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रामपुर में सियासी हलचल: अखिलेश-आज़म की तीन साल बाद मुलाकात, मीडिया पर रोक

मुरादाबाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव बुधवार दोपहर बाद रामपुर पहुंचे। उनका हेलीकॉप्टर जौहर यूनिवर्सिटी परिसर में उतरा। इसके बाद वह सीधे आजम खां के घर पहुंचे। लगभग तीन साल बाद अखिलेश यादव की आजम खां से आमने-सामने मुलाकात हो रही है। उनके पहुंचते ही यूनिवर्सिटी के बाहर सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई। पुलिस ने मीडिया कर्मियों को आजम के घर के बाहर ही रोक दिया है। अखिलेश यादव का काफिला जौहर यूनिवर्सिटी पहुंचा तो सपा कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखने को मिला। कार्यकर्ताओं की भीड़ नारे लगाती रही। जिले के सपा जिलाध्यक्ष समेत तमाम वरिष्ठ नेता पहले से ही यूनिवर्सिटी परिसर में मौजूद थे। पूर्व मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर प्रशासन मंगलवार से ही सतर्क था। जौहर यूनिवर्सिटी और आजम खां के घर के आसपास कई थानों की पुलिस तैनात की गई है। पुलिस के आला अधिकारी लगातार मौके पर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। खुफिया विभाग ने भी इलाके में निगरानी बढ़ा दी है। सूत्रों के अनुसार, अखिलेश यादव और आजम खां के बीच यह मुलाकात करीब एक घंटे तक चलेगी। दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से चल रहे गिले-शिकवे दूर करने और संगठन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। साथ ही अखिलेश यादव आजम खां की सेहत का हालचाल भी जानेंगे। प्रशासन ने अखिलेश यादव की सुरक्षा के लिए तीन मजिस्ट्रेट और सीओ स्तर के अधिकारी तैनात किए हैं। पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। आजम खां के मोहल्ले की ओर जाने वाले कई रास्तों और दुकानों को बंद करा दिया गया है। सपा कार्यकर्ताओं में अखिलेश यादव के दौरे को लेकर जबरदस्त उत्साह है। रामपुर में अखिलेश से मिलेंगे सपाई, दफ्तर प्रकरण पर होगी चर्चा समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी बुधवार को रामपुर में राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात कर जिला कार्यालय विवाद पर उनके साथ चर्चा करेंगे। सपा को कार्यालय खाली करने के लिए प्रशासन ने चार दिनों की मोहलत दी ही हुई है जिसे लेकर सपाइयों में गहरा अंसतोष है। जिलाध्यक्ष जयवीर यादव के अनुसार पार्टी कार्यालय विवाद को लेकर कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी है। उन्होंने कहा कि बुधवार को रामपुर में राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से पूरी जानकारी साझा की जाएगी और उनके निर्देशों के अनुसार आगे की रणनीति तय की जाएगी। रामपुर में जिलाध्यक्ष जयवीर यादव के अलावा जिला महासचिव, कोषाध्यक्ष, महिला सभा की अध्यक्ष और युवा प्रकोष्ठ के कई पदाधिकारी भी जाएंगे जो सपा प्रमुख अखिलेश यादव को सीधा रिपोर्ट करेंगे।

जेल से रिहाई के बाद आजम खान का पहला कदम – चुपचाप बेटों संग लौटे रामपुर

लखनऊ  समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री आजम खान 23 महीने बाद जेल से रिहा हो गए हैं। सफेद कुर्ता-पायजामा, काली जैकेट और आंखों पर काला चश्मा पहने आजम खान सीतापुर जेल से बाहर आए तो कार में बैठकर बेटों के साथ रामपुर रवाना हो गए। इस दौरान मीडिया ने उसने बात करने की काफी कोशिशें कीं लेकिन आजम खान ने किसी से बात नहीं की। यहां तक कि उन्होंने कार का शीशा तक नीचे नहीं किया। जेल से आजम खान की रिहाई पर खुशी जाहिर करते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि आज उनके साथ न्याय हुआ है। उन्होंने आजम खान को समाजवादी पार्टी परिवार का वरिष्ठ सदस्य बताया और कहा कि सपा की सरकार बनते ही उन पर लगे सभी झूठे मुकदमे खत्म किए जाएंगे। उधर, आजम खान की रिहाई से कुछ समय पहले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव का भी बयान आया। उन्होंने कहा कि सरकार ने उन्हें गलत सजाएं दी थीं। अदालत ने मुकदमों में राहत दी है। उन्होंने कहा कि अदालत के इस फैसले का हम स्वागत करते हैं। समाजवादी पार्टी पूरी तरह से उनकी मदद कर रही है। उधर, आजम खान की रिहाई के मौके पर उन्हें रिसीव करने के लिए मंगलवार की सुबह सीतापुर जेल पर सैकड़ों समर्थकों के साथ सपा की सांसद रुचि वीरा भी पहुंची थीं। सीतापुर जेल पर सुबह से मीडिया का भी जमावड़ा था। आजम खान की रिहाई मंगलवार की सुबह सात बजे होने की संभावना थी लेकिन चालान जमा नहीं होने के कारण इसमें थोड़ी देर हुई। आजम खान 12 बजे के आसपास जेल से रिहा हुए। जेल से बाहर आते वक्त आजम खान सफेद-कुर्ता पायजामा में थे। कुर्ते के ऊपर हमेशा की तरह आजम खान ने जैकेट पहन रखी थी। आंखों पर काला चश्मा भी था। मीडिया कर्मियों ने आजम खान से बात करने की काफी कोशिश की लेकिन आजम खान ने किसी से बात नहीं की। वह अपने बेटों (अब्दुल्ला आजम और अदीब आजम) के साथ रामपुर के लिए रवाना हो गए। रास्ते में आजम खान से बात होने की उम्मीद में कई मीडियाकर्मियों की गाड़ियां भी उनके काफिले के पीछे-पीछे चल रही हैं। रामपुर के रास्ते और रामपुर में भी जगह-जगह समर्थकों ने आजम खान के स्वागत की तैयारी की है।  

आज़म खान के पक्ष में आया हाईकोर्ट का फैसला, मिली जमानत की मंजूरी

इलाहाबाद  इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सपा नेता आजम खान को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका मंजूर कर ली है। रामपुर क्वालिटी बार पर कब्जे के मामले में हाईकोर्ट ने याचिका स्वीकार की है। बता दें कि आजम खान को अब सभी मामलों में जमानत मिल चुकी है। जल्द ही वह अब जेल से बाहर आ जाएंगे। 16 सितंबर को भी एक केस में हुए थे बरी सपा के वरिष्ठ नेता और यूपी सरकार में पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान को मुरादाबाद की एमपी-एमएलए कोर्ट ने 16 सितंबर को अवमानना के एक मामले में बरी कर दिया था। मामला साल 2020 में छजलैट थाना क्षेत्र का था। कथित तौर पर रोड जाम करने के आरोप में सपा नेता आजम खान उनके बेटे अब्दुल्ला आजम और अन्य सपा नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। इसमें आजम खान और अब्दुल्ला आजम को 2-2 साल की सजा हुई थी। अब्दुल्ला आजम की विधायकी भी गई थी। इसी केस में कोर्ट में बार बार पेश नहीं होने पर आजम खान पर अवमानना का मुकदमा दर्ज किया गया था।

आजम खान की जमानत पर हाईकोर्ट का फैसला, डूंगरपुर केस में कोर्ट ने जताई सहानुभूति

प्रयागराज इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने समाजवादी पार्टी (सपा) नेता आजम खान को कथित डूंगरपुर मामले में बुधवार को जमानत दे दी। इस मामले में एक रिहायशी कॉलोनी को कथित तौर पर बलपूर्वक खाली कराया गया था। रामपुर की एमपी-एमएलए (सांसद-विधायक) अदालत ने आजम खान को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी। न्यायमूर्ति समीर जैन ने आजम खान द्वारा दायर जमानत याचिका पर यह आदेश पारित किया। इससे पूर्व, 12 अगस्त को अदालत ने आजम खान और बरकत अली नाम के एक ठेकेदार की जमानत याचिका पर निर्णय सुरक्षित रख लिया था। बरकत अली ने भी उच्च न्यायालय में एक आपराधिक अपील दायर की है। कथित डूंगरपुर मामले में अबरार नाम के एक व्यक्ति ने आजम खान, पुलिस से क्षेत्राधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए आले हसन खान और ठेकेदार बरकत अली के खिलाफ अगस्त, 2019 में रामपुर के गंज पुलिस थाने में एक मामला दर्ज कराया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि आजम खान, आले हसन खान और बरकत अली ने दिसंबर, 2016 में उसकी पिटाई की थी और उनके घर में तोड़फोड़ करते हुए उसे जान से मारने की धमकी दी थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि इसके साथ ही इन तीनों ने उसका घर भी ध्वस्त करा दिया था। इस मामले में रामपुर की एमपी..एमएलए विशेष अदालत ने 30 मई, 2024 को आजम खान को 10 वर्ष और बरकत अली को सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी। डूंगरपुर बस्ती में रह रहे लोगों ने कॉलोनी खाली कराने का आरोप लगाते हुए 12 मामले दर्ज कराये थे। ये मामले गंज थाने में लूट, चोरी और मारपीट सहित विभिन्न धाराओं में दर्ज कराये गए थे।