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रामनगरी की अर्थव्यवस्था में आया भारी उछाल, हर हाथ को मिला रोजगार का अवसर

अयोध्या   अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के बाद धार्मिक पर्यटन में आई भारी वृद्धि ने स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। मंदिर प्रांगण और प्रमुख मार्गों पर पूजा सामग्री, प्रसाद और स्मृति चिह्न बेचने वाले दुकानदारों की आय में कई गुना की हुई है। रामपथ, कनक भवन, श्री हनुमानगढ़ी मार्ग और आसपास के क्षेत्र अब सिर्फ धार्मिक रूप से ही नहीं, बल्कि आर्थिक दृष्टि से भी समृद्ध दिखाई दे रहे हैं। हनुमानगढ़ी मार्ग पर स्थित श्री गायत्री भोग प्रसाद भंडार के संचालक जितेंद्र कुमार गुप्ता बताते हैं कि पहले उनका दैनिक कारोबार 3,000 रुपये तक सीमित रहता था। लेकिन राम मंदिर निर्माण के बाद ये कारोबार प्रतिदिन 10,000 रुपये तक पहुंच गया है। वे कहते हैं कि योगी सरकार के प्रयासों से अयोध्या दिव्य, भव्य और नव्य हो गई है। उनका मानना है कि धर्म ध्वजारोहण और मंदिर के कार्यक्रमों के बाद पर्यटकों की आमद और बढ़ेगी जिससे आय में अतिरिक्त वृद्धि की संभावना बनी हुई है। इसी तरह कनक भवन के पास पूजा सामग्री की दुकान चलाने वाले श्यामजी राय ने बताया कि अयोध्या में तीर्थ यात्रियों का उत्साह अलग ही स्तर पर पहुंच गया है। पहले वे नौकरी करते थे लेकिन अब दुकान संभाल रहे हैं और बताते हैं कि व्यापार में चार गुना की वृद्धि हुई है। वे कहते हैं कि राम मंदिर बनने के बाद यहां रोजगार के अवसर बढ़े हैं, पलायन रुका है और अयोध्यावासी अपने शहर में आत्मनिर्भर हो रहे हैं। कनक भवन के सामने स्थित गुप्ता जी चंदन वाले दुकान के मालिक प्रशांत गुप्ता भी आर्थिक बदलाव के इस दौर के जीवंत उदाहरण हैं। पहले उनकी दुकान की बिक्री रोजाना 2,000 रुपये तक रहती थी, अब यह आंकड़ा प्रतिदिन 25,000 रुपये तक जा पहुंचा है। वे कहते हैं कि पहले दुकानदारों का खर्च निकलना भी मुश्किल था, लेकिन अब हम लोग भरपूर लाभ में हैं। सफाई, सौंदर्यीकरण और यातायात व्यवस्था में आई सुधार ने भी व्यापार को गति दी है। जय नारायण मिश्र, जो जय पूजन मूर्ति और सामग्री भंडार के संचालक हैं, बताते हैं कि पहले व्यापार अधिकतर मेले पर आधारित रह्ता था। वर्ष में कुछ ही दिनों में ग्राहक आते थे। आज स्थिति यह है कि वे प्रतिदिन 10,000 रुपये तक कमा रहे हैं, जबकि पहले आय महज 2,000 रुपये थी। वे बताते हैं कि पहले प्रतिदिन करीब 100 लोग मूर्तियां खरीदते थे, मगर अब उनकी दुकान पर प्रतिदिन 1,200 से अधिक ग्राहक आते हैं। अयोध्या में इस आर्थिक जागरण ने छोटे व्यापारियों का आत्मविश्वास बढ़ाया है। सड़क मार्गों का चौड़ीकरण, अतिक्रमण हटाना, धार्मिक पर्यटन से संबंधित सुविधाओं का व्यवस्थित निर्माण स्थानीय व्यवसाय के लिए लाभकारी सिद्ध हुआ है। दुकानदारों का मानना है कि मंदिर सिर्फ आस्था का केंद्र नहीं रहा बल्कि यह रोजगार सृजन और आर्थिक सुदृढ़ता का भी प्रतीक बन चुका है। स्थानीय लोगों की उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में अयोध्या विश्वस्तरीय तीर्थ शहर के रूप में स्थापित होगी और यहां की स्थानीय अर्थव्यवस्था और भी मजबूती प्रदान करेगी।

CM योगी की पाती: श्रीराम मंदिर में ध्वजारोहण से शुरू होगा नया युग, कल पीएम मोदी करेंगे कार्यक्रम

अयोध्या  अयोध्या में श्रीराम मंदिर के मुख्य शिखर पर 25 नवंबर को ऐतिहासिक ध्वजारोहण समारोह आयोजित हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंदिर के शिखर पर केसरिया भगवा ध्वज फहराएंगे, जो त्रेता युग की प्राचीन परंपराओं को पुनर्जीवित करने का प्रतीक माना जा रहा है। इससे पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम एक पाती लिखी है जिसमें उन्होंने कहा है कि वो प्रार्थना करते हैं कि धर्म-ध्वजा की पुनर्स्थापना से प्रदेश में सुख, शांति और समृद्धि का नया युग आरंभ हो। उन्होंने इस पत्र में लिखा है कि ये हम सभी प्रदेशवासियों के लिए आनंद और गौरव का क्षण है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में अयोध्या में हो रहा कार्य प्रभु श्रीराम के जीवन मूल्यों से प्रेरित है। सौहार्द एवं सौमनस्य का यह पुनः प्राप्त वातावरण के पीछे अनन्य श्रद्धा, रामभक्तों की आस्था तथा सनातन संस्कृति के गौरवगान है। पीएम मोदी करेंगे अयोध्या के श्रीराम मंदिर में ध्वजारोहण  अयोध्या में श्रीराम मंदिर के मुख्य शिखर पर मंगलवार को होने वाले ऐतिहासिक ध्वजारोहण समारोह की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। विवाह पंचमी के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोपहर 12 बजकर 6 मिनट पर अभिजीत मुहूर्त में केसरिया ध्वज फहराएंगे, जो भगवान राम की सूर्यवंशीय परंपरा का प्रतीक है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि यह ध्वज सूर्य के प्रतीक के साथ अंकित है, जो दिव्य ऊर्जा, सद्गुण और ज्ञान का प्रतिनिधित्व करता है। समारोह से पूर्व 21 से 25 नवंबर तक पांच दिवसीय वैदिक अनुष्ठान चल रहे हैं, जिन्हें 108 आचार्यों द्वारा संपन्न किया जा रहा है। केसरिया ध्वज फहराया जाएगा इस केसरिया ध्वज की कुल ऊंचाई 21 फीट है जिसमें 161 फीट ऊंचे शिखर पर 42 फीट का ध्वजस्तंभ लगाया गया है। इसे अहमदाबाद की एक 80 वर्ष पुरानी कंपनी ने तैयार किया है, जो पैराशूट निर्माण करती है। ध्वज विशेष पैराशूट फैब्रिक और रेशमी साटन धागों से बुना गया है जो सूर्य की तेज किरणों, भारी वर्षा और 60 किमी/घंटा तक की हवाओं का सामना कर सकता है। सीएम योगी की प्रदेशवासियों के नाम पाती इस ऐतिहासिक पल से पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने लिखा है कि ” 25 नवंबर को अयोध्या का नाम पुनः इतिहास के पृष्ठ पर स्वर्णिम अक्षरों में अंकित होगा। इस अवसर पर हम सभी प्रदेशवासी आनंद और गौरव की अनुभूति कर रहे हैं। कबीरदास जी, अद्वैतवादी आचार्य शंकराचार्य, संत तुलसीदास, मलिक मोहम्मद जायसी, संत रैदास आदि महापुरुषों की तपोभूमि एवं आध्यात्मिक धरोहरों को पुनर्स्थापित करने का यह शुभ क्षण है। प्रभु श्रीराम का नगर सतत् विकास के प्रतिमान स्थापित करता हुआ अद्यतन कला-सौंदर्य एवं संस्कृति के सनातन अध्यात्म एवं आधुनिक स्थापत्य बृहत्तरता के लिए श्रीरामलला धरातल से लेकर अनंत तक उत्कृष्टता की कड़ी बन रहा है, सुरक्षा भी सुदृढ़ हुई है। मुझे श्रीराम की नगरी विश्व मानचित्र पर सांस्कृतिक राजधानी के रूप में अंकित होते देख हर्ष, गौरव का अनुभव हो रहा है और अद्भुत विकास भी। मेरी यही कामना है कि धर्म-ध्वजा की पुनर्स्थापना से प्रदेश में सुख, शांति और समृद्धि का नया युग आरंभ हो।” उन्होंने आह्वान किया कि आइए हम सभी मिलकर रामराज्य के आदर्शों से प्रेरित एक नव–उत्तर प्रदेश के निर्माण का संकल्प लें।

अयोध्या में ध्वजारोहण कार्यक्रम से महिला स्वंय सहायता समूहों का सशक्तिकरण, कार्यक्रम में महिला स्वयं सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी

•    अयोध्या के विकास में महिला स्वयं सहायता समूह का योगदान, स्थानीय उत्पादों की मिल रही पहचान •    महिलाओं के स्वाभिमान, सशक्तिकरण और आर्थिक उन्नयन के लिए योगी सरकार दृढ़संकल्पित  लखनऊ अयोध्या में ध्वजारोहण समारोह केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं बल्कि विकास की एक अनवरत यात्रा है। विकास की इस यात्रा में महिला स्वंय सहायता समूह और युवा स्वयंसेवक भी भागीदार बन रहे हैं। ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने से लेकर आगंतुकों की सहायता में भी महिला स्वयं सहायता समूह और युवा स्वयंसेवक अपना योगदान दे रहे हैं। महिलाएं घर की चारदीवारी से निकलकर अब अयोध्या के विकास में अपना योगदान कर रही हैं और अपनी आजीविका भी चला रही हैं।   ध्वजारोहण कार्यक्रम में महिला स्वयं सहायता समूह का योगदान अयोध्या में श्रीराम मंदिर के शिखर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भगवा ध्वज फहराएंगे। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विशिष्ठ अतिथि भी आ रहे हैं। इनके स्वागत के लिए भी महिला स्वयं सहायता समूहों की सहायता ली जा रही है। आसपास के जिलों में संचालित स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं द्वारा बनाए जा रहे है सामाग्रियों को भी इस समारोह में बाजार मिल रहा है। हस्तशिल्प, हथकरघा, प्रसाद, माला, बैग, गमछा, मूर्तियां जैसे अनेक उत्पाद इनके द्वारा बेंचे जा रहे हैं। इससे इनको धनार्जन भी हो रहा है और महिला सशक्तिकरण को बल मिल रहा है। अयोध्या की राधा लक्ष्मी बनी मिसाल मिल्कीपुर में डिवहारिन माई महिला स्वयं सहायता से जुड़ी राधा लक्ष्मी ने अपने प्रयासों से न केवल अपने परिवार को आर्थिक तौर पर मजबूत किया बल्कि अयोध्या के विकास में भी अपना योगदान दिया। राधा लक्ष्मी ने सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का फायदा उठाया और बीसी सखी के रूप में काम करने लगी। इनकी मासिक कमाई 40000 से 50000 के बीच है। जिले में ऐसी कई महिलाएं हैं जो राधा लक्ष्मी की तरह अपनी आजीविका चला रही हैं। विविध महिला सूक्ष्म उद्यम से रोजगार अयोध्या में एचडीएफसी बैंक के पीपुल्स एक्शन फॉर नेशनल इंटीग्रेशन (PANI-‘पानी’) कार्यक्रम ने ग्रामीण समुदायों, विशेषकर महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए, समग्र ग्रामीण विकास कार्यक्रम (HRDP) शुरू किया है। महिलाओं के समूह बनाने और व्यक्तियों और महिलाओं के समूहों के सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने वाले इस कार्यक्रम ने अयोध्या जिले के अमानीगंज ब्लॉक के गरीब परिवारों की मदद की है। सफल व्यवसाय चलाने से इन महिलाओं को अपने परिवारों और समुदायों में निर्णय लेने का हिस्सा बनने का आत्मविश्वास मिलता है। अयोध्या में क्रांति दीदी का कमाल अयोध्या जिले के मसौधा ब्लॉक के ग्राम पंचायत हाजीपुर सिंहपुर में महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल बन रहा है। अवधपुरी महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य क्रांति दीदी ने सीसीएल से 50,000 रुपये का ऋण लिया है। इस ऋण से उन्होंने अपनी आजीविका में वृद्धि की है। इसके माध्यम से महिलाओं को रोजगार देने के प्रयास किए जा रहे हैं। स्वयं सहायता समूह के माध्यम से महिलाओं को ऋण और अन्य सुविधाएं दी जा रही हैं। इससे वे अपनी आजीविका में सुधार कर रही हैं। स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा बनाकर धनार्जन अयोध्या में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर महिला स्वयं सहायता समूहों ने 'हर घर तिरंगा' अभियान के अंतर्गत 2.5 लाख राष्ट्रीय ध्वज तैयार किए थे। जिले के 300 स्वयं सहायता समूहों की 1080 महिलाओं ने एकजुट होकर राष्ट्रीय ध्वज तैयार किए। इन तिरंगों को स्वंतत्रता दिवस पर सरकारी भवनों पर फहराया गया था। इसके लिए प्रति तिरंगा 20 रुपये का भुगतान महिलाओं को किया गया था। इससे न केवल उन्होंने कमाई की बल्कि महिला उत्थान का एक बेहतर उदाहरण पेश किया। अयोध्या का विकास और महिला स्वयं सहायता समूह एक दूसरे के पूरक हैं। अयोध्या के विकास से जहां महिलाओं को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं वहीं महिलाएं स्वरोजगार से अयोध्या के विकास में योगदान दे रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीतियों का ही परिणाम है कि महिलाओं को उनका उचित स्थान और सम्मान मिल रहा है।

राम मंदिर ध्वजारोहण समारोह: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को अयोध्या में करेंगें उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

मुख्यमंत्री योगी ध्वजारोहण समारोह की तैयारियों का स्वयं करेंगे निरीक्षण राम मंदिर तक गोल्फ कार्ट से पहुंचाए जाएंगे अतिथि, पार्किंग पर ही जिला प्रशासन लगाएगा गोल्फ कार्ट मंदिर परिसर में ही बनेंगे दो खोया पाया कैंप प्रदेश की योगी सरकार अतिथि देवो भव: की तर्ज पर करेगी स्वागत   अयोध्या, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के गर्भगृह के शिखर पर ध्वजारोहण का भव्य कार्यक्रम 25 नवम्बर को आयोजित किया जाएगा। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने की पूरी संभावना है। कार्यक्रम की तैयारियों को परखने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं मंगलवार को अयोध्या पहुंचकर राम मंदिर परिसर का दौरा करेंगे और उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक करेंगे। वहीं पीएम के कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण भी करेंगे। शिखर पर ध्वज फहराने के बाद मंदिर का मुख्य निर्माण कार्य पूर्ण रूप से समाप्त हो जाएगा। इसके बाद मंदिर आम भक्तों के लिए पूरी तरह खोल दिया जाएगा। अभी तक केवल गर्भगृह और प्रथम तल तक ही भक्तों को प्रवेश मिलता है, लेकिन शिखर कलश और ध्वजारोहण के बाद पूरे मंदिर परिसर में दर्शन की व्यवस्था शुरू हो जाएगी। कार्यक्रम में देश-विदेश से आने वाले संत-महंत, वीवीआईपी और विशेष अतिथियों की संख्या हजारों में होने का अनुमान है। इन सभी को सुगमता से मंदिर तक पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष योजना तैयार की है। पार्किंग स्थलों से राम मंदिर तक मेहमानों को गोल्फ कार्ट की सुविधा दी जाएगी। इसके लिए सभी प्रमुख पार्किंग क्षेत्रों पर ही गोल्फ कार्ट तैनात रहेंगें। इससे पैदल चलने की परेशानी से मेहमानों को निजात मिलेगी और यातायात व्यवस्था भी सुचारू रहेगी। खोया-पाया कैंप बनेगा और होगा अतिथि सत्कार भीड़ प्रबंधन को देखते हुए मंदिर परिसर में ही दो बड़े खोया-पाया कैंप स्थापित किए जाएंगे। इन कैंपों में खोए हुए लोगों को तुरंत खोजने और उनके परिजनों से मिलाने की व्यवस्था रहेगी। इसके अलावा योगी सरकार ‘अतिथि देवो भव:’ की भावना के साथ मेहमानों का भव्य स्वागत-सत्कार करेगी। सभी अतिथियों के लिए ठहरने, भोजन और परिवहन की उच्चस्तरीय व्यवस्था की जा रही है। सुरक्षा के रहेंगे पुख्ता इंतजाम जिलाधिकारी निखिल टीकाराम ने बताया कि 25 नवम्बर के कार्यक्रम को देखते हुए अयोध्या में मल्टी लेयर सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। हजारों पुलिसकर्मी, पीएसी, सीआरपीएफ और खुफिया एजेंसियों की टीमें तैनात रहेंगी। ड्रोन और सीसीटीवी से पूरे शहर की निगरानी की जाएगी। राम मंदिर ट्रस्ट के एक सदस्य ने बताया कि शिखर पर ध्वज फहराने के बाद मंदिर का स्वरूप पूर्ण रूप से दिव्य हो जाएगा। नौ शिखरों वाले इस भव्य मंदिर में मुख्य शिखर पर भगवा ध्वज लहराता देख करोड़ों रामभक्तों की आंखें तर हो जाएंगी। मुख्यमंत्री स्वयं परखेंगे व्यवस्थाएं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यह कार्यक्रम विश्व पटल पर भारत की आस्था और संस्कृति का प्रतीक बने। मंगलवार को समीक्षा बैठक में वे स्वयं हर व्यवस्था को परखेंगे व पीएम के कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण करेंगे। ताकि 25 नवम्बर का कार्यक्रम ऐतिहासिक और अविस्मरणीय बन सके।

अयोध्या: रामलला मंदिर में ध्वजारोहण कल, दर्शन व्यवस्था में किए गए अहम बदलाव

अयोध्या अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण कार्यक्रम के समय और आम दर्शनार्थियों के प्रवेश को लेकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से महत्वपूर्ण सूचना जारी की गई है। यह कार्यक्रम एक विशेष और भव्य आयोजन होगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य विशिष्ट अतिथि शामिल होंगे, जिसके कारण आम भक्तों के लिए दर्शन के समय में बदलाव किया गया है। ध्वज का आकार त्रिकोणीय होगा और यह लगभग 205 फीट की ऊंचाई पर लहराएगा। ध्वज दंड की ऊंचाई 44 फीट है। ध्वज केसरिया रंग का होगा, जिस पर ओम लिखा होगा, और यह पैराशूट फैब्रिक से बना होगा। राम मंदिर में ध्वजारोहण का समय दिन 12 बजे होगा। 11 बजे देश के प्रधानमंत्री मंदिर में प्रवेश करेंगे। इसी के साथ सभी अतिथियों को सुबह 9 बजे तक आने के लिए कहा गया है। जगद्गुरु रामानंदाचार्य द्वार से सभी अतिथियों का स्वागत किया जाएगा। वहीं अगर आम श्रद्धालुओं की बात की जाए तो उन्हें 25 नवंबर को राम मंदिर में प्रवेश नहीं मिलेगा। यदि आप भी इन दिनों के दौरान आने की सोच रहे है तो अपने प्लान को स्थगित कर दें। समारोह के दौरान सभी मेहमानों को अंदर 18 मंदिरों के दर्शन करने का मौका मिलेगा। इस दौरान किसी भी तरह की अफरा-तफरा न मचे इसके लिए पूरी तरह व्यवस्था का इतंजाम किया हुआ है।

स्लीपर सेल हुई सक्रिय, अयोध्या-काशी और राम मंदिर पर था आतंकी हमला तय

लखनऊ अलग-अलग जगहों से गिरफ्तार आतंकियों से पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ है. प्राप्त जानकारी के मुताबिक अयोध्या का राम मंदिर और वाराणसी आतंकियों के निशाने पर था, जिसके लिए उन्होंने मॉड्यूल तैयार कर रखा था. अयोध्या में भी आतंकी विस्फोट करना चाहते थे. इसके लिए गिरफ्तार हो चुकी शाहीन ने अयोध्या के स्लीपर मॉड्यूल को एक्टिवेट कर रखा था. अयोध्या में ये सारे घटनाक्रम को अंजाम तक पंहुचाते उससे पहले ही इन आतंकियों की गिरफ्तारी और विस्फोटक बरामद हो गए. सूत्र बताते हैं की दरअसल, लाल किला में ब्लास्ट करने की योजना नहीं थी. ऐसा अभी तक जांच में लग रहा है. क्योंकि विस्फोटक में टाइमर या किसी दूसरी चीज़ो का इस्तेमाल नहीं किया गया. हड़बड़ी और जल्दबाज़ी में ब्लास्ट हो गया. अस्पताल और भीड़भाड़ वाली जगहें निशाने पर थीं आतंकियों से पूछताछ में पता चला है की ये मॉड्यूल अस्पतालो को टारगेट करना चाहता था ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को नुकसान हो. इन आतंकियों के हिट लिस्ट में अस्पताल और भीड़ भाड़ वाली जगह थी. लगातार छापेमारी के बाद भारी मात्रा में विस्फोटक व हथियार बरामद करने के बाद सुरक्षा एजेंसीज के सामने इस वक़्त सबसे बड़ी चुनौती है बचे हुए 300 किलोग्राम के अमोनियम नाइट्रेट को बरामद करना. जिसका अभी तक पता नहीं चल पाया है. सूत्रों की माने तो 2900 किलोग्राम विस्फोटक अबतक एजेंसी बरामद कर चुकी है. 300KG अमोनियम नाइट्रेट की खोज जारी अलग-अलग जरियों से आया 300 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट अभी भी आतंकियों ने कहीं छिपा रखा है, जिसके लिए देश के कई हिस्सों में छापेमारी चल रही है. जांच और सुरक्षा एजेंसियां लगातार छापेमारी कर पूरे मॉड्यूल का खुलासा करने की कोशिश कर रही है. प्राप्त जानकारी के मुताबिक गिरफ्तार आतंकियों तक ये विस्फोटक बांग्लादेश के रास्ते नेपाल और फिर हिन्दुस्ततान आया था. किसी फर्टीलाइजर से उक्त अमोनियम नाइट्रेट को चोरी से हासिल किया गया है. आतंकियों द्वारा कुल 3200 किलोग्राम की खेप आई है.  

25 नवंबर को अयोध्या में नया इतिहास: भगवान श्रीराम मंदिर में ध्वजारोहण, विशाल टेंट सिटी तैयार

अयोध्या   भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या एक बार फिर भव्य आयोजन की साक्षी बनने जा रही है. 25 नवंबर को होने वाले राम मंदिर के ध्वजारोहण कार्यक्रम की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट इस ऐतिहासिक क्षण को यादगार बनाने के लिए व्यापक स्तर पर व्यवस्था कर रहा है. 5 दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान के साथ यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की उपस्थिति में संपन्न होगा. इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं और अतिथियों के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं. ट्रस्ट की ओर से अब तक 6000 से अधिक लोगों को निमंत्रण पत्र भेजे जा चुके हैं. इन अतिथियों के ठहरने और भोजन की व्यवस्था के लिए शहर में लगभग 5000 से ज्यादा कमरे तैयार किए गए हैं. इनमें से 1600 कमरे राम मंदिर ट्रस्ट ने विशेष रूप से बुक किए हैं, ताकि मेहमानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो. इसके साथ ही तीर्थ क्षेत्र पुरम में एक भव्य टेंट सिटी बनाई जा रही है, जहां करीब ढाई हजार लोगों के ठहरने की उच्च स्तरीय व्यवस्था होगी. 6 अलग-अलग स्थानों पर भोजन व्यवस्था कार्यक्रम के दिन 6 अलग-अलग स्थानों पर भोजन व्यवस्था की गई है. हर अतिथि को सुव्यवस्थित ढंग से नाश्ता, भोजन और प्रसाद उपलब्ध कराया जाएगा. इसके अलावा, अयोध्या में बढ़ती आवाजाही को ध्यान में रखते हुए यातायात और पार्किंग की विशेष योजना भी तैयार की गई है. शहर के मुख्य मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू होगा ताकि कोई जाम या असुविधा न हो. मंदिर ट्रस्ट ने की अतिथियों से ये अपील राम मंदिर ट्रस्ट ने सभी आमंत्रित अतिथियों से आग्रह किया है कि वे 24 नवंबर की शाम तक अयोध्या पहुंच जाएं, जिससे अगले दिन के मुख्य कार्यक्रम में उन्हें कोई दिक्कत न हो. अतिथियों का प्रवेश मंदिर के मुख्य दर्शन मार्ग से कराया जाएगा और उनके बैठने की व्यवस्था मंदिर परिसर के परकोटे के कोर्टयार्ड में की जाएगी. ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा ने बताया कि ध्वजारोहण कार्यक्रम अयोध्या के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ने जा रहा है. पूरी अयोध्या को इस अवसर पर सजाया-संवारा जा रहा है, और पूरे देश की निगाहें 25 नवंबर के इस ऐतिहासिक क्षण पर टिकी हुई हैं.

रामनगरी अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव की तैयारी, होटल-हाउसिंग पूरी तरह भरी और श्रद्धालुओं का उमड़ता हुजूम

 अयोध्या उत्तर प्रदेश के अयोध्या में भगवान श्रीराम की पावन नगरी इन दिनों भक्ति, श्रद्धा और उल्लास के रंग में पूरी तरह रंगी हुई है. श्रीराम मंदिर के शिखर पर होने वाले ऐतिहासिक ध्वजारोहण समारोह ने पूरे शहर को एक भव्य उत्सव स्थल में बदल दिया है. इस आयोजन को लेकर अयोध्या में देशभर से श्रद्धालुओं, संतों और विशिष्ट अतिथियों का आगमन लगातार जारी है, जिसके कारण शहर के सभी होटल, गेस्ट हाउस, धर्मशालाएं और होमस्टे पूरी तरह हाउसफुल हो चुके हैं. 20 नवंबर से 30 नवंबर तक एक भी कमरा खाली नहीं स्थानीय होटल संचालकों के अनुसार, 20 नवंबर से 30 नवंबर तक अयोध्या में एक भी कमरा खाली नहीं है. चाहे दो या तीन सितारा होटल हों या लग्जरी होम स्टे हर जगह ‘हाउसफुल’ का बोर्ड टंगा हुआ है. यहां तक कि मंदिर क्षेत्र से दूर के इलाकों में भी कमरे महीनों पहले बुक हो चुके हैं. राम मंदिर का गेट नंबर 11, जिसे विशेष रूप से वीवीआईपी प्रवेश द्वार के रूप में तैयार किया गया है और आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. गुलाबी पत्थरों से सजे इस द्वार को दीपोत्सव के दौरान 'आदि शंकराचार्य द्वार' नाम दिया गया था. इसी मार्ग से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित देश-विदेश के विशिष्ट अतिथि मंदिर में प्रवेश करेंगे. 24 नवंबर को होगा विशेष कार्यक्रम कारीगर दिन-रात इस द्वार को सजाने-संवारने में लगे हुए हैं क्योंकि अब बस 18 दिन शेष हैं उस ऐतिहासिक क्षण के लिए जब भगवान श्रीराम मंदिर के शिखर पर भगवा ध्वज फहराया जाएगा. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि सभी विशेष अतिथियों के ठहरने की व्यवस्थाएं पहले से तय कर दी गई हैं. सभी को होटल, गेस्ट हाउस, होम स्टे और आश्रमों में व्यवस्थित रूप से ठहराया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि 24 नवंबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश के श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई है. इसके अलावा किसी अन्य क्षेत्र के लोगों को उस दिन आने से बचने की अपील की गई है, ताकि भीड़ पर नियंत्रण रखा जा सके. अयोध्या प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि अगर वो 24 या 25 नवंबर को आने की योजना बना रहे हैं, तो पहले बुकिंग और ट्रैफिक व्यवस्था की जानकारी अवश्य ले लें, क्योंकि उस दौरान अयोध्या में प्रवेश भी सीमित रहेगा.

रामभक्ति का सफर शुरू: विधायक धरमलाल कौशिक ने दिखाई हरी झंडी, श्रद्धालुओं से भरी ट्रेन अयोध्या के लिए रवाना

 बिलासपुर ‘श्री राम दर्शन योजना’ के तहत बिलासपुर से अयोध्या धाम के लिए श्रद्धालुओं की विशेष भारत गौरव ट्रेन रवाना की गई. इस धार्मिक यात्रा में संभाग के 850 और जिले के 225 श्रद्धालु शामिल हुए हैं. बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर श्रद्धालुओं का भव्य स्वागत किया गया. यात्रा का शुभारंभ बिल्हा विधायक और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने हरी झंडी दिखाकर किया. इस अवसर पर महापौर पूजा विधानी और जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी भी उपस्थित रहे. श्रद्धालु इस यात्रा के दौरान अयोध्या धाम के साथ-साथ काशी विश्वनाथ मंदिर के भी दर्शन करेंगे. प्रशासन द्वारा यात्रियों के लिए यात्रा, भोजन, सुरक्षा और चिकित्सा जैसी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो.   विधायक धरमलाल कौशिक ने कहा कि आज अयोध्या के लिए श्री राम लला दर्शन तीर्थ यात्री ट्रेन को बिलासपुर से रवाना किया गया है. इस ट्रेन में लगभग 850 यात्री उसमें बैठे हुए हैं. पहले श्री काशी विश्वनाथ जी का दर्शन करेंगे और उसके बाद अयोध्या जाएंगे राम जी के दर्शन के लिए. यात्रियों में इस बात को लेकर काफी उत्साह है कि  जीवन में हमें यह सौभाग्य मिला है कि भगवान राम लाल का दर्शन होगा. इसके साथ ही श्रद्धालुओ ने प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय  का आभार उन्होंने व्यक्त किया है. यह पीएम मोदी की योजना है कि एक-एक गांव से लोगों को लेकर स्टेशन तक लाना और स्वागत कर उन्हें काशी विश्वनाथ जी और अयोध्या दर्शन के लिए भेजना है. उन्होंने कहा कि घर में जवान बेटे के रहते जो काम नहीं हो पाता है, उस काम का बीड़ा सीएम साय ने उठाया है.

रामलला के मंदिर में पूर्णता की गूंज — कलश व ध्वज स्थापना से संपन्न हुआ निर्माण कार्य

अयोध्या करीब 500 सालों के इंतजार के बाद अयोध्या राम मंदिर अब पूरी तरह से बनकर तैयार है. 2020 में इस मंदिर का निर्माण कार्य शुरू हुआ, जो कि अब समाप्त हो चुका है. राम मंदिर का उद्घाटन 22 जनवरी 2024 को किया गया. लेकिन निर्माण संबंधी कुछ कार्य अभी तक जारी थे. हालांकि, अब श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की तरफ से बताया गया कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण से जुड़े सभी कार्य पूरे हो चुके हैं यानीमुख्य मंदिर, परकोटा के 6 मंदिर – भगवान शिव, भगवान गणेश, भगवान हनुमान, सूर्यदेव, देवी भगवती, देवी अन्नपूर्णा तथा शेषावतार मंदिर भी पूर्ण हो चुके हैं. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने की घोषणा राम मंदिर का निर्माण कार्य पूरा होने के साथ ही परकोटा के 6 मंदिरों पर ध्वजदण्ड और कलश स्थापित हो चुके हैं. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के सोशल मीडिया अकाउंट से यह पोस्ट शेयर करते हुए बताया कि सभी श्रीराम भक्तों को यह जानकारी देते हुए हर्ष हो रहा है कि मंदिर निर्माण सबंधी सभी कार्य पूर्ण हो गए हैं. जटायु और गिलहरी की प्रतिमा स्थापित इसके अलावा, सप्त मण्डप अर्थात् महर्षि वाल्मीकि, वशिष्ठ, विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य, निषादराज, शबरी एवं ऋषि पत्नी अहल्या मंदिरों का भी निर्माण पूर्ण हो चुका है. सन्त तुलसीदास मंदिर भी पूर्ण हो चुका है. साथ ही, जटायु और गिलहरी की प्रतिमाएं स्थापित की जा चुकी हैं. दर्शनार्थी कार्य हुए पूरे जिन कार्यों का सीधा संबंध दर्शनार्थियों की सुविधा से है या व्यवस्था से है, वे सभी कार्य पूर्णत्व प्राप्त कर चुके हैं. मानचित्र अनुसार सड़कें एवं फ्लोरिंग पर पत्थर लगाने कार्य L&T द्वारा तथा भूमि सौन्दर्य, हरियाली और लैंड स्केपिंग कार्य सहित 10 एकड़ में पंचवटी निर्माण GMR द्वारा तीव्र गति से किए जा रहे हैं. वही कार्य अभी चल रहे हैं जिनका संबंध जनता से नहीं है – जैसे ३.5 किलोमीटर लंबी चारदीवारी, ट्रस्ट कार्यालय, अतिथि गृह, सभागार इत्यादि.