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पंजाब सरकार का बड़ा कदम: जनता के लिए आसान होंगी 56 सरकारी सेवाएं, CM भगवंत मान ने दी सौगात

जालंधर  पंजाब की भगवंत मान सरकार ने राज्य में ट्रांसपोर्ट विभाग से जुड़ी सेवाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार और दलालों के नैक्सस को खत्म करने की दिशा में ऐतिहासिक पहल की है। सरकार के नए आदेशों के तहत अब आरटीओ कार्यालयों की 56 सेवाएं राज्य भर के सेवा केंद्रों के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस फैसले का उद्देश्य आम लोगों को पारदर्शी, सुगम और दलाल-मुक्त सेवाएं मुहैया कराना है। वहीं सोमवार से सेवाएं पूरी तरह से चालू होंगी। उल्लेखनीय है कि पहले ट्रांसपोर्ट विभाग की जो 28 सेवाओं की सुविधा सेवा केंद्रों पर दी जा रही थी, उनकी संख्या को अब बढ़ाकर 56 किया गया है। इसके लिए सभी सेवा केंद्र कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है ताकि वे नागरिकों को निर्बाध और प्रभावी सेवाएं दे सकें। जिला प्रशासनिक काम्पलैक्स में स्थित टाइप-ए सेवा केंद्र में आज इन नई सेवाओं की शुरुआत के साथ ही लोगों ने उत्साहपूर्वक इसका लाभ उठाना शुरू कर दिया। सेवा केंद्र के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर बहादुर सिंह ने बताया कि वर्तमान में कुछ सेवाएं तकनीकी कारणों से अस्थायी रूप से रुकी हुई है, क्योंकि सिस्टम और सॉफ्टवेयर अपडेट किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगले सोमवार से सभी 56 सेवाएं पूरी तरह से चालू कर दी जाएंगी। जनता का अनुभव, पारदर्शी सेवाओं से दलालों से मुक्ति मिलने की उम्मीद सेवा केंद्र पर ट्रांसपोर्ट विभाग से संबंधित काम करवाने पहुंचे गौतम कपूर ने बताया कि यह नई व्यवस्था नागरिकों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। उन्होंने कहा कि पहले जहां लोगों को दलालों के चक्कर में पड़ना पड़ता था, वहीं अब निर्धारित शुल्क देकर सभी सेवाएं सीधे सेवा केंद्र से मिल रही हैं। कपूर ने कहा कि सभी दस्तावेज़ अब ऑनलाइन सिस्टम में अपलोड किए जाते हैं, जिससे फाइल प्रक्रिया तेज़ और पारदर्शी हो गई है। अब दलालों से निजात मिलने की उम्मीद बनी है।   सेवा केंद्र के आर.टी.ओ. काऊंटरों पर उमड़ी भीड़ जिला प्रशासनिक काम्पलैक्स स्थित टाइप-ए सेवा केंद्र में आज आर.टी.ओ. से संबंधित कामों को लेकर 2 विशेष काऊंटर स्थापित किए गए, जिन पर पूरे दिन लोगों की भारी भीड़ देखी गई। लोगों ने लाइसैंस, वाहन पंजीकरण, स्वामित्व परिवर्तन, और चालान निपटान जैसी सेवाएं काऊंटरों पर ली। वहीं, आर.टी.ओ. कार्यालय में आज सार्वजनिक खिड़कियां बंद रहीं, सिर्फ ए.आर.टी.ओ. की पब्लिक सर्विस विंडो खुली रखी गई, जहां नागरिकों ने अपने ऑनलाइन ट्रैफिक चालानों का भुगतान किया। कई लोग जो पुराने ढर्रे के अनुसार सीधे आर.टी.ओ. पहुंचे थे, उन्हें सरकार के नए फैसले की जानकारी देकर सेवा केंद्र भेजा गया।

मान सरकार का मास्टरस्ट्रोक! पंजाब में बड़े बदलाव की तैयारी पूरी

चंडीगढ़  पंचायत समिति और जिला परिषद चुनाव की पूरी प्रक्रिया 5 दिसंबर तक पूरी कर ली जाएगी। पंजाब सरकार ने इन चुनावों में हो रही देरी के खिलाफ दायर एक याचिका की सुनवाई के दौरान पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट को यह जानकारी दी है। इस मामले में लुधियाना निवासी बेअंत कुमार किंगर ने याचिका दायर कर कहा है कि राज्य में 150 पंचायत समितियों और 21 जिला परिषदों का कार्यकाल समाप्त हुए काफी समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक चुनाव प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि ऐसी स्थिति संविधान के अनुच्छेद 243-ई (3) का सीधा उल्लंघन है, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि पंचायतों का चुनाव उनके कार्यकाल समाप्त होने से पहले या उनके भंग होने की स्थिति में 6 महीने के भीतर होना चाहिए। चुनाव न होने से लोकतांत्रिक ढांचा प्रभावित हो रहा है और स्थानीय शासन में बाधा आ रही है। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश शील नागू ने चुनावों में देरी पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह संवैधानिक नियमों के विरुद्ध है। सरकार को कार्यकाल समाप्त होने से पहले चुनाव करा लेने चाहिए थे। इस पर सरकार ने बताया कि राज्य में बाढ़ के कारण चुनाव में देरी हुई है। याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि कई जगहों पर कार्यकाल समाप्त हुए एक वर्ष से अधिक समय बीत चुका है। राज्य सरकार द्वारा चुनावों संबंधी अधिसूचना प्रस्तुत करने के बाद, हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई नवंबर के अंतिम सप्ताह तक के लिए स्थगित कर दी। हाईकोर्ट ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि सरकार द्वारा दी गई समय-सीमा का ईमानदारी से पालन किया जाए ताकि ग्रामीण स्तर पर जनप्रतिनिधियों की भागीदारी और विकास कार्यों में कोई बाधा न आए। मामले की अगली सुनवाई के दौरान चुनाव प्रक्रिया की प्रगति का विवरण अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।