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11 मामलों का बोझ और चुनाव की जंग: दुलारचंद यादव हत्या केस में नामजद अनंत सिंह

पटना बिहार विधानसभा चुनाव की वोटिंग से पहले मोकामा से जेडीयू के प्रत्याशी एवं बाहुबली पूर्व विधायक अनंत सिंह मर्डर केस में फंस गए हैं। मोकामा से जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्षी के समर्थन में प्रचार के दौरान दुलारचंद यादव की हत्या के मामले में अनंत सिंह को नामजद आरोपी बनाया गया है। गुरुवार को मोकामा के टाल इलाके में स्थित हुए इस हत्याकांड के बाद क्षेत्र से मोकामा में विधानसभा का चुनाव खूनी रंजिश में बदल गया। टाल क्षेत्र में तनाव का माहौल है, पुलिस गांवों में कैंप कर रही है।  रात मृतक दुलारचंद यादव के पोते के बयान पर पुलिस ने अनंत सिंह, उनके दो भतीजों रणवीर और कर्मवीर समेत 5 लोगों पर हत्या की नामजद प्राथमिकी दर्ज की। मृतक के परिजनों का आरोप है कि अनंत सिंह के लोगों ने पहले गोली मारी और फिर गाड़ी चढ़ाकर दुलारचंद की हत्या कर दी। हालांकि, अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पटना के एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा ने बताया कि मोकामा के तारतर गांव के पास दो पक्षों के बीच मारपीट हुई। पुलिस मौके पर पहुंची तो वहां 2 से 3 गाड़ियां खड़ी मिलीं। गाड़ियों के शीशे टूटा हुआ था। इसमें से एक गाड़ी में दुलारचंद यादव का शव पाया गया। दुलारचंद इस क्षेत्र के पूर्व में अपराधी रहे हैं। उन पर हत्या और आर्म्स एक्ट के कई मामले दर्ज हैं। हालांकि, जदयू प्रत्याशी अनंत सिंह ने हत्या के आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि जब वह चुनाव प्रचार कर लौट रहे थे तो आगे निकल गए। पीछे रह गई उनके काफिले की गाड़ियों को जन सुराज पार्टी समर्थकों ने घेर लिया और ईंट पत्थर से हमला कर दिया था। अनंत सिंह ने इसे राजद नेता सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। वहीं, सूरजभान ने अनंत सिंह के आरोप पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। अनंत सिंह ने यह भी कहा कि झगड़े की पहल दुलारचंद यादव ने की थी।  दुलारचंद पर दर्ज हैं हत्या, रंगदारी सहित 11 मामले दुलारचंद पर हत्या, रंगदारी जैसे 11 संगीन मामले दर्ज थे. 80 के दशक में दुलारचंद का टाल इलाके में दहशत का सामराज्य था. वे माओवादी विचार का समर्थक रहे थे. 1990 मे वह कोर्ट से जमानत के बाद राजनीतिक जीवन बीता रहा थे और हाल के दिनों में जनसुराज के प्रत्याशी पीयूष के साथ चुनाव प्रचार कर रहे थे. दुलारचंद व अनंत सिंह के बीच पुरानी अदावत थी. 1990 में अनंत सिंह के भाई दिलीप सिंह के खिलाफ वे चुनाव भी लड़े थे, पर हार गये थे. कई दिनों से दोनों के बीच जुबानी जंग चल रही थी. कोल सप्लाइ के व्यवसाय से आर्थिक मजबूती मिली मूल रूप से मोकामा के घोसवरी निवासी दुलारचंद यादव किसान परिवार से आते थे. पिता रामकृष्ण यादव स्थानीय स्तर पर समाजसेवी माने जाते थे. दुलारचंद ने शुरुआती दिनों में ठेकेदारी और कोल सप्लाई के व्यवसाय के जरिये आर्थिक रूप से खुद को मजबूत किया. दुलारचंद यादव पर हत्या, रंगदारी, अवैध हथियार, भूमि विवाद, और चुनावी हिंसा जैसे आरोप शामिल है. 2009 के मोकामा विधानसभा चुनाव के दौरान गोलाबारी और बूथ कब्जे की घटना मे भी उनका नाम चर्चाओं में रहा. कांग्रेस नेता की हत्या में भी नामजद थे दुलारचंद 1991 में 16 नवंबर को लोकसभा पंडारक स्थित मतदान केंद्र पर कांग्रेस नेता सीताराम सिंह की गोली मारकर हत्या हो गयी थी. इस मामले में दुलारचंद समेत चार को नामजद अभियुक बनाया गया था. हालांकि बाद में दो लोगों को बरी कर दिया गया था. 2015 में बाढ़ अनुमंडल में हुए संजय सिंह हत्या कांड और 2018 में मोकामा थाना कांड संख्या- 152/18 (आर्म्स एक्ट) में भी उनका नाम उभरा था. हालांकि कई मामलों में वे बरी हो गए, लेकिन पुलिस रिकॉर्ड में स्थानीय दबंग नेता के रूप में उनका नाम लंबे समय तक बना रहा. मोकामा में कैसे हुआ बवाल? दुलारचंद यादव का बाढ़ और मोकामा के टाल इलाके में काफी दबदबा था। खुशहाल चक के निकट प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी गुरुवार दोपहर बाद करीब 3:30 बजे अपने समर्थकों के साथ प्रचार कर रहे थे। दुलारचंद यादव भी उनके साथ थे। उसी रास्ते से अनंत सिंह अपने समर्थकों के साथ गुजर रहे थे। बताया जाता है कि दोनों पार्टियों के समर्थकों के बीच गाली गलौज शुरू हो गई। बात बढ़ने पर ईंट-पत्थर चलाना शुरू कर दिया। बाद में गोली भी चली और दुलारचंद यादव की मौत हो गई।

जनसभा में हादसा: अनंत सिंह के गिरने से मचा हड़कंप, मंच अचानक ध्वस्त

पटना चर्चित मोकामा विधानसभा सीट से बाहुबली विधायक अनंत सिंह ताल ठोक रहे हैं। अनंत सिंह बिहार चुनाव में अपनी जीत का दावा भी कर चुके हैंं। इस बीच अनंत सिंह के जमीन पर धड़ाम से गिरने का एक वीडियो काफी तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि अनंत सिंह उस वक्त जमीन पर धड़ाम से गिर गए जब वो एक मंच पर अपने समर्थकों से साथ खड़े थे और यह मंच अचानक टूट कर बिखर गया। कुछ मीडिया रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि शनिवार को पूर्व विधायक अनंत सिंह मोकामा के पूर्वी इलाके में तूफानी जनसंपर्क में व्यस्त थे। डुमरा गांव में अनंत सिंह के लिए विशेष मंच तैयार किया गया था। इस गांव में आने के बाद यहां लोगों ने अनंत सिंह से कहा कि वो मंच पर आकर लोगों को संबोधित करें। बाद में अनंत सिंह मंच पर पहुंचे और उनके समर्थक भी मंच पर पहुंच गए। इस दौरान अनंत सिंह के एक समर्थक ने हाथ में माइक लेकर अपना भाषण शुरू किया। मंच पर खड़े बाहुबली अनंत सिंह के सपोर्टर लगातार 'अनंत सिंह जिंदाबाद' के नारे लगा रहे थे। इस दौरान अचानक मंच टूट गया और अनंत सिंह समेत मंच पर मौजूद अन्य लोग जमीन पर गिर पड़े। अनंत सिंह जनता दल यूनाइटेड के टिकट पर मोकामा से चुनावी दंगल में हैं। गनीतम यह रही कि मंच टूटने के बाद पूर्व विधायक को ज्यादा चोटें नहीं आईं और सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें तुरंत उठा लिया। वो अनंत सिंह को तुरंत अपनी गाड़ी में लेकर दूसरी जगह के लिए रवाना हो गए।

मोकामा सीट से JDU उम्मीदवार बाहुबली अनंत सिंह ने नामांकन से पहले की पूजा

पटना बिहार चुनाव को लेकर हलचल काफी बढ़ी हुई है। इस बीच मोकामा के पूर्व विधायक और बाहुबली अनंत सिंह भगवान की शरण में नजर आए हैं। अनंत सिंह मोकामा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने का ऐलान पहले ही कर चुके हैं। एक दिलचस्प बात यह भी है कि अभी जनता दल यूनाइटेड ने अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान नहीं किया है। लेकिन अनंत सिंह को जदयू का सिम्बल मिला है। इस सीट पर नामांकन से पहले अनंत सिंह ने मंदिर में जाकर पूजा-अर्चना की है। मोकामा विधानसभा सीट अनंत सिंह की पारंपरिक सीट रही है। वो यहां से विधायक रह चुके हैं। इस सीट पर उनके नामांकन से पहले अनंत सिंह ने पूजा की है। जो तस्वीरें सामने आई हैं उसमें नजर आ रहा है कि अनंत सिंह के सैकड़ों समर्थक इस दौरान वहां मौजूद हैं। छोटे सरकार के नाम से चर्चित अनंत सिंह के आवास पर आज उनके समर्थकों के लिए विशेष तौर से खाने की भी व्यवस्था की गई है। जानकारी के मुताबिक, अनंत सिंह ने अपने समर्थकों से यह भी अपील की है कि नामांकन के दौरान भारी संख्या में वो इसमें शामिल हों। अनंत सिंह मोकामा से पांच बार विधायक रह चुके हैं। अनंत सिंह मीडिया से बातचीत में इस सीट पर एक बार फिर अपनी जीत को लेकर काफी आश्वस्त नजर आ रहे हैं। यहां आपको बता दें कि साल 2020 के विधानसभा चुनाव में अनंत सिंह की पत्न नीलम देवी राजद के टिकट पर यहां से विधायक बनी थीं। हालांकि, 2024 में नीलम देवी ने एनडीए सरकार का समर्थन किया था। इस बार अनंत सिंह ने खुद यहां से चुनाव लड़ने का ऐलान किया है।

नामांकन से पहले हंगामा! रेलवे फाटक पर फंसे अनंत सिंह, समर्थकों ने इंजन तक पहुंचकर खोला गेट

पटना  जेडीयू के उम्मीदवार अनंत सिंह का नामांकन के लिए निकला रोड शो उस समय कुछ देर के लिए रुक गया, जब बाढ़ रेलवे गुमटी का फाटक बंद हो गया. ट्रेन क्रॉसिंग के कारण फाटक गिरा तो अनंत सिंह का काफिला रास्ते में फंस गया और उन्हें वहीं रुकना पड़ा. घटना के दौरान अनंत सिंह ओपन जीप में सवार थे और तेज धूप के बीच समर्थकों के साथ आगे बढ़ रहे थे. फाटक बंद होने के कारण जब ट्रेन काफी देर तक नहीं गुजरी, तो उनके समर्थक परेशान होकर रेल इंजन के पास पहुंच गए और ट्रेन को जल्दी निकलवाने की कोशिश करने लगे. मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि अनंत सिंह काफी देर तक इंतजार करते रहे. उनके चेहरे पर परेशानी साफ झलक रही थी, क्योंकि नामांकन दाखिल करने का समय नजदीक आ रहा था. कुछ देर बाद जब ट्रेन को आगे बढ़ाया गया, तब जाकर रेलवे गुमटी का फाटक खोला गया और अनंत सिंह का काफिला आगे बढ़ सका. फाटक बंद होते ही रुक गया अनंत सिंह का काफिला यह मामला बाढ़ रेलवे स्टेशन के पास का बताया जा रहा है. वहां मौजूद लोगों ने बताया कि जैसे ही फाटक बंद हुआ, अनंत सिंह का पूरा काफिला, जिसमें कई गाड़ियां और समर्थक शामिल थे रुक गया. समर्थक लगातार "छोटे सरकार जिंदाबाद" के नारे लगा रहे थे, जबकि अनंत सिंह अपनी जीप से हालात का जायजा लेते नजर आए. जेडीयू की टिकट पर लड़ रहे चुनाव, सबसे पहले भरा नामांकन अनंत सिंह इस बार मोकामा विधानसभा सीट से जेडीयू के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं और सोमवार को नामांकन दाखिल करने निकले थे. बताया जा रहा है कि वे इस चुनाव में जेडीयू के टिकट पर नामांकन करने वाले पहले प्रत्याशी हैं. घटना के दौरान मीडिया कर्मी और स्थानीय लोग भी मौके पर मौजूद रहे. कुछ मिनटों की इस रुकावट के बाद जैसे ही फाटक खुला, काफिले में लोगों राहत की सांस ली और रोड शो दोबारा शुरू हो गया.