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ATS को मिले अहम सुराग: विश्वविद्यालय के शिक्षक पर आतंकी साजिश में शामिल होने का शक

लखनऊ राजधानी लखनऊ के प्रतिष्ठित इंटीग्रल विश्वविद्यालय में शाहीन सईद का छोटा भाई डॉक्टर परवेज सईद असिस्टेंट प्रवक्ता था और एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्रों की क्लास लिया करता था. हालांकि, दिल्ली ब्लास्ट से ठीक पहले उसने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. एटीएस इस पूरे मामले में गहन जांच कर रही है. जबकि, डॉक्टर परवेज से जुड़ी हर फाइल तथ्य और उसकी पुरानी सीसीटीवी फुटेज निकलवाकर परवेज के बारे में जानकारी जुटा रही है. मिली जानकारी के मुताबिक परवेज एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्रों को पढ़ाता था. जबकि, वो खुद को बहुत रिजर्व रखता था, लेकिन इंटिगरल विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले कश्मीरी छात्रों से उसकी नजदीकियां थी. उनके साथ रात में डॉक्टर परवेज घंटों शाम और रात को बैठकर चर्चा करता और उनका ब्रेनवाश करने की कोशिश करता था. वहीं डॉक्टर परवेज की सीसीटीवी फुटेज में दिख रही हरकतों पर एटीएस को संदेह है कि शायद डॉक्टर परवेज इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में स्लीपर सेल की फौज तैयार कर रहा था. एटीएस इस पूरे मामले में गहन जांच कर रही है. जांच के बाद और कई तथ्य सामने आ सकते हैं.

ATS का बड़ा एक्शन: हथियार सप्लाई करते तीन संदिग्ध गिरफ्तार, देश में हमले की साजिश का खुलासा

अहमदाबाद / नई दिल्ली गुजरात में आतंकी साजिश रचने के आरोप में तीन संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आतंक रोधी दस्ते (ATS) ने हथियार सप्लाई करते समय तीनों संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। देश में आतंकी हमले की साजिश रचने के आरोप में पकड़े गए इन लोगों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। अहमदाबाद से तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया पुलिस की तरफ से जारी बयान में कहा गया, 'गुजरात एटीएस ने अहमदाबाद से तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। ये पिछले एक साल से गुजरात एटीएस के रडार पर थे। तीनों को हथियार सप्लाई करते हुए गिरफ्तार किया गया। ये देश के विभिन्न हिस्सों में आतंकी हमले करने की योजना बना रहे थे।'

छांगुर पर विदेशी फंडिंग से धर्मांतरण का आरोप, ATS ने खोले बड़े राज

लखनऊ  एटीएस ने अवैध धर्मांतरण के मामले में जलालुद्दीन उर्फ छांगुर, उसकी करीबी नीतू समेत छह आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी है। इसमें लिखा है कि छांगुर लखनऊ से मुम्बई तक अवैध धर्मांतरण करा रहा था। विदेशी फंडिंग के जरिए नीतू उर्फ परवीन और उसके पति नवीन रोहरा के खातों में करोड़ों रुपये जमा हुए। चार्जशीट में बलरामपुर की कोर्ट में कार्यरत राजेश उपाध्याय का नाम भी शामिल है। एसटीएफ ने पिछले साल छांगुर की करतूतों की जांच कर साक्ष्य जुटाए थे। इसके बाद छांगुर, बेटे महबूब, नवीन रोहरा, नवीन की पत्नी नीतू उर्फ परवीन, सबरोज, सहाबुद्दीन समेत कई को नामजद कराया था। यह एफआईआर एटीएस ने की थी। छांगुर की गिरफ्तारी के बाद एक-एक कर कई बड़े खुलासे हुए थे। ईडी ने भी छांगुर, नीतू और नवीन की कई सम्पत्तियां चिन्हित कर जब्त कर ली थी। एटीएस ने विवेचना में कई साक्ष्य जुटाए। इसके बाद छांगुर, नवीन, नीतू, सबरोज, महबूब, सहाबुद्दीन और राजेश उपाध्याय के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। कई अन्य के खिलाफ भी जल्दी चार्जशीट दाखिल होगी। तीन और आरोपियों की तलाश जारी है। धर्मांतरण के धंधेबाज छांगुर का साम्राज्य कितना बड़ा? धर्मांतरण के खुलासे के बाद देश भर में चर्चा का विषय बने जलालुद्दीन उर्फ छांगुर के गिरोह ने 300 करोड़ रुपये से अधिक की सम्पत्ति बनाई। धर्मांतरण के धंधेबाज छांगुर बाबा का साम्राज्य कितना बड़ा है? यह पता लगाने में जुटी पुलिस और प्रशासन को बाकायदा दस्तावेज मिले हैं। छांगुर गिरोह के साथ तीन हजार से अधिक लोग जुड़े होने के साक्ष्य मिले है पर इसमें करीब 400 लोग ऐसे है जो मुख्य रूप से इस गिरोह के लिए ही पिछले कई सालों से काम करते रहे। पाकिस्तान, दुबई, कनाडा, नेपाल और सऊदी अरब से छांगुर को फंडिंग की जाती रही। पांच जुलाई से 31 जुलाई के बीच एटीएस, ईडी और बलरामपुर पुलिस की जांच रिपोर्ट में ऐसे ही कई तथ्य साक्ष्यों के साथ सामने आए है। छांगुर के धर्मांतरण गिरोह को लेकर शासन बेहद गम्भीर रहा। वह रोजाना जांच एजेन्सियों से प्रगति रिपोर्ट लेता रहा। शासन ने बलरामपुर पुलिस व प्रशासन के साथ ही एटीएस व एसटीएफ को भी जांच रिपोर्ट तैयार करने को कहा था।

हिंदू धर्म गुरुओं की हत्या की साजिश का खुलासा , ATS ने 3 संदिग्धों को किया गिरफ्तार

लखनऊ यूपी एटीएस (अतिरिक्त पुलिस सेवा) ने मुजाहिदीन आर्मी नाम के सिंडिकेट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। हिंदू धर्म गुरुओं की हत्या की साजिश रचने वाले इस गिरोह का मास्टरमाइंड मोहम्मद रजा और उसके साथियों की खोजबीन जारी है। सोमवार को एटीएस की टीम ने छापेमारी कर मोहम्मद रजा से जुड़े तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। सभी से पूछताछ जारी है। मास्टरमाइंड ने भेजे थे 300 से ज्यादा भड़काऊ वीडियो एटीएस की जांच में पता चला है कि मोहम्मद रजा ने व्हाट्सएप के कई ग्रुप में 300 से अधिक भड़काऊ वीडियो भेजे थे। इन वीडियोज में लोगों को दूसरे धर्म के खिलाफ उकसाने का काम किया जा रहा था। साथ ही यह दिखाया जा रहा था कि कैसे एक संप्रदाय के लोग उनके खिलाफ काम कर रहे हैं। वीडियो के अलावा मोहम्मद रजा ने कई बार वीडियो कॉल के जरिए भी ग्रुप के सदस्यों को संबोधित किया था और उन्हें भड़काया था। साजिश का मकसद था हिंसक जिहाद से देश में शरिया सरकार बनाना एटीएस ने अब तक इस मामले में कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में सामने आया है कि आरोपियों का मकसद हिंसक जिहाद कर देश में शरिया सरकार बनाना था। मोहम्मद रजा और उसके साथी युवकों को उकसाकर अलग-अलग जगह हिंसा भड़काना चाहते थे। 3 युवकों को हिरासत में लिया गया, पूछताछ जारी सोमवार को एटीएस ने मुजाहिदीन आर्मी से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की। इसमें तीन और युवकों को गिरफ्तार किया गया है। इन सभी से एटीएस मुख्यालय पर पूछताछ की जा रही है। जांच के दौरान पता चला है कि ये युवकों ने कई बार मोहम्मद रजा से संपर्क किया था और उसके आदेश मानते थे। एटीएस ने कॉल डिटेल और सर्विलांस के जरिए दर्जनों नंबरों पर नजर रखी हुई है। इसके जरिए केरल और यूपी के अन्य शहरों में मोहम्मद रजा के संपर्क में रहने वालों की जानकारी जुटाई गई है। केरल में भी एटीएस की टीम ने संदिग्धों से पूछताछ की है। वहीं, फतेहपुर में भी एटीएस की टीम ने हाल ही में छापेमारी की है। मोहम्मद रजा को जल्द लिया जा सकता है कस्टडी रिमांड पर मोहम्मद रजा को जल्द ही कस्टडी रिमांड पर लेने के लिए एटीएस सोमवार को अदालत में अर्जी दे सकती है ताकि उससे लंबी पूछताछ की जा सके और इस साजिश में शामिल अन्य लोगों का पता लगाया जा सके।  

महाराष्ट्र ATS की बड़ी कार्रवाई, खंडवा में अकील खिलजी के बेटे को गिरफ्तार

खंडवा  खंडवा शहर में दो स्थानों से अवांछनीय गतिविधियों की शंका में महाराष्ट्र एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) की टीम ने दो युवकों को पकड़ा है। चर्चा है कि मंगलवार तड़के सिमी के पूर्व पदाधिकारी अकील खिलजी के पुत्र जलील खिलजी व जमील पुत्र मोहम्मद खलील को एटीएस ने दबोचा है। बताया जा रहा है कि जिस वक्त जलील खिलजी को एटीएस ने उठाया तब उनके साथ खंडवा के पुलिसकर्मी भी मौजूद थे। टीम ने शहर की गुलमोहर कॉलोनी और कहारवाड़ी के चार युवकों को पकड़ा था। पूछताछ के बाद दो युवकों को छोड़ दिया जबकि एक को अपने साथ ले गए। जलील के साथ जुनेद पुत्र खलील चौहान को भी महाराष्ट्र एटीएस अपने साथ ले गई। सोमवार-मंगलवार दो दिन रहकर महाराष्ट्र एटीएस ने खंडवा के चार युवकों को उठाया और पूछताछ की। चाराें युवक शहर के गुलमोहर कॉलोनी और कहारवाड़ी क्षेत्र के थे। इस दौरान एटीएस ने जलील खिलजी के साथ जुनेद पिता खलील चौहान को भी उठाया था। जुनेद के पिता खलील ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक से शिकायत की कि उन्हें बिना सूचना दिए पुलिस उनके बेटे को उठाकर ले गई हैं। उसे बाजार से बोलेरो वाहन में बैठाया और कहीं गुप्त जगह पर ले गए है। खलील ने कहा कि बेटे जुनेद के साथ कोई भी गंभीर घटना या दुर्घटना हो सकती है। उसे झूठे केस में भी फंसा सकते हैं। आरोपी जलील के कब्जे से पिस्टल, 7 कारतूस बरामद इधर, कोतवाली टीआई अशोकसिंह चौहान के मुताबिक, महाराष्ट्र एटीएस ने शहर के कुछ युवकों से पूछताछ की थी। इनपुट मिलने के आधार पर एटीएस खंडवा पहुंची थी। एटीएस ने जलील पिता अकील खिलजी (34) निवासी गुलमोहर कॉलोनी से पूछताछ की थी। एटीएस के जाने के बाद मंगलवार रात 11 बजे सूचना मिली कि सियाराम चौक स्थित मालगोदाम शेड में एक युवक बैठा है, जिसके पास पिस्टल हैं। पुलिस मौके पर पहुंची तो वह युवक जलील खिलजी निकला। तलाशी लेने पर एक पिस्टल, एक मैगजीन और 7 कारतूस मिले। आरोपी को थाने लेकर आए, आज बुधवार सुबह उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट में केस दर्ज किया हैं। आरोपी का पूर्व का भी आपराधिक रिकॉर्ड है। जिसमें आर्म्स एक्ट सहित विस्फोटक सामग्री मिलने जैसे केस हैं। आरोपी जलील खिलजी को आज न्यायालय में पेश करेंगे। बिना कोई सूचना दिए बेटे को ले गए घटना के बाद जुनेद के पिता खलील ने कोतवाली पुलिस व पुलिस अधीक्षक कार्यालय में लिखित सूचना देकर उसके पुत्र को बिना किसी कारण व सूचना दिए बाजार से बोलेरा वाहन में बैठाकर गुप्त स्थान पर पुलिस ले जाने की शिकायत की है। खलील ने कहा कि मुझे आशंका है कि मेरे पुत्र मोहम्मद जुनेद के साथ कोई भी गंभीर घटना या दुर्घटना, कारित कर सकते है या उसे झूठे केस में भी फंसा सकते हैं। मैंने शहर के थाना सिटी कोतवाली, थाना मोघट और थाना पदमनगर खंडवा व अन्य स्थानो पर भी अपने पुत्र की जानकारी प्राप्त करना चाही, लेकिन उनके द्वारा कोई जानकारी नहीं दी गई। मेरे बेटे का अपहरण किया गया है। यदि उसके साथ कोई भी घटना या दुर्घटना घटित होती है तो उसके लिए पुलिस जिम्मेदार होगी। हालांकि इस मामले को लेकर खंडवा पुलिस कोई जानकारी देने या युवकों को उठाने की पुष्टि नहीं कर रही है।