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डॉ. कोठारी का संदेश: प्रभावी समय प्रबंधन सफलता की कुंजी

सफलता के लिये समय का प्रभावी प्रबंधन आवश्यक : महानिदेशक डॉ. कोठारी मैपकास्ट में एआई आधारित तकनीकी उद्यमिता विकास कार्यक्रम का हुआ समापन युवाओं में नवाचार एवं स्टार्ट-अप संस्कृति को मिला प्रोत्साहन भोपाल मैपकास्ट के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी ने कहा है कि विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के लिए आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और समय का प्रभावी प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है। किसी भी विचार को वास्तविकता में बदलने के लिए “आई कैन” की भावना सबसे महत्वपूर्ण होती है। डॉ. कोठारी ने बताया कि परिषद विज्ञान एवं नवाचार के लगभग 18 क्षेत्रों जैसे कृषि, वेटनरी, चिकित्सा, इंजीनियरिंग एवं आईटी में तकनीकी परामर्श, संस्थागत सहयोग, प्रशिक्षण तथा वित्तीय सहायता उपलब्ध करा रही है। साथ ही परिषद युवाओं को उद्योगों और संस्थानों से जोड़ने का भी कार्य कर रही है, जिससे उनके नवाचारों को आगे बढ़ने का बेहतर अवसर मिल सके। डॉ. कोठारी मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा एआई आधारित तकनीकी उद्यमिता विकास कार्यक्रम के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। छह सप्ताह तक संचालित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जनरेटिव एआई टूल्स और उद्यमिता कौशल से संबंधित व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं में नवाचार, तकनीकी दक्षता और उद्यमशील सोच का विकास करते हुए उन्हें स्टार्ट-अप एवं स्व-रोजगार के लिए प्रेरित करना रहा। प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को इंटरएक्टिव डिजिटल टूल्स, ग्राफिक्स और ऑगमेंटेड रियलिटी जैसी आधुनिक तकनीकों से भी अवगत कराया गया। कार्यक्रम प्रदेश में एआई आधारित स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने, युवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की दिशा में नए अवसर सृजित करने की एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा। कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए प्रशिक्षण को उपयोगी बताया। प्रतिभागी श्री प्रतीक बाघरे ने कहा कि मार्केटिंग, इंडिया फर्स्ट की अवधारणा और प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग जैसे विषयों पर आयोजित सत्र अत्यंत लाभकारी रहे। साथ ही आईआईआईएफआर भोपाल के शैक्षणिक भ्रमण से स्टार्ट-अप इको-सिस्टम को समझने का भी अवसर प्राप्त हुआ। प्रतिभागी श्री राहुल तिवारी ने कहा कि कार्यक्रम के माध्यम से नवाचार और तकनीक के उपयोग से जुड़े अनेक नए आयाम सीखने को मिले तथा समन्वयकों का मार्गदर्शन सराहनीय रहा। वहीं श्री उदित वर्मा ने बताया कि इस प्रशिक्षण ने उन्हें स्व-रोजगार और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र भी वितरित किए गए। कार्यक्रम के संचालन एवं समन्वय में डॉ. प्रवीण विद्यार्थी, श्री अवनीश शर्मा, सुश्री तन्या चतुर्वेदी एवं श्री रविंद्र कोरेव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।  

अनिल अंबानी पर शिकंजा कसा, 3716 करोड़ का ‘अबोड’ कुर्क… जानिए अब तक कितनी संपत्ति जब्त

मुंबई  अनिल अंबानी को प्रतर्वतन निदेशालय (ईडी) ने बड़ा झटका दिया है। ईडी ने एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत अनिल अंबानी के घर ‘अबोड’ को कुर्क किया है। इसका मूल्‍य 3,716 करोड़ रुपये है। सूत्रों ने यह जानकारी दी। ऑफिशियल सूत्रों ने बुधवार को बताया कि एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) ने रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी के मुंबई वाले घर 'अबोड' को एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत अटैच कर लिया है। इसकी कीमत 3,716 करोड़ रुपये है। जारी हुए हैं अस्‍थायी ऑर्डर यह शानदार घर 66 मीटर ऊंचा है। इसमें 17 मंजिलें हैं। यह मुंबई के पाली हिल इलाके में स्थित है। सूत्रों के मुताबिक, प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत एक प्रोविजनल ऑर्डर जारी किया गया है ताकि उनकी ग्रुप कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCOM) की ओर से बैंक फ्रॉड से जुड़े मामले में मल्टी-स्टोरी घर को अटैच किया जा सके। अब तक 15700 करोड़ अटैच ईडी ने यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग विरोधी कानून (PMLA) के तहत की है। एजेंसी का कहना है कि अनिल अंबानी और उनके ग्रुप की कंपनियों के खिलाफ अब तक 15,700 करोड़ रुपए (Anil Ambani total attachment 15700 crore) से ज्यादा की संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं। 'अबोड' पर कब्जा इसी बड़ी कार्रवाई का हिस्सा है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें 23 फरवरी को सामने आया बड़ा मामला मामले में एक और बड़ा घटनाक्रम 23 फरवरी को सामने आया, जब बॉम्बे हाईकोर्ट ने अनिल अंबानी को राहत देने वाला पुराना अंतरिम आदेश रद्द कर दिया। इससे पहले एकल न्यायाधीश पीठ ने उनके और रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड के बैंक खातों को धोखाधड़ी घोषित करने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी। अंबानी की रोक लगाने की मांग खारिज मुख्य न्यायाधीश आलोक चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति गौतम ए अंखड की खंडपीठ ने बैंक ऑफ बड़ौदा, आईडीबीआई बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक और ऑडिटर बीडीओ इंडिया एलएलपी की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए उस अंतरिम आदेश को गैर-कानूनी और प्रक्रिया में गड़बड़ी वाला बताया। कोर्ट ने साफ कहा कि ऐसे आदेश पर रोक जारी रखना गैर-कानूनी स्थिति को जारी रखने जैसा होगा। इसलिए अंबानी की रोक लगाने की मांग खारिज कर दी गई। दिसंबर 2025 में एकल पीठ ने बैंकों को कारण बताओ नोटिस और धोखाधड़ी वर्गीकरण की कार्रवाई से रोका था। लेकिन अब खंडपीठ के फैसले के बाद बैंकों को आगे की कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है। आरबीआई के दिशा-निर्देशों के मुताबिक, वाणिज्यिक बैंक किसी खाते को धोखाधड़ी की श्रेणी में वर्गीकृत कर सकते हैं। ऐसे में अनिल अंबानी और 'अबोड' पर ED की कार्रवाई ने कारोबारी और कानूनी हलकों में हलचल बढ़ा दी है। कुल 15700 करोड़ की हो चुकी है कुर्की सूत्रों ने बताया क‍ि अटैच की गई संपत्ति की कीमत 3,716.83 करोड़ रुपये है। 66 साल के अंबानी के दूसरे राउंड की पूछताछ के लिए यहां फेडरल जांच एजेंसी के सामने पेश होने की उम्मीद है। उन्होंने पहली बार अगस्त 2025 में ईडी के सामने गवाही दी थी। प्रि‍वेंशन ऑफ मनी लॉन्‍ड्र‍िंंग एक्‍ट (PMLA) के तहत उनका बयान दर्ज किया गया था। नए ऑर्डर के साथ इस मामले में अटैच की कुल कीमत लगभग 15,700 करोड़ रुपये हो गई है। अन‍िल अंबानी के ल‍िए यह बहुत बड़ा झटका है। पिछले कई सालों से वह कारोबार में संघर्ष करते रहे हैं। ईडी का यह एक्‍शन आगे उनकी मुसीबत को और बढ़ा सकता है। 

कांग्रेस पर भड़के हरियाणा मंत्री, कहा – ‘अंग्रेजों की औलाद’, राहुल गांधी को भी निशाने पर लिया

अंबाला कोलंबिया में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरएसएस के खिलाफ दिए बयान पर हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। रविवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कांग्रेस को अंग्रेजों की औलाद बताया। उन्होंने कहा राहुल गांधी को बुरी आदत है कि वह विदेशों में जाकर देश को कोसते हैं। उन्होंने कहा, कांग्रेस को एक अंग्रेज एओ ह्युम ने पैदा किया था इसलिए आप अंग्रेज की औलाद हो, लेकिन भाजपा एक देसी पार्टी है जो दिन-रात भारत की तरक्की के लिए काम करती है। केजरीवाल को मंत्री विज की दो टूक आम आदमी पार्टी नेता अरविंद केजरीवाल के बयान कि गोवा में भाजपा-कांग्रेस की मिलीभगत वाली सरकार चल रही है, पर ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने अरविंद केजरीवाल को नसीहत देते हुए कहा की आप अपनी पार्टी के प्रमुख हो और आप इधर-उधर की बात न करके,यह देखें कि आपके पंजाब में क्या हाल हैं। उन्होंने गुनगुनाते हुए कहा, पंजाब क्यों बेहाल है, तू उसका कर ले ख्याल, तू इधर-उधर न भटक, पंजाब का कर ले ख्याल। सुरजेवाला हताश कवि: अनिल विज कांग्रेस के नेता रणदीप सुरजेवाला द्वारा भाजपा सरकार पर किसान विरोधी होने के ट्विट पर व कुछ पंक्तियां लिखने पर ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सुरजेवाला एक हताश कवि की तरह लगे हुए हैं और वैसे ही गीत लिख रहे हैं, जैसे कोई डिप्रेशन में लिख रहा हो। मंत्री विज ने कहा भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन की सरकार है, जितना किसानों के लिए हितकारी है, उससे पहले आज तक किसी सरकार ने किसानों पर ध्यान नहीं दिया। 

लेखपाल डैशबोर्ड का हुआ शुभारंभ:सिंगल लाग-इन के माध्यम से समस्त कार्यों का सुचारू निस्तारण किया जा सकेगा

अब एक ही पोर्टल से होगा लेखपालों का कामकाज, डैशबोर्ड का हुआ औपचारिक शुभारंभ लखनऊ उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद के अध्यक्ष श्री अनिल कुमार ने आज सरोजनी नगर तहसील में लेखपाल डैशबोर्ड का शुभारंभ करते हुए कहा कि लेखपालों द्वारा किए जाने वाले समस्त कार्य अब एक ही प्लेटफार्म पर दिखाई देंगे। लेखपालों द्वारा सिंगल लॉगइन के माध्यम से समस्त कार्यों का सुचारू निस्तारण किया जा सकेगा एवं कार्यों की उच्च स्तर से सतत मॉनिटरिंग भी की जा सकेगी।  इस अवसर पर अध्यक्ष, राजस्व परिषद ने कहा कि प्रदेश के 22,000 से अधिक लेखपाल प्रतिदिन नागरिकों के सबसे निकट रहकर भूमि अभिलेख अद्यतन, प्रमाणपत्र सत्यापन और राजस्व संबंधी कार्यों का दायित्व निभाते हैं। अब “लेखपाल डैशबोर्ड” इन सभी कार्यों को ऑनलाइन और अधिक सुव्यवस्थित बनाएगा। अध्यक्ष श्री अनिल कुमार ने विस्तार से बताया कि इस डैशबोर्ड के माध्यम से भूमि अभिलेख संशोधन, आय-जाति-निवास प्रमाणपत्रों की स्थिति, धारा 34, 80, 89 एवं 98 की कार्यवाहियाँ, हल्का मैपिंग और अवकाश स्वीकृति की प्रक्रियाएँ एकल लाग-इन पर उपलब्ध होंगी। उच्चाधिकारी अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता को वास्तविक समय में देख सकेंगे। अध्यक्ष, राजस्व परिषद इस परियोजना को साकार करने में योगदान देने वाली एनआईसी की तकनीकी टीम, परिषद से सम्बद्ध सभी तहसीलदारों और लेखपालों की मेहनत और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि “यह पहल केवल तकनीकी विकास नहीं, बल्कि राजस्व परिवार के हजारों कर्मचारियों के सामूहिक प्रयास और महीनों की कठिन मेहनत का परिणाम है।  श्री अनिल कुमार ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री जी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप राजस्व परिषद प्रदेश की राजस्व संबंधी सभी सेवाओं को डिजिटल माध्यम से सरल और पारदर्शी बनाने की दिशा में पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि शीघ्र ही “राजस्व निरीक्षक डैशबोर्ड”, “तहसीलदार डैशबोर्ड” तथा “उपजिलाधिकारी डैशबोर्ड” भी विकसित किए जाएंगे। इनके माध्यम से राजस्व प्रशासन के प्रत्येक स्तर पर कार्य की निगरानी और दक्षता को और अधिक मजबूत किया जाएगा तथा पारदर्शिता और जवाबदेही को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया जाएगा।  इस अवसर पर जिलाधिकारी लखनऊ श्री विशाख जी, उप जिलाधिकारी (सरोजनी नगर) श्री अंकित, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी श्री गंगाराव एवं श्री अनिल यादव तहसीलदार श्री सुखबीर सहित जनपद लखनऊ के विभिन्न तहसीलों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

ED की बड़ी कार्रवाई: फर्जी बैंक गारंटी केस में अनिल अंबानी के खिलाफ जांच तेज

मुंबई  रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन और एमडी अनिल अंबानी की मुश्किलें बढ़ती हुई दिख रही हैं. बैंक लोन फ्रॉड केस के बाद अब ईडी ने 68 करोड़ रुपये की फर्जी बैंक गारंटी मामले में जांच तेज कर दी है. इसी सि​लसिले में शुक्रवार को ईडी ने ओडिशा और कोलकाता में छापेमारी की. ईडी ने इस मामले में दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा की ओर से 11 नवंबर, 2024 को दर्ज एक मामले के आधार पर एक ईसीआईआर (प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट) दर्ज की है. ईडी का आरोप है कि अनिल अंबानी की कंपनी को इसी फर्जी बैंक गारंटी के आधार पर ठेका दिया गया था. भुवनेश्वर में ईडी ने मेसर्स बिस्वाल ट्रेडलिंक प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशकों से जुड़े 3 परिसरों पर छापा मारा और तलाशी ली. वहीं कोलकाता में इसी फर्म के एक सहयोगी के परिसर में ईडी ने छापेमारी की. मेसर्स बिस्वाल ट्रेडलिंक प्राइवेट लिमिटेड (ओडिशा स्थित), इसके निदेशक और सहयोगी 8% कमीशन पर फर्जी बैंक गारंटी जारी करने में संलिप्त पाए गए.' कमीशन देने के लिए फर्जी बिल तैयार किए ईडी ने आरोप लगाया है कि अनिल अंबानी की कंपनी ने फर्म को कमीशन देने के लिए फर्जी बिल भी तैयार किए थे. कई अघोषित बैंक खातों का पता चला है. इन बैंक खातों में करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन पाए गए हैं. संघीय एजेंसी ने कहा कि उसने अनिल अंबानी समूह की कंपनियों और भारतीय सौर ऊर्जा निगम (SECI) को सौंपी गई ₹68.2 करोड़ की एक फर्जी बैंक गारंटी के बीच संबंधों का खुलासा किया है. इसी से जुड़े एक मामले में, पहले जब्त किए गए सबूत (अनिल अंबानी समूह की कंपनियों के मामले में 24.07.2025 को की गई तलाशी के दौरान) का वर्तमान जांच से सीधा संबंध है. SBI का फर्जी ईमेल डोमेन इस्तेमाल किया ईडी के अनुसार, यह फर्जी गारंटी मेसर्स रिलायंस एनयू बेस लिमिटेड और मेसर्स महाराष्ट्र एनर्जी जनरेशन लिमिटेड के नाम पर जारी की गई थी, जो दोनों अनिल अंबानी समूह से जुड़ी हैं. फर्जी बैंक गारंटी को असली बताने के प्रयास में, अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप ने कथित तौर पर SECI से संपर्क करने के लिए आधिकारिक "sbi.co.in" के बजाय एक नकली ईमेल डोमेन, "s-bi.co.in" का इस्तेमाल किया. ईडी ने इस नकली डोमेन के सोर्स का पता लगाने के लिए नेशनल इंटरनेट एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NIXI) से डोमेन रजिस्ट्रेश का विवरण मांगा है. कंपनी के पते पर मिला रिश्तेदार का आवास ईडी के अनुसार, कंपनी केवल एक कागजी संस्था है- इसका पंजीकृत कार्यालय एक रिश्तेदार की आवासीय संपत्ति है. पते पर कंपनी का कोई वैधानिक रिकॉर्ड नहीं मिला. कई कंपनियों के साथ संदिग्ध वित्तीय लेन-देन का पता चला है. कंपनी से जुड़े प्रमुख लोग टेलीग्राम ऐप का इस्तेमाल 'डिसअपीयरिंग मैसेज' फीचर इनेबल करके चैट करते पाए गए हैं, जो बातचीत को छिपाने के प्रयासों का संकेत देता है. इससे पहले अंबानी को ईडी ने शुक्रवार को कथित ₹17,000 करोड़ के लोन फ्रॉड केस की चल रही जांच के सिलसिले में समन जारी किया और पूछताछ के लिए 5 अगस्त को अपने नई दिल्ली में दफ्तर पेश होने को कहा.

अनिल अंबानी के ऑफिसों पर लगातार छापेमारी, ED की कार्रवाई तीसरे दिन भी जारी

मुंबई रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी से जुड़े दिल्ली और मुंबई स्थित परिसरों पर पिछले 48 घंटों से ईडी की छापेमारी जारी है. प्रवर्तन निदेशालय ने 3,000 करोड़ रुपये के संदिग्ध लोन धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अनिल अंबानी के रिलायंस समूह से जुड़ी कंपनियों और अधिकारियों से जुड़े 35 से ज्यादा जगहों परिसरों में तलाशी अभियान शुरू किया है. गुरुवार सुबह 7 बजे से ईडी के अधिकारी अनिल अंबानी के कई ठिकानों पर छापेमारी कर रहे थे. आज भी अनिल अंबानी के ऑफिस रिलायंस में छापेमारी जारी है. रिलायंस पावर और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर ने एक बयान जारी कर कहा है कि ईडी की छापेमारी समूह की अन्य कंपनियों से जुड़े पुराने मामलों से संबंधित है. उन कंपनियों या जांच के दायरे में आने वाले मामलों से कोई संबंध नहीं है. ये शिकायतें RAAGA कंपनियों द्वारा सार्वजनिक संस्थानों के साथ लोन हेराफेरी, रिश्वतखोरी और धोखाधड़ी के आरोपों से संबंधित हैं. RAAGA कंपनियां रिलायंस अनिल अंबानी समूह की संस्थाओं का संदर्भ देती हैं. सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रीय आवास बैंक, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI), राष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग प्राधिकरण (NFRA) और बैंक ऑफ बड़ौदा सहित कई एजेंसियों ने जांच में योगदान देने वाली जानकारी साझा की है. अधिकारियों का कहना है कि लोन वितरण से ठीक पहले, यस बैंक के प्रवर्तकों से जुड़ी संस्थाओं को पैसा रिसीव हुआ था. इससे बैंक अधिकारियों और उधार लेने वाली फर्मों के बीच संभावित रिश्वतखोरी और लेन-देन की व्यवस्था के सवाल उठे हैं. ईडी अब यस बैंक के प्रवर्तकों और अनिल अंबानी से जुड़ी कंपनियों के बीच कथित सांठगांठ की जांच कर रहा है.

ED की बड़ी कार्रवाई: अनिल अंबानी समूह की कंपनियों पर एक साथ कई छापेमारी

मुंबई कारोबारी अनिल अंबानी की कंपनियों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) छापेमारी कर रही है. ये छापेमारी अनिल अंबानी ग्रुप की कंपनियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों में मुंबई में की जा रही है.  ये कार्रवाई नेशनल हाउसिंग बैंक, सेबी, नेशनल फाइनेंशियल रिपोर्टिंग अथॉरिटी (NFRA), बैंक ऑफ बड़ौदा और सीबीआई की दो एफआईआर के आधार पर की गई. अनिल अंबानी से जुड़ी कंपनियों के कई वरिष्ठ अधिकारियों के परिसरों में भी तलाशी ली जा रही है. ईडी को जांच में इस बात के सबूत मिले हैं कि यह सार्वजनिक धन की हेराफेरी के लिए रची गई एक सुनियोजित साजिश थी. इसमें कई संस्थानों, बैंकों, शेयरधारकों और निवेशकों को ठगा गया. घूसखोरी के एंगल से भी जांच की जा रही है, जिसमें यस बैंक के प्रमोटर्स भी संदेहास्पद हैं.  साल 2017 से 2019 के बीच यस बैंक से लिए गए करीब 3,000 करोड़ रुपये के ऋण की अवैध तरीके से हेराफेरी और दुरुपयोग का शक है. अनिल अंबानी क्यों घोषित किए गए फ्रॉड? इससे पहले स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने हाल ही में अनिल अंबानी को फ्रॉड घोषित किया था. इस महीने की शुरुआत में अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्‍युनिकेशन के लोन अकाउंट को SBI से बड़ा झटका मिला था. SBI ने कंपनी को दिसंबर 2023, मार्च 2024 और सितंबर 2024 में कारण बताओ नोटिस भेजा था. कंपनी के जवाब की समीक्षा करने के बाद बैंक ने कहा था कि अनिल अंबानी की कंपनी ने अपने लोन की शर्तों का पालन नहीं किया और अपने अकाउंट्स के संचालन में अनियमितताओं के बारे में पूरी जानकारी नहीं दी.