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रविन्द्र भवन से साइबर जागरूकता रथ को करेंगे रवाना

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश में नागरिकों को साइबर अपराधों से सुरक्षित रखने और जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार को बढ़ावा देने के लिए बुधवार, 24 जून 2026 को राजधानी भोपाल के रविन्द्र भवन में राज्य स्तरीय साइबर जागरूकता अभियान "सेफ क्लिक 2.0" का शुभारंभ करेंगे। मध्यप्रदेश पुलिस के इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य आमजन, विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को साइबर ठगी तथा ऑनलाइन धोखाधड़ी के प्रति जागरूक करना है जिससे वे सुरक्षित साइबर व्यवहार अपना सकें। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम के दौरान साइबर सुरक्षा और बाल संरक्षण के क्षेत्र में सहयोग को सुदृढ़ करने के लिए 'इंडिया चाइल्ड प्रोटेक्शन' के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। साथ ही, स्कूली बच्चों में डिजिटल सुरक्षा के प्रति समझ विकसित करने के उद्देश्य से तैयार की गई एक विशेष साइबर जागरूकता बुकलेट और 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान के जागरूकता वीडियो का विमोचन भी किया जाएगा। इस अवसर पर जनसामान्य को सरल एवं प्रभावी ढंग से जागरूक करने के लिए साइबर सुरक्षा पर आधारित एक नुक्कड़ नाटक का प्रदर्शन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के विभिन्न जिलों में व्यापक स्तर पर जनजागरूकता गतिविधियों के संचालन के लिए 'साइबर जागरूकता रथ' को हरी झंडी दिखाकर (फ्लैग ऑफ) रवाना करेंगे। यह रथ पूरे प्रदेश का भ्रमण कर नागरिकों तक सुरक्षित डिजिटल व्यवहार और सतर्कता का संदेश पहुंचाएगा। इस अभियान के तहत मध्यप्रदेश पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की सूचना तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या आधिकारिक वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर दें और एक सुरक्षित डिजिटल समाज के निर्माण में सहभागी बनें।  

नशामुक्त समाज की दिशा में पहल, ग्रामीणों को अफीम खेती से दूर रहने की अपील

 खूंटी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देशानुसार पुलिस अधीक्षक खूंटी ऋषभ गर्ग के नेतृत्व में खूंटी जिला अंतर्गत सभी थाना क्षेत्र में अवैध अफीम खेती के विरुद्ध जागरूकता अभियान चलाया गया. ग्रामीणों को नशा मुक्त समाज के निर्माण के उद्देश्य से थाना क्षेत्र अंतर्गत अवैध अफीम की खेती की रोकथाम और खत्म करने को लेकर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया गया. अफीम की खेती पर पुलिस का जागरूकता अभियान अभियान के दौरान थाना प्रभारी और पुलिस पदाधिकारियों द्वारा विभिन्न गांवों में जनसंपर्क स्थापित कर ग्रामीणों को अफीम की अवैध खेती से होने वाले कानूनी, सामाजिक और आर्थिक दुष्परिणामों की विस्तृत जानकारी दी गई. ग्रामीणों को बताया गया कि अफीम की खेती करना एक गंभीर अपराध है और इसमें संलिप्त पाए जाने पर एनडीपीएस अधिनियम के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाती है. पूर्व आरोपियों ने अभियान में लिया हिस्सा विशेष रूप से ऐसे व्यक्तियों को भी जागरूकता अभियान में शामिल किया गया जो पूर्व में एनडीपीएस कांडों में आरोपपत्रित रह चुके हैं और वर्तमान में जमानत पर बाहर हैं. उक्त व्यक्तियों ने भी अभियान में भाग लेते हुए ग्रामीणों से अवैध अफीम की खेती नहीं करने और कानून का पालन करने की अपील की. उनके द्वारा अपने अनुभव साझा करते हुए बताया गया कि अवैध मादक पदार्थों से संबंधित गतिविधियों में संलिप्तता व्यक्ति, परिवार और समाज के लिए हानिकारक है. अवैध अफीम खेती न करने की पुलिस की अपील पुलिस टीम द्वारा ग्रामीणों से अपील की गई कि वे अपने खेतों में किसी भी प्रकार की अवैध अफीम की खेती न करें और कहीं भी ऐसी खेती की सूचना मिलने पर इसकी जानकारी तत्काल स्थानीय थाना या पुलिस प्रशासन को दें. साथ ही किसानों को वैकल्पिक और लाभकारी फसलों की खेती के लिए प्रेरित किया गया. अभियान के दौरान ग्रामीणों ने अवैध अफीम खेती के विरुद्ध पुलिस प्रशासन को पूर्ण सहयोग देने और नशामुक्त एवं अपराधमुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया.