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भारतीय महिला हॉकी का जलवा, जापान पर 3-1 की जीत से सेमीफाइनल में पहुंची टीम

नागोया  भारतीय महिला हॉकी टीम ने जापान को 3-1 से हराकर एशियन गेम्स 2026 में लगातार चौथी जीत दर्ज की है। इसके साथ ही भारतीय टीम पूल बी में टॉप पर बनी हुई है और सेमीफाइनल में अपनी जगह भी पक्की कर ली है। भारत ने इससे पहले अपने सभी प्रतिद्वंद्वियों को बड़े अंतर से हराया था और गोल की झड़ी लगा दी थी। भारत के लिए इस मैच में लालरेम्सियामी, इशिका और नवनीत ने गोल किए। वहीं, जापान के लिए शिहो कोबायाकावा ने एकमात्र गोल किया। सेमीफाइनल से पहले भारत का मुकाबला सिंगापुर से होगा। टीम इंडिया इस मैच को भी आसानी से जीत सकती है। भारत ने इस मैच में शुरुआत से ही बढ़त बना ली थी। पहले हॉफ में 2-0 की बढ़त लेने के बाद टीम इंडिया ने मैच में अपनी बढ़त मजबूत कर ली थी। हालांकि, बाद में जापान ने एक गोल दागकर वापसी करने की कोशिश भी की, लेकिन भारत ने भी दूसरे हॉफ में एक गोल दागकर 2 गोल की बढ़त के साथ मैच अपने नाम किया। भारतीय टीम की लय को देखते हुए इस बार गोल्ड की उम्मीद की जा रही है। 4 मैच में 59 गोल दागे भारतीय महिला टीम इस प्रतियोगिता में लाजवाब खेल दिखा रही है। 4 मैच में भारतीय टीम 59 गोल कर चुकी है। जापान को छोड़कर भारत ने हर टीम के खिलाफ कम से कम 17 गोल किए थे। भारत ने अपने पहले मैच में उज्बेकिस्तान के खिलाफ 19-0 से जीत दर्ज की थी। इसके बाद भारतीय टीम ने दूसरे मैच में इंडोनेशिया को 17-1 से हराया था। तीसरे मैच में भारत ने थाईलैंड के खिलाफ 20-1 के अंतर से जीत दर्ज की। गोल्ड मेडल का दावेदार है भारत भारतीय टीम इस प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतने की प्रबल दावेदार है। भारत को 1982 से इस इवेंट में गोल्ड का इंतजार है। भारत की महिला हॉकी टीम ने आखिरी बार 1982 में एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता था। वहीं, हांगझोऊ में हुए पिछले एशियन गेम्स में टीम इंडिया को ब्रांज मेडल से संतोष करना पड़ा था।

शूटिंग में भारत का डबल धमाका, कमलजीत-सुरुचि को गोल्ड; पुरुष टीम को सिल्वर

नागोया  एशियन गेम्स 2026 में भारत ने शुक्रवार को 2 मिनट के अंदर 2 पदक जीते। इनमें एक गोल्ड और एक सिल्वर मेडल शामिल है। पहले भारत की पुरुष टीम ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया। इसके तुरंत बाद मिश्रित टीम ने गोल्ड जीता। इन दो पदकों के दम पर भारत ने पदक तालिका में लंबी छलांग लगाई और 12वें स्थान पर पहुंच गया। भारत को एशियन गेम्स 2026 में सबसे ज्यादा 10 पदक शूटिंग में ही मिले हैं। इनमें एक स्वर्ण, 5 रजत और 4 कांस्य पदक शामिल हैं। 5 शूटरों ने किया कमाल पुरुषों की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन टीम इवेंट में ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, रुद्राक्ष पाटिल और नीरज कुमार की भारतीय टीम ने सटीक निशानेबाजी का मुआयना पेश करते हुए भारत के खाते में सिल्वर मेडल जोड़ दिया। क्वालिफिकेशन और टीम इवेंट में निरंतरता दिखाते हुए भारतीय शूटर्स ने दूसरा स्थान हासिल कर पोडियम पर तिरंगा लहराया। इसके तुरंत बाद मिक्स इवेंट में कमलजीत और सुरुचि की जोड़ी ने गोल्ड मेडल जीता। पांचों शूटर के बारे में जानिए… हरियाणा के रेवाड़ी के सुलखा के रहने वाले कमलजीत एक इंडियन पिस्टल शूटर हैं, जो 10 मीटर एयर पिस्टल और 50 मीटर पिस्टल में एक्सपर्ट हैं। उन्होंने 2019 में शूटिंग शुरू की, जब एक चोट की वजह से उन्हें अपना ट्रैक-एंड-फील्ड एथलेटिक्स करियर छोड़ना पड़ा। एक मिडिल-क्लास परिवार से आने वाले कमलजीत को अपने शूटिंग करियर के शुरुआती दौर में पैसे की दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कोचिंग, कोर्स की फीस और कॉम्पिटिशन के लिए अपने खर्चे खुद मैनेज किए और कई बार उन्होंने यह खेल छोड़ने के बारे में भी सोचा। इन दिक्कतों के बावजूद, उनके माता-पिता ने लगातार उनका साथ दिया और उन्हें आगे बढ़ने के लिए जो कुछ भी जरूरी था, वह दिया। अगले दो से तीन सालों में उनकी लगन ने उन्हें पैसे और खेल की दिक्कतों से उबरने और खुद को एक कॉम्पिटिटिव शूटर के तौर पर स्थापित करने में मदद की। कमलजीत ने जूनियर इंटरनेशनल सर्किट में अपनी मजबूत पहचान बनाई, कोरिया के चांगवोन में 2023 ISSF जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में 50 मीटर पिस्टल जूनियर मेन इवेंट में गोल्ड जीता। सुरुचि इंदर सिंह हरियाणा के झज्जर की रहने वाली एक भारतीय 10 मीटर एयर पिस्टल शूटर हैं, जिनका जन्म 28 अप्रैल 2006 को हुआ था। अपने परिवार के मजबूत स्पोर्टिंग बैकग्राउंड की वजह से, शुरू में उन्हें रेसलिंग में हाथ आजमाने के लिए बढ़ावा मिला, जिसके बाद उन्होंने 13 साल की उम्र में शूटिंग शुरू की। उन्होंने भिवानी में गुरु द्रोणाचार्य शूटिंग एकेडमी में कोच सुरेश सिंह के अंडर ट्रेनिंग शुरू की। सुरुचि ने 2025 में सीनियर इंटरनेशनल सर्किट पर एक बड़ी कामयाबी हासिल की, ब्यूनस आयर्स, लीमा और म्यूनिख में लगातार तीन इंडिविजुअल ISSF वर्ल्ड कप गोल्ड मेडल जीते। उन्होंने लीमा वर्ल्ड कप में मिक्स्ड टीम इवेंट में भी गोल्ड जीता। उनके शानदार 2025 सीज़न का अंत दोहा में ISSF वर्ल्ड कप फाइनल में गोल्ड मेडल जीतने के साथ हुआ, जहाँ उन्होंने 10m एयर पिस्टल फाइनल में 245.1 का जूनियर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। 2026 में, उन्होंने म्यूनिख में ISSF वर्ल्ड कप में गोल्ड जीतकर अपना शानदार फॉर्म जारी रखा, जिससे वह भारत की टॉप इंटरनेशनल 10 मीटर एयर पिस्टल शूटर्स में से एक बन गईं। उन्होंने 2026 एशियन चैंपियनशिप में 10 एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में सिल्वर भी जीता। 21 जनवरी 2000 को जन्मे नीरज कुमार 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन इवेंट में स्पेशलिस्ट हैं। वह इंटरनेशनल लेवल पर लगातार अच्छे परफॉर्मेंस से भारत के लीडिंग राइफल शूटर्स में से एक बन गए हैं। नीरज ने कई ISSF वर्ल्ड कप, ISSF वर्ल्ड चैंपियनशिप और एशियन चैंपियनशिप में भारत को रिप्रेजेंट किया है, जिससे उनकी वर्ल्ड रैंकिंग लगातार बेहतर हुई है और उन्होंने इस इवेंट में दुनिया के टॉप कॉम्पिटिटर्स में अपनी जगह बनाई है। वह अभी पुरुषों के 50मीटर राइफल 3 पोजीशन इवेंट में दुनिया के टॉप 15 शूटर्स में शामिल हैं। नीरज ने काहिरा में 2022 ISSF वर्ल्ड चैंपियनशिप में टीम ब्रॉन्ज मेडल के साथ अपना पहला सीनियर ISSF वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल जीता। उन्होंने एशियन चैंपियनशिप में मेडल जीतकर अपनी तरक्की जारी रखी, जिसमें नई दिल्ली में 2026 एशियन राइफल/पिस्टल चैंपियनशिप में इंडिविजुअल सिल्वर मेडल भी शामिल है, जहां उन्होंने भारत के टीम गोल्ड में भी योगदान दिया। रुद्रान्क्ष बालासाहेब पाटिल का जन्म 16 दिसंबर 2003 को महाराष्ट्र ठाणे में हुआ था। वह 10 मीटर एयर राइफल इवेंट में स्पेशलिस्ट हैं और भारत के सबसे अच्छे राइफल शूटरों में से एक हैं। वह काहिरा में 2022 ISSF वर्ल्ड चैंपियनशिप में पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल में गोल्ड मेडल जीतने के बाद इंटरनेशनल लेवल पर मशहूर हुए और इस इवेंट में इंडिविजुअल वर्ल्ड टाइटल जीतने वाले अभिनव बिंद्रा के बाद दूसरे भारतीय बने। इस जीत ने भारत को पेरिस 2024 गेम्स के लिए ओलंपिक कोटा भी दिलाया। रुद्रान्क्ष ने ISSF वर्ल्ड चैंपियनशिप, ISSF वर्ल्ड कप, एशियन चैंपियनशिप, एशियन गेम्स और पेरिस 2024 ओलंपिक गेम्स में भारत को रिप्रेजेंट किया है। कई बार ISSF मेडलिस्ट रहे रुद्रांक ने दो वर्ल्ड चैंपियनशिप गोल्ड मेडल, एक जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल, एक ISSF प्रेसिडेंट्स कप टाइटल, तीन ISSF वर्ल्ड कप गोल्ड मेडल और एशियन चैंपियनशिप में कई मेडल जीते हैं। 2022 में उनके शानदार परफॉर्मेंस के बाद उन्हें पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल इवेंट में वर्ल्ड नंबर 1 रैंक मिली और वे दुनिया के टॉप राइफल शूटर्स में से एक बने हुए हैं। प्रेशर में अपनी कंसिस्टेंसी और शांत रहने के लिए जाने जाने वाले रुद्रांक भारतीय शूटिंग टीम के एक अहम सदस्य बने हुए हैं और बड़े इंटरनेशनल कॉम्पिटिशन में देश के सबसे मजबूत मेडल प्रॉस्पेक्ट्स में से एक हैं। ऐश्वर्य का जन्म 3 फरवरी 2001 को हुआ था। वह भारत के जाने-माने राइफल शूटर्स में से एक हैं, जो 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन इवेंट में स्पेशलिस्ट हैं। मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के रतनपुर गांव के रहने वाले तोमर ने अपने चचेरे भाई और ओलंपियन नवदीप सिंह राठौर को देखकर शूटिंग शुरू की। उन्होंने 2015 में भोपाल की मध्य प्रदेश शूटिंग एकेडमी में फॉर्मल ट्रेनिंग शुरू की। तोमर 2019 में सुहल में ISSF जूनियर वर्ल्ड कप में गोल्ड जीतने के बाद मशहूर हुए, जहां उन्होंने 50 … Read more

सुचिका तारियाल का छलका दर्द, बोलीं- फैसला स्वीकार नहीं कर सकती

नई दिल्ली एशियन गेम्स 2026 में भारत को मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में पहला पदक दिलाने वाली सुचिका तारियाल ने अपना दर्द साझा किया है। सुचिका को सेमीफाइनल मुकाबले में विवादित फैसले के कारण हार का सामना करना पड़ा था। वह महिलाओं की ट्रेडिशनल 60 किलोग्राम कैटेगरी में विवादित फैसले के कारण बाहर हो गई थीं। इस फैसले का पूरी टीम और खुद सुचिका ने विरोध किया था, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ और उन्हें कांस्य पदक से ही संतोष करना पड़ा। भारत वापस लौटने पर उनका जबरदस्त स्वागत हुआ और वह फैंस से मिले प्यार से काफी खुश नजर आईं, लेकिन उन्होंने स्पष्ट तौर पर इस फैसले को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। एक राउंड और खिला देते- सुचिका गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में सुचिका ने कहा, 'लोग यहां मेरे स्वागत के लिए आए हैं, जिसे देखकर बहुत खुशी हो रही है। भले ही मैं मेडल का रंग बदल नहीं सकी, लेकिन आप लोगों के दिलों में जगह बना ली है। मेरे लिए इतना ही काफी है। वह मुझे एक राउंड और खिला देते, तो बेहतर रहता। मैं बेशक हार जाती, लेकिन उसे स्वीकार कर लेती, लेकिन जो हुआ, उसे स्वीकार नहीं सकती। यही वजह रही कि मैंने उनके फैसले का विरोध किया। हालांकि, कुछ लोग इसे गलत बता रहे हैं, लेकिन मुझे ही पता है कि मैंने वहां तक पहुंचने के लिए कितनी कड़ी मेहनत की थी। मैं ऐसे नहीं हार सकती।' क्या था विवाद? सुचिका को सिंगापुर की हुई हून टेओ के खिलाफ हार मिली थी, जिसके बाद भारतीय टीम ने इस फैसले के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। विरोध के बाद मुकाबला आर्बिट्रेशन में गया, जहां जजों ने मुकाबले की समीक्षा की और दोबारा स्कोरिंग की। आखिरकार नतीजे का फैसला 'कम वजन वाले खिलाड़ी' के नियम से हुआ। दुर्भाग्य से, सुचिका का वजन अपनी प्रतिद्वंदी से 700 ग्राम ज्यादा था, जिसके चलते उन्होंने मुकाबला गंवा दिया। बैट लक के कारण हारीं सुचिका सुचिका ने कहा, "मैच को ड्रॉ घोषित किया गया, जबकि हम दोनों बराबरी पर ही थे। इसके बाद उन्हें विजेता घोषित किया गया, वहां मैं भी हो सकती थी, लेकिन पता नहीं, उन्होंने ऐसा क्यों नहीं किया? मैं इसे चीटिंग नहीं कह सकती, लेकिन अगर आप मुकाबला ड्रॉ कर रहे हो, मुझे भी जिता सकते हो। मुझमें ऐसी क्या कमी थी जो उन्हें जिता दिया गया। हां, इसे 'बैड लक' कहा जा सकता है।" फेडरेशन पर लगाए आरोप सुचिका ने मैच के बारे में बात करते हुए कहा, मुझे इस खेल का ज्ञान है। मैं दोनों ही रांउड जीत रही थी। फिर भी लोग कह रहे हैं कि मेरी तरफ से विरोध दर्ज करना गलत था। मैं एक मिनट के राउंड में भी उन पर हावी रही। वो पीछे-पीछे भाग रही थीं। मुझे लगता है कि फेडरेशन सिंगापुर का है, तो क्या पता उनको ही जिताना था। हालांकि, मैं ब्रॉन्ज मेडल से खुश हूं, क्योंकि ये मेरी जान से भी बढ़कर है, मैंने इसके लिए बहुत मेहनत की है। मुझे बहुत खुशी है। भले ही मैं गोल्ड से चूक गई, लेकिन आप मेरे स्वागत के लिए यहां आए, इसकी बहुत खुशी है। मैं अब वर्ल्ड चैंपियनशिप की तैयारी करूंगी। आगे भी मेरी फाइट्स हैं। मैंने ब्रेव के लिए साइन किया है।'

Asian Games में भारत का धमाल, कमलजीत-सुरुचि ने जीता गोल्ड; राइफल टीम को सिल्वर

नई दिल्ली  जश्न मनाइए, खुशियों में डूब जाइए। एशियन गेम्स 2026 में दिन का आगाज इससे बेहतर नहीं हो सकता था। सिर्फ 2 मिनट के अंदर भारत को दो मेडल मिले, जिसमें एक गोल्ड मेडल और एक सिल्वर मेडल रहा। ये दोनों ही शूटिंग से आए। इसके साथ ही एशियन गेम्स की मेडल टैली में भारतीय दल ने जबरदस्त छलांग लगाई है। पहले वह एक गोल्ड के साथ 15वें नंबर पर था, जबकि अब 12वें नंबर पर पहुंच गया है। इन इवेंट में आए मेडल जापान में खेले जा रहे एशियन गेम्स 2026 से भारत के लिए बहुत बड़ी और खुशखबरी सामने आई है। निशानेबाजी में भारत ने दो मेडल जीते है। कमलजीत और सुरुचि सिंह की जोड़ी ने देश को निशानेबाजी में पहला गोल्ड मेडल दिलाकर इतिहास रच दिया है। वहीं पुरुषों की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन टीम इवेंट में भारतीय तिकड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम कर लिया है। 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट के फाइनल मुकाबले में कमलजीत और सुरुचि सिंह की भारतीय जोड़ी ने दक्षिण कोरिया की मजबूत जोड़ी को एकतरफा अंदाज में पछाड़ते हुए पोडियम के शीर्ष पर तिरंगा फहराया। यह एशियन गेम्स में भारत का दूसरा गोल्ड मेडल है। 5 शूटरों ने किया कमाल पुरुषों की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन टीम इवेंट में ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, रुद्राक्ष पाटिल और नीरज कुमार की भारतीय टीम ने सटीक निशानेबाजी का मुआयना पेश करते हुए भारत के खाते में सिल्वर मेडल जोड़ दिया। क्वालिफिकेशन और टीम इवेंट में निरंतरता दिखाते हुए भारतीय शूटर्स ने दूसरा स्थान हासिल कर पोडियम पर तिरंगा लहराया। वहीं उनके जीतने के तुरंत बाद 2 मिनट के अंदर भारत ने शूटिंग में एक और मेडल जीता, लेकिन इस बार मेडल का रंग गोल्ड था। कमलजीत और सुरुचि सिंह का फाइनल स्कोर:     इंडिया – 484.6 (गोल्ड)     साउथ कोरिया – 478.0 (सिल्वर)     ईरान – 415.8 (ब्रॉन्ज) एशियाई रिकॉर्ड तोड़कर फाइनल में बनाई थी कमलजीत और सुरुचि सिंह ने जगह भारतीय निशानेबाजों का दबदबा सुबह क्वालिफिकेशन राउंड से ही देखने को मिल रहा था। कमलजीत और सुरुचि सिंह ने क्वालिफिकेशन में 587 अंकों का नया एशियाई रिकॉर्ड बनाते हुए पहले स्थान पर रहकर फाइनल के लिए क्वालीफाई किया था। क्वालिफिकेशन में ही उन्होंने दूसरे स्थान पर मौजूद मंगोलिया की टीम पर 70 अंकों की विशाल बढ़त बनाकर अपने मजबूत इरादे जाहिर कर दिए थे।

भारत की महिला कबड्डी टीम का धमाल, नेपाल को हराकर फाइनल में पहुंची

नागोया भारत की महिला कबड्डी टीम ने सेमीफाइनल मैच में नेपाल को 48-24 के अंतर से हराकर फाइनल में जगह बना ली है। भारतीय खिलाड़ियों ने आशा के अनुरूप प्रदर्शन करते हुए शानदार जीत हासिल की है। कबड्डी में हमेशा से ही भारत का वैश्विक स्तर पर दबदबा रहा है। इस टूर्नामेंट में भी टीम इंडिया का दबदबा कायम है और अब भारत को गोल्ड से कम कुछ मंजूर नहीं होगा। फाइनल में भारत का मुकाबला ईरान और चीनी ताइपे के बीच होने वाले मैच के विजेता से होगा। फाइनल में जगह बनाने के साथ ही भारतीय टीम ने कम से कम सिल्वर मेडल पक्का कर लिया है, लेकिन सभी को टीम इंडिया से गोल्ड की आस है। फाइनल मुकाबला शनिवार को खेला जाएगा। वहीं, भारत की पुरुष टीम भी सेमीफाइनल में जगह बना चुकी है और कम से कम कांस्य पदक पक्का कर लिया है। भारत की पुरुष टीम से भी गोल्ड मेडल की आस है। एशियन गेम्स में अजेय है भारतीय टीम एशियन गेम्स 2026 में भारतीय टीम अब तक कोई भी मैच नहीं हारी है। सेमीफाइनल से पहले टीम इंडिया ने अपने तीनों ग्रुप मुकाबले जीते थे। भारत ने अपने अभियान की शुरुआत बांग्लादेश पर 42-21 की जीत के साथ की थी, जिसके बाद ईरान को 37-23 से हराया। इसके बाद जापान पर 50-25 से शानदार हासिल की और ग्रुप-ए में टॉप पर रहते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाई। कबड्डी में भारत का दबदबा कबड्डी को 1990 में एशियाई खेलों में शामिल किए जाने के बाद से भारतीय पुरुष टीम ने 9 पदक जीते हैं। इनमें 8 स्वर्ण पदक शामिल हैं। 2018 में भारत का स्वर्ण पदक जीतने का सिलसिला टूटा था, जब टीम को कांस्य पदक मिला था। कोच को चैंपियन बनने का भरोसा भारत की महिला कबड्डी टीम की कोच नीता डाडवे ने ईरान के खिलाफ शानदार जीत के बाद कहा था , 'हमने ईरान के खिलाफ काफी रणनीति बनाई थी। पहली बार हम दस से अधिक अंक से जीते हैं। इससे पहले सारे मुकाबले करीबी रहे हैं।' यह पूछने पर कि भारत को कौन हरा सकता है, उन्होंने कहा , 'कोई नहीं। हम विश्व में नंबर एक हैं और यह हमारा खेल है। इसकी शुरूआत भारत में हुई। हमारे पास बेहतरीन खिलाड़ी, तकनीक, रफ्तार और दमखम के साथ आत्मविश्वास है।’

पीवी सिंधू भी नहीं बचा सकीं भारत को, जापान ने 3-1 से हराकर किया सफर खत्म

नई दिल्ली  एशियन गेम्स-2026 में मंगलवाल को भारत को एक बड़ी निराश हाथ लगी है। पीवी सिंधू जैसी स्टार खिलाड़ी से सज्जित भारतीय महिला बैडमिंटन टीम को जापान के हाथों हार का सामना करना पड़ा। जापान ने भारत को 3-1 से मात दी। इसी के साथ भारत का सफर इन खेलों में निराशाजनक रूप से खत्म हो गया। इस हार के साथ ही भारत का एशियाई खेलों में महिला बैडमिंटन टीम इवेंट में मेडल का सूखा जारी है। भारत ने आखिरी बार साल 2014 में इस इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। इस बार उम्मीद की जा रही थी कि भारतीय टीम ये सूखा खत्म करेगी,लेकिन ऐसा नहीं हो सका और जापान ने जबरदस्त घरेलू दर्शकों के समर्थन से भारत को बुरी तरह हरा दिया। सिंधू ने किया निराश पूरे देश को सिंधू से बहुत उम्मीदें थीं। उनका मुकाबला तीन बार की वर्ल्ड चैंपियन और पुरानी प्रतिद्वंद्वी अकाने यामागुची से था जो पिछले महीने वर्ल्ड चैंपियनशिप के फाइनल में भी पहुंची थीं। इस साल चार मुकाबलों में से दो बार वर्ल्ड नंबर-3 खिलाड़ी को हराने के बाद सिंधू पूरे आत्मविश्वास में दिखीं और अच्छी शुरुआत करते हुए पहला गेम 23-21 से जीता, लेकिन फिर जापानी खिलाड़ी ने वापसी की और दूसरा गेम 21-18 से जीतकर मैच को निर्णायक गेम में पहुंचा दिया। दो बार की ओलंपिक मेडलिस्ट सिंधू निर्णायक गेम 11-21 से हार गईं। यामागुची की इस जीत से जापान ने 1-0 की बढ़त बना ली। इसके बाद, 20 साल की टोमोका मियाजाकी ने उन्नति हुड्डा को आसानी से 21-16, 21-18 से हरा दिया। इस जीत ने जापान को 2-0 से आगे कर दिया। जॉली और गोपीचंद ने जगाई उम्मीद हालांकि, त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी अगर मैच हार जाती तो भारत की हार यहीं तय हो जाती। इस जोड़ी ने भारत को एक उम्मीद थी। पिछले महीने चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीतने के बाद पूरे आत्मविश्वास से भरी भारतीय जोड़ी ने वर्ल्ड नंबर-3 युकी फुकुशिमा और मायु मात्सुमोतो को हरा दिया। भारतीय जोड़ी ने ये मैच 21-17, 21-16 से अपने नाम किया। इस जीत ने भारत की वापसी की उम्मीद जगाई जो अगले ही मैच में खत्म हो गई। अगले मैच में युवा तन्वी शर्मा का सामना पूर्व वर्ल्ड चैंपियन नोजोमी ओकुहारा से था। ओकुहारा ने 18 मिनट में 21-12, 21-10 से जीत दर्ज की और जापान को 3-1 से जीत दिलाने में मदद की।

हरमनप्रीत कौर ने की युवा गेंदबाजों की तारीफ, बोलीं- पावरप्ले में स्पेल शानदार रहा

निशिन (जापान) एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने गोल्ड मेडल जीत लिया है। फाइनल मैच में भारत ने श्रीलंका को 147 रन के अंतर से हराया और एकतरफा जीत के साथ गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इस जीत के बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर ने गेंदबाजों को श्रेय दिया और कहा कि भारत की गेंदबाजी यूनिट की जमकर तारीफ होनी चाहिए। उन्होंने खास तौर पर दोनों तेज गेंदबाजों का नाम लिया,जिन्होंने पावरप्ले में लगातार गेंदबाजी अच्छी गेंदबाजी की। हरमनप्रीत कौर से मैच के बाद जब पूछा गया कि बिना कोई मैच हारे गोल्ड मेडल जीतने पर कैसा लग रहा है तो उन्होंने कहा कि यह एक शानदार एहसास है। टूर्नामेंट से पहले, हमने बिना कोई मैच हारे खिताब जीतने के बारे में बहुत बात की थी, लेकिन इससे भी ज्यादा जरूरी यह है कि हमने अपने लिए जो ऊंचे स्टैंडर्ड तय किए थे, उन्हीं पर खेलते रहना है। हर खिलाड़ी ने अच्छा प्रदर्शन किया कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कहा, 'यह देखकर बहुत अच्छा लगता है कि हर कोई हर गेम को इतनी पॉजिटिव सोच के साथ ले रहा है। हर एक खिलाड़ी जिसे मौका मिला, उसने आगे बढ़कर अच्छा प्रदर्शन किया। एक कैप्टन और एक टीम के तौर पर, हम ठीक यही चाहते थे। अजेय रहना और लगातार इस क्वालिटी का परफॉर्मेंस देना। यही हमने खुद से उम्मीद की थी और यह देखकर बहुत अच्छा लगा कि हर कोई इस विजन को कॉन्फिडेंस के साथ पूरा कर रहा है।' गेंदबाजों को दिया जीत का श्रेय टीम में युवा और अनुभव के मेल पर हरमनप्रीत कौर ने कहा, 'हमारी बॉलिंग यूनिट को खास क्रेडिट मिलना चाहिए, क्योंकि हमने इसमें बहुत मेहनत की है। क्रांति और नंदिनी जैसे युवा बॉलर्स ने बड़ी जिम्मेदारियां लीं और जिस तरह से उन्होंने रिस्पॉन्ड किया, खासकर पावर-प्ले में उनका स्पेल शानदार था। यह कुछ ऐसा था जिस पर हमारे बॉलिंग कोच और स्टाफ उनके साथ बहुत करीब से काम कर रहे थे। यंगस्टर्स के अलावा, हमारा स्पिन अटैक हमारी कोर स्ट्रेंथ है। श्रेयंका और दीप्ति जैसे बॉलर लगातार मैच-विनर हैं और हमेशा सबसे ज्यादा विकेट लेने वालों में से हैं। कुल मिलाकर, एक्सपीरियंस और फ्रेश टैलेंट के बीच बैलेंस एकदम सही था, और जब जरूरत थी तो सभी ने अच्छा परफॉर्म किया।'

भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने लगातार दूसरी बार जीता एशियन गेम्स गोल्ड, श्रीलंका को दी करारी शिकस्त

आइची-नागोया आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने गोल्ड मेडल जीत लिया है. गोल्ड मेडल मैच में भारतीय टीम ने श्रीलंका को 147 रनों से पराजित किया. मंगलावर (22 सितंबर) को निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में हुए मुकाबले में भारत ने श्रीलंका के सामने 217 रनों का टारगेट दिया था, लेकिन उसकी पूरी टीम 15.4 ओवरों में 69 रनों पर सिमट गई. मौजूदा एशियन गेम्स में ये भारत का पहला गोल्ड मेडल है. इससे पहले भारत ने मौजूदा गेम्स में 4 सिल्वर और दो ब्रॉन्ज जीते थे. भारत की महिला क्रिकेट टीम ने हांगझोउ एशियन गेम्स 2022 में भी गोल्ड मेडल जीता था. तब भारतीय टीम ने फाइनल में श्रीलंका को 19 रनों से पराजित किया था. अब उसने लगातार दूसरी बार गोल्ड मेडल अपने नाम किया. एशियन गेम्स 2026 में विमेंस क्रिकेट प्रतियोगिता का ब्रॉन्ज पाकिस्तान ने जीता. पाकिस्तानी टीम ने ब्रॉन्ज मेडल मैच में बांग्लादेश को 31 रनों से हराया. रनचेज में श्रीलंकाई टीम ने शुरुआत से ही विकेट गंवाए और कभी भी मैच में वापसी नहीं कर पाई. कप्तान चमारी अटापट्टू ने सबसे ज्यादा 21 बॉल पर 29 रन बनाए, जिसमें पांच चौके शामिल रहे. भारत की ओर से दीप्ति शर्मा ने सबसे ज्यादा तीन विकेट झटके. वहीं शेफाली वर्मा, श्रेयंका पाटिल और श्री चरणी ने दो-दो विकेट लिए. स्मृति ने लगाई तूफानी फिफ्टी मुकाबले में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने 3 विकेट पर 216 रन बनाए. स्मृति मंधाना ने 7 छक्के और 5 चौके की मदद से 45 बॉल पर 79 रनों का योगदान दिया. वहीं ऋचा घोष ने सिर्फ 22 बॉल पर नाबाद 49 रन बनाए, जिसमें 6 चौके और तीन छक्के शामिल रहे. ओपनर शेफाली वर्मा ने 29 बॉल पर 48 रनों की पारी खेली. शेफाली ने अपनी पारी में 3 छक्के और 3 चौके लगाए. शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना के बीच पहले विकेट के लिए 99 रनों की साझेदारी हुई. इस पार्टनरशिप ने ही बड़े स्कोर की नींव रखी. श्रीलंका की ओर से सुगंधिका कुमारी, चामुदी प्रबोदा और कविशा दिलहारी ने एक विकेट हासिल किए. एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने क्वार्टर फाइनल में जापान को 8 विकेट से पराजित किया था. फिर उसने सेमीफाइनल में बांग्लादेश को 114 रनों से धूल चटाई. श्रीलंका का क्वार्टर फाइनल मलेशिया से था, जहां टीम ने 86 रनों से जीत हासिल की. फिर सेमीफाइनल में श्रीलंका ने पाकिस्तान को 8 विकेट से धो दिया. देखा जाए तो भारत और श्रीलंका के बीच विमेंस टी20 इंटरनेशनल में अब तक 32 मुकाबले खेले गए हैं. इस दौरान भारतीय टीम ने 26 मैचों में जीत हासिल की. वहीं श्रीलंका ने केवल 5 मुकाबले जीते. जबकि एक मैच का नतीजा नहीं निकला. यानी आंकड़ों में भारतीय टीम का पलड़ा श्रीलंका पर हमेशा से भारी रहा है. भारत बनाम श्रीलंका h2h कुल विमेंस टी20I मैच: 32 भारत ने जीते: 26 श्रीलंका ने जीते: 5 बेनतीजा: 1 फाइनल में भारत की प्लेइंग इलेवन: स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, गुनालन कमलिनी, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), ऋचा घोष (विकेटकीपर), भारती फुलमाली, दीप्ति शर्मा, श्रेयंका पाटिल, श्री चरणी, नंदनी शर्मा और क्रांति गौड़. फाइनल में श्रीलंका की प्लेइंग इलेवन: इमेशा दुलानी, चमारी अटापट्टू (कप्तान), हसिनी परेरा, हर्षिता समरविक्रमा, कविशा दिलहारी, हंसिमा करुणारत्ने, कौशानी नुथ्यांगना (विकेटकीपर), मिताली अयोध्या, काव्या कविंदी, चामुदी प्रबोदा और सुगंधिका कुमारी. भारत का स्क्वॉड: स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, गुनालन कमलिनी, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), ऋचा घोष (विकेटकीपर), भारती फुलमाली, दीप्ति शर्मा, श्रेयंका पाटिल, श्री चरणी, नंदनी शर्मा, क्रांति गौड़, रेणुका सिंह ठाकुर, अरुंधति रेड्डी और राधा यादव. श्रीलंका का स्क्वॉड: इमेशा दुलानी, चमारी अटापट्टू (कप्तान), हसिनी परेरा, हर्षिता समरविक्रमा, कविशा दिलहारी, हंसिमा करुणारत्ने, कौशानी नुथ्यांगना (विकेटकीपर), मिताली अयोध्या, काव्या कविंदी, चामुदी प्रबोदा, सुगंधिका कुमारी, रश्मिका सेववंडी, निमाशा मीपेज, संजना कविंदी और अनुष्का संजीवनी.

कबड्डी में टीम इंडिया का दबदबा कायम, दक्षिण कोरिया को 32 अंकों से दी करारी शिकस्त

आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में अपने गोल्ड मेडल की रक्षा करने उतरी भारतीय मेंस कबड्डी टीम का शानदार प्रदर्शन जारी है। मंगलवार सुबह तोकाई सिटीजन्स जिम्नेजियम में खेले गए ग्रुप-ए के अपने दूसरे मुकाबले में डिफेंडिंग चैंपियन भारत ने साउथ कोरिया को 63-31 के बड़े अंतर से हरा दिया। अपने पहले मैच में मेजबान जापान को मात देने के बाद, भारत की यह प्रतियोगिता में लगातार दूसरी धमाकेदार जीत है। कप्तान सुनील कुमार की अगुवाई में उतरी भारतीय टीम ने मैच के पहले मिनट से ही कोरिया पर शिकंजा कस लिया था। भारतीय रेडर्स ने कुल 38 टच/आउट पॉइंट हासिल किए, जबकि डिफेंस ने कोरियाई अटैक को अपने कोर्ट में पकड़ते हुए टैकल पॉइंट्स की बौछार कर दी। हाफ-टाइम तक ही पक्की हो गई थी जीत मैच की शुरुआत से ही भारतीय रेडर्स और डिफेंडर्स ने तालमेल का बेहतरीन नजारा पेश किया। पहले हाफ में भारत ने दो बार कोरियाई टीम को ऑल-आउट किया। ब्रेक के समय तक भारत ने 34-14 की विशाल 20-पॉइंट्स की बढ़त बना ली थी। दूसरे हाफ में भी कहानी नहीं बदली। हालांकि कोरियाई रेडर्स ने वापसी की कुछ कोशिशें कीं, लेकिन भारतीय डिफेंस के आगे उनकी एक न चली। भारत ने दूसरे हाफ में एक और ऑल-आउट (मैच में कुल 3 ऑल-आउट) थोपते हुए स्कोरबोर्ड पर 63 अंक टांग दिए। मैच के अंत में भारत का बोनस पॉइंट्स का आंकड़ा 17 तक पहुंच गया था। अगला मुकाबला बांग्लादेश से इस जीत के साथ ही भारतीय टीम ग्रुप-ए की पॉइंट्स टेबल में शीर्ष पर अपनी स्थिति मजबूत कर चुकी है। पिछले 10 में से 8 एशियन गेम्स गोल्ड मेडल जीत चुकी भारतीय टीम का अगला मुकाबला बुधवार, 23 सितंबर को ग्रुप-ए में बांग्लादेश से होगा। बांग्लादेश की टीम भारत के मुकाबले काफी कमजोर है और इस मैच को भारतीय टीम बड़ी आसानी के साथ अपने नाम करना चाहेगी।

एशियन गेम्स-2026: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय निशानेबाजों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दी बधाई

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जापान में चल रहे एशियन गेम्स-2026 में निशानेबाजी की एयर राइफल स्पर्धा में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए भारतीय खिलाड़ियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। सोमवार को 10 मीटर एयर राइफल की व्यक्तिगत स्पर्धा में भारतीय निशानेबाज हिमांशु ढिल्लों ने रजत पदक और श्री रुद्रांक्ष बालासाहेब पाटिल ने कांस्य पदक जीतकर देशवासियों को गौरवान्वित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'एक्स' पर कहा कि हमारे प्रतिभावान निशानेबाजों ने एशियन गेम्स में सटीक निशाना साधकर भारत को पहले डबल पोडियम फिनिश के जश्न मनाने का अवसर दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एशियन गेम्स में भाग ले रहे भारतीय दल में शामिल सभी खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए मंगलकामना की है।