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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने CBSE 12वीं परीक्षा उत्तीर्ण छात्रों को दी बधाई

  रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह उपलब्धि विद्यार्थियों की मेहनत, अनुशासन, समर्पण और निरंतर प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों ने अपने परिश्रम, लगन और आत्मविश्वास के बल पर सफलता की नई मिसाल प्रस्तुत की है, जो अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि शिक्षा केवल परीक्षा में अंक प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, नवाचार और राष्ट्र निर्माण की मजबूत आधारशिला है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश के विद्यार्थी आने वाले समय में शिक्षा, विज्ञान, तकनीक, खेल, कला, अनुसंधान और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर छत्तीसगढ़ तथा देश का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करेंगे। मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर अभिभावकों और शिक्षकों की भूमिका को भी अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि विद्यार्थियों की सफलता के पीछे माता-पिता का त्याग, शिक्षकों का मार्गदर्शन और निरंतर प्रेरणा एक मजबूत शक्ति के रूप में कार्य करती है। कठिन परिस्थितियों में भी बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए उनका समर्पण सराहनीय है। मुख्यमंत्री  साय ने सभी विद्यार्थियों से जीवन में निरंतर सीखने, सकारात्मक सोच बनाए रखने और अपने लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सफलता का वास्तविक अर्थ केवल परीक्षा परिणाम नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनना भी है। मुख्यमंत्री  साय ने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल, सफल और प्रेरणादायी भविष्य की मंगलकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार युवाओं के बेहतर भविष्य, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

अब कॉपी मूल्यांकन में नहीं चलेगा मोबाइल: बोर्ड का सख्त कदम, पारदर्शिता पर जोर

जगदलपुर. बोर्ड परीक्षा के बाद अब कॉपियों के मूल्यांकन में पारदर्शिता पर जोर है। जगदलपुर के बस्तर हाईस्कूल में मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। शुरुआत से पहले शिक्षकों को नियमों और सावधानियों की विस्तृत ब्रीफिंग दी गई। अब मूल्यांकन के दौरान मोबाइल और स्मार्ट गैजेट्स पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। शिक्षकों को रोजाना कम से कम 40 उत्तर पुस्तिकाएं जांचना अनिवार्य किया गया है। दो पालियों में मूल्यांकन होगा, बीच में आधे घंटे का ब्रेक मिलेगा। पहले दिन शिक्षकों को 5-5 कॉपियों से प्रक्रिया की शुरुआत कराई गई। करीब 1.25 लाख कॉपियों का मूल्यांकन 9 अप्रैल तक पूरा करना लक्ष्य है। पहली खेप में 65 हजार कॉपियां स्ट्रॉन्ग रूम में सुरक्षित रखी गई हैं। बाहरी लोगों के प्रवेश पर भी सख्ती से रोक लगाई गई है। इस बार शिक्षकों की ड्यूटी रद्द करने का अधिकार स्थानीय स्तर पर नहीं है। प्रशासन का फोकस—समयबद्ध और निष्पक्ष मूल्यांकन सुनिश्चित करना है। टैलेंट हंट आयोजित जगदलपुर. बस्तर की प्रतिभाएं अब स्थानीय मंच तक सीमित नहीं रहना चाहतीं, बल्कि राष्ट्रीय पहचान की ओर कदम बढ़ा रही हैं। इसी सोच के साथ शिक्षा प्रकाश पुंज संस्थान ने टैलेंट हंट आयोजित किया। गायन, नृत्य, मॉडलिंग और अभिनय में युवाओं ने दमदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े विशेषज्ञों ने प्रतिभाओं का आकलन किया। आत्मविश्वास और प्रस्तुति के आधार पर 40 से ज्यादा युवाओं का चयन हुआ। इन चयनित प्रतिभाओं को अब मुंबई में खुद को साबित करने का मौका मिलेगा। संस्थान ने सिर्फ मंच ही नहीं, बल्कि आगे की मार्गदर्शन व्यवस्था भी की है। संस्थान प्रमुख ने कहा—बस्तर में प्रतिभा की कमी नहीं, मंच की जरूरत है। कार्यक्रम में सामाजिक, शैक्षणिक और कला क्षेत्र के 80 लोगों को सम्मानित किया गया। इस आयोजन ने युवाओं में नई उम्मीद और दिशा दोनों जगाई है। विजेताओं में मिस बस्तर, मिस्टर जगदलपुर सहित कई प्रतिभाएं शामिल रहीं। बस्तर के युवाओं का यह आत्मविश्वास अब बड़े मंच पर नजर आएगा।

हरियाणा बोर्ड परीक्षा के एडमिट कार्ड में दूसरे का फोटो लगा होने से बिना परीक्षा दिए लौटाया

झज्जर. हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की दसवीं कक्षा की हिंदी विषय की परीक्षा के दौरान शहर के एसडी स्कूल परीक्षा केंद्र पर एक छात्र परीक्षा देने पहुंचा, लेकिन उसके एडमिट कार्ड पर किसी दूसरे की फोटो लगी थी। चेकिंग के दौरान जब बोर्ड द्वारा जारी रोल नंबर और क्यूआर कोड को स्कैन किया गया, तो उस पर भी किसी अन्य छात्र का नाम और फोटो प्रदर्शित हो रहा था। सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए स्टाफ और पुलिस ने छात्र को परीक्षा केंद्र में प्रवेश देने से मना कर दिया और उसे सही रोल नंबर लाने के निर्देश देकर लौटा दिया। जिला शिक्षा अधिकारी रतिंदर सिंह ने स्पष्ट किया कि नियमों के विरुद्ध किसी भी छात्र को प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई है और परीक्षाएं पूरी तरह शांतिपूर्ण चल रही हैं। उपायुक्त स्वप्निल रविन्द्र पाटिल स्वयं केंद्रों का निरीक्षण कर रहे हैं। गौरतलब है कि जिले के 55 केंद्रों पर बोर्ड परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं और अब तक 12वीं कक्षा में तीन यूएमसी (नकल के केस) बनाए जा चुके हैं।

बोर्ड परीक्षा में फर्जी परीक्षार्थियों पर शिकंजा कसेंगे क्यूआर कोड और उड़नदस्ते

भिवानी. हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की वार्षिक बोर्ड परीक्षाएं बुधवार से शुरू हो रही हैं। बोर्ड प्रशासन ने परीक्षाओं को नकलमुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। इस बार परीक्षार्थियों की रोल नंबर स्लिप (प्रवेश-पत्र) पर विशेष सुरक्षा फीचर और क्यू.आर. कोड लगाए गए हैं, जिनकी मदद से फर्जी परीक्षार्थियों पर सख्ती की जाएगी। प्रवेश-पत्र पर लगाए गए क्यू आर कोड को उड़नदस्ते मौके पर स्कैन कर परीक्षार्थी की फोटो और विवरण की जांच कर सकेंगे। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि किसी भी परीक्षा केंद्र पर नकल या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित विद्यालय के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बोर्ड अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार शर्मा ने बताया कि 25 फरवरी से 12वीं और 26 फरवरी से 10वीं की परीक्षाएं शुरू होंगी। इस बार कुल 5,71,767 परीक्षार्थी परीक्षा में बैठेंगे। इनमें 10वीं के 1,55,027 छात्र और 1,40,721 छात्राएं तथा 12वीं के 1,41,566 छात्र और 1,29,097 छात्राएं शामिल हैं। इसके अतिरिक्त डी.एल.एड. परीक्षा में 5,356 छात्र अध्यापक भी शामिल होंगे। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार करीब 60 हजार अधिक परीक्षार्थी परीक्षा दे रहे हैं। 10वीं की परीक्षाएं 20 मार्च को तथा 12वीं की परीक्षाएं 1 अप्रैल को संपन्न होंगी। राज्यभर में बनाए गए लगभग 1,420 परीक्षा केंद्रों की निगरानी के लिए 325 उड़नदस्ते (फ्लाइंग स्क्वायड) तैनात किए गए हैं। 30 मिनट पहले पहुंचे परीक्षार्थी बोर्ड चेयरमैन ने निर्देश दिए हैं कि सभी परीक्षार्थी परीक्षा शुरू होने से कम से कम 30 मिनट पहले केंद्र पर पहुंचें। प्रवेश-पत्र पर तिथि अनुसार परीक्षार्थी और पर्यवेक्षक के हस्ताक्षर अनिवार्य होंगे, इसलिए प्रवेश-पत्र का लैमिनेशन न करवाया जाए। परीक्षा केंद्र में मोबाइल, कैलकुलेटर, स्मार्ट वॉच या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। रंगीन प्रिंट आऊट अनिवार्य बोर्ड की वैबसाइट www.bseh.org.in  पर उपलब्ध लिंक से प्रवेश-पत्र का रंगीन प्रिंट आऊट ए-4 साइज पेपर पर निकालना अनिवार्य होगा। विद्यालयी और स्वयंपाठी परीक्षार्थियों को आवेदन के समय स्कैन की गई फोटो रंगीन प्रवेश पत्र पर चिपकाकर सत्यापित करवानी होगी। प्रवेश-पत्र और मूल पहचान पत्र (आधार कार्ड आदि) के बिना परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिलेगा। बोर्ड ने सभी परीक्षार्थियों को अपने आधार कार्ड पर नवीनतम फोटो अपडेट कराने की भी सलाह दी है।

चुनावी प्रचार का शोर बना छात्रों की पढ़ाई में बाधा, अभिभावकों का विरोध तेज

रांची नगर निगम चुनाव के दौरान बज रहे लाउडस्पीकरों का तेज शोर इन दिनों बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए बड़ी समस्या बन गया है। कई इलाकों से शिकायत मिल रही है कि तय समय के बाद भी प्रचार में तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजाए जा रहे हैं, जिससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। नगर निगम चुनाव प्रचार के दौरान शहर के अलग-अलग इलाकों में तेज आवाज में लाउडस्पीकर बज रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि इससे बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे बच्चों को काफी परेशानी हो रही है। देर रात तक शोर रहने से बच्चों का ध्यान पढ़ाई में नहीं लग पा रहा है। कांके रोड निवासी राजेश कुमार ने बताया कि उनका बेटा इंटरमीडिएट परीक्षा की तैयारी कर रहा है, लेकिन कई बार रात 10 बजे के बाद भी लाउडस्पीकर बजते रहते हैं। दिनभर प्रचार वाहनों से तेज आवाज में अनाउंसमेंट किया जाता है। समझाने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं होती। बरियातू की रहने वाली सुनीता देवी ने बताया कि उनकी बेटी मैट्रिक की छात्रा है। परीक्षा के समय इस तरह का शोर बच्चों पर मानसिक दबाव बढ़ा रहा है। डोरंडा इलाके के एक अन्य अभिभावक ने भी कहा कि दिन में स्कूलों में परीक्षाएं चल रही हैं और शाम-रात का समय ही पढ़ाई के लिए मिलता है, लेकिन प्रचार का शोर पढ़ाई में बाधा बन रहा है। बोर्ड परीक्षाएं जारी, शांति की जरूरत इस समय राज्य में झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक), केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और इंडियन सर्टिफिकेट ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (आईसीएसई) की बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं। ऐसे में स्कूलों और आसपास के इलाकों में शांति और अनुशासन बनाए रखना जरूरी है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लाउडस्पीकर का उपयोग केवल तय समय सीमा के अंदर ही किया जा सकता है। ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण नियमों के अनुसार रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर बजाने पर पूरी तरह रोक है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि परीक्षार्थियों के हित को ध्यान में रखते हुए निगरानी बढ़ा दी गई है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि बच्चों के भविष्य को देखते हुए सहयोग करें, ताकि परीक्षा के दौरान उन्हें शांत माहौल मिल सके।  

धनबाद में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बोर्ड परीक्षा शुरू

धनबाद. झारखंड के कोयलांचल क्षेत्र धनबाद में बुधवार 4 फरवरी से बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो गई हैं. परीक्षा को शांतिपूर्ण और नकलमुक्त कराने के लिए जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग पूरी तरह सतर्क नजर आया. धनबाद के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, ताकि किसी भी तरह का व्यवधान परीक्षा प्रक्रिया में न आए. परीक्षा केंद्रों के आसपास निषेध धारा लागू बोर्ड परीक्षा को लेकर सभी परीक्षा केंद्रों के चारों ओर 100 मीटर की परिधि में निषेध धारा लागू कर दी गई है. इस दौरान अनावश्यक भीड़, फोटो स्टेट मशीन, मोबाइल फोन और किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पर सख्त प्रतिबंध लगाया गया है. पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ मजिस्ट्रेट भी केंद्रों पर मौजूद रहे, ताकि नियमों का कड़ाई से पालन हो सके. शहीद शक्ति नाथ महतो इंटर कॉलेज में विशेष व्यवस्था धनबाद के शहीद शक्ति नाथ महतो इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र पर अलग ही दृश्य देखने को मिला. यहां परीक्षा देने पहुंचे छात्र-छात्राओं का गुलदस्ता देकर स्वागत किया गया. कॉलेज प्रबंधन की इस पहल से परीक्षार्थियों का मनोबल बढ़ा और वे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा हॉल में प्रवेश करते नजर आए. सघन जांच के बाद ही मिला प्रवेश परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले छात्र-छात्राओं की बारी-बारी से सघन जांच की गई. इस दौरान बैग, घड़ी, मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और चिट-पुर्जा की गहन तलाशी ली गई. जांच के बाद ही परीक्षार्थियों को स्कूल कैंपस में प्रवेश की अनुमति दी गई. महिला परीक्षार्थियों की जांच के लिए महिला कर्मियों की भी तैनाती की गई थी. सैकड़ों छात्र-छात्राएं परीक्षा में हुए शामिल बोर्ड परीक्षा के पहले दिन सैकड़ों छात्र-छात्राएं विभिन्न केंद्रों पर परीक्षा में शामिल हुए. प्रशासन और स्कूल प्रबंधन के समन्वय से परीक्षा शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने की पूरी कोशिश की जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा अवधि के दौरान सुरक्षा और निगरानी इसी तरह सख्त बनी रहेगी.

बिहार बोर्ड इंटर परीक्षा में पहले दिन कई जगह हंगामा

पटना. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बिहार बोर्ड) द्वारा आयोजित इंटरमीडिएट की वार्षिक परीक्षा सोमवार से प्रारंभ हो गई। यह परीक्षा 13 फरवरी तक चलेगी। राजधानी के परीक्षा केंद्रों पर सुबह 7.30 बजे से ही विद्यार्थी आने लगे थे। सुबह आठ बजे तक गेट पर विद्यार्थियों की काफी भीड़ जुट गई। विद्यार्थियों को परीक्षा केंद्रों में सुबह 8.30 से 8.59 बजे तक प्रवेश दिया गया। ठीक सुबह नौ बजते ही केंद्रों का गेट बंद कर दिया गया। उसके बाद भी विद्यार्थियों के आने का सिलसिला जारी रहा। हालांकि, काफी प्रयास करने के बाद भी विद्यार्थियों को नौ बजे के बाद केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया। राजधानी में स्थित बांकीपुर बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय केंद्र पर तीन छात्राएं नौ बजे के बाद केंद्र पर पहुंचीं, लेकिन उन्हें प्रवेश नहीं मिला। कुछ देर बाद दो छात्राएं गेट फांदकर अंदर प्रवेश कर गई। इसी तरह रघुनाथ बालिका उच्च माध्यमिक, कंकड़बाग में 10, कमला नेहरू बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में 10, राजेंद्र बालक उच्च माध्यमिक विद्यालय में चार, पटना कोलजिएट में तीन और बीएन कालेजिएट स्कूल में चार छात्र विलंब से आने के कारण परीक्षा देने से वंचित हो गए। परीक्षा से वंचित छात्राओं का रो-रोकर बुरा हाल बांकीपुर बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय परीक्षा केंद्र पर उत्क्रमित सेकेंडरी स्कूल कुकरी, फुलवारीशरीफ की एक और कमला नेहरू बालिका उच्च माध्यमिक माध्यमिक विद्यालय, यारपुर, गर्दनीबाग की दो छात्राएं पांच मिनट विलंब से परीक्षा देने पहुंची। उनके आते-आते परीक्षा केंद्र का गेट बंद हो चुका था। केंद्र के अंदर प्रवेश नहीं मिलने पर तीनों छात्राएं रोने लगीं। छात्राओं को रोते देख अभिभावकों ने हंगामा किया, लेकिन उनकी एक नहीं चली, तब तक सुबह 9.30 परीक्षा प्रारंभ हो चुकी थी। परीक्षा केंद्र के अंदर लाउडस्पीकर से घोषणा की गई कि परीक्षा प्रारंभ हो चुकी है, अभिभावक गेट से हट जाएं। तैनात पुलिस कर्मियों ने हंगामा कर रहे अभिभावकों को वहां से हटाया। दो बार परीक्षार्थियों की हुई जांच, 15 मिनट दिया अतिरिक्त समय परीक्षार्थियों को जांच के बाद ही परीक्षा केंद्रों में जाने की इजाजत दी गई। गेट पर ही मजिस्ट्रेट की देखरेख में चिट-पुर्जे व मोबाइल की तलाशी ली गई। जिन छात्रों के पास चिट-पुर्जे मिले, उन्हें अगली बार ऐसी गलती नहीं करने की चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। प्रश्नपत्र पढ़ने के लिए 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया गया। इंटर परीक्षा में पहले दिन 26 विद्यार्थी किए गए निष्कासित इंटरमीडिएट परीक्षा पहले दिन पूरे राज्य से कदाचार के आरोप में 26 विद्यार्थियों को परीक्षा से निष्कासित किया गया। वहीं, शेखपुरा जिले से एक छात्र को दूसरे के बदले परीक्षा देते हुए पकड़ा गया। बिहार बोर्ड के अनुसार गया से एक, जहानाबाद से तीन, नवादा से 13, गोपालगंज से तीन, मधेपुरा से दो, भागलपुर से दो, अररिया और कटिहार से एक-एक विद्यार्थी को कदाचार के आरोप में परीक्षा से निष्कासित किया गया है। हेलमेट से डीईओ की गाड़ी का शीशा तोड़ा इंटरमीडिएट परीक्षा का निरीक्षण करने पहुंचे जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) साकेत रंजन को अभिभावकों के गुस्सा का शिकार होना पड़ा। डीईओ कमला नेहरु बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, यारपुर गर्दनीबाग केंद्र परीक्षा का निरीक्षण करने पहुंचे। इस बीच जिनकी बच्चों की परीक्षा छूटी उनके अभिभवकों ने उनके गाड़ी की पीछे वाले हिस्से पर हेलमेट से हमला कर दिया। इस वजह से गाड़ी के पीछे का शीशा क्षतिग्रस्त हो गया। अभिभावकों का आरोप था कि प्रवेश पत्र पर परीक्षा केंद्र का गलता पता अंकित होने के कारण केंद्र खोजने में विलंब हो गया और परीक्षा छूट गई। इसके बाद दर्जनों अभिभावकों ने डीईओ की गाड़ी घेर लिया।  डीईओ ने आश्वासन दिया कि जिनकी परीक्षा छूटी उनको फिर से मौका दिया जाएगा। अभिभावकों ने डीईओ की बातों को मानने से इन्कार दिया। कोई बड़ी घटना घटती इससे पहले डीईओ यहां चले गए।

बोर्ड परीक्षा की 12 व 13 को बंटकर थाने में रखी जाएगी गोपनीय सामग्री

दुर्ग. छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा हाई स्कूल तथा हायर सेकेंडरी परीक्षा 20 फरवरी से आयोजित की जा रही है. इन परीक्षाओं के लिए गोपनीय सामग्रियों का वितरण 12 एवं 13 फरवरी को स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम शासकीय बहुउद्देशीय जेआरडी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दुर्ग से किया जाएगा. जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि गोपनीय सामग्री प्राप्त करने के लिए मुख्य परीक्षा केंद्र के केंद्राध्यक्ष/ प्राचार्य उपस्थित होंगे. इस बार दसवीं में 16857 विद्यार्थी तथा 12वीं में 13563 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल होंगे. इस तरह बोर्ड परीक्षाओं में कुल 30420 परीक्षार्थी सम्मिलित होंगे. दुर्ग जिले में परीक्षा के लिए कुल 135 केंद्र बनाए गए हैं. इस बार फरीदनगर भिलाई को नया केंद्र बनाया गया है. वहीं इंदिरा गांधी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रामनगर भिलाई स्थित परीक्षा केंद्र को बंद किया गया है. गोपनीय सामग्री को परीक्षा केंद्र के निकट 27 थाने में रखा जाएगा.

बिहार बोर्ड का निर्देश- परीक्षा केंद्र में जबरन घुसने पर अब 2 साल का निष्कासन

पटना. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बिहार बोर्ड) द्वारा आयोजित इंटर की वार्षिक परीक्षा दो फरवरी से शुरू हो रही। यह परीक्षा 13 फरवरी तक चलेगी। जबकि मैट्रिक परीक्षा 17 से फरवरी तक संचालित होगी। परीक्षा समिति ने कहा है कि परीक्षार्थियों को निर्धारित समय से आधे घंटे पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचना होगा। निर्धारित समय के बाद परीक्षा केंद्र पर पहुंचने वाले परीक्षार्थी अगर जबरन या अवैध रूप से परीक्षा केंद्र में प्रवेश करते हैं तो उनके खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह नियम इंटर और मैट्रिक परीक्षा दोनों में लागू रहेगा। इंटर व मैट्रिक परीक्षा 2026 में शामिल होने वाले सभी परीक्षार्थियों को दोनों पालियों में परीक्षा शुरू होने से कम-से-कम एक घंटा पहले परीक्षा केंद्र में प्रवेश करना अनिवार्य होगा। वहीं परीक्षा कक्ष के मुख्य द्वार को परीक्षा प्रारंभ होने के आधे घंटे पहले बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद किसी भी परीक्षार्थी को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। समिति ने कहा है कि यदि कोई परीक्षार्थी निर्धारित समय से विलंब से पहुंचने के बाद बाउंड्री फांदकर या गेट पर जबरदस्ती कर परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने का प्रयास करता है, तो उसे क्रिमिनल ट्रेसपास का दोषी माना जाएगा। ऐसे मामलों में संबंधित परीक्षार्थी को दो वर्षों के लिए परीक्षा से निष्कासित किया जाएगा तथा उसके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। केंद्राधीक्षक पर भी होगी कार्रवाई परीक्षा समिति ने कहा है कि परीक्षा केंद्र में परीक्षार्थियों को जबरन प्रवेश कराने या परीक्षार्थियों को परीक्षा में बैठने की अनुमति देने वाले केंद्राधीक्षक और अन्य जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ भी निलंबन एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी। समिति ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था सख्ती से लागू की जाए और नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त न किया जाए। परीक्षा समिति ने परीक्षार्थियों और अभिभावकों से अपील किया है कि वे समय का विशेष ध्यान रखें और परीक्षा केंद्र पर समय से पहले पहुंचकर सभी औपचारिकताएं पूरी करें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके। इंटर की 1762 व मैट्रिक की 1699 परीक्षा केंद्रों पर होगी परीक्षा मैट्रिक की सैद्धांतिक परीक्षा 17 से 25 फरवरी तक होगी। मैट्रिक वार्षिक परीक्षा में 15 लाख 12 हजार 963 परीक्षार्थी शामिल होंगे। इसके लिए 1,699 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इंटर वार्षिक परीक्षा में 13 लाख 17 हजार 846 परीक्षार्थी शामिल होंगे। इसके लिए 1,762 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इंटर की परीक्षा दो से 13 फरवरी तक संचालित होगी।

हरियाणा में 10वीं-12वीं के फरवरी से शुरू होंगे एग्जाम

चंडीगढ़. हरियाणा स्कूल शिक्षा बोर्ड ने दसवीं और बारहवीं की परीक्षाओं का शेड्यूल वेबसाइट पर जारी कर दिया है। बोर्ड के शेड्यूल के हिसाब से 25 फरवरी से बारवहीं का पहला पेपर अंग्रेजी विषय का होगा जबकि 26 फरवरी को दसवीं के गणित की पहली परीक्षा ली जाएगी। पूरे प्रदेश में 5.21 लाख परीक्षार्थी बोर्ड का एग्जाम देंगे। बोर्ड ने दो किलोमीटर दायरे में ही परीक्षा केंद्र बनाए हैं। वहीं उत्तर पुस्तिका पर पहली बार बार कोड दिया जाएगा। बोर्ड ने यह व्यवस्था नकल रोकने के लिए की है।  एक ही सत्र में आयोजित होंगी परीक्षाएं हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की तरफ से जारी डेटशीट के हिसाब से दसवीं और बारहवीं का एग्जाम दोपहर साढ़े 12 बजे से साढ़े तीन बजे तक एक ही सत्र में आयोजित होगा। परीक्षार्थियों के मूल विद्यालय से दो किलोमीटर के दायरे में ही परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। यानी ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को परीक्षा के लिए शहर नहीं जाना होगा। उन्हें नजदीकी सरकारी या फिर निजी विद्यालय में गठित परीक्षा केंद्र के अंदर ही परीक्षा देनी होगी।