाइजरी जारी की है। दोनों ही दिन, सुखना झील के आसपास के क्षेत्रों में वाहनों की आवाजाही सुबह आठ बजे से दोपहर एक बजे तक प्रतिबंधित रहेगी। हालांकि, दर्शकों की सुविधा के लिए, एक शटल बस सेवा उपलब्ध कराई गई है। आगंतुकों को निर्धारित पिकअप पॉइंट्स पर पहुंचने और इन शटल बसों के माध्यम से कार्यक्रम स्थल तक जाने की आवश्यकता है। एयर शो की तैयारी : चंडीगढ़ डिप्टी कमिश्नर निशांत यादव ने कहा कि शहर के कई हिस्सों में ट्रैफिक पर असर पड़ेगा, इसलिए लोगों को पहले से प्लान करके निकलने की सलाह दी गई है. एयर शो की तैयारियों को देखते हुए 26 मार्च से ही सुखना लेक को आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया है. ये पाबंदी 28 मार्च दोपहर 1:30 बजे तक जारी रहेगी. 1300 पुलिसकर्मी रहेंगे तैनात : एसएसपी कंवरदीप कौर के अनुसार, सुरक्षा के लिए करीब 1300 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी. ट्रैफिक एडवाइजरी भी जारी कर दी गई है, जिसका पालन करने की अपील की गई है. साथ ही फायर सेफ्टी के भी पूरे इंतजाम किए गए हैं. लेक और आसपास के इलाकों में खास नजर रखी जाएगी ताकि भीड़ को सही तरीके से संभाला जा सके. शहर को 7 जोन में बांटा गया : भीड़ और ट्रैफिक को संभालने के लिए शहर को 7 हिस्सों में बांटा गया है. अलग-अलग जगहों से लोगों को पिक-अप और ड्रॉप की सुविधा दी जाएगी. करीब 300 बसें लोगों को लेक तक पहुंचाने के लिए चलेंगी. बिना टिकट एंट्री नहीं : एयर शो देखने के लिए पहले से टिकट लेना जरूरी है. टिकट बुक करते समय लोगों को अपना पिकअप पॉइंट चुनना होगा और उसी के हिसाब से उन्हें एंट्री मिलेगी. पहले से निकलें, रूट चेक करें : प्रशासन का कहना है कि अगर आप एयर शो देखने जा रहे हैं, तो समय से पहले घर से निकलें और ट्रैफिक एडवाइजरी जरूर देख लें, ताकि रास्ते में परेशानी ना हो. क्या ले जा सकते हैं, क्या नहीं : 6 साल से कम उम्र के बच्चों को एंट्री नहीं होगी सिर्फ पारदर्शी पानी की बोतल ले जाने की अनुमति है बैग और खाने-पीने का सामान ले जाना मना है एंट्री केवल रिस्ट बैंड के जरिए ही मिलेगी

दुबई इवेंट में बड़ा फैसला: अमेरिकी पायलट ने नमांश के समर्थन में अपना शो वापस लिया

दुबई        दुबई में एयर शो के दौरान तेजस विमान क्रैश होने के बाद भी शो जारी रखने पर एक अमेरिकी पायलट ने आयोजकों को कड़ी फटकार लगाई है. दुबई एयर शो में हिस्सा ले रहे इस पायलट ने कहा कि उनके लिए ये यकीन करना मुश्किल था कि इस क्रैश के कुछ ही देर बाद वहां सब कुछ नॉर्मल था. कमेंट्री करने वाले शख्स के शब्दों में पहले जैसा ही जोश था, लोग उसी तरह तालियां बजा रहे थे. लेकिन वहां एक हादसा हो चुका था. उन्होंने कहा कि हादसे के बाद शो जारी रखना हैरान करने वाला फैसला था. अमेरिकी वायुसेना के इस पायलट का नाम मेजर टेलर फेमा हिएस्टर है. F-16 से आसमान में कलाबाजी दिखाने वाले अमेरिकी एयरफोर्स के टीम कमांडर ने  इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट लिखकर कहा कि, 'टीम ने पायलट नमांश, उनके साथियों और परिवार के सम्मान में कुछ और लोगों के साथ एयर शो में अपनी आखिरी परफॉर्मेंस कैंसिल करने का फैसला किया है.' घटनास्थल का वर्णन करते हुए उन्होंने लिखा है, "जब उन्होंने आग बुझा दी, और मुझे एयर शो के ऑर्गनाइज़र ने बताया कि फ्लाइंग डिस्प्ले जारी रहेगा, तो मैंने तय किया कि हम इसे कैंसिल कर देंगे. मैं शायद एक या दो घंटे बाद शो साइट पर गया, यह सोचकर कि वहां खाली होगा, लोग चले गए होंगे, लेकिन ऐसा नहीं था."  उन्होंने आगे कहा, "अनाउंनसर अभी भी उत्साह से भरा था, भीड़ ने अगले कई शो रूटीन उत्साह के साथ देखे और जब शो खत्म हुआ तो फिर अनाउंस हुआ- हमारे सभी प्रायोजकों, कलाकारों को बधाई और हम आपसे 2027 में मिलेंगे. विंग कंमाडर नमांश स्याल की मृत्यु के बाद भी एयर शो जारी रखने के लिए उन्होंने आयोजकों पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा, "दुबई एयरशो के आखिरी दिन इंडियन एयर फोर्स के विंग कमांडर नमांश स्याल तेजस से एक्रोबैटिक डेमो करते हुए दुर्घटना का शिकार हो गए और उनकी मृत्यु हो गई. हमारी टीम भी अपने प्लेन के साथ तैयारी कर रही थी. हमें अपना शो करना था." अमेरिकी एयरफोर्स के पायलट का पोस्ट उन्होंने आगे कहा, "हालांकि शो  के आयोजकों ने घटना के बाद भी फ्लाइंग शेड्यूल को जारी रखने का फैसला लिया, हमारी टीम के अलावा कुछ और लोगों ने अपना अंतिम परफॉर्मेंस रद्द करने का फैसला किया, ये उस पायलट, उसके साथी और उसके परिवार के सम्मान में लिया गया फैसला था." शो जारी रखने पर हिएस्टर ने कहा, "उनके लिए यह सोचना अजीब था कि उनकी टीम शो साइट से उनके "बिना" रॉक एंड रोल टेक के बाहर निकल रही है, जबकि अगला परफॉर्मर परफॉर्म करने के लिए खुद को तैयार कर रहा है.  अमेरिकी वायुसेना के पायलट हिएस्टर ने कहा, "शो चलते रहना चाहिए (The show must go on) लोग हमेशा यही कहते हैं. और यह सही हैं. लेकिन बस याद रखें कि आपके जाने के बाद भी कोई यही कहेगा."   नमांश स्याल का अंतिम संस्कार  इस बीच रविवार को विंग कमांडर नमांश स्याल का कांगड़ा स्थित उनके पैतृक गांव में पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया. इस दौरान नमांश स्याल के पिता जगन्नाथ स्याल ने कहा कि देश ने एक बेहतरीन पायलट खो दिया है और मैंने एक जवान बेटा खो दिया. जगन्नाथ स्याल ने कहा कि उसकी जिंदगी में कभी कोई पल बोरिंग नहीं रहा और उसने हर उस कॉम्पिटिशन में हिस्सा लिया.

उप राष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने देखा एयर शो

रायपुर, छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ पर आज नवा रायपुर के सेंध जलाशय के ऊपर भारतीय वायु सेना की प्रतिष्ठित एरोबेटिक "सूर्यकिरण" की टीम ने रोमांचक एयर शो का प्रदर्शन किया। देश के उप राष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन, राज्यपाल श्री रमेन डेका, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के साथ हजारों लोगों ने अद्भूत और रोमांचक एयर शो का आनंद लिया। आज प्रदेशवासियों के लिए वायु सेना का एयर शो कमाल का अनुभव रहा। सेंध जलाशय के ऊपर वायु सेना के फाइटर प्लेन्स ने एक के बाद एक कई हवाई करतब दिखाए। आसमान में पंछियों के झुंड की तरह बिल्कुल क्रम से उड़ने वाले फाइटर प्लेन्स के माध्यम से वायु सेना के जाबांजों ने अपने नियंत्रण और शौर्य का अद्भुत प्रदर्शन किया। विमानों के माध्यम से जब आकाश में तिरंगा लहराया तो सेंध जलाशय भारत माता की जय के नारे से गूंज उठा। एयर शो के दौरान "सूर्यकिरण" टीम के लीडर ग्रुप कैप्टन श्री अजय दशरथी ने आसमान से छत्तीसगढ़वासियों को रजत महोत्सव की बधाई दी। वहीं छत्तीसगढ़ निवासी भारतीय वायु सेना के स्क्वाड्रन लीडर श्री गौरव पटेल ने सेंध जलाशय के ऊपर अपने कॉकपिट से 'जय जोहार' और 'छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया' कहकर दर्शकों का अभिवादन किया। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, कौशल विकास मंत्री गुरू खुशवंत साहेब और सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल सहित विभिन्न निगमों, मंडलों और आयोगों के पदाधिकारी भी एयर शो देखने पहुंचे थे। "सूर्यकिरण" टीम ने अनुशासन, परस्पर विश्वास, सटीकता और उत्साह के साथ एक घंटे तक वायु सेना के विमानों के साथ कलाबाजी दिखाकर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। नवा रायपुर के सेंध जलाशय में मौजूद हजारों दर्शक पायलटों के हैरतअंगेज साहस और करतबों को देखकर मंत्रमुग्ध होते रहे। विंग कमांडर श्री ए.व्ही. सिंह के नेतृत्व में वन-एफ-9 और वन-एफ-8 हेलीकॉप्टर यूनिट ने वी-17 और वी-5 हेलीकॉप्टरों से स्लीपरी और स्काई-ऑपरेशन के करतब दिखाए। 'आदिदेव' नाम के इन हेलीकॉप्टरों से केवल 15 मीटर ऊंचाई पर स्थिर रहकर 14 गरूड़ कमांडोज रस्सी के सहारे नीचे उतरे। वहीं स्काई-ऑपरेशन के दौरान आठ गरूड़ कमांडोज रस्सी पर लटककर हेलीकॉप्टर से दर्शकों के सामने से आकाश में उड़ते हुए गुजरे। इन दोनों ऑपरेशनों को लड़ाई और आपदा के दौरान जनसामान्य को बचाने के लिए किया जाता है। एयर शो में "सूर्यकिरण" की टीम के नौ हॉक-मार्क-123 फाइटर विमानों ने आसमान में हार्ट, डायमंड, लूप, ग्रोवर, डान लाइट, कॉम्बैट तेजस जैसे शानदार फार्मेशन बनाकर लोगों को रोमांचित किया। नीले आसमान में उड़ते लाल-सफेद जेट विमानों द्वारा तिरंगे की आकर्षक ट्रेल छोड़ने पर सेंध जलाशय परिसर तालियों और जय-हिंद के नारों से गूंज उठा। हज़ारों की संख्या में मौजूद नागरिक, युवा और बच्चे लगातार विमानों की कलाबाजियों को अपने कैमरों और मोबाइलों में कैद करते रहे। वायु सेना के जाबांज फाइटर पायलटों ने आसमान में दिल की आकृति बनाकर 25वें राज्योत्सव की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने तिरंगे के तीन रंगों से डीएनए की आकृति बनाकर तिरंगे के प्रति अपना सम्मान प्रस्तुत किया। उन्होंने 360° में फाइटर जेट उड़ाते हुए उल्टा जेट भी उड़ाया। तेजस और युवाओं को समर्पित अंग्रेजी अक्षर 'वाई' की आकृति बनाने के साथ ही कई करतब दिखाए। टीम का प्रदर्शन केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि युवाओं में देशप्रेम, साहस और भारतीय सशस्त्र बलों में सेवा की प्रेरणा जगाने का संदेश भी देता है। एयर शो में छत्तीसगढ़ के स्क्वाड्रन लीडर श्री गौरव पटेल का शामिल होना राज्यवासियों के लिए गर्व और भावनात्मक जुड़ाव का पल था। आसमान में अपने विमान को तेज गति से उड़ाते हुए श्री पटेल ने अपने कॉकपिट से 'जय जोहार' और 'छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया' का जय घोष किया। फ्लाइट लेफ्टिनेंट सुश्री कंवल संधू ने अपनी लाइव कमेंट्री के दौरान एयर शो के रोमांचक वर्णन के साथ ही पायलटों के अनुशासन, समर्पण, प्रशिक्षण और जोखिम प्रबंधन की बारीकियों की जानकारी दी। 'सूर्यकिरण' एशिया की एकमात्र नौ लड़ाकू विमानों वाली एरोबैटिक टीम, 1996 में हुई थी स्थापना भारतीय वायु सेना की सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम (Surya Kiran Aerobatic Team) एशिया की एकमात्र नौ लड़ाकू विमानों वाली एरोबैटिक टीम है। यह विशिष्ट टीम भारत में ही निर्मित एचएएल (HAL) लाइसेंस प्राप्त हॉक एमके-132 (Mk-132) विमान उड़ाती है। इन विमानों के ज़रिए भारतीय वायु सेना की सटीकता, पेशेवर उत्कृष्टता और कौशल का अद्भुत प्रदर्शन करती है, जिसमें रोमांचक हवाई करतब और बेहद सटीक फॉर्मेशन शामिल होते हैं। सूर्यकिरण टीम को उसका मिशन विशेष बनाता है। देश के युवाओं को भारतीय सशस्त्र बलों में शामिल होकर देशसेवा के लिए प्रेरित करना इनका मिशन है। सूर्यकिरण टीम की स्थापना वर्ष 1996 में की गई थी। तब से यह टीम एशिया की एकमात्र नौ-विमानों वाली एरोबैटिक टीम होने का गौरव रखती है और दुनिया की कुछ चुनिंदा शीर्ष एरोबैटिक टीमों में शामिल है। यह असाधारण टीम अब तक भारत भर में 700 से अधिक प्रदर्शन कर चुकी है। साथ ही चीन, श्रीलंका, म्यांमार, थाईलैंड, सिंगापुर और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे कई देशों में भारत का प्रतिनिधित्व अंतरराष्ट्रीय एयर शोज़ में भी किया है। टीम मंं कुल 13 पायलट, 3 इंजीनियरिंग अधिकारी, 1 उद्घोषक (कमेन्टेटर) और 1 चिकित्सा अधिकारी शामिल हैं। सूर्यकिरण टीम भारतीय वायुसेना की उस भावना को दर्शाती है जो उत्कृष्टता, अनुशासन और टीमवर्क पर आधारित है। टीम के सभी पायलट अत्यंत कठिन प्रशिक्षण से गुजरते हैं, जिसमें जटिल एरोबैटिक मूवमेंट्स का महीनों तक अभ्यास किया जाता है। उनका बेदाग़ तालमेल और नियंत्रण ही क्लोज़ फॉर्मेशन फ्लाइंग की नींव है जहाँ नौ विमान मानो एक ही आत्मा से संचालित प्रतीत होते हैं।

5 तारीख को एयर शो: ट्रैफिक और फ्लाइट पर असर, जानिए आपका नया रूट प्लान

रायपुर राज्य स्थापना के 25 साल पूरे होने पर राज्योत्सव के अंतिम दिन 5 नवंबर को नवा रायपुर में एयर शो का आयोजन किया जा रहा है. सेंध तालाब के ऊपर एयरफोर्स की सूर्य किरण एरोबेटिक टीम एयर शो करेगी. सुबह 10 से 12 बजे के मध्य एक-एक घंटे का कार्यक्रम होगा. पहले वायुसेना के चुनिंदा लड़ाके हेलीकॉप्टर पर करतब दिखाएंगे. जवानों द्वारा 8 हजार फीट की ऊंचाई से पैरा जंपिंग की जाएगी. इसके बाद एयरोबेटिक शो होगा. सेंध तालाब के आसपास एक लाख दर्शकों के लिए तैयारियां की जा रही है. 4-5 को डिले हो सकती है आधा दर्जन से ज्यादा फ्लाइट- पांच नवंबर के एयर शो के लिए चार नवंबर को रिहर्सल किया जाएगा. इसलिए दोनों दिन सुबह 10 से दोपहर 12 बजे के मध्य की आधा दर्जन फ्लाइट डिले होने की आशंका है. हालांकि अभी इसकी अधिकृत जानकारी नहीं दी गई है. दो नवंबर को एयरफोर्स की तकनीकी टीम पहुंची और एयरपोर्ट का निरीक्षण किया गया. जहां से नौ विमान और दो हेलीकॉप्टर एयर शो के लिए उड़ान भरेंगे. तकनीकी जांच की वजह से पांच फ्लाइट्स की आवाजाही पर असर पड़ा. लखनऊ रायपुर की फ्लाइट सवा नौ के बजाय एक घंटे पहले सवा आठ बजे पहुंची. हैदराबाद, भुवनेश्वर और दिल्ली की दो फ्लाइटें भी प्रभावित हुई. एयर शो करने वाले बेड़े में नौ एयरक्राफ्ट और दो हेलीकॉप्टर शामिल हैं. वीवीआईपी, वीआईपी एवं आम नागरिकों के लिए अलग-अलग रूट आयोजन में शामिल होने सेंध तालाब क्षेत्र में पहुंचने के लिए तीन रूट तय किए गए हैं. पहला रूट वीवीआईपी, दूसरा रूट वीआईपी और तीसरा रूट आम नागरिकों के लिए होगा. वीवीआईपी जैनम तिराहा, विमानतल तिराहा से सत्य साईं हॉस्पिटल के सामने से कार्यक्रम स्थल सेंध जलाशय पहुंचेंगे. वीआईपी को माना विमानतल एवं सेरीखेड़ी ओवरब्रिज की ओर से विमानतल तिराहा, स्टेडियम तिराहा से दाहिने मुड़कर, कोटराभाठा कबीर चौक से सेक्टर 12 सेक्टर 9-सेक्टर 4 होते हुए सेंध जलाशय पहुंचना होगा और पार्किंग व्यवस्था क्रिकेट स्टेडियम के आसपास की की गई है. आम दर्शकों के लिए माना विमानतल एवं सेरीखेड़ी ओवरब्रिज की ओर से विमानतल तिराहा, स्टेडियम तिराहा, सेक्टर 12 सेक्टर 9 सेक्टर 4 से अविनाश उपवन मैदान पार्किंग तक पहुंचना होगा. इसी तरह अभनपुर की ओर से आने वाले मॉटफोर्ट स्कूल तिराहा ऊपरवारा चौक, पंडित दीनदयाल उपाध्याय चौक, कबीर चौक सेक्टर 12 सेक्टर 9 सेक्टर 4 से दाहिने मुड़कर अविनाश उपवन पार्किंग तक पहुंचेंगे. मंदिर हसौद एवं आरंग की ओर से जाने वाले नवागांव स्टेडियम टर्निंग से नवागांव रेलवे क्रॉसिंग होते हुए परसदा एवं कोसा मैदान में पहुंचकर वाहन पार्क करेंगे. चार को रिहर्सल भी देख पाएंगे लोग एरोबेटिक टीम और लड़ाके 4 नवंबर को रिहर्सल करेंगे. इस रिहर्सल को भी आम लोग सेंध तालाब के आसपास से देख पाएंगे. जिला प्रशासन के मुताबिक वायुसेना की विश्व प्रसिद्ध सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम अपने अद्भुत हवाई करतबों से दर्शकों को रोमांच, गर्व, उत्साह और देशभक्ति से भर देगी. 4-5 को डिले हो सकती है आधा दर्जन से ज्यादा फ्लाइट पांच नवंबर के एयर शो के लिए चार नवंबर को रिहर्सल किया जाएगा. इसलिए दोनों दिन सुबह 10 से दोपहर 12 बजे के मध्य की आधा दर्जन फ्लाइट डिले होने की आशंका है. हालांकि अभी इसकी अधिकृत जानकारी नहीं दी गई है. दो नवंबर को एयरफोर्स की तकनीकी टीम पहुंची और एयरपोर्ट का निरीक्षण किया गया. जहां से नौ विमान और दो हेलीकॉप्टर एयर शो के लिए उड़ान भरेंगे. तकनीकी जांच की वजह से पांच फ्लाइट्स की आवाजाही पर असर पड़ा. लखनऊ-रायपुर की फ्लाइट सवा नौ के बजाय एक घंटे पहले सवा आठ बजे पहुंची. हैदराबाद, भुवनेश्वर और दिल्ली की दो फ्लाइटें भी प्रभावित हुई. एयर शो करने वाले बेड़े में नौ एयरक्राफ्ट और दो हेलीकॉप्टर शामिल हैं.