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केंद्र का समर्थन: छत्तीसगढ़ को मिली 15.70 करोड़ की सहायता प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए

प्राकृतिक आपदाओं से निपटने में केंद्र का अतिरिक्त सहयोग छत्तीसगढ़ को मिली 15.70 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता रायपुर  प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित राज्यों की मदद के लिए केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय समिति ने वर्ष 2025 के दौरान आई बाढ़, फ्लैश फ्लड, बादल फटने, भूस्खलन और चक्रवाती तूफान ‘मोन्था’ जैसी आपदाओं से प्रभावित राज्यों के लिए 1,912.99 करोड़ रुपये की अतिरिक्त केंद्रीय सहायता को मंजूरी दी है। इस निर्णय के तहत छत्तीसगढ़ को 15.70 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्राकृतिक आपदाओं से निपटने में केंद्र के इस अतिरिक्त सहयोग के लिए केंद्रीय गृह मंत्री का आभार माना है।                 केंद्र सरकार द्वारा यह सहायता राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (NDRF) से जारी की जाएगी, ताकि प्रभावित राज्यों में राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके। समिति के निर्णय के अनुसार छत्तीसगढ़ को 15.70 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता स्वीकृत की गई है।               केंद्र सरकार ने कहा है कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में भारत सरकार प्राकृतिक आपदाओं के समय राज्यों के साथ मजबूती से खड़ी है और हर संभव सहयोग प्रदान कर रही है। आपदा की स्थिति में प्रभावित राज्यों को त्वरित राहत और पुनर्वास कार्यों के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना केंद्र सरकार की प्राथमिकता है।             गौरतलब है कि यह अतिरिक्त सहायता राज्यों को पहले से उपलब्ध कराए गए संसाधनों के अतिरिक्त है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान केंद्र सरकार ने राज्यों को आपदा प्रबंधन के लिए बड़ी राशि पहले ही जारी कर दी है। State Disaster Response Fund (SDRF) के तहत 28 राज्यों को 20,735.20 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं, जबकि National Disaster Response Fund (NDRF) के तहत 21 राज्यों को 3,628.18 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है।                  इसके अलावा आपदा जोखिम को कम करने और दीर्घकालिक सुरक्षा उपायों को मजबूत बनाने के लिए State Disaster Mitigation Fund (SDMF) से 23 राज्यों को 5,373.20 करोड़ रुपये तथा National Disaster Mitigation Fund (NDMF) से 21 राज्यों को 1,189.56 करोड़ रुपये भी जारी किए गए हैं।

राष्ट्रीय आतंकवाद-विरोधी नीति का ऐलान, गृह मंत्रालय ने PRAHAAR के तहत खतरों पर दी जानकारी

नई दिल्ली गृह मंत्रालय (MHA) ने पहली बार नेशनल काउंटर टेररिज्म पॉलिसी (राष्ट्रीय आतंकवाद-विरोधी नीति) जारी की है. 'PRAHAAR' (प्रहार) नाम की इस डॉक्यूमेंटेड पॉलिसी में कहा गया है कि भारत सीमा पार से राज्य-प्रायोजित आतंकवाद से प्रभावित है, जिसमें जिहादी आतंकवादी संगठनों के साथ-साथ उनके मुखौटा संगठन भी भारत में आतंकी हमलों की साजिश, समन्वय, सुविधा और उन्हें अंजाम देने में लगे हुए हैं. मंत्रालय ने  कहा कि CBRNED (केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल, न्यूक्लियर, एक्सप्लोसिव, डिजिटल) सामग्री तक पहुंचने और उसका इस्तेमाल करने की आतंकवादी कोशिशों को बाधित करना और रोकना भारत में आतंकवाद विरोधी (CT) एजेंसियों के लिए चुनौती बनी हुई है. साथ ही, यह भी कहा कि सरकारी और गैर-सरकारी कारकों द्वारा ड्रोन और रोबोटिक्स का खतरनाक उद्देश्यों के लिए गलत इस्तेमाल करने का खतरा भी चिंता का एक और विषय है. क्रिमिनल हैकर्स और देश साइबर अटैक के जरिये भारत को निशाना बनाते रहते हैं. काउंटर टेररिज्म पॉलिसी डॉक्यूमेंट में कहा गया है, "भारत अल-कायदा और इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (ISIS) जैसे वैश्विक आतंकी समूहों के निशाने पर रहा है, जो स्लीपर सेल के जरिये देश में हिंसा भड़काने की कोशिश कर रहे हैं." आगे कहा गया है कि दूसरे देशों की जमीन से काम करने वाले हिंसक चरमपंथियों ने आतंकवाद को बढ़ावा देने की साजिशें रची हैं. डॉक्यूमेंट में कहा गया है, "सीमा पार से उनके हैंडलर अक्सर पंजाब और जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद से जुड़ी गतिविधियों और हमलों को आसान बनाने के लिए ड्रोन समेत नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हैं. भारत में आतंकी हमलों को अंजाम देने और उन्हें आसान बनाने के लिए लॉजिस्टिक्स और भर्ती के लिए आतंकवादी समूह तेजी से संगठित आपराधिक नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहे हैं." गृह मंत्रालय के मुताबिक, प्रोपेगैंडा, संचार, फंडिंग और आतंकी हमले को निर्देशित करने के लिए, ये आतंकवादी समूह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के साथ-साथ 'इंस्टेंट मैसेजिंग एप्लीकेशन' का भी इस्तेमाल करते हैं. पॉलिसी में कहा गया है कि एन्क्रिप्शन, डार्क वेब, क्रिप्टो वॉलेट आदि जैसी तकनीक में विकास ने इन समूहों को गुमनाम रूप से काम करने को आसान बनाया है. आतंकवादी हमलों की रोकथाम पॉलिसी डॉक्यूमेंट में कहा गया है कि इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) में जॉइंट टास्क फोर्स ऑन इंटेलिजेंस (JTFI) के साथ मल्टी एजेंसी सेंटर (MAC) का संचालन, देश भर में CT से जुड़े इनपुट्स को अच्छे से और रियल टाइम में शेयर करने और बाद में रुकावट से बचाने के लिए नोडल प्लेटफॉर्म बना रहेगा. इसमें कहा गया है, "आईबी में एमएसी/जेटीएफआई के तंत्र के तहत केंद्रीय एजेंसियों और राज्य पुलिस बलों के साथ सीटी संचालन के लिए घनिष्ठ साझेदारी बनाई गई है." पॉलिसी में आगे कहा गया है कि हाल के दिनों में, गैर-कानूनी हथियार सिंडिकेट और आतंकवादी समूहों के बीच साठगांठ सामने आई है, और इससे निपटने के लिए, अलग-अलग भारतीय राज्यों में इंटेलिजेंस एजेंसियों के साथ-साथ संबंधित सुरक्षा एजेंसियों द्वारा मिलकर दखल दिया जा रहा है. डॉक्यूमेंट में कहा गया है, "भारतीय कानूनों के तहत कानूनी ढांचे के जरिये आतंकी फंडिंग नेटवर्क को बाधित करने पर विशेष जोर दिया गया है." पॉलिसी में आगे कहा गया है कि भारत को जल, जमीन और हवा, तीनों मोर्चों पर आतंकवादी खतरों का सामना करना पड़ रहा है. इसमें आगे कहा गया है, "भारतीय सीमा की सुरक्षा करने वाले बलों (डिफेंस, सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स) के साथ-साथ इमिग्रेशन अथॉरिटीज भारतीय सीमा को सुरक्षित करने के लिए स्टेट-ऑफ-द-आर्ट टूल्स और टेक्नोलॉजी से लैस हैं. भारतीय अर्थव्यवस्था के जरूरी क्षेत्रों जैसे पावर, रेलवे, एविएशन, पोर्ट्स, डिफेंस, स्पेस और परमाणु ऊर्जा को सरकारी और नॉन-स्टेट कारकों से बचाने के लिए क्षमता का विकास किया गया है. प्रतिक्रिया पॉलिसी डॉक्यूमेंट में कहा गया है कि किसी भी हमले पर स्थानीय पुलिस सबसे पहले जवाब देती है, जिसे स्पेशल स्टेट और सेंट्रल एंटी-टेरर फोर्स मदद करती हैं. पॉलिसी में कहा गया है, "आतंक के खतरे के नजरिये से कमजोर राज्यों ने हमलों का जवाब देने के लिए स्पेशल CT फोर्स बनाई हैं. नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) गृह मंत्रालय के तहत नोडल नेशनल काउंटर-टेरर फोर्स है, जो बड़े आतंकी हमलों का जवाब देने में राज्य बल की मदद करने के साथ-साथ ऐसे राज्य बल की क्षमता निर्माण भी करता है." क्षमताओं का एकत्रीकरण पॉलिसी में कहा गया है कि सिक्योरिटी और लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियों का आधुनिकीकरण CT रिस्पॉन्स में अहम रोल निभाता है. इसमें कहा गया, "CT एजेंसियों के लिए नई स्किल्स और रणनीति की ट्रेनिंग के अलावा, लेटेस्ट टूल्स, टेक्नोलॉजी और वेपनरी नियमित रूप से हासिल की जाती हैं. ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट के ट्रेनिंग मॉड्यूल और इंफ्रास्ट्रक्चर को और आधुनिक बनाने की कोशिश की गई है. साथ ही ट्रेनिंग फैकल्टी को अपग्रेड करके, आतंकी गतिविधियों से निपटने के लिए सर्वोत्तम कार्यप्रणाली पर ट्रेनिंग देने की कोशिश की गई है." भारतीय युवाओं को भर्ती करने की कोशिश में आतंकवादी समूह पॉलिसी डॉक्यूमेंट में कहा गया है कि आतंकवादी समूह लगातार भारतीय युवाओं को भर्ती करने की कोशिश कर रहे हैं. इन कोशिशों को नाकाम करने के लिए, भारतीय इंटेलिजेंस और लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियां ​​लगातार आतंकवादी समूहों के इरादों को नाकाम कर रही हैं. एक बार पहचाने जाने के बाद, इन युवाओं पर एक ग्रेडेड पुलिस कार्रवाई की जाती है, जिसका उद्देश्य कई हितधारकों वाली सेटिंग में कट्टरपंथी बनाने और हिंसक अतिवाद की समस्या को पूरी तरह से खत्म करना है. कट्टरपंथी बनाने के स्तर के आधार पर व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की जाती है. समुदाय और धार्मिक नेताओं की भूमिका इसमें कहा गया है कि समुदाय और धार्मिक नेता, उदारवादी प्रचारक और NGOs कट्टरपंथ और चरमपंथी हिंसा के बुरे नतीजों के बारे में जागरूकता फैलाने में लगे हुए हैं. इसके अलावा, युवाओं को रचनात्मक तरीके से शामिल किया जाता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि शांति और सांप्रदायिक सद्भाव के लिए खतरा बन सकने वाले मुद्दों पर रोक लगाई जा सके. जेलों में कट्टरपंथ को रोकने के लिए, जेल स्टाफ को समय-समय पर सावधान किया जाता है कि वे हार्ड कोर कैदियों द्वारा कमजोर कैदियों को कट्टरपंथी बनाने की हरकतों को रोकें.

नई दिल्ली में 17 फरवरी को होगी ‘एमपी की समीक्षा’, अमित शाह करेंगे समीक्षा सत्र

भोपाल  'केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 17 फरवरी को नई दिल्ली में सहकारिता सम्मेलन में समीक्षा करेंगे। इसमें राज्यों के सहकारिता विभागों के क्रियाकलापों की समीक्षा के साथ उनके नवाचारों पर भी चर्चा होगी।प्रदेश के सहकारिता विभाग ने भी इसकी तैयारी शुरू कर दी है।सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग भी इसमें शामिल होंगे। प्रजेंटेशन तैयार करने के निर्देश उन्होंने विभाग में किए गए नवाचार एवं उपलब्धियों से संबंधित प्रजेंटेशन तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि केन्द्र सरकार द्वारा चाही गई बिन्दुवार जानकारी तैयार की जाए।  दी हिदायत भी इस बात का रखा जाए खास ख्याल जानकारी पूर्णत: अद्यतन हो, इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए। मंत्री ने कहा कि प्रजेंटेशन में सहकारिता विभाग की उपलब्धियों के साथ सीपीपीपी मॉडल, चीता, बीज और नवाचारों का भी समावेश किया जाए।

सस्ता और सरल किराया, सर्ज प्राइसिंग का खत्म! अमित शाह आज करेंगे ‘Bharat Taxi’ का उद्घाटन

 नई दिल्ली Bharat Taxi Cab Service Launch: कैब सर्विस के क्षेत्र में आज एक नया आगाज होने जा रहा है. आज केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह देश की पहली कोऑपरेटिव टैक्सी सर्विस 'भारत टैक्सी' का शुभारंभ करेंगे. ये नई कैब सर्विस सीधे तौर पर प्राइवेट कैब सर्विस प्रोवाइडर्स की मोनोपोली को सीधी चुनौती देगी. क्योंकि सरकार का दावा है कि, भारत टैक्सी में कैब ड्राइवर्स को उनके हक का पूरा पैसा मिलेगा. साथ ही यूजर्स को सर्ज प्राइसिंग और प्राइवेट कैब्स जैसी कंपनियों की मनमानी से भी छुटकारा मिलेगा. अमित शाह ने पिछले साल मार्च में लोकसभा में अपने भाषण में कहा था कि, “हम बहुत जल्द ही ओला और उबर जैसा एक सहकारी टैक्सी प्लेटफॉर्म लाने वाले हैं. इस सहकारी टैक्सी प्लेटफॉर्म से होने वाला मुनाफा किसी धन्नासेठ के पास नहीं जाएगा. ये मुनाफा टैक्सी ड्राइवर के पास जाएगा.” आज देश की राजधानी दिल्ली में स्थित विज्ञान भवन में गृह मंत्री अमित शाह भारत टैक्सी का आधिकारिक तौर पर उद्घाटन करेंगे. बता दें कि, भारत टैक्सी का पायलट प्रोजेक्ट पहले ही शुरू हो चुका है. दिल्ली-एनसीआर में कई कैब ड्राइवर्स इस ऐप बेस्ड सर्विस का प्रयोग कर रहे हैं. अब भारत टैक्सी के सॉफ्ट लॉंच से अब तक टॉप परफॉर्मेंस करने वाले सारथियों (कैब ड्राइवर्स) को कार्यक्रम के दौरान को सम्मानित किया जाएगा. इसके अलावा सारथियों को प्रमाणपत्र देने के साथ-साथ 5 लाख का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा और 5 लाख का पारिवारिक स्वास्थ्य बीमा प्रदान किया जाएगा. सरकार का मानना है कि, ‘सहकार से समृद्धि’ के विज़न से इंस्पायर्ड भारत टैक्सी सिटिजन-सेंट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा. तो आइये विस्तार से जानते हैं Bharta Taxi देश में मौजूद बाकी प्राइवेट कैब एग्रीग्रेटर्स से किस तरह से अलग होगा. ‘सारथी ही मालिक’  सबसे पहले बता दें कि, भारत टैक्सी के चालकों को ड्राइवर नहीं बल्कि सारथी कहा जाएगा. सरकार का कहना है कि, सारथी ही मालिक होगा. क्योंकि इस सर्विस के दौरान यूजर द्वारा दिए जाने वाले किराए का पूरा पैसा सीधे कैब चालक के खाते में जाएगा. जहां ओला-उबर जैसी कंपनियां राइड के बाद फेयर में से एक मोटा हिस्सा कमिशन के नाम पर काट लेती हैं, वहीं भारत टैक्सी सीधे तौर पर कैब चालकों को बड़ी राहत देगा. ऐसा आमतौर पर देखा जाता है कि, कैब चालक और कंपनियों के बीच फेयर और कमिशन को लेकर झंझट होती रहती है. सर्ज प्राइसिंग से छुटकारा भारत टैक्सी में सर्ज प्राइसिंग से भी राहत मिलेगी. जहां प्राइवेट कैब एग्रीगेटर्स पीक ऑवर या खराब मौसम के समय हैवी रश के नाम पर मनमाना किराया वसूलते हैं, वहीं भारत टैक्सी में इस समस्या से भी निजात मिलेगी. जिसका सीधा फायदा आम ग्राहकों को मिलेगा. बीते 1 जुलाई से मोटर व्हीकल एग्रीगेटर गाइडलाइन (MVAG) 2025 के अनुसार, कैब एग्रीगेटर्स को अब पीक ट्रैफिक ऑवर के दौरान बेस फेयर से दोगुना तक चार्ज करने की अनुमति मिल गई है. जिसके बाद पीक-ऑवर में मोटी रकम वसूलने का खेल और बढ़ गया है. कैब, ऑटो और बाइक सर्विस भारत टैक्सी में यूजर्स को कैब, बाइक और ऑटो तीनों सुविधाओं का लाभ मिलेगा. इससे कम दूरी से लेकर लंबी यात्रा तक हर जरूरत के लिए एक ही प्लेटफॉर्म उपलब्ध होगा. यानी ग्राहक अपने बज़ट और जरूरत के अनुसार कार, ऑटो और यहां तक की बाइक राइड का भी चुनाव कर सकेंगे. सेफ्टी और सिक्योरिटी भारत टैक्सी में यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है. सभी ड्राइवरों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा, साथ ही ऐप में इमरजेंसी SOS बटन, लाइव लोकेशन शेयरिंग और ट्रिप हिस्ट्री जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी, ताकि आप और आपके परिवार निश्चिंत होकर यात्रा कर सकें. इसके अलावा ऐप पर ही यूजर्स को किसी भी तरह की परेशानी होने पर हेल्पलाइन की भी सुविधा भी दी जा रही है. 3 लाख से ज्यादा ड्राइवर जानकारी के अनुसार भारत टैक्सी से अब तक 3 लाख से अधिक ड्राइवर जुड़ चुके हैं. और प्लेटफॉर्म पर प्रतिदिन 10,000 से अधिक राइड्स पूरी की जा रही हैं. पिछले महीने ये आंकड़ा 1.4 लाख ड्राइवर्स का था. इससे साफ है कि, समय के साथ भारत टैक्सी का प्रयोग बढ़ रहा है और ज्यादा से ज्यादा ड्राइवर्स इस सविर्स से जुड़ रहे हैं.  8 सरकारी संस्थाओं का साथ इस सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड को देश की 8 बड़ी सहकारी संस्थाओं के सहयोग से ऑपरेट किया जा रहा है. इनमें अमूल, इफको, कृभको, नाफेड, एनडीडीबी, एनसीईएल, एनसीडीसी और नाबार्ड शामिल हैं. कंपनी के बोर्ड में ड्राइवरों के दो निर्वाचित प्रतिनिधि भी शामिल हैं, जिससे ड्राइवरों के जरूरत की बातें या उनकी डिमांड सीधे सरकार तक पहुंचती है. कैसे डाउनलोड करें मोबाइल ऐप भारत टैक्सी का मोबाइल ऐप लाइव हो चुका है. इसकी बुकिंग सरकारी Bharat Taxi मोबाइल ऐप के जरिए की जा सकती है. इसका राइडर और ड्राइवर दोनों मोबाइल ऐप गूगल प्ले स्टोर और ऐप्पल ऐप स्टोर पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध है. यदि आपको कैब सर्विस के लिए राइड का लाभ उठाना है तो Rider App डाउनलोड करें. वहीं इस सेवा जुड़ने के इच्छुक ड्राइवरों को Driver App डाउनलोड करना होगा. यहां ध्यान रखना जरूर है कि, भारत टैक्सी वही ऐप डाउनलोड करें जो सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड द्वारा जारी किया गया है. Bharat Taxi के नाम से ऐप स्टोर और गूगल प्ले स्टोर पर कुछ और कैब सर्विस एप्लीकेशन मौजूद हैं. सही ऐप चुनने के लिए आप उपर दिखाए गए तस्वीर से मोबाइल ऐप के लोगो को मैच करवा सकते हैं.

‘BJP की डबल इंजन सरकार का असर’, यूपी दिवस पर अमित शाह ने दिया शक्तिशाली संदेश

लखनऊ  'जो उत्तर प्रदेश कभी देश को सिर्फ मजदूर (Labour Source) देता था, आज वही राज्य प्रधानमंत्री मोदी के आत्मनिर्भर भारत का सबसे बड़ा 'ग्रोथ इंजन' बन चुका है।' यह हुंकार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को लखनऊ में उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर भरी। शाह ने न केवल विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार किया, बल्कि इशारों-इशारों में यह भी साफ कर दिया कि साल 2047 के 'विकसित भारत' के संकल्प को पूरा करने के लिए योगी आदित्यनाथ का नेतृत्व कितना अनिवार्य है। इलेक्ट्रॉनिक निर्यात में UP की 11 प्रतिशत हिस्सेदारी अमित शाह ने समाजवादी पार्टी (SP) और कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि 2017 से पहले इन दलों ने उत्तर प्रदेश को 'बीमारू' राज्य बनाकर छोड़ दिया था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि, 'कांग्रेस और सपा के दौर में यूपी की पहचान सिर्फ पलायन और अपराध से होती थी। आज स्थिति यह है कि प्रदेश का युवा नौकरी के लिए बाहर नहीं जा रहा, बल्कि हर जिले में रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं। आज भारत के कुल इलेक्ट्रॉनिक निर्यात में 11 प्रतिशत हिस्सेदारी अकेले उत्तर प्रदेश की है।'  2047 का संकल्प और योगी का नेतृत्व कार्यक्रम के दौरान अमित शाह का सबसे बड़ा बयान यूपी के भविष्य को लेकर आया। उन्होंने कहा, "15 अगस्त 2047 को जब देश अपनी आजादी का शताब्दी वर्ष मनाएगा, तब उत्तर प्रदेश एक पूर्ण विकसित राज्य के रूप में 'विकसित भारत' की आत्मा होगा।" राजनीतिक गलियारों में शाह के इस बयान को इस संकेत के रूप में देखा जा रहा है कि 2047 के इस लंबे विजन को पूरा करने के लिए भाजपा की कमान योगी आदित्यनाथ के हाथों में ही सुरक्षित है। राम मंदिर से महाकुंभ तक: सनातन का उत्थान गृह मंत्री ने कानून-व्यवस्था और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद पर जोर देते हुए कहा कि आज यूपी में कनेक्टिविटी सुधरी है और निवेश का माहौल बना है। उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण और प्रयागराज में आगामी महाकुंभ को 'सनातन धर्म' की शक्ति का प्रतीक बताया। शाह ने कहा कि यूपी न केवल आईटी और डेटा सेंटर का हब बन रहा है, बल्कि देश की सुरक्षा में भी इसकी भूमिका अब और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। UP: शुभंशु शुक्ला को 'उत्तर प्रदेश गौरव' सम्मान समारोह के दौरान एक खास पल तब आया जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और गृह मंत्री अमित शाह ने ग्रुप कैप्टन शुभंशु शुक्ला को 'उत्तर प्रदेश गौरव' पुरस्कार से सम्मानित किया। अंतरिक्ष अन्वेषण और नवाचार (Innovation and Space Exploration) के क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के लिए उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान दिया गया, जो बदलते और आधुनिक होते उत्तर प्रदेश की एक नई तस्वीर पेश करता है। सीएम योगी ने किया गर्मजोशी से स्वागत लखनऊ पहुंचते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आत्मीय स्वागत किया। दोनों नेताओं के बीच सौहार्दपूर्ण संवाद देखने को मिला। मुख्यमंत्री योगी ने अमित शाह को पुष्पगुच्छ भेंट कर प्रदेश सरकार की ओर से स्वागत किया। यह दृश्य भाजपा नेतृत्व की एकजुटता और संगठनात्मक मजबूती को दर्शाता नजर आया। डिप्टी सीएम और मंत्रियों ने किया अभिनंदन मुख्यमंत्री के साथ ही उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने भी अमित शाह का स्वागत किया। इसके अलावा यूपी सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री भी एयरपोर्ट पर मौजूद रहे और केंद्रीय गृह मंत्री का गर्मजोशी से अभिनंदन किया। प्रदेश सरकार के मंत्रियों ने स्थापना दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर अमित शाह की उपस्थिति को उत्तर प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण बताया। भाजपा संगठन के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने भी केंद्रीय गृह मंत्री का स्वागत किया। इसके साथ ही पार्टी के संगठन मंत्री धर्मपाल सिंह और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने अमित शाह का अभिनंदन किया। भाजपा संगठन के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी से यह साफ संकेत मिला कि यूपी स्थापना दिवस समारोह को पार्टी और सरकार दोनों ही स्तर पर विशेष महत्व दिया जा रहा है। प्रशासनिक अमला भी रहा उपस्थित राज्य के मुख्य सचिव शशि प्रकाश गोयल और पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने भी एयरपोर्ट पर अमित शाह का स्वागत किया। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी से सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर पूरी सतर्कता दिखाई दी।अमित शाह के दौरे को लेकर राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। यूपी स्थापना दिवस समारोह में होंगे शामिल केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उत्तर प्रदेश के 77 वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्य रूप से शामिल होंगे। इस अवसर पर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, विकास यात्रा और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा। समारोह में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों, प्रदर्शनी और विकास से जुड़े प्रस्तुतीकरण की योजना है। अमित शाह के कार्यक्रम में शामिल होने से आयोजन को राष्ट्रीय स्तर की पहचान मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं की मजबूत मौजूदगी यूपी स्थापना दिवस के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह आयोजन केवल सांस्कृतिक नहीं, बल्कि विकास और सुशासन के संदेश को आगे बढ़ाने का भी मंच बनेगा। उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा पर रहेगा फोकस स्थापना दिवस समारोह के दौरान उत्तर प्रदेश की 77 वर्षों की यात्रा, उपलब्धियां और भविष्य की योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्रदेश सरकार द्वारा कानून-व्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश, रोजगार, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक कल्याण के क्षेत्रों में किए गए कार्यों को प्रदर्शित किया जाएगा। अमित शाह की उपस्थिति में यह संदेश देने की कोशिश होगी कि उत्तर प्रदेश अब देश के विकास का अहम स्तंभ बन चुका है। राजनीतिक दृष्टि से भी अहम दौरा राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अमित शाह का यह दौरा केवल औपचारिक नहीं है, बल्कि आगामी राजनीतिक रणनीतियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। स्थापना दिवस समारोह के बहाने केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों को साझा करने का अवसर मिलेगा। राजधानी में उत्सव जैसा माहौल अमित शाह के आगमन और यूपी स्थापना दिवस को लेकर राजधानी लखनऊ में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। सरकारी भवनों को सजाया गया है और कार्यक्रम स्थल पर विशेष तैयारियां की गई हैं। स्थापना दिवस समारोह में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और आम नागरिकों … Read more

आज से शुरू UP दिवस 2026 समारोह, अमित शाह करेंगे उद्घाटन, क्या है खास थीम?

 लखनऊ 'विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश' थीम पर आधारित तीन दिवसीय उत्तर प्रदेश दिवस 2026 शनिवार को लखनऊ में नए बने राष्ट्र प्रेरणा स्थल परिसर में शुरू होगा. इस कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के तौर पर करेंगे. यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि यह कार्यक्रम सिर्फ़ एक सरकारी कार्यक्रम बनकर न रहे, बल्कि एक जन उत्सव बने जिसमें राज्य के हर नागरिक की भागीदारी सुनिश्चित हो. इसलिए कार्यक्रम में राज्य की सांस्कृतिक विविधता और जीवंत भावना के अलावा विकास यात्रा को भी दिखाया जाएगा. मुख्य आकर्षण होगा ODOC इस साल उत्तर प्रदेश दिवस का मुख्य आकर्षण मुख्यमंत्री आदित्यनाथ द्वारा घोषित 'वन डिस्ट्रिक्ट-वन कुज़ीन' (ODOC) योजना होगी. ODOC योजना के तहत राज्य के हर जिले से एक पारंपरिक और मशहूर व्यंजन चुना गया है. इस खास कार्यक्रम में राज्य भर के सभी ODOC व्यंजन एक ही जगह पर उपलब्ध होंगे. यह पहल न सिर्फ़ उत्तर प्रदेश के व्यंजनों की विविधता को दिखाएगी, बल्कि स्थानीय सांस्कृतिक पहचान को भी मज़बूत करेगी. यह यूपी के स्वाद को राज्य की पहचान का प्रतीक बनाने का एक ज़रिया बनेगा. इसके साथ ही 'वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट' (ODOP) योजना के तहत कारीगरों द्वारा बनाए गए उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी. साथ ही उन्हें यूपी दिवस के मौके पर बेचा भी जाएगा. इसके अलावा GI टैग वाले उत्पादों को भी ट्रेड शो के रूप में प्रदर्शित किया जाएगा. इन लोगों को किया जाएगा सम्मानित उत्तर प्रदेश दिवस समारोह के दौरान 'उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान 2025-26' प्रदान किया जाएगा. साथ ही इस साल, शिक्षा, साहित्य, कृषि, महिला सशक्तिकरण और अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाली पांच जानी-मानी हस्तियों को भी सम्मानित किया जाएगा. 'मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान' के तहत शानदार प्रदर्शन करने वाले जिलों को भी सम्मानित किया जाएगा. इस मौके पर मुख्यमंत्री औपचारिक रूप से ODOC योजना लॉन्च करेंगे और सरदार वल्लभभाई पटेल रोज़गार व औद्योगिक क्षेत्र योजना का उद्घाटन करेंगे. इसके अलावा लोक, शास्त्रीय और समकालीन कला रूपों पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे.  हर जिले में होगा कार्यक्रम का प्रसारण कार्यक्रम का प्रसारण सभी जिलों में किया जाएगा. साथ ही कार्यक्रम स्थलों का चयन समयबद्ध ढंग से पूरा करने और जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए उन्हें कार्यक्रमों में आमंत्रित करने पर विशेष जोर दिया गया है. इसके अलावा यह कार्यक्रम फिजी, मॉरीशस, मालदीव, सिंगापुर और थाईलैंड स्थित भारतीय दूतावासों के सहयोग से विदेशों में भी मनाया जाएगा.

25 दिसंबर को ग्वालियर में अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह होंगे मुख्य अतिथि

अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट 25 दिसंबर को ग्वालियर में, केंद्रीय गृह मंत्री शाह होंगे शामिल निवेश से रोजगार का अटल संकल्प, विकास की नई दिशा ग्वालियर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सहभागिता और मुख्यमंत्री की उपस्थिति में 25 दिसंबर 2025 को ग्वालियर के मेला ग्राउंड में ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट’ का राज्य स्तरीय आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती के अवसर पर उनके विकासवादी विचारों, सुशासन की अवधारणा और राष्ट्रनिर्माण के संकल्प को समर्पित रहेगा। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी की दूरदर्शी विकास दृष्टि से प्रेरित यह समिट ‘निवेश से रोजगार – अटल संकल्प, उज्ज्वल मध्यप्रदेश’ की थीम पर आधारित है। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रदेश में बीते दो वर्षों के दौरान हुए औद्योगिक विस्तार, निवेश उपलब्धियों और रोजगार सृजन के ठोस एवं धरातलीय परिणामों से नागरिकों को अवगत कराना तथा भविष्य की औद्योगिक प्राथमिकताओं और विकास के स्पष्ट रोडमैप को साझा करना है। इस राज्य स्तरीय आयोजन में लगभग एक लाख लाभार्थियों की सहभागिता अपेक्षित है। समिट के दौरान ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट एवं विभिन्न राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय निवेश आयोजनों के माध्यम से प्राप्त दो लाख करोड़ रु. से अधिक के निवेश प्रस्तावों से जुड़ी परियोजनाओं का भूमि-पूजन, दस हजार करोड़ रु. से अधिक की पूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण, औद्योगिक इकाइयों को भूमि आवंटन तथा आशय-पत्रों का वितरण किया जाएगा। साथ ही निवेश प्रस्तावों से जुड़े लाभार्थियों का सम्मान तथा रोजगार-केंद्रित पहलों का प्रस्तुतीकरण भी किया जाएगा। कार्यक्रम में औद्योगिक इकाइयों के माध्यम से रोजगार प्राप्त युवाओं, सफल लाभार्थियों और महिला उद्यमियों द्वारा संचालित इकाइयों को विशेष रूप से प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे महिला सशक्तिकरण और समावेशी विकास का स्पष्ट संदेश सामने आए। औद्योगिक सुधार और नवाचार के अंतर्गत विशेष औद्योगिक क्षेत्र का शुभारंभ, एक क्लिक प्रोत्साहन वितरण प्रणाली की शुरुआत, नए औद्योगिक क्लस्टरों तथा प्लग-एंड-प्ले इकाइयों का उद्घाटन किया जाएगा। विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित महत्वपूर्ण औद्योगिक परियोजनाओं का लोकार्पण भी कार्यक्रम का हिस्सा रहेगा। प्रदेश सरकार की पिछले दो वर्षों की उपलब्धियों पर आधारित एक विस्तृत प्रदर्शनी का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें औद्योगिक सुधारों, नीतिगत नवाचारों, निवेश प्रोत्साहन, अधोसंरचना विकास और रोजगार सृजन से जुड़े प्रयासों को प्रभावी एवं दृश्यात्मक रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। जिला स्तर पर औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन की उपलब्धियों को भी इस मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा। स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर एक विशेष स्मृति प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा, जिसमें उनके दूरदर्शी नेतृत्व, आधारभूत संरचना विकास, औद्योगिक दृष्टि और सुशासन से जुड़े ऐतिहासिक योगदान को प्रदर्शित किया जाएगा। यह प्रदर्शनी अटल जी के विचारों से प्रेरित वर्तमान मध्यप्रदेश की औद्योगिक यात्रा को रेखांकित करेगी। समिट में प्रदेश की औद्योगिक क्षमता, निवेश-अनुकूल नीतियाँ, सिंगल विंडो प्रणाली, भूमि एवं अधोसंरचना उपलब्धता तथा MSME, स्टार्ट-अप, महिला उद्यमिता, युवा कौशल विकास और क्षेत्रीय औद्योगिक संभावनाओं से जुड़े अवसरों को दर्शाने वाली थीमेटिक प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी। इस आयोजन में उद्योग जगत के प्रमुख निवेशक, औद्योगिक संघों के प्रतिनिधि, महिला एवं युवा उद्यमी, लाभार्थी समूह तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी सहभागिता करेंगे। अटल जयंती के अवसर पर आयोजित यह राज्य स्तरीय आयोजन आत्मनिर्भर, समृद्ध और रोजगार-समृद्ध मध्यप्रदेश की दिशा में प्रदेश के विकास संकल्प को नई ऊर्जा प्रदान करेगा।  

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर टिप्पणी, बालाघाट के शिक्षक सुनील मेश्राम निलंबित

बालाघाट  सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणी एक शिक्षक को भारी पड़ गई। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को लेकर फेसबुक पर टिप्पणी करने के आरोप में बालाघाट जिले के एक उच्च श्रेणी शिक्षक को निलंबित कर दिया गया है। कलेक्टर मृणाल मीणा के निर्देश पर यह कार्रवाई आदिवासी विकास विभाग की सहायक आयुक्त शकुंतला डामोर द्वारा की गई। खास बात यह है कि सुनील मेश्राम राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक हैं। ऐसे में निलंबन की कार्रवाई को लेकर शिक्षा विभाग और जिले में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। परसवाड़ा के शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पदस्थ शिक्षक सुनील मेश्राम पर आरोप है कि उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से भारत सरकार और राज्य शासन के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी साझा की थी। मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता माना। नोटिस के बाद भी नहीं मिला संतोषजनक जवाब प्रशासन की ओर से चार दिसंबर को शिक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। इसके जवाब में 8 दिसंबर को मेश्राम ने अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया, लेकिन विभागीय स्तर पर इसे स्वीकार नहीं किया गया। अधिकारियों का कहना है कि शिक्षक के आचरण से शासन की छवि प्रभावित हुई है, जो सेवा नियमों के विरुद्ध है। सेवा नियमों के तहत निलंबन पूरे प्रकरण के बाद मध्य प्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण और अपील) नियम 1966 के नियम 9 के अंतर्गत शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। शिक्षक ने दी सफाई निलंबन के बाद सुनील मेश्राम ने कहा कि संबंधित पोस्ट किसी राजनीतिक दल या संगठन से जुड़ी नहीं थी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति की भावनाएं आहत हुई हैं तो उन्हें खेद है। मेश्राम का दावा है कि वह पोस्ट उनकी नहीं थी और उसे उनके फेसबुक अकाउंट से हटा दिया गया है। 

बस्तर सहित पूरे भारत से नक्सलवाद 31 मार्च 2026 तक खत्म हो जायेगा- अमित शाह

रायपुर : केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में बस्तर ओलिंपिक के समापन समारोह को संबोधित किया बस्तर सहित पूरे भारत से नक्सलवाद 31 मार्च 2026 तक खत्म हो जायेगा- अमित शाह अगले 5 साल में बस्तर संभाग देश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग बनेगा-अमित शाह 2026 का बस्तर ओलंपिक नक्सलवाद से मुक्त बस्तर में होगा नक्सलवाद छोड़कर 700 से अधिक युवाओं का बस्तर ओलंपिक 2025 से जुड़ना हम सभी के लिए गर्व की बात है आत्मसमर्पण करने वालों ने भय की जगह आशा व विनाश की जगह विकास को चुना, यही मोदी जी की विकसित बस्तर की संकल्पना है जिस बस्तर में पहले ‘लाल सलाम’ के नारे लगते थे, अब वहाँ ‘भारत माता की जय’ के नारे गूँज रहे हैं शांति ही विकास का मार्ग प्रशस्त कर सकती है, इसलिए नक्सली हथियार डालकर मुख्यधारा में आयें और पुनर्वसन नीति का लाभ उठाएं आने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स और ओलंपिक में बस्तर के खिलाड़ी देश का नाम रोशन करें, इसके प्रबंध किए जा रहे हैं बस्तर ओलम्पिक 2025 में 3 लाख 91 हज़ार खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया, जो ढाई गुना बढ़ा है, खिलाड़ियों की वृद्धि दर में बहनों ने भाइयों से बाजी मारी आत्मसमर्पण करने वाले और नक्सल हिंसा के शिकार लोगों के लिए हम बहुत आकर्षक पुनर्वसन योजना लाएंगे केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकार कंधे से कंधा मिलाकर विकसित बस्तर बनाने के लिए कार्य कर रही हैं गृह मंत्री ने समाज के प्रमुखों और समाजसेवकों से अपील करते हुए कहा कि वे हथियारबंद नक्सलियों को समझाकर समाज की मुख्यधारा में वापस लाने में सहयोग करें रायपुर केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में बस्तर ओलिंपिक के समापन समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इस अवसर पर केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि हमने तय किया था कि 31 मार्च, 2026 से पहले पूरे देश से लाल आतंक को खत्म कर देंगे और आज बस्तर ओलंपिक- 2025 में हम इस कगार पर खड़े हैं। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष नवंबर-दिसंबर तक बस्तर ओलंपिक-2026 के समय तक पूरे भारत और छत्तीसगढ़ से लाल आतंक समाप्त हो चुका होगा औऱ नक्सलमुक्त बस्तर आगे बढ़ रहा होगा। अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में हमने यह संकल्प लिया है कि पूरे बस्तर और भारत को नक्सलमुक्त कराना है। उन्होंने कहा कि हमें यहीं नहीं रुकना बल्कि कांकेर, कोंडागांव, बस्तर, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर और दंतेवाड़ा के 7 ज़िलों का संभाग बस्तर, दिसंबर 2030 दिसंबर तक देश के सबसे अधिक विकसित आदिवासी संभाग बनेगा। उन्होंने कहा कि बस्तर के हर व्यक्ति को रहने के लिए घर, बिजली, शौचालय, नल से पीने का पानी, गैस सिलिंडर, 5 किलो अनाज और 5 लाख तक का मुफ्त इलाज, बस्तर के घर घर में पहुचाने का संकल्प हमारी सरकार का संकल्प है। शाह ने कहा कि हमने अगले पांच साल में बस्तर को देश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग बनाने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि इसमें प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार और विष्णुदेव साय जी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार कंधे से कंधा मिलाकर बस्तर को विकसित बस्तर बनाने के लिए मिलकर आगे बढ़ेंगे। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि बस्तर का हर गांव सड़क से जुड़ेगा, वहां बिजली होगी, 5 किलोमीटर के क्षेत्र में बैंकिंग सुविधाएं होंगी और सबसे घने पीएचसी/सीएचसी का नेटवर्क बनाने का काम भी हमारी सरकार करेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में वन उपज की प्रोसेसिंग के लिए कोऑपरेटिव आधार पर यूनिट्स लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बस्तर के सातों ज़िले सभी आदिवासी ज़िलों में सबसे अधिक दूध उत्पादन कर डेयरी के माध्यम से अपनी आय बढ़ाने वाले ज़िले बनेंगे। उन्होंने कहा कि बस्तर में नए उद्योग, उच्च शिक्षा की व्यवस्था, भारत में सबसे अच्छा स्पोर्ट्स संकुल और अत्याधुनिक अस्पताल की व्यवस्था भी हम करेंगे। शाह ने कहा कि कुपोषण के लिए भी यहां विशेष स्कीम चलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन्होंने आत्मसमर्पण किया है और जो नक्सलवाद के कारण घायल हुए हैं, उनके लिए एक बहुत आकर्षक पुनर्वसन योजना भी हम लाएंगे। गृह मंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि नक्सलवाद समाप्त हो क्योंकि नक्सलवादी इस क्षेत्र के विकास पर नाग बनकर फन फैलाए बैठे हैं। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद समाप्त होने के साथ ही इस क्षेत्र में विकास की एक नई शुरूआत होगी और प्रधानमंत्री मोदी जी और विष्णुदेव जी के नेतृत्व में यह सबसे विकसित क्षेत्र बनेगा। अमित शाह ने कहा कि बस्तर ओलंपिक-2025 में सात ज़िलों की सात टीमें और एक टीम आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों की थी। उन्होंने कहा कि जब 700 से अधिक सरेंडर्ड नक्सलियों ने इन खेलों में भाग लिया तो यह देखकर बहुत अच्छा लगा। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के झांसे में आकर उनका पूरा जीवन तबाह हो जाता और हथियार डालकर मुख्यधारा में आने वाले ऐसे 700 से अधिक युवा आज खेल के रास्ते पर आए हैं। शाह ने दोहराया कि 31 मार्च, 2026 को यह देश नक्सलवाद से मुक्त हो जाएगा। उन्होंने हिंसा में लिप्त नक्सलियों से अपील करते हुए कहा कि अब भी गुमराह होकर हमारे ही जो लोग हाथ में हथियार लेकर बैठे हैं, वो हथियार डाल दें, पुनर्वसन नीति का फायदा उठाएं, अपने और अपने परिवार के कल्याण के बारे में सोचें और विकसित बस्तर के संकल्प के साथ जुड़ जाएं। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद से किसी का भला नहीं होता, न हथियार उठाने वाले लोगों का, न आदिवासियों और न सुरक्षाबलों का भला होता है। उन्होंने कहा कि सिर्फ शांति ही विकास का रास्ता प्रशस्त कर सकती है। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि आत्मसमर्पण कर चुके 700 नक्सलियों ने इन खेलों में खिलाड़ी के रूप में सामने आकर पूरे देश के लिए बहुत बड़ा उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों ने भय की जगह आशा चुनी, विभाजन की जगह एकता का रास्ता चुना और विनाश की जगह विकास का रास्ता चुना है और यही प्रधानमंत्री मोदी जी की नए भारत और विकसित बस्तर की संकल्पना है। उन्होंने कहा कि हमारे बस्तर की संस्कृति … Read more

जगदलपुर : केंद्रीय गृह मंत्री के प्रवास के अवधि में नो ड्रोन फ्लाइंग जोन घोषित

जगदलपुर कार्यालय कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी द्वारा जारी  आदेश के तहत केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री, भारत सरकार   अमित शाह का  13 दिसंबर 2025 को बस्तर जिला प्रवास कार्यक्रम नियत है। बस्तर जिला प्रवास दौरान  केन्द्रीय गृह मंत्री, की सुरक्षा व्यवस्था को दृष्टिगत रखते हुए सम्पूर्ण जगदलपुर शहर को समय दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक के लिए नो ड्रोन फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है।