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भारत टैक्सी ने ओला-उबर को दी चुनौती, दिल्ली में रोजाना 5,500 राइड्स, जानें आपके शहर में कब आएगी

नई दिल्ली देश की राजधानी दिल्ली में नई सरकारी कैब सर्विस Bharat Taxi की शुरुआत हो चुकी है. कोऑपरेटिव मॉडल पर बेस्ड भारत टैक्सी ने अपने सॉफ्ट लॉन्च में ही लोगों और ड्राइवरों का भरोसा जीत लिया है. अब इस सरकारी टैक्सी सर्विस को देश के दूसरे हिस्सों तक पहुंचाने की तैयारी हो रही है. ताकि देश के अन्य राज्यों में भी लोगों को किफायती राइड की सुविधा उपलब्ध कराई जा सके. सहकारिता मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, भारत टैक्सी को जनवरी के अंत तक दिल्ली और अन्य शहरों में आधिकारिक रूप से लॉन्च कर दिया जाएगा. दिसंबर की शुरुआत में हुए पायलट प्रोजेक्ट के दौरान इस सेवा को काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिला है. इसी उत्साह को देखते हुए सरकार ने अब इसके फुल लॉन्च का फैसला लिया है. इसके बाद इसे अन्य शहरों में भी शुरू करने की योजना है. हर रोज 5,500 राइड भारत टैक्सी को 2 दिसंबर 2024 को दिल्ली में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया था. सहकारिता मंत्रालय के एडिशनल सेक्रेटरी पंकज कुमार बंसल ने पीटीआई को दिए अपने बयान में बताया कि, "सॉफ्ट लॉन्च के दौरान इस सेवा को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है. हर दिन औसतन करीब 5,500 राइड्स दर्ज की जा रही हैं, जिनमें से लगभग 4,000 राइड्स एयरपोर्ट से और 1,500 राइड्स शहर के अन्य इलाकों से होती हैं. इसमें कैब, ऑटो और बाइक तीनों सेवाएं शामिल हैं." 1.4 लाख से ज्यादा ड्राइवर रजिस्टर्ड भारत टैक्सी ऐप पर अब तक 1.4 लाख से ज्यादा ड्राइवर रजिस्ट्रेशन कर चुके हैं. यह आंकड़ा बताता है कि ड्राइवर इस सहकारी मॉडल को पसंद कर रहे हैं. खास बात यह है कि इस प्लेटफॉर्म पर ड्राइवरों को किसी तरह का कमीशन नहीं देना होता है. सरकार ने पहले ही कहा था कि, इस कोऑपरेटिव टैक्सी सर्विस में ड्राइवरों को उनके हक का पूरा पैसा मिलेगा. 8 सरकारी संस्थाओं का साथ सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड को देश की 8 बड़ी सहकारी संस्थाओं के सहयोग से ऑपरेट किया जा रहा है. इनमें अमूल, इफको, कृभको, नाफेड, एनडीडीबी, एनसीईएल, एनसीडीसी और नाबार्ड शामिल हैं. कंपनी के बोर्ड में ड्राइवरों के दो निर्वाचित प्रतिनिधि भी शामिल हैं, जिससे ड्राइवरों के जरूरत की बातें या उनकी डिमांड सीधे सरकार तक पहुंचती है. केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मार्च 2024 में संसद में इस सहकारी टैक्सी सेवा की घोषणा की थी. इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह है कि कमर्शियल वाहन ड्राइवरों की निजी कंपनियों पर निर्भरता कम हो और उन्हें उनकी मेहनत की पूरी कमाई मिले. उस वक्त अमित शाह ने कहा था कि, "इस सहकारी टैक्सी प्लेटफॉर्म से होने वाला मुनाफा किसी धन्नासेठ के पास नहीं जाएगा. ये मुनाफा टैक्सी ड्राइवर के पास जाएगा." भारत टैक्सी ऐप में मोबाइल से राइड बुकिंग, ट्रांसपैरेंट फेयर, रियल टाइम व्हीकल ट्रैकिंग, मल्टी लैंग्वेज सपोर्ट और 24 घंटे कस्टमर केयर जैसी सुविधाएं दी गई हैं. जीरो कमीशन मॉडल के तहत ड्राइवर अपनी पूरी कमाई अपने पास रख सकते हैं और सहकारी मुनाफा सीधे ड्राइवरों में बांटा जाता है. यह प्लेटफॉर्म मेट्रो रेल जैसी ट्रांजिट सेवाओं से भी जुड़ा हुआ है, जिससे यूजर एक ही ऐप पर कई तरह के सफर बुक कर सकते हैं. यात्रियों और ड्राइवरों की सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस के साथ भी साझेदारी की गई है. कैसे डाउनलोड करें Bharat Taxi ऐप भारत टैक्सी मोबाइल ऐप एंड्रॉयड और आईओएस दोनों यूजर्स के लिए उपलब्ध है. इसके आधिकारिक मोबाइल ऐप को यूजर गूगल प्ले स्टोर और आईफोन ऐप स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं. यहां यह ध्यान देना जरूरी है कि, भारत टैक्सी का वही ऐप डाउनलोड करें जो सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड द्वारा जारी किया गया है. Bharat Taxi के नाम से ऐप स्टोर और गूगल प्ले स्टोर पर कुछ और कैब सर्विस एप्लीकेशन मौजूद हैं. सही ऐप चुनने के लिए आप उपर दिखाए गए तस्वीर से मोबाइल ऐप के लोगो को मैच करवा सकते हैं. कैसे होगी बुकिंग कैब बुकिंग की प्रक्रिया भी अन्य राइड-हेलिंग सर्विस प्रोवाइर्ड की ही तरह आसान है. यूजर को ऐप डाउनलोड करने के बाद अपना मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा. इसके बाद बताए गए निर्देशों का पालन करते हुए आगे बढ़िए, इसके बाद एक ओटीपी आएगा जिसे दर्ज करने के बाद आप भारत टैक्सी ऐप सेवा का लाभ उठा सकेंगे. इसमें मेट्रो, रेंटल और इंटरसिटी राइड की भी सुविधा दी जा रही है. इसके अलावा यूजर को नॉन-एसी कैब, एसी कैब, बाइक टैक्सी, एस्ट्रा लार्ज (XL) कैब, भारत ट्रांजिट या इनमें से किसी भी सेवा को चुनने की आजादी है. हालांकि सरकार का दावा है कि, ये सबसे किफायती राइड्स उपलब्ध कराएगी, लेकिन पायलट प्रोजेक्ट को शुरू किए जाने के बाद कुछ यूजर्स ने शिकायत की थी कि, ओला-उबर के मुकाबले भारत टैक्सी में राइड्स थोड़ी महंगी हैं.   

नई दिल्ली में भारत टैक्सी की शुरुआत, ड्राइवरों के लिए बेहतर कमाई के अवसर

 नई दिल्ली Bharat Taxi Service Launch: नए साल की शुरुआत के साथ ही राजधानी दिल्ली में टैक्सी सर्विस सेक्टर में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है. 1 जनवरी से दिल्ली में भारत टैक्सी ऐप (Bharat Taxi) की आधिकारिक लॉन्चिंग होने जा रही है, जो यात्रियों को भरोसेमंद, सुरक्षित और किफायती कैब सेवा देने का दावा करती है. तेजी से डिजिटल हो रहे ट्रांसपोर्ट सेक्टर में यह ऐप एक देसी विकल्प के तौर पर अपनी पहचान बनाने की तैयारी में है. सरकार की पहल से शुरू हो रही यह सेवा ओला और ऊबर जैसी निजी कंपनियों के विकल्प के तौर पर देखी जा रही है. क्या है भारत टैक्सी ऐप भारत टैक्सी एक मोबाइल आधारित कैब बुकिंग प्लेटफॉर्म है, जो अन्य कैब सर्विस प्रोवाइडर्स जैसे ही स्मार्टफोन से ऑपरेट की जा सके. इसे आम भारतीय यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है. यह सेवा सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव के तहत शुरू हुई है, जिसे दुनिया का पहला ऐसा नेशनल मोबिलिटी कोऑपरेटिव बताया जा रहा है जो पूरी तरह ड्राइवरों के हक की बात करता है. यह ऐप लोकल और आउटस्टेशन दोनों तरह की यात्रा के लिए सेवाएं देगा.   सर्ज प्राइसिंग से मिलेगी राहत भारत टैक्सी सर्विस की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि यात्रियों को ओला और ऊबर की सर्ज प्राइसिंग से छुटकारा मिलेगा. पीक टाइम या खराब मौसम में मनमाना किराया बढ़ने की समस्या से अब लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है. भारत टैक्सी में किराया पहले से तय और पारदर्शी होगा.  ड्राइवरों को मिलेगा ज्यादा फायदा भारत टैक्सी ऐप ड्राइवर फ्रेंडली मॉडल पर काम करेगी. इसमें ड्राइवरों को 80 प्रतिशत से भी अधिक किराया मिलने का दावा किया गया है. इससे ड्राइवरों की आमदनी बढ़ेगी और वे बिना किसी अतिरिक्त दबाव के बेहतर सेवा दे सकेंगे. कई बार देखा गया है कि, कैब ड्राइवर प्राइवेट टैक्सी प्रोवाइडर्स की मनमानी से परेशान होते हैं. दिल्ली में मजबूत तैयारी लॉन्च से पहले ही दिल्ली में करीब 56 हजार ड्राइवरों ने भारत टैक्सी ऐप पर पंजीकरण करा लिया है. यह आंकड़ा दिखाता है कि ड्राइवर कम्यूनिटी में इस प्लेटफॉर्म को लेकर जबरदस्त उत्साह है. सरकार को उम्मीद है कि शुरुआत से ही यात्रियों को पर्याप्त वाहनों की उपलब्धता मिलेगी. ऑटो, कार और बाइक की सुविधा भारत टैक्सी ऐप पर यात्रियों को ऑटो, कार और बाइक टैक्सी तीनों की सुविधा मिलेगी. इससे कम दूरी से लेकर लंबी यात्रा तक हर जरूरत के लिए एक ही प्लेटफॉर्म उपलब्ध होगा. नए साल से दिल्ली की सड़कों पर यह देसी ऐप कितना असर दिखाता है, इस पर सभी की नजरें बनी रहेंगी. यूजर्स को क्या मिलेगा खास भारत टैक्सी ऐप में रियल टाइम ट्रैकिंग, 24×7 कस्टमर सपोर्ट, कैश और डिजिटल पेमेंट विकल्प और सेफ्टी फीचर्स जैसे कई आधुनिक विकल्प दिए जाएंगे. इस कैब सर्विस का फोकस फैमिली ट्रैवलर्स, कॉरपोरेट यूजर्स और टूरिस्ट्स पर रहेगा, ताकि हर वर्ग को बेहतर अनुभव मिल सके. ड्राइवर्स के लिए नए मौके इस ऐप के जरिए टैक्सी ड्राइवर्स को भी स्थायी कमाई का अवसर मिलेगा. कंपनी का कहना है कि ड्राइवर्स के लिए कम कमीशन, समय पर भुगतान और टेक्निकल सपोर्ट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. इससे ड्राइवर्स और प्लेटफॉर्म के बीच भरोसे का रिश्ता मजबूत होगा. ऐप हुआ लाइव Bharat Taxi मोबाइल ऐप फिलहाल गूगल प्ले स्टोर पर ट्रायल और फीडबैक के लिए उपलब्ध है. कोऑपरेटिव का कहना है कि ऐप का iOS वर्ज़न भी जल्द ही लॉन्च किया जाएगा. फिलहाल दिल्ली और गुजरात में के लिए इसका ट्रायल शुरू किया गया है. गूगल प्लेस्टोर पर इसका मोबाइल ऐप भारत टैक्सी ड्राइवर (Bharat Taxi) के नाम से प्रदर्शित हो रहा है. यहां ध्यान रखें कि, वही ऐप डाउनलोड करें जो सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड द्वारा जारी किया गया है.

नितिन गडकरी का बयान: ‘भारत टैक्सी ऐप’ से सर्ज प्राइसिंग पर रोक, अभी टेस्टिंग और ट्रायल में है ऐप

नई दिल्ली   निजी ऑनलाइन कैब एग्रीगेटर्स यानी प्राइवेट कैब ऐप्स द्वारा किराए में बढ़ोतरी (सर्ज प्राइसिंग) के बढ़ते मामलों के बीच केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि सहकारी मोबाइल ऐप 'भारत टैक्सी ऐप' टेस्टिंग और ट्रायल फेज में है। गडकरी ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में कहा कि भारत टैक्सी ऐप का उद्देश्य सहकारी मॉडल पर ड्राइवरों के स्वामित्व वाली एक एप्लीकेशन बनाना है।  यह ऐप सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड (एसटीसीएल) के तहत काम करेगा। राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) इस 'भारत टैक्सी' राइड-हेलिंग सेवा को स्थापित करने में अहम भूमिका निभा रहा है। गडकरी ने आगे कहा कि सरकार ने मोटर व्हीकल एग्रीगेटर्स गाइडलाइंस, 2025 जारी की हैं, जिनका उद्देश्य एग्रीगेटर्स, जिनमें ऐप-आधारित कैब सेवाएं भी शामिल हैं, को हल्के तरीके से रेगुलेट करना है। साथ ही, यूजर्स की सुरक्षा और ड्राइवर की भलाई से संबंधित मुद्दों का ध्यान रखना है। इन गाइडलाइंस में किराए को लेकर भी नियम दिए गए हैं। उन्होंने आगे कहा, "इन गाइडलाइंस में डायनेमिक प्राइसिंग की अनुमति दी गई है, जिसमें एग्रीगेटर्स राज्य-निर्धारित बेस फेयर से 50 प्रतिशत कम शुल्क ले सकते हैं और पीक घंटों में अधिकतम सर्ज प्राइसिंग को बेस फेयर के दो गुना तक सीमित किया गया है। साथ ही पारदर्शिता, जिम्मेदारी और यात्रियों की भलाई सुनिश्चित करने के लिए राज्य द्वारा निर्धारित शुल्क को बेस फेयर माना जाएगा।” गाइडलाइंस के अनुसार, ड्राइवर-स्वामित्व वाले वाहन को कम से कम 80 प्रतिशत किराया मिलेगा, जबकि एग्रीगेटर द्वारा स्वामित्व वाले वाहन के मामले में ऑन-बोर्ड ड्राइवर को कम से कम 60 प्रतिशत भाड़ा मिलेगा। वहीं, सर्ज प्राइसिंग के मामले में लाभार्थी ड्राइवर होगा। इससे आपूर्ति बढ़ेगी और उच्च मांग के दौरान सेवाएं बेहतर उपलब्ध होंगी। गडकरी ने बताया कि गाइडलाइंस में यह भी प्रावधान है कि अगर एग्रीगेटर कोई अत्यधिक या अनुचित भाड़ा यात्रियों से वसूलता है, तो उनके लाइसेंस को निलंबित या रद्द किया जा सकता है। गाइडलाइंस यह सुनिश्चित करती हैं कि किसी भी यात्री से डेड माइलेज के लिए शुल्क नहीं लिया जाएगा, सिवाय इसके कि जब यात्रा की दूरी तीन किलोमीटर से कम हो और भाड़ा केवल शुरुआत बिंदु से गंतव्य तक ही लिया जाएगा।

दिल्ली और सौराष्ट्र में Bharat Taxi का सॉफ्ट लॉन्च, ड्राइवरों को 100% कमाई

 नई दिल्ली Bharat Taxi Cab Service: दिल्ली और गुजरात की सड़कों पर एक नई हलचल देखने को मिल रही है. यह हलचल किसी आम ऐप की नहीं, बल्कि कैब ड्राइवरों के सपनों को एक नई उड़ान देने वाली सेवा की है, जिसका नाम है 'भारत टैक्सी'. सहकारिता की सोच से निकली यह नई सर्विस न सिर्फ ओला-उबर जैसी निजी कैब कंपनियों को चुनौती देने आई है, बल्कि पहली बार देश के ड्राइवरों को ‘मालिकाना हक’ का अहसास भी दिला रही है.  दरअसल, देश की राजधानी दिल्ली और गुजरात के सौराष्ट्र में भारत टैक्सी सर्विस की सॉफ्ट लॉन्चिंग की गई है. यह सेवा सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव के तहत शुरू हुई है, जिसे दुनिया का पहला ऐसा नेशनल मोबिलिटी कोऑपरेटिव बताया जा रहा है जो पूरी तरह ड्राइवरों के हक की बात करता है. इस कदम के साथ बीटा कंज्यूमर ट्रायल शुरू किया जा चुका है. 51 हजार से अधिक ड्राइवर जुड़े भारत टैक्सी को दुनिया के सबसे बड़े ड्राइवर-ओन्ड नेटवर्क के रूप में पेश किया जा रहा है. दिल्ली और गुजरात में कार, ऑटो और बाइक तीनों कैटेगरी मिलाकर 51,000 से अधिक ड्राइवर प्लेटफॉर्म पर रजिस्टर हो चुके हैं. हालांकि अभी ये सहकारी कैब सर्विस पूरे देश में लागू नहीं हुई है, लेकिन इससे पहले ही भारत टैक्सी अब दुनिया का सबसे बड़ा ड्राइवर-ओन्ड मोबिलिटी कलेक्टिव बनकर उभरा है. ऐप हुआ लाइव, जल्द आएगा iOS वर्जन भारत टैक्सी मोबाइल ऐप फिलहाल गूगल प्ले स्टोर पर ट्रायल और फीडबैक के लिए उपलब्ध है. कोऑपरेटिव का कहना है कि ऐप का iOS वर्ज़न भी जल्द ही लॉन्च किया जाएगा. फिलहाल दिल्ली और गुजरात में के लिए इसका ट्रायल शुरू किया गया है और ग्राहकों से इस ऐप को अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है. गूगल प्लेस्टोर पर इसका मोबाइल ऐप भारत टैक्सी ड्राइवर (Bharat Taxi) के नाम से प्रदर्शित हो रहा है. यहां ध्यान रखें कि, वही ऐप डाउनलोड करें जो सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड द्वारा जारी किया गया है. दिल्ली मेट्रो के साथ इंटीग्रेशन भारत टैक्सी ऐप की खासियत ये है कि, इसका दिल्ली मेट्रो से इंटीग्रेशन किया गया है. इससे यूज़र एक ही ऐप में अपनी पूरी यात्रा प्लान कर सकते हैं. कोऑपरेटिव के बयान के मुताबिक, यह सुविधा मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट को बेहद आसान बना देगी और यूज़र एक क्लिक में मेट्रो व कैब दोनों की बुकिंग कर सकेंगे. ड्राइवरों को पूरा भुगतान   भारत टैक्सी का मुख्य उद्देश्य ग्राहकों को कम कीमत में राइड की सुविधा प्रदान करने के साथ-साथ कैब ड्राइवरों को उनकी मेहनत की पूरी रकम उपलब्ध कराना है. सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव के अनुसार, इस प्लेटफॉर्म पर ड्राइवरों को ग्राहकों द्वारा किया गया पूरा भुगतान मिलेगा. इसके साथ ही उन्हें संगठन के बोर्ड में प्रतिनिधित्व और शेयर पर डिविडेंड भी दिया जाएगा. यह मॉडल ड्राइवरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है. ‘नो कमीशन’ मॉडल, ड्राइवर नहीं सारथी भारत टैक्सी की एक खासियत यह है कि यहां किसी तरह का कमीशन नहीं लिया जाएगा. ड्राइवरों को सिर्फ एक सदस्यता शुल्क देना होगा, जो दैनिक, साप्ताहिक या मासिक हो सकता है. इस तरह, हर यात्रा की पूरी कमाई ड्राइवर की जेब में जाएगी. सरकार का मानना है कि इससे लाखों ड्राइवरों को आर्थिक मजबूती मिलेगी और उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा. इस सर्विस से जुड़ने वाले वाहन चालकों को ड्राइवर नहीं बल्कि 'सारथी' कहा जाएगा. दिल्ली पुलिस के साथ साझेदारी राइडर्स और ड्राइवरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कोऑपरेटिव ने दिल्ली पुलिस के साथ साझेदारी की है. इससे कैब राइडिं का अनुभव अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय होने की उम्मीद है. ओला-उबर वाले ड्राइवर भी होंगे हिस्सेदार मीडिया रिपोर्ट में इस मामले की जानकारी रखने वाले एक सूत्र के हवाले से बताया गया है कि, ऐप में इन-एप कस्टमर सपोर्ट उपलब्ध होगा, जैसा कि अन्य राइड-हेलिंग ऐप्स में मिलता है. उन्होंने यह भी बताया कि प्लेटफॉर्म पर वे ड्राइवर भी मौजूद होंगे जो पहले से ओला, उबर या रैपिडो से जुड़े हैं. अधिक कमाई की संभावना उन्हें भारत टैक्सी की ओर आकर्षित करेगी. 'किसी धन्नासेठ के पास नहीं जाएगा मुनाफा' कुछ महीने पहले सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड का रजिस्ट्रेशन मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव सोसायटीज़ एक्ट के तहत किया गया था. इसकी अधिकृत शेयर पूंजी 300 करोड़ रुपये रखी गई है. गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने इसी साल मार्च में लोकसभा में सहकारी कैब सर्विस को शुरू करने का ऐलान किया था. उन्होंने कहा था कि, "जल्द ही ओला और उबर जैसा एक सहकारी टैक्सी प्लेटफॉर्म आने वाला है. उन्होंने कहा कि इस सहकारी टैक्सी प्लेटफॉर्म से होने वाला मुनाफा किसी धन्नासेठ के पास नहीं जाएगा. ये मुनाफा टैक्सी ड्राइवर के पास जाएगा." नहीं चलेगी निजी कंपनियों की मनमानी बता दें कि, भारत टैक्सी सेवा एक तरह से ओला, उबर जैसी निजी कैब सर्विसेज कंपनियों की मनमानी का जवाब भी है. क्योंकि ये प्राइवेट राइड हेलिंग कंपनियां किसी भी वक्त अपने किराए में बढ़ोत्तरी कर देती हैं. हाल ही में सरकार की तरफ से इन्हें इस बात की भी मंजूरी मिल गई है कि, पीक ऑवर्स (व्यस्त समय में) में ये कंपनियां ग्राहकों से दोगुना फेयर भी वसूल सकती हैं. ऐसे में भारत टैक्सी ग्राहकों को एक किफायती राइड प्रदान करेगा.  वहीं दूसरी ओर निजी कैब कंपनियों पर समय-समय पर ड्राइवरों से कमिशन के नाम पर मोटी रकम वसूलने का भी आरोप लगता रहा है. जिससे कई बार कैब ड्राइवरों को आर्थिक संकट से जूझना पड़ता है. लेकिन भारत टैक्सी नो कमिशन मॉडल पर चलेगा तो इससे ड्राइवरों के हक का पैसा सीधे उनके खाते में पहुंचेगा. 

सरकार की नई पहल: ‘Bharat Taxi’ से मिलेगी सस्ती और भरोसेमंद राइड, खत्म होगी Ola-Uber की मनमानी

नई दिल्ली कई सालों से भारतीय टैक्सी बाजार कुछ निजी ऐप-आधारित कंपनियों के इर्द-गिर्द घूम रहा था. यात्रियों के पास विकल्प कम थे और ड्राइवरों के लिए मुनाफे की गुंजाइश और भी कम. लेकिन अब हालात बदलने वाले हैं. केंद्र सरकार ने भारत टैक्सी (Bharat Taxi) नाम से देश की पहली सहकारी टैक्सी सेवा लॉन्च की है, जो सीधे तौर पर ओला और ऊबर जैसी निजी कंपनियों को चुनौती देने के लिए तैयार है. यह पहल केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय और नेशनल ई-गवर्नेंस डिवीजन (NeGD) के संयुक्त प्रयास से तैयार की गई है. इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के मुताबिक, राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्रभाग (NeGD) और सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड – भारत टैक्सी – ने एक समझौता ज्ञापन (MoU पर हस्ताक्षर किया है. इस योजना का उद्देश्य ड्राइवरों को उनकी कमाई पर पूरा स्वामित्व देना है, साथ ही यात्रियों को एक भरोसेमंद और सरकारी निगरानी वाली सेवा मुहैया कराना है. इस योजना के साथ सरकार यात्रियों को एक भरोसेमंद, पारदर्शी और किफायती विकल्प देने का दावा कर रही है. तो आइये विस्तार से जानें क्या है भारत टैक्सी सर्विस-  निजी टैक्सी सेवाओं की मनमानी का जवाब पिछले कुछ वर्षों में ऐप-बेस्ड टैक्सी सेवाओं को लेकर शिकायतों की बाढ़ आई. कभी गाड़ियों की साफ-सफाई पर सवाल, तो कभी अचानक बढ़ा किराया या बुकिंग रद्द होने की झंझट. ड्राइवरों की स्थिति भी कुछ बेहतर नहीं रही, उन्हें अपनी कमाई का लगभग 25 फीसदी हिस्सा कमीशन के रूप में कंपनियों को देना पड़ता था. भारत टैक्सी इस अन्यायपूर्ण व्यवस्था को खत्म करने की दिशा में पहला ठोस कदम है. ‘नो कमीशन’ मॉडल: ड्राइवरों की पूरी कमाई उन्हीं की भारत टैक्सी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां किसी तरह का कमीशन नहीं लिया जाएगा. ड्राइवरों को सिर्फ एक सदस्यता शुल्क देना होगा, जो दैनिक, साप्ताहिक या मासिक हो सकता है. इस तरह, हर यात्रा की पूरी कमाई ड्राइवर की जेब में जाएगी. सरकार का मानना है कि इससे लाखों ड्राइवरों को आर्थिक मजबूती मिलेगी और उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा. एक और ख़ास बात ये है कि, इस सर्विस से जुड़ने वाले वाहन चालकों को ड्राइवर नहीं बल्कि 'सारथी' कहा जाएगा. दिल्ली से शुरू होगा सफर, जल्द पहुंचेगा देशभर में भारत टैक्सी का पायलट प्रोजेक्ट नवंबर में दिल्ली से शुरू होगा. शुरुआती चरण में 650 वाहन और उनके मालिक-ड्राइवर इस सेवा का हिस्सा बनेंगे. अगर यह सफल रहा, तो दिसंबर से इसका विस्तार देश के अन्य प्रमुख शहरों में किया जाएगा. पहले ही चरण में करीब 5,000 ड्राइवर (जिनमें महिलाएं भी शामिल होंगी) जुड़ने जा रहे हैं. 2030 तक एक लाख ड्राइवरों का नेटवर्क सरकार का लक्ष्य मार्च 2026 तक भारत टैक्सी को सभी प्रमुख मेट्रो शहरों में स्थापित करने का है. 2030 तक यह प्लेटफॉर्म एक लाख से अधिक ड्राइवरों को जोड़ते हुए ज़िला मुख्यालयों और ग्रामीण क्षेत्रों तक अपनी पहुंच बनाएगा. यह सिर्फ एक सेवा नहीं, बल्कि सहकारिता की नई क्रांति मानी जा रही है. ‘सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड’ की जिम्मेदारी भारत टैक्सी किसी निजी कंपनी की तरह नहीं, बल्कि एक सहकारी उद्यम के रूप में काम करेगी. इसका संचालन ‘सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड’ द्वारा किया जाएगा, जिसे जून 2025 में 300 करोड़ रुपये की प्रारंभिक पूंजी के साथ स्थापित किया गया था. इस परियोजना की निगरानी के लिए बनी गवर्निंग काउंसिल की अध्यक्षता अमूल के एमडी जयेन मेहता कर रहे हैं, जबकि एनसीडीसी के डिप्टी एमडी रोहित गुप्ता उपाध्यक्ष हैं. सरकार का दावा है कि यह मॉडल ड्राइवरों को स्वामित्व, पारदर्शिता और सम्मान दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम होगा. ट्रांसपैरेंसी और भरोसे का नया ट्रांसपोर्ट मॉडल भारत टैक्सी केवल एक टैक्सी ऐप नहीं, बल्कि ड्राइवरों और यात्रियों के बीच भरोसे का पुल बनने जा रही है. सरकार का लक्ष्य एक ऐसा परिवहन इकोसिस्टम बनाना है, जहां तकनीक, सहकारिता और पारदर्शिता तीनों मिलकर देश की सड़कों पर नई दिशा तय करें. अगर यह प्रयोग सफल हुआ, तो भारत टैक्सी आने वाले वर्षों में न सिर्फ भारत, बल्कि पूरी दुनिया के लिए “कोऑपरेटिव मोबिलिटी” का आदर्श मॉडल बन सकती है. अमित शाह ने किया था ऐलान गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने इसी साल मार्च में लोकसभा में सहकारी कैब सर्विस को शुरू करने का ऐलान किया था. उन्होंने कहा था कि, "जल्द ही ओला और उबर जैसा एक सहकारी टैक्सी प्लेटफॉर्म आने वाला है. उन्होंने कहा कि इस सहकारी टैक्सी प्लेटफॉर्म से होने वाला मुनाफा किसी धन्नासेठ के पास नहीं जाएगा. ये मुनाफा टैक्सी ड्राइवर के पास जाएगा."